हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम में जाम खत्म करने को दी 136.41 करोड़ रुपये की तीन बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मंजूरी गुरुग्राम में दादी सती चौक और अंबेडकर चौक पर दो नए फ्लाईओवर तथा मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन के पास अंडरपास बनाया जाएगा। चंडीगढ़ में आयोजित बैठक में कुल 136.41 करोड़ रुपये के इन प्रोजेक्ट्स को स्वीकृति मिली है। गुरुग्राम की व्यस्त सड़कों पर रोजाना लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए हरियाणा सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। चंडीगढ़ में आयोजित हाई पावर वर्क्स परचेज कमेटी (एचपीडब्लूपीसी) की उच्चस्तरीय बैठक में 136.41 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली तीन प्रमुख सड़क परियोजनाओं को औपचारिक प्रशासनिक मंजूरी दी गई। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में तय किया गया कि गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) इन निर्माण कार्यों को धरातल पर उतारेगा। इन तीनों प्रोजेक्ट्स में दो नए फ्लाईओवर और एक रणनीतिक अंडरपास शामिल हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य प्रमुख चौराहों पर ग्रेड सेपरेशन तैयार करके वाहनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना है। परियोजनाओं का वित्तीय आवंटन और तय समयसीमा प्रशासन की ओर से मंजूर की गई इस कार्ययोजना के तहत तीनों परियोजनाओं के लिए अलग-अलग बजट निर्धारित किया गया है। दादी सती चौक पर बनने वाले नए फ्लाईओवर के निर्माण पर 43.05 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी। इसी क्रम में अंबेडकर चौक फ्लाईओवर परियोजना के लिए 36.36 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सबसे बड़ा बजटीय हिस्सा मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन के नजदीक बनने वाले अंडरपास को दिया गया है, जिस पर 57 करोड़ रुपये की लागत आएगी। निर्माण प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए जीएमडीए ने प्रत्येक परियोजना के लिए टेंडर आवंटन के बाद 18-18 महीने की समयसीमा तय की है। इन स्थानों पर ग्रेड सेपरेशन की व्यवस्था बन जाने के बाद वाहन चालकों को लाल बत्ती और चौराहों पर बेवजह रुकना नहीं पड़ेगा, जिससे ईंधन और समय दोनों की बचत होगी। दादी सती चौक पर 840 मीटर लंबा 6 लेन फ्लाईओवर न्यू गुरुग्राम के विस्तार को ध्यान में रखते हुए सेक्टर 85-86 और 89-90 के मध्य स्थित दादी सती चौक पर 6 लेन का एक विशाल फ्लाईओवर तैयार किया जाएगा। लगभग 840 मीटर लंबे इस फ्लाईओवर के बनने से तेजी से विकसित हो रहे आवासीय टाउनशिप और व्यावसायिक परिसरों के बीच चलने वाले वाहनों को बिना किसी रुकावट के सीधा रास्ता मिलेगा। मुख्य एलिवेटेड कैरिजवे के अतिरिक्त स्थानीय यातायात प्रबंधन के लिए फ्लाईओवर के निचले हिस्से में 7.5 मीटर चौड़ा यू-टर्न विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही दोनों तरफ सुगम आवागमन के लिए चौड़ी सर्विस लेन बनाई जाएगी। पैदल यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 2 मीटर चौड़े फुटपाथ, स्पष्ट रोड मार्किंग, आधुनिक ट्रैफिक सिग्नल और रात के समय बेहतर दृश्यता के लिए उन्नत लाइटिंग की पूरी व्यवस्था की जाएगी। अंबेडकर चौक पर 930 मीटर लंबा 4 लेन ढांचा शहर के अंदरूनी