# हरियाणा में मतदाता सूची संशोधन पर बड़ा कदम: 44.91 लाख मतदाताओं को नोटिस, अंतिम सूची 6 नवंबर को

> हरियाणा में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन अभियान के तहत 44.91 लाख से ज्यादा वोटरों को मैपिंग विसंगतियों पर नोटिस भेजे गए हैं। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि जरूरी दस्तावेजों के साथ विसंगति दूर कर नाम कटने से बचाया जा सकता है।

**Type:** article · **Category:** हरियाणा · **Published:** 2026-10-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/haryana/haryana-men-matadata-suchi-snshodhana-para-bara-kadama-44-91-lakha-matadataon-ko-notisa-antima-suchi-6-navnbara-ko-41488 · **Language:** Hindi
**Tags:** हरियाणा, मतदाता सूची, चुनाव आयोग, फरीदाबाद, गुरुग्राम, करनाल, हिसार

हरियाणा में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान ने राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में खासी तेजी ला दी है। वोटर लिस्ट की शुद्धता और मैपिंग प्रक्रिया की समीक्षा के दौरान राज्यभर में 44.91 लाख से अधिक मतदाताओं को गलत अथवा अधूरी जानकारी के मामलों में नोटिस जारी किए गए हैं। निर्वाचन तंत्र ने इन नोटिसों की जांच प्रक्रिया को बेहद तेज गति से आगे बढ़ाया है, जिसके तहत 40.56 लाख से ज्यादा मामलों में सुनवाई का काम मुकम्मल किया जा चुका है। हालांकि, लगभग 4.35 लाख मामलों में अभी भी अंतिम सुनवाई होना बाकी है।

## लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के सख्त निर्देश
अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुनवाई के सर्वाधिक लंबित मामले फरीदाबाद, करनाल और हिसार जिलों में दर्ज किए गए हैं। इस स्थिति को देखते हुए हरियाणा की अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ERO) को कड़े दिशा-निर्देश दिए हैं कि वे तय समय-सीमा का कड़ाई से पालन करते हुए सभी बकाया मामलों का जल्द से जल्द निस्तारण करें। अधिकारियों को हिदायत दी गई है कि किसी भी मामले में फैसला सुनाते वक्त भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का अक्षरशः पालन किया जाए ताकि प्रक्रिया निष्पक्ष बनी रहे।

## नोटिस मिलने पर घबराने की आवश्यकता नहीं: आयोग
निर्वाचन अधिकारियों ने नागरिकों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा है कि नोटिस मिलना किसी का नाम सीधे हटाए जाने का संकेत नहीं है। ऐसे तमाम मतदाताओं को, जिनके पास नोटिस पहुंचे हैं, अपने संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर सही साक्ष्य और आवश्यक पहचान अथवा पते के दस्तावेज पेश करने का पूरा अवसर दिया गया है। संबंधित कागजात प्रस्तुत करते ही मतदाता सूची के रिकॉर्ड में दर्ज तकनीकी त्रुटियों या विसंगतियों को ठीक कर दिया जाएगा।

इसी सिलसिले में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार गुरुवार को राज्य के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) के साथ एक उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में स्पष्ट रूप से ताकीद की गई कि जिन आवेदकों के फॉर्म-6 खारिज हुए हैं अथवा जिन्हें प्रारंभिक जांच में अयोग्य माना गया था, उनके सभी मामलों की एक बार फिर से बारीकी से दोबारा समीक्षा की जाए। अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दो टूक शब्दों में रेखांकित किया कि पर्याप्त एवं ठोस आधार के बिना किसी भी वैध मतदाता का नाम सूची से कतई नहीं काटा जाएगा।

