गुरुग्राम में मकान का सपना होगा पूरा, पटौदी सेक्टर-1 में लॉन्च हुई किफायती आवासीय योजना गुरुग्राम के पटौदी सेक्टर-1 में दीन दयाल जन आवास योजना के तहत नए प्लॉट लॉन्च किए गए हैं, जिनके लिए शुरुआती बुकिंग मात्र 21 हजार रुपये में हो सकती है। हालांकि, प्लॉट की कुल कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक है। यदि आप मिलेनियम सिटी गुरुग्राम में अपना आशियाना बनाने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए एक बेहतरीन मौका सामने आया है। स्थानीय प्रशासन और अथॉरिटी की ओर से दीन दयाल जन आवास योजना के अंतर्गत पटौदी सेक्टर-1 में आवासीय भूखंडों की एक नई स्कीम शुरू की गई है। इस योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें आवेदन प्रक्रिया बेहद आसान रखी गई है और शुरुआती पंजीकरण के लिए आपको केवल 21 हजार रुपये ही जमा करने होंगे। हालांकि, इस शुरुआती राशि को देखकर यह समझने की भूल बिल्कुल न करें कि पूरा प्लॉट ही आपको सिर्फ 21 हजार रुपये में मिल जाएगा। प्रकाशित विज्ञापनों के अनुसार, इन भूखंडों की बेस कीमत 84 हजार रुपये प्रति वर्ग गज तय की गई है। इस हिसाब से अगर गणना की जाए, तो एक सामान्य आकार के प्लॉट की कुल कीमत आसानी से एक करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर जाएगी और खरीदार को बड़ी वित्तीय तैयारी रखनी होगी। विस्तृत कीमत और भूखंड का आकार जारी किए गए विवरण के मुताबिक, यदि कोई खरीदार 131.724 वर्ग गज का भूखंड खरीदना चाहता है, तो 84 हजार रुपये प्रति वर्ग गज की दर से उसकी कुल मूल कीमत लगभग 1.11 करोड़ रुपये बैठेगी। ठीक इसी प्रकार, यदि आप 140.474 वर्ग गज का बड़ा प्लॉट चुनते हैं, तो उसकी कुल कीमत करीब 1.18 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी। खरीदारों को यह बात स्पष्ट रूप से ध्यान रखनी चाहिए कि यह केवल जमीन की बेस कीमत है, और इसके ऊपर से रजिस्ट्री शुल्क तथा स्टांप ड्यूटी का भुगतान अलग से करना होगा। यानी शुरुआती 21 हजार रुपये केवल टोकन या रजिस्ट्रेशन राशि के रूप में लिए जा रहे हैं, न कि प्लॉट की कीमत के तौर पर। भुगतान का तरीका और ऋण सुविधा पैसे चुकाने के चरणों की बात करें तो योजना के तहत शुरुआती भुगतान और उसके बाद की किस्तों का एक निश्चित ढांचा तय किया गया है • 21,000 रुपये: आवेदन और पंजीकरण के समय शुरुआती तौर पर जमा करने वाली राशि। • बाकी 70 प्रतिशत राशि: निर्माण से जुड़े चरणों यानी कंस्ट्रक्शन लिंक्ड प्लान के नियमों के अनुसार चुकानी होगी। इसके अलावा, विज्ञापनों में यह भी दावा किया गया है कि खरीदारों की सुविधा के लिए विभिन्न बैंकों से लोन की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसका सीधा मतलब यह है कि महज 21 हजार रुपये से शुरुआत करने के बाद, आवंटी को बाकी बची हुई भारी-भरकम रकम का इंतजाम खुद करना होगा या बैंक लोन की प्रक्रिया से गुजरना होगा। आरक्षण और कनेक्टिविटी के फायदे इस पूरी योजना में कुछ वर्गों के लिए विशेष आरक्षण का प्रावधान भी किया गया है। विज्ञापनों के अनुसार, कुल उपलब्ध भूखंडों में से 33 प्रतिशत हिस्सा महिलाओं और सरकारी कर्मचारियों के लिए आरक्षित रखा गया है। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस स्कीम के तहत सीमित संख्या में यानी कुल 30 प्लॉट ही उपलब्ध हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा अधिक हो सकती है। यह पूरा प्रोजेक्ट पटौदी सेक्टर-1 में स्थित है। विज्ञापनों में इसकी अवस्थिति को लेकर बताया गया है कि यह एनएच-352डब्ल्यू और गुरुग्राम-पटौदी हाईवे के बेहद करीब है। इसके अतिरिक्त, द्वारका एक्सप्रेसवे, केएमपी एक्सप्रेसवे, आईजीआई एयरपोर्ट, आईएमटी मानेसर और अन्य प्रमुख व्यावसायिक तथा आवागमन के केंद्रों तक इसकी बेहतरीन