हिस्से में सेक्टर 45-46 और 51-52 के जंक्शन पर विकास मार्ग के ऊपर 930 मीटर लंबा 4 लेन फ्लाईओवर बनाया जाएगा। इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के कई बड़े केंद्र स्थित हैं। इस नए फ्लाईओवर के तैयार होने से पार्क अस्पताल और अरिहंत अस्पताल की तरफ जाने वाले मरीजों, एम्बुलेंस और स्थानीय नागरिकों को जाम में फंसे बिना त्वरित आवाजाही की सुविधा मिलेगी। परियोजना की रूपरेखा में दोनों किनारों पर समर्पित सर्विस रोड, स्लिप रोड और फ्लाईओवर के नीचे दो यू-टर्न का निर्माण शामिल किया गया है। इसके अलावा जलभराव की समस्या को रोकने और राहगीरों की सुविधा के लिए दोनों तरफ कवर ड्रेन-कम-फुटपाथ का ढांचा तैयार किया जाएगा, जिसके साथ सड़क सुरक्षा संकेतक भी स्थापित होंगे। मिलेनियम सिटी सेंटर के पास अंडरपास, सोलर पैनल और हार्वेस्टिंग व्यावसायिक और आवागमन की दृष्टि से सबसे व्यस्त सेक्टर 27-29 और 43-44 के संगम पर मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन के पास एक आधुनिक अंडरपास का निर्माण होगा। इसकी कुल एप्रोच लंबाई करीब 1,350 मीटर रखी गई है, जिसमें से 625 मीटर का हिस्सा इफको चौक की तरफ और 725 मीटर का हिस्सा अर्दी सिटी की दिशा में रहेगा। इस जंक्शन पर यातायात को मोड़ने के लिए इफको चौक और अर्दी सिटी की ओर अतिरिक्त यू-टर्न बनाए जाएंगे। इसके समानांतर 9.5 मीटर चौड़ी सर्विस लेन तथा दोनों तरफ 2.5 मीटर चौड़े पैदल पथ बनेंगे। पैदल यात्रियों की सुरक्षा और सहूलियत के लिए इस क्षेत्र में 300 मीटर लंबा एक कवर्ड फुट ओवरब्रिज भी बनाया जाएगा, जिसमें आवाजाही को आसान बनाने के लिए चार आधुनिक लिफ्ट और एस्केलेटर लगाए जाएंगे। पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा की बचत के उद्देश्य से पूरे प्रोजेक्ट में ऑन-ग्रिड सोलर पैनल जोड़े गए हैं। साथ ही भूजल संचयन के लिए 2-2 लाख लीटर क्षमता वाले दो विशाल रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी स्थापित किए जाएंगे। शहर के यातायात प्रबंधन पर जीएमडीए का दृष्टिकोण गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पीसी मीणा ने इस निर्णय पर जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि इन तीनों प्रमुख ढांचागत परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से शहर के सबसे व्यस्त जंक्शनों पर ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। उन्होंने रेखांकित किया कि इससे यात्रा के औसत समय में उल्लेखनीय कमी आएगी और चालकों के साथ-साथ पैदल चलने वाले लोगों को भी एक सुरक्षित और आधुनिक सड़क तंत्र मिलेगा। सीईओ ने बताया कि गुरुग्राम की लगातार बढ़ती जनसंख्या और भविष्य की परिवहन आवश्यकताओं के संतुलन के लिए जीएमडीए सड़क नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में प्रतिबद्धता से काम कर रहा है। इसका आप पर असर गुरुग्राम के प्रमुख जंक्शनों पर लगने वाले लंबे जाम से आम नागरिकों को जल्द निजात मिलेगी और दैनिक सफर का समय घटेगा। • दैनिक आवाजाही: न्यू गुरुग्राम और मेट्रो स्टेशन के आसपास सफर करने वाले नौकरीपेशा लोगों को रेड लाइट पर रुकना नहीं पड़ेगा। इससे व्यस्त समय में यात्रा का समय 15 से 25 मिनट तक बच सकेगा। • अस्पताल पहुंच: विकास मार्ग पर बनने वाले नए फ्लाईओवर से पार्क और अरिहंत अस्पताल जाने वाले गंभीर मरीजों को जाम से मुक्ति मिलेगी। एम्बुलेंस और तीमारदारों