# घर में अलमारी रखने की सही दिशा और नियम, कुबेर की कृपा और बरकत के लिए अपनाएं ये जरूरी वास्तु सुझाव

> वास्तु शास्त्र के अनुसार अलमारी की सही दिशा, दीवार से दूरी, हल्के रंगों का चयन और शीशे को ढककर रखने जैसे नियम घर में सुख-समृद्धि और धन वृद्धि बनाए रखने में मदद करते हैं।

**Type:** article · **Category:** हरियाणा · **Published:** 2026-10-31 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/haryana/faridabad-men-vastu-ke-anusara-alamari-rakhane-ki-sahi-disha-aura-niyama-54042 · **Language:** Hindi
**Tags:** वास्तु शास्त्र, अलमारी वास्तु, घर का वास्तु, पंडित तरसेम शास्त्री, फरीदाबाद, कुबेर दिशा, वास्तु टिप्स

वास्तु शास्त्र में घर के भीतर रखी जाने वाली प्रत्येक वस्तु के लिए एक निश्चित स्थान और दिशा का महत्व बताया गया है। घर में सामान को सही ढंग से व्यवस्थित न करने पर उसका सीधा असर परिवार की शांति और आर्थिक स्थिति पर पड़ने की मान्यता है। इसी संदर्भ में घर में उपयोग होने वाली अलमारी की स्थिति को बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण माना गया है। अलमारी केवल कपड़े या जरूरी दस्तावेज रखने का साधन नहीं है, बल्कि धन संचय और तिजोरी से जुड़े होने के कारण इसका संबंध परिवार की संपन्नता से भी देखा जाता है। फरीदाबाद के सेक्टर 62 स्थित सनातन धर्म मंदिर के ज्योतिषाचार्य पंडित तरसेम शास्त्री ने अलमारी से जुड़े महत्वपूर्ण वास्तु नियमों, उसकी सही दिशा, रखरखाव और रंगों के प्रभाव के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की है।

## अलमारी रखने के लिए सबसे उपयुक्त दिशा और स्थान
पंडित तरसेम शास्त्री के अनुसार घर में अलमारी स्थापित करने के लिए दक्षिण और पश्चिम दिशा को सबसे उत्तम माना गया है। यदि कमरे की बनावट ऐसी है कि पूर्ण दक्षिण या पश्चिम में जगह नहीं बन रही है, तो घर के दक्षिण-पश्चिम भाग में बाईं तरफ की दीवार के सहारे भी अलमारी को रखा जा सकता है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार इस स्थान पर अलमारी रखने से घर के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है और परिवार में सुख एवं संपन्नता में निरंतरता आती है। अलमारी की स्थापना करते समय कमरे के संतुलन और ऊर्जा प्रवाह का पूरा ध्यान रखना चाहिए, ताकि घर का माहौल शांत और व्यवस्थित बना रहे।

## दरवाजे के खुलने की दिशा और कुबेर देवता का आशीर्वाद
अलमारी रखते समय केवल उसके रखे जाने की दिशा ही नहीं, बल्कि उसके पल्ले या दरवाजे किस दिशा की ओर खुलते हैं, इस बात का भी विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है। पंडित तरसेम शास्त्री बताते हैं कि अलमारी का दरवाजा उत्तर दिशा की तरफ खुलना शुभ माना जाता है। हिंदू मान्यताओं में उत्तर दिशा को धन के देवता भगवान कुबेर का वास स्थल माना गया है। जब अलमारी का मुख्य दरवाजा उत्तर दिशा की ओर खुलता है, तो मान्यता है कि इससे घर में आर्थिक लाभ और धन संचय की संभावना मजबूत होती है। इसके विपरीत गलत दिशा में खुलने वाले दरवाजे वास्तु दोष का कारण बन सकते हैं, जिससे अनावश्यक खर्चों और आर्थिक तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है।

