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  "type": "article",
  "title": "हरियाणा में दो दिन गरजेंगे बादल, हिमाचल के किन्नौर में फ्लैश फ्लड ने मचाई तबाही",
  "summary": "पंजाब पर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी विक्षोभ के असर से हरियाणा में 26 जून तक मौसम बदला रहेगा, जबकि हिमाचल में आज मानसून दस्तक दे सकता है और किन्नौर में अचानक आई बाढ़ ने रास्ते बहा दिए।",
  "content": "उत्तर भारत के दो राज्यों में मौसम ने एक साथ करवट ले ली है। हरियाणा के लोगों को अगले कुछ दिन तपती गर्मी से बड़ी राहत मिलने वाली है, वहीं पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में बारिश आफत बनकर बरस रही है। पंजाब के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते हरियाणा में 26 जून तक मौसम खराब बना रहने की संभावना है। बुधवार को मौसम ने अचानक पलटी मारी और हिसार तथा सिरसा में बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से थोड़ी राहत महसूस हुई।\n\nभारत मौसम विज्ञान विभाग ने पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल और जींद जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली धूल भरी तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश का अनुमान जताया था। इस बदलाव के बीच प्रदेश में न्यूनतम तापमान औसतन 0.5 डिग्री सेल्सियस बढ़ा है और फिलहाल यह सामान्य के आसपास टिका हुआ है।\n\nहरियाणा में कहां कितना पारा\nराज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान गुरुग्राम में 21 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा अंबाला में 27.7 डिग्री, हिसार में 26.1 डिग्री, करनाल में 26 डिग्री, रोहतक में 26.2 डिग्री और चंडीगढ़ में 26.1 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।\n\nचौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के मुताबिक, 26 जून तक प्रदेश का मौसम बदलता रहेगा। इस दौरान हवाओं की दिशा बदलेगी और आंशिक बादल छाए रहेंगे। पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से कई जगह तेज धूल भरी हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की प्रबल संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और लगातार अपडेट पर नजर रखने को कहा है।\n\nजहां बारिश नहीं, वहां के लोग रखें ध्यान\nजिन इलाकों में बारिश नहीं होगी, वहां के लोगों के लिए मौसम विभाग ने कुछ खास सलाह दी है। दोपहर के समय, जब तापमान सबसे ज्यादा रहता है, धूप में सीधे निकलने से बचें।\n\n• भरपूर पानी पिएं और ढीले सूती कपड़े पहनें।\n• बाहर निकलते वक्त सिर को टोपी, कपड़े या छाते से ढककर रखें।\n• फसलों पर गर्मी का असर कम करने के लिए सिंचाई शाम के समय या सुबह जल्दी करें।\n\nहिमाचल में मानसून की दस्तक, किन्नौर में फ्लैश फ्लड\nहिमाचल प्रदेश के लोग इस वक्त बदले मौसम का मजा ले रहे हैं। बीते 24 घंटे में कई जगह बारिश हुई है। किन्नौर में भारी बारिश ने फ्लैश फ्लड की स्थिति पैदा कर दी। शिमला में दो दिन तेज धूप के बाद बारिश हुई, जिससे पारा गिरकर 22 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश में तूफान का अलर्ट जारी किया है और 29 जून तक बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं। अनुमान है कि आज, यानी 25 जून को हिमाचल में मानसून की एंट्री हो सकती है।\n\nविभाग के मुताबिक 25, 26 और 29 जून को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में आंधी, तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाओं की आशंका है। वहीं 27 जून को चंबा और कांगड़ा में आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। 25 से 29 जून तक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी भी हो सकती है, जबकि मध्य पहाड़ी इलाकों और निचले व मैदानी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।