के लिए रास्ता सुगम और बाधा रहित हो जाएगा। • पैदल यात्रियों की सुरक्षा: मिलेनियम सिटी सेंटर के पास 300 मीटर लंबे कवर्ड फुट ओवरब्रिज और लिफ्ट की सुविधा मिलेगी। पैदल चलने वालों को चौड़ी सड़कों के बीच तेज रफ्तार वाहनों के बीच से नहीं गुजरना पड़ेगा। • स्थानीय कारोबार और पर्यावरण: चौराहों पर वाहनों के न रुकने से ईंधन की खपत कम होगी और प्रदूषण घटेगा। सोलर पैनल और दो-दो लाख लीटर के वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से इलाके में जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। ऐसा क्यों हुआ गुरुग्राम में तेजी से बढ़ती शहरी आबादी और वाहनों के भारी दबाव के कारण प्रमुख चौराहों पर जाम की स्थिति गंभीर हो गई थी, जिसे हल करने के लिए ग्रेड सेपरेशन अनिवार्य हो गया था। • अत्यधिक यातायात दबाव: न्यू गुरुग्राम के आवासीय सेक्टरों और मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन के पास प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं, जिससे मौजूदा चौराहे क्षमता से अधिक भर चुके थे। इस दबाव को कम करने के लिए सतह से अलग फ्लाईओवर और अंडरपास की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। • सतह पर क्रॉसिंग की बाधा: विकास मार्ग और दादी सती चौक पर सीधे जाने वाले वाहनों को स्थानीय मोड़ों और सिग्नलों के कारण बार-बार रुकना पड़ता था। ग्रेड सेपरेशन के जरिए थ्रू-ट्रैफिक को ऊपरी या निचले स्तर पर स्थानांतरित करना ही इसका एकमात्र तकनीकी समाधान था। • प्रशासनिक वित्तीय मंजूरी: हरियाणा सरकार की हाई पावर वर्क्स परचेज कमेटी ने प्राथमिकताओं का मूल्यांकन करते हुए 136.41 करोड़ रुपये के बजट को चंडीगढ़ में स्वीकृति दी। इसके बाद जीएमडीए ने निर्माण कार्य को 18 महीने में पूरा करने का खाका तैयार किया। सवाल-जवाब 1. गुरुग्राम की इन तीन सड़क परियोजनाओं के लिए कुल कितना बजट स्वीकृत किया गया है? हरियाणा सरकार ने इन तीनों बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए कुल 136.41 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। 2. दादी सती चौक पर बनने वाले फ्लाईओवर की विशेषताएं क्या हैं? यह फ्लाईओवर सेक्टर 85-86 और 89-90 के बीच लगभग 840 मीटर लंबा और 6 लेन का होगा, जिसके नीचे 7.5 मीटर चौड़ा यू-टर्न और सर्विस रोड बनेगी। 3. अंबेडकर चौक फ्लाईओवर से किन प्रमुख अस्पतालों को सीधा फायदा पहुंचेगा? इस 930 मीटर लंबे 4 लेन फ्लाईओवर के बनने से पार्क अस्पताल और अरिहंत अस्पताल की ओर आने-जाने वाले लोगों को निर्बाध कनेक्टिविटी मिलेगी। 4. मिलेनियम सिटी सेंटर के पास बनने वाले अंडरपास की कुल लंबाई कितनी होगी? इस अंडरपास की कुल एप्रोच लंबाई लगभग 1,350 मीटर होगी, जिसमें इफको चौक की ओर 625 मीटर और अर्दी सिटी की ओर 725 मीटर का हिस्सा रहेगा। 5. पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए मेट्रो स्टेशन के पास क्या विशेष निर्माण होगा? वहां लगभग 300 मीटर लंबा कवर्ड फुट ओवरब्रिज बनाया जाएगा, जिसमें यात्रियों के लिए चार लिफ्ट और एस्केलेटर की सुविधा उपलब्ध होगी। 6. इन तीनों परियोजनाओं को पूरा करने के लिए क्या समयसीमा तय की गई है? टेंडर आवंटन के बाद प्रत्येक परियोजना के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए 18-18 महीने की समयसीमा निर्धारित की गई है। 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