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  "type": "article",
  "title": "हथिनीकुंड बैराज अभ्यास हादसे में बहे दोनों सेना कमांडो के शव बरामद, यूपी और जींद नहर से मिले",
  "summary": "हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज में सैन्य अभ्यास के दौरान नाव पलटने से बहे दोनों स्पेशल पैरा कमांडो के शव 45 घंटे चले तलाशी अभियान के बाद उत्तर प्रदेश और जींद नहर से बरामद कर लिए गए हैं।",
  "content": "हरियाणा के यमुनानगर में हथिनीकुंड बैराज के पास सैन्य अभ्यास के दौरान हुए एक दर्दनाक हादसे के बाद लापता हुए भारतीय सेना के दोनों स्पेशल पैरा कमांडो के शव बरामद कर लिए गए हैं। मंगलवार शाम को चिनूक हेलीकॉप्टर से बैराज के जलक्षेत्र में छलांग लगाने के बाद पानी के तेज बहाव की वजह से जवानों की नाव पलट गई थी। इस हादसे में तीन जवान तैरकर सुरक्षित बाहर आने में सफल रहे थे, जबकि दो जवान नदी के उफान में बह गए थे। लगभग 45 घंटे तक चले सघन तलाशी अभियान के बाद बचाव टीमों ने दोनों जवानों के पार्थिव शरीर अलग-अलग स्थानों से बरामद कर लिए हैं।\n\nमछुआरों के जाल में फंसा पहले जवान का शव\nलापता जवानों की तलाश में सेना के साथ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें हथिनीकुंड बैराज से सटे इलाकों में लगातार खोजबीन कर रही थीं। बुधवार देर शाम उत्तर प्रदेश की सीमा में स्थित बरथा कोरसी गांव के निकट नदी में मछली पकड़ने के लिए लगाए गए जाल में एक कमांडो का शव फंसा मिला। स्थानीय ग्रामीणों की सतर्कता और सहायता से शव को नदी के किनारे लाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही सेना के अधिकारी और जवान तुरंत मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके की घेराबंदी करके शव को अपने कब्जे में ले लिया। मृत जवान की पहचान अजय के रूप में हुई है, जो जम्मू एवं कश्मीर के रहने वाले थे।\n\nजींद नहर से बरामद हुआ दूसरे कमांडो का शव\nपहले जवान की बरामदगी के बाद भी रेस्क्यू टीमों ने दूसरे लापता सैनिक की खोज में अभियान जारी रखा। गुरुवार को घटना के करीब 45 घंटे बाद जींद नहर में सब्जी मंडी के पीछे पुलिस टीम को दूसरे कमांडो की देह मिली। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शव को बाहर निकाला और आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कीं। शुरुआती जांच और पहचान के आधार पर दूसरे मृत जवान की पहचान महाराष्ट्र निवासी सैनिक के रूप में की गई है। दोनों जवानों की असमय मृत्यु से उनके परिवारों और सैन्य दल में गहरा शोक व्याप्त है।\n\nनाहन ट्रेनिंग स्कूल से अभ्यास के लिए आए थे जवान\nयह दुखद दुर्घटना मंगलवार शाम लगभग 5 बजे उस समय घटी जब हिमाचल प्रदेश के नाहन स्थित आर्मी ट्रेनिंग स्कूल से आए स्पेशल पैरा कमांडो हथिनीकुंड बैराज में नियमित मॉकड्रिल कर रहे थे। अभ्यास योजना के तहत पांच जवानों ने चिनूक हेलीकॉप्टर से बैराज के पानी में छलांग लगाई थी। हालांकि, बैराज में पानी की गति और बहाव काफी तेज था, जिसकी चपेट में आकर उनकी नाव अचानक संतुलन खो बैठी और पलट गई। दुर्घटना के तुरंत बाद 20 किलोमीटर के व्यापक दायरे में बहु-स्तरीय सर्च ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें लगातार 45 घंटे की मशक्कत के बाद दोनों कमांडो के शव मिल सके।\n\nइसका आप पर असर\nयह समाचार सैन्य प्रशिक्षण और जल क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों से जुड़े महत्वपूर्ण पहलू उजागर करता है।\n\n• भारत में: सशस्त्र बलों के जल अभ्यासों के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को लेकर समीक्षा बढ़ सकती है। इससे अभ्यास स्थलों पर त्वरित बचाव उपकरणों की तैनाती अधिक सख्त होगी।\n• हरियाणा में: हथिनीकुंड बैराज और उससे जुड़ी नहरों के आसपास तेज बहाव वाले क्षेत्रों में स्थानीय रेस्क्यू टीमों तथा चेतावनी प्रणालियों को और अधिक सक्रिय किया जा सकता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. हथिनीकुंड बैराज में हादसा कब और कैसे हुआ?\nमंगलवार शाम करीब 5 बजे चिनूक हेलीकॉप्टर से पानी में छलांग लगाने के बाद तेज बहाव के कारण कमांडो की नाव पलट गई थी।\n\n2. हादसे के समय नाव में कितने जवान सवार थे?\nअभ्यास के दौरान कुल 5 जवान चिनूक से पानी में कूदे थे, जिनमें से 3 तैरकर सुरक्षित निकल आए और 2 बह गए थे।\n\n3. लापता कमांडो के शव कहाँ-कहाँ से बरामद हुए?\nएक कमांडो का शव उत्तर प्रदेश के बरथा कोरसी गांव में मछुआरों के जाल से मिला, जबकि दूसरे का शव जींद नहर में सब्जी मंडी के पीछे बरामद हुआ।\n\n4. ये सैनिक किस संस्थान से प्रशिक्षण के लिए आए थे?\nये सभी स्पेशल पैरा कमांडो हिमाचल प्रदेश के नाहन स्थित आर्मी ट्रेनिंग स्कूल से हथिनीकुंड अभ्यास के लिए पहुंचे थे।",
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  "category": "हरियाणा",
  "publishedAt": "2026-09-03",
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