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  "type": "article",
  "title": "आईडीएफसी बैंक गबन मामले में छह वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों पर सीबीआई का शिकंजा, कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आईं",
  "summary": "हरियाणा और चंडीगढ़ के 604 करोड़ रुपये के आईडीएफसी बैंक घोटाले में सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल कर छह वरिष्ठ नौकरशाहों समेत सत्रह लोगों को नामजद किया है। मामले में सरकारी धन की हेराफेरी, महंगे होटलों की बुकिंग और अवैध लेन-देन की विस्तृत कड़ियां उजागर हुई हैं।",
  "content": "हरियाणा और चंडीगढ़ के सरकारी विभागों से जुड़े 604 करोड़ रुपये के बहुचर्चित वित्तीय घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने अपनी औपचारिक चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस पूरे प्रकरण में बैंक अधिकारियों और वरिष्ठ नौकरशाहों की मिलीभगत से सरकारी खजाने में बड़े पैमाने पर सेंधमारी की गई थी। जांच एजेंसी की इस चार्जशीट में कुल 17 आरोपियों को नामजद किया गया है, जिनमें हरियाणा कैडर के छह वरिष्ठ आईएएस अधिकारी भी शामिल हैं। सरकारी खातों की जमा पूंजी को अवैध रूप से ठिकाने लगाने और उसके बदले व्यक्तिगत सुख-सुविधाएं हासिल करने के कई तथ्य इस जांच में सामने आए हैं।\n\nजांच के दायरे में आए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी\nकेंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा अदालत में पेश की गई चार्जशीट में नामजद किए गए छह वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों में साकेत कुमार, राम कुमार सिंह, पंकज अग्रवाल, प्रदीप कुमार, विनीत गर्ग और मोहम्मद शाइन शामिल हैं। इन अधिकारियों पर बैंक कर्मियों के साथ सांठगांठ कर सरकारी धन के गबन में संलिप्त रहने के आरोप हैं। जांच में यह रेखांकित किया गया है कि प्रशासनिक पदों पर रहते हुए इन अधिकारियों ने आईडीएफसी बैंक और एयू स्माल फाइनेंस बैंक में खुले सरकारी खातों की निगरानी और प्रबंधन में गंभीर गड़बड़ियों को अंजाम दिया। इन खातों में मौजूद 600 करोड़ रुपये से अधिक की सरकारी धनराशि को साजिश के तहत खुर्द-बुर्द किया गया था। हालांकि वित्तीय गड़बड़ी उजागर होने के बाद बैंक को यह समूची रकम सरकार को वापस लौटानी पड़ी थी।\n\nपंकज अग्रवाल और बैंक अधिकारी के बीच साठगांठ का ब्योरा\nचार्जशीट के ब्योरे के अनुसार तत्कालीन स्कूल शिक्षा विभाग के आयुक्त एवं सचिव तथा बाद में कृषि विभाग के प्रमुख सचिव पद पर तैनात रहे पंकज अग्रवाल के मामलों में कई अहम खुलासे हुए हैं। बैंक अधिकारी रिभव ऋषि द्वारा अग्रवाल के लिए महंगे होटलों में ठहरने, खानपान और मनोरंजन के आयोजनों का पूरा खर्च वहन किया गया था। नवंबर 2025 से जनवरी 2026 के दौरान पंचकूला के निकट जीरकपुर स्थित एक निजी होटल में चार बार मुजरा पार्टियां आयोजित की गईं। इन सभी आयोजनों में नृत्य कलाकारों के मानदेय, भोजन तथा शराब पर हुआ समूचा खर्च रिभव ऋषि ने अपनी जेब और अवैध माध्यमों से चुकाया था।