\n\nबद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ में राहत की बौछार\nऔद्योगिक क्षेत्र बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ में बुधवार दोपहर बाद हुई तेज बारिश ने पूरे मौसम का मिजाज बदल दिया। पिछले कई दिनों से यहां तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच रहा था, जिससे लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था। बारिश के बाद तापमान गिरा और लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली।\n\nनालागढ़ के किसान अर्जुन सिंह ने बताया कि वक्त पर हुई इस बारिश के बाद अब वे अपनी फसलों की बुवाई शुरू कर सकेंगे। भीषण गर्मी के कारण पहले से बोई गई सब्जियां सूखने की कगार पर पहुंच चुकी थीं, लेकिन इस बारिश ने उन्हें नई जान दे दी है। दरअसल नालागढ़ क्षेत्र का करीब 60 प्रतिशत पहाड़ी इलाका वर्षा आधारित खेती पर निर्भर है, इसलिए यहां के किसानों के लिए यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं है।\n\nकिन्नौर में आधी रात आई आसमानी आफत\nदूसरी ओर किन्नौर के 15/20 क्षेत्र में मानसून की आधिकारिक दस्तक से पहले ही तबाही मच गई। बीती रात मूसलाधार बारिश के बाद काचरंग नाले में अचानक भयंकर फ्लैश फ्लड आ गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी फैल गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक बाढ़ रात करीब 3 बजे आई। आशंका है कि ऊपरी पहाड़ियों पर बादल फटने से नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया और यह हालात बने। बाढ़ के पानी में क्षेत्र को जोड़ने वाला रास्ता और एक पैदल पुलिया बह गई।\n\nप्रशासन ने प्रभावित इलाके में युद्धस्तर पर बहाली का काम शुरू कर दिया है, ताकि बंद रास्तों को जल्द खोला जा सके और पीने के पानी की सप्लाई दोबारा सुचारू की जा सके।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: उत्तर भारत में मानसून रफ्तार पकड़ रहा है, इसलिए यात्रा और खेती की योजना बनाते वक्त मौसम अपडेट जरूर देखें।\n• हरियाणा में: पंचकूला, अंबाला, करनाल समेत कई जिलों में तेज धूल भरी हवाएं और हल्की बारिश हो सकती है, ऐसे में बाहर निकलते वक्त सावधानी बरतें।\n• हिमाचल में: किन्नौर जैसे इलाकों में फ्लैश फ्लड और बादल फटने का खतरा है, इसलिए पहाड़ी रास्तों और नालों के पास जाने से बचें।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. हरियाणा में मौसम कब तक खराब रहेगा?\nमौसम विभाग के अनुसार पंजाब पर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी विक्षोभ के असर से हरियाणा में 26 जून तक मौसम बदला और खराब बना रहेगा।\n\n2. हिमाचल में मानसून कब दस्तक दे सकता है?\nअनुमान है कि आज, यानी 25 जून को हिमाचल प्रदेश में मानसून की एंट्री हो सकती है।\n\n3. किन्नौर में फ्लैश फ्लड कब और कैसे आया?\nकिन्नौर के 15/20 क्षेत्र में बीती रात मूसलाधार बारिश के बाद काचरंग नाले में करीब 3 बजे अचानक फ्लैश फ्लड आया, जिसकी वजह ऊपरी पहाड़ियों पर बादल फटना मानी जा रही है।\n\n4. हरियाणा में सबसे कम न्यूनतम तापमान कहां रहा?\nहरियाणा में सबसे कम न्यूनतम तापमान गुरुग्राम में 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।\n\n5. नालागढ़ के किसानों के लिए यह बारिश क्यों फायदेमंद है?\nनालागढ़ क्षेत्र का करीब 60 प्रतिशत पहाड़ी इलाका वर्षा आधारित खेती पर निर्भर है, इसलिए यह बारिश किसानों को फसल की बुवाई और सूखती सब्जियों को बचाने में मदद करेगी।\n\n6. हिमाचल के किन जिलों में आंधी-तूफान का अलर्ट है?\n25, 26 और 29 जून को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में तथा 27 जून को चंबा और कांगड़ा में आंधी, तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना है।",
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  "category": "हरियाणा",
  "publishedAt": "2026-06-25",
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