# हिसार कोर्ट परिसर में दिनदहाड़े अंधाधुंध गोलीबारी, गैंगस्टर विनोद पानू की 10 गोलियां मारकर हत्या

> हरियाणा के हिसार कोर्ट परिसर में गुरुवार को बरी होकर निकल रहे गैंगस्टर विनोद पानू उर्फ काणा की ताबड़तोड़ गोलीबारी में मौत हो गई, जबकि दो साथी गंभीर रूप से घायल हो गए।

**Type:** article · **Category:** हरियाणा · **Published:** 2026-08-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/haryana/hisar-court-parisara-men-dinadahare-gaingavara-gaingastara-vinod-panu-ki-10-goliyan-marakara-hatya-19417 · **Language:** Hindi
**Tags:** हिसार गैंगवार, विनोद पानू हत्या, हिसार कोर्ट परिसर, हरियाणा पुलिस, अजीत पहलवान गैंग, सपरा अस्पताल हिसार, सिद्धार्थ जैन एसपी

हरियाणा के हिसार जिला अदालत परिसर में गुरुवार दोपहर उस समय सनसनी फैल गई जब अज्ञात हमलावरों ने गैंगस्टर विनोद पानू उर्फ काणा की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। हत्या के प्रयास के पांच साल पुराने एक मामले में बरी होने के तुरंत बाद कोर्ट परिसर से बाहर निकलते वक्त घात लगाए हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में विनोद पानू के शरीर में करीब 10 गोलियां लगीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के दौरान अदालत परिसर में अफरातफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। पुलिस की शुरुआती जांच में इस वारदात को 2008 से चली आ रही पुरानी गैंगवार और वर्चस्व की लड़ाई से जोड़कर देखा जा रहा है।

## अदालत परिसर के गेट पर हुआ हमला और वारदात का घटनाक्रम
अदालत के आधिकारिक रिकॉर्ड और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार को विनोद पानू अपने 11 अन्य साथियों के साथ हत्या के प्रयास से जुड़े पांच साल पुराने एक मुकदमे की सुनवाई के सिलसिले में हिसार अदालत में आया हुआ था। अदालत द्वारा बरी किए जाने का फैसला सुनाए जाने के बाद विनोद और उसके सहयोगी लग्जरी गाड़ियों के काफिले के साथ कोर्ट से बाहर निकलने की तैयारी कर रहे थे। इससे पहले विनोद पानू ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था जिसमें उसकी गाड़ियों का काफिला नजर आ रहा था। पुलिस इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि कहीं हमलावरों ने सोशल मीडिया पोस्ट से ही उसकी लाइव लोकेशन का पता तो नहीं लगाया था।

बताया जा रहा है कि विनोद पानू को अपनी जान पर हमले की पहले से आशंका थी। इसी सुरक्षा डर के कारण उसने अपनी लग्जरी गाड़ी को अदालत परिसर के बिल्कुल अंदर तक ले जाने का प्रयास किया था, परंतु मुख्य द्वार पर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने नियमों का हवाला देते हुए वाहन को भीतर प्रवेश करने से रोक दिया। इसके बाद जब विनोद पानू अपने साथियों के साथ पैदल ही कोर्ट की इमारत की ओर बढ़ रहा था, तभी पहले से घात लगाकर बैठे दो नकाबपोश बदमाशों ने उसे घेर लिया और हथियारों से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

## 14 राउंड चलीं गोलियां, 10 गोलियों से छलनी हुआ गैंगस्टर
गुरुवार दोपहर लगभग 2:00 बजे अंजाम दी गई इस दुस्साहसिक वारदात में हमलावरों ने ताबड़तोड़ 14 राउंड गोलियां चलाईं। इनमें से करीब 10 गोलियां सीधे विनोद पानू को जा लगीं, जिससे वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा। अचानक हुई इस भारी गोलीबारी से अदालत परिसर में भगदड़ मच गई। विनोद पानू पर गोलियां बरसाने के बाद दोनों हमलावर भीड़ का फायदा उठाकर भागने लगे। हालांकि, विनोद पानू के साथ मौजूद साथियों ने हिम्मत दिखाते हुए हमलावरों का पीछा किया और भागते हुए एक आरोपी को दबोच लिया।