## नए मतदाताओं का उत्साह: 3.78 लाख फॉर्म-6 आवेदन
वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने की इस कवायद के बीच युवाओं और नए वोटरों ने भारी संख्या में आवेदन किए हैं। पूरे राज्य में फॉर्म-6 के माध्यम से लगभग 3.78 लाख नए मतदाताओं के आवेदन हासिल हुए हैं। इन नए पंजीकरणों में औद्योगिक और शहरी जिलों ने शीर्ष स्थान हासिल किया है। गुरुग्राम से सबसे अधिक 39,985 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि फरीदाबाद से 33,463 और हिसार से 22,001 नए आवेदन दर्ज किए गए हैं।

राज्य के अन्य जिलों में भी नए पंजीकरण के आंकड़े सामने आए हैं, जहां नूंह जिले से 9,087, पंचकूला से 8,786 और चरखी दादरी से 7,095 नागरिकों ने मतदाता बनने के लिए फॉर्म-6 जमा कराया है। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को लेकर तमाम दावों और आपत्तियों को स्वीकार करने की अंतिम मियाद 30 सितंबर को समाप्त हो चुकी है। अब प्रशासनिक स्तर पर प्राप्त दावों और आपत्तियों के निस्तारण की अंतिम तारीख 28 अक्टूबर निर्धारित की गई है, जिसके बाद हरियाणा की संशोधित और अंतिम मतदाता सूची का औपचारिक प्रकाशन 6 नवंबर को किया जाएगा।

## पारदर्शिता पर राजनीतिक नजर और राष्ट्रीय स्तर पर हलचल
मतदाता सूची के इस व्यापक पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों ने भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने इस पूरी प्रक्रिया में सर्वोच्च पारदर्शिता बरतने तथा योग्य मतदाताओं के मताधिकार की पुख्ता हिफाजत सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। उनका कहना है कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के स्तर पर हुए बदलावों की गहन समीक्षा होनी चाहिए, जिसमें काटे गए नामों, नोटिस के दायरे में आए मतदाताओं और दाखिल दावों-आपत्तियों की स्थिति पूरी तरह सार्वजनिक और स्पष्ट रहनी चाहिए।

कांग्रेस की राज्य स्तरीय एक्शन और मॉनिटरिंग कमेटी 7 अक्टूबर को बैठक करने जा रही है, जिसमें हरियाणा कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त तथा पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा शामिल होंगे। संजय दत्त ने भी प्रशासन से आग्रह किया है कि वोटर लिस्ट की समीक्षा में पूर्ण निष्पक्षता बरती जाए और किसी भी जायज नागरिक का नाम जल्दबाजी या लापरवाही में न हटे। दूसरी तरफ, कर्नाटक में भी इस पुनरीक्षण के तहत बड़े पैमाने पर फॉर्म-7 जमा कराए जाने को लेकर भारी राजनीतिक टकराव सामने आया है, जहां सीएम डीके शिवकुमार ने निर्वाचन आयोग कार्यालय के बाहर अपनी आपत्तियां रखकर धरना दिया।

## इसका आप पर असर
इस गहन पुनरीक्षण का सीधा असर उन लाखों मतदाताओं पर पड़ेगा जिन्हें सत्यापन नोटिस मिले हैं या जिन्होंने नए नाम जोड़े जाने के लिए आवेदन किया है।

