# गुरुग्राम के सोहना में बिजली दफ्तर पर हमला, कर्मचारियों से मारपीट और कंप्यूटर तोड़े

> सोहना के 33 केवी बिजली दफ्तर में एसडीओ से मिलने पहुंचे युवक और उसके साथियों ने जेई समेत अन्य कर्मियों पर हमला कर दिया और उपकरण तोड़ दिए।

**Type:** article · **Category:** हरियाणा · **Published:** 2026-09-23 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/haryana/gurugram-ke-sohna-men-bijali-daphtara-para-hamala-karmachariyon-se-marapita-aura-knpyutara-tore-37030 · **Language:** Hindi
**Tags:** सोहना बिजली विभाग, गुरुग्राम समाचार, जेई पर हमला, सरकारी दफ्तर तोड़फोड़, हरियाणा अपराध, सोहना पुलिस

हरियाणा के गुरुग्राम जिले स्थित सोहना के 33 केवी बिजली विभाग दफ्तर में अचानक हुए हंगामे और तोड़फोड़ के बाद कर्मचारियों में दहशत फैल गई। गांव गांगुली का निवासी वीरेंद्र अपने बेटे और कुछ अन्य साथियों के साथ किसी विभागीय काम के सिलसिले में सब-डिविजनल ऑफिसर यानी एसडीओ से मिलने पहुंचा था। मुलाकात के दौरान किसी मुद्दे पर शुरू हुई बहस अचानक हिंसक झड़प में बदल गई, जिससे पूरे दफ्तर में अफरा-तफरी मच गई।

## कहासुनी के बाद हाथापाई और तोड़फोड़
दफ्तर में तैनात कर्मचारियों का कहना है कि सामान्य बातचीत के बीच मामला अचानक बिगड़ गया। इसके बाद वीरेंद्र और उसके साथ आए लोगों ने कथित तौर पर जूनियर इंजीनियर यानी जेई और वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। अचानक हुए इस अप्रत्याशित हमले से दफ्तर में काम कर रहे कर्मी घबरा गए और खुद को बचाने की कोशिश करने लगे।

## सरकारी उपकरणों को पहुंचाया भारी नुकसान
विवाद बढ़ने पर आरोपितों ने न केवल कर्मचारियों पर हाथ उठाया, बल्कि कार्यालय में रखी सरकारी संपत्तियों को भी निशाना बनाया। उपद्रव के दौरान मेज पर रखे कंप्यूटर और उससे जुड़े प्रिंटर को बुरी तरह तोड़ दिया गया। इसके अलावा, वहां रखी कई जरूरी सरकारी फाइलों को भी फाड़ दिया गया। इस तोड़फोड़ के चलते वहां का सामान्य कामकाज पूरी तरह ठप हो गया और पूरे स्टाफ में भारी आक्रोश फैल गया।

## पुलिस में दी गई शिकायत और निष्पक्ष जांच की मांग
घटना के तुरंत बाद जेई सुमित ने सिटी थाने में पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में मुख्य आरोपित की पहचान गांगुली गांव के वीरेंद्र के रूप में दी गई है। बिजली कर्मचारियों का कहना है कि किसी भी सरकारी संस्थान में इस प्रकार की गुंडागर्दी और तोड़फोड़ बेहद गंभीर अपराध है, जिससे न सिर्फ कर्मचारियों की सुरक्षा खतरे में पड़ी बल्कि सार्वजनिक कार्य भी बाधित हुआ।

सिटी थाना पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद औपचारिक जांच शुरू कर दी है। पुलिस मारपीट की धाराओं और सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान से जुड़े तथ्यों की पुष्टि कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की असली तस्वीर सामने आएगी। दूसरी तरफ, बिजली कर्मियों ने एकजुट होकर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग उठाई है।

## इसका आप पर असर
सरकारी दफ्तरों में ऐसी घटनाओं से आम जनता की बिजली सेवाओं और प्रशासनिक कार्यों पर सीधा असर पड़ता है।

- **भारत में:** सार्वजनिक कार्यालयों में हिंसा और सुरक्षा में कमी के मामलों से पूरे देश में सरकारी कर्मचारियों की कार्यस्थल सुरक्षा पर सवाल उठते हैं। इससे विभिन्न राज्यों में कर्मियों के आंदोलन या सुरक्षा नियमों में सख्ती देखने को मिल सकती है।
- **गुरुग्राम में:** सोहना क्षेत्र में बिजली से जुड़ी शिकायतों, नए कनेक्शन और बिल सुधार के काम में देरी का सामना करना पड़ सकता है। उपकरण टूटने और फाइलों को नुकसान पहुंचने से लंबित आवेदनों के निपटारे में उपभोक्ताओं को अतिरिक्त समय लग सकता है।
- **कर्मचारियों की सुरक्षा:** बिजली विभाग के सब-स्टेशनों और दफ्तरों पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की मांग तेज हो सकती है। इससे संवेदनशील कार्यालयों में आगंतुकों के प्रवेश के नियम कड़े किए जा सकते हैं।
- **कानूनी परिणाम:** सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और ऑन-ड्यूटी अधिकारियों पर हमला करने के मामलों में गैर-जमानती धाराओं के तहत कड़ी सजा हो सकती है। आम नागरिकों को किसी भी विवाद की स्थिति में कानून हाथ में लेने के बजाय उच्च अधिकारियों से संपर्क करने की सलाह दी जाती है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटना एक नागरिक और बिजली विभाग के अधिकारियों के बीच बातचीत के दौरान उपजे तात्कालिक विवाद का परिणाम है।

- **सीधा कारण:** गांव गांगुली का निवासी अपने काम के सिलसिले में अधिकारियों से मिलने आया था, जहां चर्चा के दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई।
- **हिंसा भड़कने की परिस्थितियां:** बातचीत में मतभेद गहराने के बाद आवेश में आकर युवक और उसके साथियों ने नियंत्रण खो दिया और हाथापाई शुरू कर दी।
- **सुरक्षा का अभाव:** स्थानीय स्तर के बिजली उपकेंद्रों और दफ्तरों में अक्सर पर्याप्त सुरक्षा गार्ड या पुलिस बल मौजूद नहीं होता, जिससे स्थिति अचानक बिगड़ गई।
- **आगे की कार्रवाई:** पुलिस अब दोनों पक्षों के बयानों, मौके के साक्ष्यों और हुए नुकसान का आकलन कर कानूनी धाराएं तय कर रही है।

## सवाल-जवाब

### 1. यह घटना कहां और किस विभाग में हुई?
यह घटना हरियाणा के गुरुग्राम जिले के सोहना स्थित 33 केवी बिजली विभाग कार्यालय में हुई।

### 2. आरोपित व्यक्ति किस काम से दफ्तर आया था?
गांगुली गांव का निवासी वीरेंद्र अपने बेटे और साथियों के साथ किसी काम को लेकर एसडीओ से मिलने आया था।

### 3. दफ्तर में किस तरह का नुकसान हुआ है?
हंगामे के दौरान कंप्यूटर और प्रिंटर तोड़ दिए गए तथा कुछ जरूरी सरकारी फाइलें भी फाड़ दी गईं।

### 4. पुलिस में शिकायत किसने और किसके खिलाफ दर्ज कराई?
जेई सुमित ने सिटी थाने में मुख्य आरोपित वीरेंद्र और उसके साथियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

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