कनेक्टिविटी का दावा किया गया है, जिससे भविष्य में यहां पहुंचना और आसान होगा। इसका आप पर असर इस नई आवासीय योजना से गुरुग्राम और आसपास के इलाकों में घर खरीदने की इच्छा रखने वाले मध्यम वर्ग और निवेशकों को एक नया विकल्प मिला है, हालांकि इसके लिए भारी वित्तीय तैयारी की आवश्यकता होगी। • भारत में: देश भर के ऐसे खरीदार जो एनसीआर क्षेत्र में जमीन तलाश रहे हैं, वे इस योजना में आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते उनके पास कंस्ट्रक्शन लिंक्ड प्लान के अनुसार किश्तें चुकाने की क्षमता हो। • गुरुग्राम में: स्थानीय निवासियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए पटौदी क्षेत्र में निवेश करने का मौका है, जिसमें महिलाओं और सरकारी कर्मचारियों के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ भी शामिल है। • वित्तीय प्रभाव: शुरुआती निवेश मात्र 21,000 रुपये है, लेकिन खरीदारों को अंततः 1.11 करोड़ रुपये से लेकर 1.18 करोड़ रुपये तक की मूल कीमत चुकानी होगी, जिसके साथ बैंक लोन की मदद ली जा सकती है। • दस्तावेजी खर्च: विज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि जमीन की कीमत के अलावा रजिस्ट्री और स्टांप शुल्क का खर्च खरीदार को अपनी जेब से अलग से भरना होगा। • सीमित अवसर: इस योजना के तहत केवल 30 प्लॉट ही आरक्षित हैं, जिससे सीमित संख्या के कारण प्रतिस्पर्धा काफी अधिक रहने की उम्मीद है। ऐसा क्यों हुआ यह आवासीय योजना हरियाणा सरकार की किफायती आवास नीतियों के तहत लाई गई है ताकि शहरी इलाकों में व्यवस्थित विकास को बढ़ावा दिया जा सके। • योजना का उद्देश्य: दीन दयाल जन आवास योजना के माध्यम से सरकार कम घनत्व वाली कॉलोनी के विकास को बढ़ावा देती है और लोगों को रियादती दरों पर प्लॉट उपलब्ध कराती है। • स्थान का चयन: पटौदी सेक्टर-1 को इसलिए चुना गया है क्योंकि यह क्षेत्र द्वारका एक्सप्रेसवे, केएमपी एक्सप्रेसवे और मानेसर औद्योगिक क्षेत्र के पास होने के कारण भविष्य के लिहाज से एक महत्वपूर्ण ट्रांजिट और रेजिडेंशियल हब बन रहा है। • आरक्षण नीति: महिलाओं और सरकारी कर्मचारियों को समाज के इस वर्ग को सशक्त बनाने और आवास तक उनकी पहुंच आसान बनाने के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। सवाल-जवाब 1. इस योजना के तहत प्लॉट के लिए आवेदन करने के लिए कितनी शुरुआती राशि देनी होगी? प्लॉट के लिए आवेदन करने के लिए शुरुआती पंजीकरण राशि केवल 21,000 रुपये है। 2. क्या प्लॉट की कुल कीमत वाकई 21,000 रुपये है? नहीं, 21,000 रुपये केवल रजिस्ट्रेशन राशि है, जबकि प्लॉट की बेस कीमत 84,000 रुपये प्रति वर्ग गज तय की गई है। 3. 131.724 वर्ग गज के प्लॉट की बेस कीमत कितनी होगी? 131.724 वर्ग गज के प्लॉट की बेस कीमत करीब 1.11 करोड़ रुपये बैठेगी। 4. 140.474 वर्ग गज का प्लॉट खरीदने पर कितना भुगतान करना होगा? इस आकार के प्लॉट के लिए आपको लगभग 1.18 करोड़ रुपये देने होंगे। 5. क्या इस योजना में बैंक लोन की सुविधा मिल सकती है? हाँ, विज्ञापनों में बैंक लोन की सुविधा उपलब्ध होने का दावा किया गया है। 6. किन वर्गों के लिए प्लॉट आरक्षित किए गए हैं? कुल प्लॉट का 33 प्रतिशत हिस्सा महिलाओं और सरकारी कर्मचारियों के लिए आरक्षित है। 7. इस योजना के तहत कुल कितने प्लॉट उपलब्ध हैं? विज्ञापन के अनुसार इस योजना में सीमित संख्या में कुल 30 प्लॉट उपलब्ध हैं। 8. यह प्रोजेक्ट किस मुख्य इलाके या हाईवे के पास स्थित है? यह प्रोजेक्ट पटौदी सेक्टर-1 में एनएच-352डब्ल्यू और गुरुग्राम-पटौदी हाईवे के नजदीक स्थित है। https://trendkia.com/haryana/gurugrama-men-makana-ka-sapana-hoga-pura-pataudi-sector-1-men-loncha-hui-kiphayati-avasiya-yojana-31763 TrendKia — Har trend, sabse pehle.