खुद को घिरता देख आरोपी ने भागते-भागते दोबारा पिस्टल से गोली चलाई, जो पीछा कर रहे विनोद के साथी रविंद्र की जांघ में जा लगी। गोली लगने के बावजूद साथियों ने आरोपी को भागने नहीं दिया और उसे मजबूती से पकड़कर रखा। इसके बाद विनोद के साथी अपनी फॉर्च्यूनर गाड़ी में घायल विनोद पानू, रविंद्र और एक अन्य घायल योगेश को लेकर तत्काल हिसार के सपरा मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने जांच के बाद विनोद पानू को मृत घोषित कर दिया, जबकि दोनों घायल साथियों का आपातकालीन इलाज शुरू किया गया।

## सपरा अस्पताल में पांच घंटे की मैराथन सर्जरी और मेडिकल स्थिति
गोलीबारी की इस घटना में विनोद पानू के साथ मौजूद दो साथी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों की पहचान हांसी क्षेत्र के उमरा गांव निवासी रविंद्र और भिवानी जिले के मंडोली गांव निवासी योगेश के रूप में हुई है। हमलावर को पकड़ने के दौरान चली गोली रविंद्र के पेट में लगी थी, जिससे उसकी आंतों और अंदरूनी अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा था। सपरा मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल के डॉक्टर पंकज और डॉ. तरुण सपरा के नेतृत्व में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने रविंद्र का करीब पांच घंटे तक लंबा और जटिल ऑपरेशन किया।

चिकित्सकों के अनुसार, गोली रविंद्र के पेट को आर-पार चीरती हुई निकल गई थी, जिससे उसके मूत्रमार्ग (यूरेटर), मूत्राशय (ब्लैडर) और गुदा के पिछले हिस्से (रेक्टम) में गंभीर क्षति पहुंची थी। डॉक्टरों ने लगातार पांच घंटे की मैराथन सर्जरी के जरिए इन अंदरूनी अंगों की मरम्मत की है। रविंद्र की स्थिति फिलहाल गंभीर लेकिन स्थिर बनी हुई है और किसी भी प्रकार के अंदरूनी रक्तस्राव या संक्रमण से बचाव के लिए उसे 72 घंटे की गहन निगरानी में रखा गया है। वहीं दूसरे घायल योगेश को शुरुआती फायरिंग के दौरान गोलियों के छर्रे लगे थे, जिसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। फॉरेंसिक टीम गोलियों के नमूनों की जांच कर असलहे के प्रकार की पुष्टि कर रही है।

## 2008 की रंजिश: अजीत पहलवान गैंग से दुश्मनी और काणा नाम पड़ने की वजह
पुलिस जांच में सामने आया है कि विनोद पानू और उसका प्रतिद्वंद्वी अजीत पहलवान दोनों हिसार जिले के नारनौंद उपमंडल अंतर्गत थुराना गांव के निवासी हैं। वर्ष 2008 में गांव के भीतर वर्चस्व को लेकर दोनों गुटों के बीच रंजिश की शुरुआत हुई थी। पिछले 16 वर्षों के दौरान इस खूनी गैंगवार में दोनों तरफ से कई हिंसक झड़पें हुईं और कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। इसी पुरानी गैंगवार की एक झड़प के दौरान विनोद पानू की एक आंख में गंभीर चोट लगी थी और उसकी आंख की रोशनी चली गई थी, जिसके बाद से आपराधिक दुनिया में उसे 'काणा' के उपनाम से जाना जाने लगा था।

