# हरियाणा में भारी बारिश का कहर, कुरुक्षेत्र में छत ढहने से दो की जान गई, अंबाला व झज्जर में जलभराव

> हरियाणा के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। कुरुक्षेत्र में मकान की छत ढहने से दंपती की मौत हो गई, जबकि अंबाला और झज्जर में सड़कें जलमग्न हो गईं।

**Type:** article · **Category:** हरियाणा · **Published:** 2026-08-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/haryana/haryana-men-bhari-barisha-ka-kahara-kurukshetra-men-chhata-dhahane-se-do-ki-jana-gai-ambala-va-jhajjar-men-jalabharava-13542 · **Language:** Hindi
**Tags:** हरियाणा मौसम, कुरुक्षेत्र हादसा, अंबाला बारिश, झज्जर जलभराव, मानसून न्यूज़

हरियाणा राज्य के विभिन्न हिस्सों में हुई जोरदार बारिश ने कहीं गर्मी से राहत दी है तो कहीं भारी तबाही मचाई है। कुरुक्षेत्र जिले के लाडवा क्षेत्र स्थित बड़ौंदी गांव में आफत की बारिश के कारण एक दर्दनाक दुर्घटना सामने आई। यहां भारी बरसात के दबाव में एक मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई, जिसके मलबे में दबने से एक शादीशुदा जोड़े की जीवनलीला समाप्त हो गई। इस हादसे के बाद पूरे ग्रामीण इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतकों की पहचान करनैल सिंह और उनकी धर्मपत्नी जसविंदर कौर के तौर पर की गई है।

## कुरुक्षेत्र में मलबे में दबकर पति-पत्नी की मौत
घटना की खबर मिलते ही पास-पड़ोस के लोग तुरंत सहायता के लिए दौड़ पड़े। स्थानीय निवासियों ने तत्परता दिखाते हुए मलबे को हटाने और लेंटर को काटकर नीचे दबे दंपति को बाहर निकालने का भरसक प्रयास किया। कड़ी मशक्कत के पश्चात दोनों को मलबे से बाहर निकालकर अविलंब नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, चिकित्सीय जांच के बाद डॉक्टरों ने करनैल सिंह और जसविंदर कौर दोनों को मृत घोषित कर दिया। हादसे की जानकारी मिलने पर पुलिस टीम ने भी मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया और मामले की जांच शुरू कर दी। शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस का मानना है कि मकान की छत काफी पुरानी और कमजोर थी, जो लगातार हो रही बारिश का बोझ बर्दाश्त नहीं कर सकी और ढह गई।

## प्रदेश भर में बारिश के आंकड़े और पंचकूला का हाल
मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार सुबह आठ बजे तक बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के अलग-अलग जिलों में विभिन्न स्तर पर वर्षा दर्ज की गई। इस समयावधि में अंबाला में सर्वाधिक 94.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं नारनौल क्षेत्र में 22 मिलीमीटर, सिरसा में 16 मिलीमीटर और यमुनानगर में 12 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई। इसके अलावा हिसार जिले में 4.4 मिलीमीटर और फतेहाबाद में 2.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। पंचकूला में भी मंगलवार सुबह साढ़े सात बजे के करीब बारिश का सिलसिला शुरू हुआ, जो लगातार पांच घंटे तक धीमी और तेज रफ्तार में रिमझिम बरसता रहा।

## अंबाला में गर्मी से मिली राहत, जलभराव से भी निपटे लोग
अंबाला जिले में देर रात से हो रही अनवरत बरसात ने स्थानीय लोगों को पिछले कई दिनों से परेशान कर रही भीषण उमस और चिपचिपी गर्मी से बड़ी राहत पहुंचाई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस बारिश से न केवल तापमान में गिरावट आई है, बल्कि गिरते भूजल स्तर को भी सुधारने में मदद मिलेगी। यद्यपि शहर के कई निचले इलाकों और प्रमुख मार्गों पर कुछ समय के लिए जलजमाव की समस्या पैदा हो गई थी, लेकिन कुछ समय बाद पानी सड़कों से धीरे-धीरे कम होता देखा गया। फल और सब्जी विक्रेताओं ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बरसात के दिनों में दुकानों पर खरीदारों की आवाजाही थोड़ी घट जाती है, परंतु भीषण गर्मी से मिली यह राहत सभी के लिए बहुत सुकून देने वाली है।

## झज्जर में 10 करोड़ का बजट फिर भी घुटनों तक भरा पानी
दूसरी तरफ, झज्जर शहर में हुई मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर प्रशासनिक दावों की कलई खोलकर रख दी है। भारी बरसात के कारण शहर का शायद ही कोई ऐसा मुख्य चौराहा या रास्ता बचा हो जो जलमग्न न हुआ हो। पुरानी तहसील रोड, महिला पुलिस थाना मार्ग, अंबेडकर चौक, भगत सिंह चौक, माता गेट मोहल्ला, सिलानी गेट, घोसियान मोहल्ला और सदर पुलिस स्टेशन के आसपास की सड़कों पर घुटनों तक पानी जमा हो गया। इस दौरान वाहन चालकों को पानी से भरी सड़कों पर रेंगते हुए गुजरना पड़ा और पैदल चलने वाले नागरिक जलभराव के बीच खासे परेशान नजर आए। क्षुब्ध निवासियों का कहना है कि पानी की निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये का विशाल बजट स्वीकृत होने के बावजूद हर बार बारिश में शहर की हालत बदतर हो जाती है। नागरिकों ने नगर प्रशासन के पूर्व तैयारियों और विकास कार्यों के दावों पर कड़े सवाल खड़े किए हैं।

## इसका आप पर असर
**भारत भर में:** मानसून के दौरान कमजोर बुनियादी ढांचे की सुरक्षा जांच और जल निकासी प्रबंधन दुरुस्त करने की जरूरत उजागर होती है।

**हरियाणा में:** बारिश से भूजल स्तर में सुधार तो होगा, लेकिन झज्जर में जलभराव और कुरुक्षेत्र जैसी पुरानी इमारतों के ढहने का जोखिम नागरिकों के लिए चिंता का विषय है।

## सवाल-जवाब

### 1. कुरुक्षेत्र में बारिश के कारण क्या हादसा हुआ?
कुरुक्षेत्र के लाडवा क्षेत्र के बड़ौंदी गांव में भारी बारिश के दौरान एक मकान की छत ढह गई, जिसमें दबकर दंपती करनैल सिंह और जसविंदर कौर की मृत्यु हो गई।

### 2. हरियाणा के किस जिले में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई?
24 घंटे के आंकड़ों के अनुसार अंबाला जिले में सबसे अधिक 94.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

### 3. झज्जर में बारिश के बाद क्या स्थिति देखने को मिली?
झज्जर में मूसलाधार बारिश के कारण पुरानी तहसील रोड, अंबेडकर चौक और सदर पुलिस स्टेशन रोड समेत कई मुख्य चौराहों पर घुटनों तक पानी भर गया।

### 4. झज्जर में पानी की निकासी का बजट कितना था?
झज्जर में जल निकासी व्यवस्था के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये का बजट होने के बावजूद बारिश में सड़कें जलमग्न हो गईं।

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