- **भारत में:** चुनावी प्रक्रियाओं में मतदाता सूची के नियमित शुद्धिकरण से मतदान सूचियों की पारदर्शिता और प्रामाणिकता मजबूत होती है। सभी राज्यों में नागरिकों के लिए अपने निर्वाचन रिकॉर्ड को अद्यतन और सही रखना आवश्यक होता जा रहा है।
- **हरियाणा में:** यदि आपको नोटिस मिला है, तो अपने ERO के समक्ष 28 अक्टूबर से पहले सही दस्तावेज पेश करके अपना नाम सुरक्षित करा लें। जिन 3.78 लाख लोगों ने नए नाम जुड़वाने हेतु फॉर्म-6 भरा है, वे 6 नवंबर को जारी होने वाली अंतिम सूची में अपना नाम जांच सकेंगे।
- **लंबित मामलों वाले जिलों में:** फरीदाबाद, करनाल और हिसार के निवासियों को विशेष रूप से सतर्क रहकर अपने स्थानीय निर्वाचन कार्यालय में लंबित सुनवाई का समय पर समाधान कराना चाहिए। किसी भी तकनीकी विसंगति को समय रहते दूर न कराने पर अंतिम सूची से नाम कटने का जोखिम हो सकता है।
- **अपात्र घोषित आवेदकों के लिए:** जिन लोगों के आवेदन पहले खारिज कर दिए गए थे, उन्हें दोबारा समीक्षा प्रक्रिया के तहत राहत मिल सकती है। प्रशासनिक अधिकारी बिना वैध और ठोस कारण के किसी भी पात्र मतदाता को हटाने से बचने के निर्देश पर काम कर रहे हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
यह नोटिस अभियान मतदाता सूची की मैपिंग प्रक्रिया में तकनीकी विसंगतियों और गलत पते या विवरणों के मिलने के बाद शुरू किया गया है।

- **मैपिंग विसंगतियों की पहचान:** निर्वाचन आयोग के गहन पुनरीक्षण के दौरान फील्ड वेरिफिकेशन में 44.91 लाख से अधिक प्रविष्टियों में पते या पहचान से जुड़ी कमियां पाई गईं। इन त्रुटियों को ठीक करने के लिए विधिक प्रक्रिया के तहत औपचारिक नोटिस जारी किए गए।
- **प्रशासनिक दिशा-निर्देश और समय-सीमा:** आयोग का लक्ष्य 6 नवंबर को पूर्णतः त्रुटिरहित और शुद्ध अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करना है। इसी उद्देश्य से लंबित 4.35 लाख मामलों के तेजी से निपटारे के लिए जिला निर्वाचन अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए।
- **राजनीतिक आपत्तियां और पुनरीक्षण की मांग:** प्रमुख विपक्षी दलों द्वारा बड़े पैमाने पर नाम काटे जाने की आशंका जताए जाने के बाद प्रशासन ने खारिज मामलों की दोबारा जांच कराने का निर्णय लिया। इस कदम का उद्देश्य किसी भी पात्र नागरिक के मताधिकार को अनुचित रूप से प्रभावित होने से बचाना है।

## सवाल-जवाब

### 1. हरियाणा में किन मतदाताओं को नोटिस भेजे गए हैं?
मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान मैपिंग प्रक्रिया में गलत या अधूरी जानकारी देने वाले 44.91 लाख से अधिक वोटरों को नोटिस भेजे गए हैं।

### 2. नोटिस मिलने के बाद मतदाता को क्या करना होगा?
मतदाता को घबराने की जरूरत नहीं है; वे अपने संबंधित ERO के समक्ष उपस्थित होकर सही साक्ष्य और वैध दस्तावेज जमा कर विसंगति को ठीक करा सकते हैं।

### 3. किन जिलों में सुनवाई के सबसे अधिक मामले लंबित हैं?
सबसे ज्यादा लंबित मामलों की संख्या फरीदाबाद, करनाल और हिसार जिलों में दर्ज की गई है, जहां कुल 4.35 लाख मामले अभी बाकी हैं।

### 4. नए वोटरों के पंजीकरण के लिए कितने आवेदन प्राप्त हुए हैं?
राज्य में नए मतदाताओं के पंजीकरण हेतु लगभग 3.78 लाख फॉर्म-6 आवेदन मिले हैं, जिनमें सर्वाधिक 39,985 आवेदन गुरुग्राम से आए हैं।

### 5. हरियाणा की अंतिम मतदाता सूची कब जारी की जाएगी?
दावों और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया 28 अक्टूबर तक पूरी होने के बाद राज्य की अंतिम मतदाता सूची 6 नवंबर को प्रकाशित होगी।

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