विनोद पानू उर्फ काणा का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा रहा है। हिसार पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती और रंगदारी समेत कुल 31 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। उस पर हिसार की विधायक सावित्री जिंदल के निजी सहायक (पीए) की हत्या करवाने की साजिश रचने का भी गंभीर आरोप था। जानकारी के मुताबिक, प्रतिद्वंद्वी गैंग का सरगना अजीत पहलवान करीब दो महीने पहले ही जमानत पर जेल से बाहर आया था, जबकि विनोद पानू भी कुछ दिन पूर्व करनाल जेल से जमानत पर छूटा था। दोनों के जेल से बाहर आने के बाद से ही क्षेत्र में फिर से गैंगवार भड़कने की आशंका जताई जा रही थी।

## पुलिस कार्रवाई, एक आरोपी गिरफ्तार और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
घटना की जानकारी मिलते ही हिसार के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सिद्धांत जैन भारी पुलिस बल के साथ कोर्ट परिसर और अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने पूरे अदालत परिसर को सील कर फॉरेंसिक टीमों की मदद से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मौके से गोलियों के 14 खाली खोल बरामद किए हैं। विनोद पानू के साथियों द्वारा मौके पर दबोचे गए हमलावर की पहचान खरड़ गांव के निवासी राकेश पुत्र बलराज के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी राकेश पर भी पहले से 7 आपराधिक मामले दर्ज हैं और पुलिस ने उसके पास से वारदात में इस्तेमाल अवैध हथियार बरामद कर लिया है।

हिसार पुलिस गिरफ्तार आरोपी से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि वारदात की पूरी साजिश, हत्या के मुख्य सूत्रधार और दूसरे फरार हमलावर का सुराग हासिल किया जा सके। कोर्ट परिसर जैसे अति-सुरक्षित क्षेत्र के भीतर दिनदहाड़े हुई इस हत्या कांड ने प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन किया गया है और जल्द ही पूरी साजिश का पर्दाफाश किया जाएगा।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** जिला अदालत परिसरों में सुरक्षा में गंभीर चूक और गैंगवार की घटनाएं देश भर के कोर्ट परिसरों में मेटल डिटेक्टर, सीसीटीवी और गेट चेकिंग को अत्यधिक सख्त बनाने की वजह बनेंगी।

**हरियाणा में:** हिसार और आसपास के क्षेत्रों में अदालती परिसरों में गाड़ियों के प्रवेश और सुरक्षा जांच के नियमों को कड़ा किया जाएगा ताकि कचहरी आने वाले वकीलों और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

## सवाल-जवाब

### 1. हिसार कोर्ट परिसर में किसकी हत्या हुई?
हिसार कोर्ट परिसर में बरी होकर बाहर निकल रहे गैंगस्टर विनोद पानू उर्फ काणा की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई।

### 2. विनोद पानू की हत्या के पीछे किस गैंग का नाम सामने आ रहा है?
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार थुराना गांव की 2008 से चली आ रही पुरानी रंजिश के तहत अजीत पहलवान गैंग का नाम सामने आ रहा है।

### 3. गोलीबारी में कौन-कौन घायल हुआ और उनकी मेडिकल स्थिति कैसी है?
विनोद के दो साथी रविंद्र और योगेश घायल हुए हैं; रविंद्र के पेट में गंभीर गोली लगने के बाद पांच घंटे की सर्जरी की गई और उसे 72 घंटे की निगरानी में रखा गया है।

### 4. वारदात के बाद पुलिस ने किस आरोपी को गिरफ्तार किया है?
मौके से भाग रहे हमलावर खरड़ गांव निवासी राकेश को विनोद के साथियों ने दबोच लिया, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर हथियार बरामद किया है।

### 5. विनोद पानू पर कुल कितने आपराधिक मामले दर्ज थे?
विनोद पानू उर्फ काणा पर हत्या, हत्या के प्रयास और लूट समेत कुल 31 आपराधिक मामले दर्ज थे।

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