## शीशे का प्रभाव और उसे ढककर रखने की हिदायत
आजकल बाजार में आने वाली कई अलमारियों के दरवाजों पर बाहर की ओर बड़े शीशे लगे होते हैं। वास्तु नियमों के दृष्टिकोण से अलमारी पर लगे कांच को लेकर बेहद सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। पंडित तरसेम शास्त्री के अनुसार अलमारी के शीशे को हमेशा किसी कपड़े से ढककर रखना चाहिए। वास्तु में ऐसी मान्यता है कि अलमारी के शीशे को बार-बार खुला रखने से कमरे में नकारात्मक ऊर्जा फैलने लगती है। शीशे का अनावश्यक खुला रहना परिवार के सदस्यों के मानसिक सुकून और सेहत पर भी प्रतिकूल असर डाल सकता है, इसलिए काम न होने पर उसे कपड़े के आवरण से सुरक्षित ढककर रखना ही श्रेयस्कर होता है।

## दीवार से दूरी, चांदी का टुकड़ा और रंगों का सही चयन
वास्तु शास्त्र में अलमारी की स्थापना के तकनीकी पहलुओं पर भी जोर दिया गया है। अलमारी को कभी भी कमरे की दीवार से एकदम सटाकर या चिपकाकर नहीं रखना चाहिए। अलमारी और दीवार के मध्य थोड़ी सी खाली जगह छोड़ना अनिवार्य नियम माना जाता है, जिससे ऊर्जा का प्रवाह बाधित न हो। इसके साथ ही पंडित तरसेम शास्त्री बताते हैं कि अलमारी के भीतर एक छोटा सा चांदी का टुकड़ा रखना वास्तु के अनुसार बेहद शुभ फलदायी होता है। चांदी का यह उपाय घर में शांति और समृद्धि को आकर्षित करता है। इसके अलावा अलमारी के रंग का चयन करते समय गहरे या भड़कीले रंगों से परहेज करना चाहिए। घर के लिए अलमारी खरीदते वक्त क्रीम, हल्का पीला या अन्य हल्के और सौम्य रंगों को प्राथमिकता देनी चाहिए, जो घर के वातावरण में शीतलता और सकारात्मकता जोड़ते हैं।

## साफ-सफाई और अलमारी के भीतर की व्यवस्था
अलमारी के भीतर रखे सामान का प्रबंधन भी वास्तु के दायरे में आता है। अलमारी के अंदर कचरा, फालतू कागजात, टूटी-फूटी वस्तुएं या अनुपयोगी सामान का ढेर कभी जमा नहीं होने देना चाहिए। पंडित तरसेम शास्त्री के मुताबिक अलमारी को हमेशा सुव्यवस्थित और स्वच्छ रखना चाहिए। गंदे और अव्यवस्थित वार्डरोब से नकारात्मक तरंगे उत्पन्न होती हैं, जो धन लक्ष्मी की वृद्धि में रुकावट पैदा करती हैं। सही दिशा, उचित रंग, समय-समय पर सफाई और वास्तु के इन सरल नियमों का पालन करके घर में सकारात्मक ऊर्जा का निरंतर प्रवाह बनाए रखा जा सकता है।

## इसका आप पर असर
घर में अलमारी को सही दिशा और वास्तु नियमों के तहत रखने से सकारात्मक वातावरण और सुख-समृद्धि बढ़ने की मान्यता है।

- **दिशा का प्रभाव:** अलमारी को दक्षिण या पश्चिम दिशा में स्थापित करने से कमरे का ऊर्जा संतुलन बेहतर रहता है। इससे घर के भीतर बेवजह के कलह और मानसिक तनाव को कम करने में सहायता मिलती है।
- **आर्थिक स्थिरता:** अलमारी का दरवाजा उत्तर दिशा की ओर खुलने से धन संचय में बढ़ोतरी मानी जाती है। इससे अनपेक्षित और फालतू के घरेलू खर्चों पर नियंत्रण रखने में मदद मिल सकती है।
- **शीशे से बचाव:** अलमारी पर लगे शीशे को कपड़े से ढककर रखने से नकारात्मक ऊर्जा का फैलाव रुकता है। यह छोटा सा अभ्यास बेडरूम में शांति और परिवार के सदस्यों के बीच सौहार्द बढ़ाता है।
- **रंग और सफाई:** क्रीम या हल्के पीले रंग की अलमारी चुनने और भीतर स्वच्छता रखने से सकारात्मकता आती है। व्यर्थ का कचरा हटाने से घर में सामान ढूंढना सुगम होता है और मानसिक स्पष्टता बनी रहती है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह मार्गदर्शन इसलिए दिया गया है क्योंकि वास्तु शास्त्र में घर के भीतर रखी भारी वस्तुओं की दिशा और स्थिति का सीधा संबंध सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा के संतुलन से माना जाता है।

- **ऊर्जा असंतुलन का निवारण:** गलत दिशा या अव्यवस्थित ढंग से रखी गई अलमारी से घर की ऊर्जा बाधित होने की मान्यता है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार सही दिशा का चुनाव करने से यह रुकावट दूर होती है और सुख-शांति बनी रहती है।
- **देव कुबेर का दिशा संबंध:** उत्तर दिशा को धन के अधिपति कुबेर का स्थान माना गया है। इसलिए अलमारी के पल्लों का उत्तर की ओर खुलना धन आगमन और बरकत का मुख्य कारण माना जाता है।
- **शीशे के परावर्तन का प्रभाव:** शीशे को ऊर्जा परावर्तित करने वाला माध्यम माना जाता है, जो बार-बार खुला रहने पर नकारात्मकता फैला सकता है। इसी वजह से वास्तु में इसे कपड़े से ढकने की सख्त सलाह दी जाती है।
- **स्वच्छता और शुभता का नियम:** गंदगी और कबाड़ नकारात्मक ऊर्जा के केंद्र बनते हैं, जिससे धन हानि की मान्यता जुड़ी है। इसलिए अलमारी में सफाई और चांदी का टुकड़ा रखने जैसे उपाय सुझाए गए हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. वास्तु के अनुसार घर में अलमारी रखने के लिए कौन सी दिशा सबसे अच्छी है?
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में अलमारी रखने के लिए दक्षिण और पश्चिम दिशा को सबसे उत्तम माना गया है। इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम हिस्से में बाईं तरफ की दीवार के पास भी इसे रखा जा सकता है।

### 2. अलमारी का दरवाजा किस दिशा में खुलना शुभ माना जाता है?
अलमारी का दरवाजा उत्तर दिशा की तरफ खुलना शुभ माना जाता है, क्योंकि उत्तर दिशा को धन के देवता भगवान कुबेर का स्थान माना गया है।

### 3. अलमारी पर लगे शीशे को ढककर क्यों रखना चाहिए?
अलमारी के शीशे को बार-बार खुला रखने से नकारात्मक ऊर्जा फैलने की मान्यता है, इसलिए उसे कपड़े से ढककर रखने की सलाह दी जाती है।

### 4. अलमारी के लिए कौन से रंग सबसे उपयुक्त माने जाते हैं?
अलमारी के लिए क्रीम, हल्का पीला और अन्य हल्के रंगों को सबसे अच्छा माना जाता है।

### 5. क्या अलमारी को दीवार से बिल्कुल सटाकर रखना चाहिए?
नहीं, वास्तु नियमों के अनुसार अलमारी को दीवार से एकदम चिपकाकर नहीं रखना चाहिए, बल्कि दोनों के बीच थोड़ी जगह छोड़नी चाहिए।

### 6. अलमारी के अंदर कौन सी धातु की वस्तु रखना शुभ फलदायी माना गया है?
अलमारी के भीतर एक छोटा सा चांदी का टुकड़ा रखना वास्तु के अनुसार बेहद शुभ माना जाता है।

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