\n\nहोटल बुकिंग और निजी आयोजनों पर हुआ भारी खर्च\nवित्तीय लेन-देन के दस्तावेजी साक्ष्यों से स्पष्ट हुआ है कि 24 दिसंबर 2025 को चंडीगढ़ के ट्रिब्यून चौक के समीप स्थित एक निजी होटल में महिला को बुलाया गया था, जिसका पूरा भुगतान रिभव के करीबी सहयोगी अभय कुमार द्वारा किया गया। इसके बाद 10 जनवरी 2026 को मोहाली के एक होटल में लग्जरी सुइट बुक कराया गया और वहां भी महिला को बुलाया गया, जिसकी एवज में 75,000 रुपये का भुगतान रिभव ऋषि के पैसों से किया गया था। इससे पहले अक्टूबर 2025 में नई दिल्ली स्थित एक होटल की बुकिंग भी रिभव ऋषि के क्रेडिट कार्ड के जरिए कराई गई थी। इसी माह अक्टूबर 2025 में पंकज अग्रवाल की पत्नी के लिए चंडीगढ़ के एक होटल में एक निजी पार्टी आयोजित की गई थी, जिसके तमाम खर्चों का भुगतान रिभव ऋषि ने नकद राशि देकर किया था।\n\nप्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी और हवाला कड़ियां\nआईडीएफसी बैंक और एयू स्माल फाइनेंस बैंक में संचालित सरकारी खातों के बैलेंस में हेरफेर की जांच अब धन शोधन के कोण से भी की जा रही है। इस सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय ने हाल ही में मंगलवार को कई सराफा कारोबारियों और हवाला ऑपरेटरों के ठिकानों पर व्यापक छापेमारी की। जांच एजेंसी ने मलिक ज्वेलर्स, केएलजी ज्वेल्स, श्याम ज्वैलर्स, एमबी गोल्ड ट्रेडर्स, सुंदर ज्वेलर्स और गौरव कंसल के परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। जांच के मुताबिक गौरव कंसल ने गबन की गई रकम को विभिन्न बैंक खातों में स्थानांतरित करने, कई स्तरों पर घुमाने और उसकी मनी लॉन्ड्रिंग करने में अहम बिचौलिए का काम किया था।\n\nइसका आप पर असर\nसरकारी खातों में 604 करोड़ रुपये के घोटाले की यह जांच प्रशासनिक जवाबदेही और बैंकिंग सुरक्षा प्रणाली को सीधे तौर पर प्रभावित करती है।\n\n• हरियाणा और चंडीगढ़ में: राज्य सरकार के विभागों में जमा सार्वजनिक धन की सुरक्षा को लेकर सख्त ऑडिट नियम लागू किए जा सकते हैं। इससे प्रशासनिक स्तर पर वित्तीय मंजूरियों और बैंक लेन-देन की जांच प्रक्रिया काफी कड़ी हो जाएगी।\n• भारत में: सरकारी संस्थानों और वाणिज्यिक बैंकों के बीच संस्थागत खातों के संचालन के नियमों में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। नियामक संस्थाएं सरकारी बचत और चालू खातों के बैलेंस सत्यापन को लेकर नए दिशानिर्देश जारी कर सकती हैं।\n• आम खाताधारकों पर: बैंकों में बड़े कॉरपोरेट और संस्थागत खातों की आंतरिक निगरानी बढ़ने से वित्तीय अनुशासन मजबूत होगा। साधारण खाताधारकों के लिए यह आश्वासन बनता है कि प्रणालीगत चूकों पर कानूनी कार्रवाई त्वरित हो रही है।\n• ज्वैलरी और सराफा बाजार में: बड़े आभूषण कारोबारियों और संदिग्ध वित्तीय मध्यस्थों पर जांच एजेंसियों की सतर्कता बढ़ेगी। उच्च मूल्य के नकद और सोना लेन-देन पर जांच का दायरा पहले से अधिक सख्त रहेगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह घोटाला बैंक कर्मचारियों और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के बीच सांठगांठ तथा खातों की नियमित निगरानी न होने के कारण संभव हुआ। आरोपियों ने सरकारी धन को निजी उपभोग और हवाला नेटवर्कों में स्थानांतरित करने के लिए संस्थागत चूकों का सहारा लिया।\n\n• मिलीभगत और संस्थागत चूक: बैंक कर्मचारियों ने उच्च पदस्थ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर सरकारी विभागों के जमा खातों में हेराफेरी की। खातों के वास्तविक बैलेंस और विवरणों को छुपाकर 604 करोड़ रुपये की भारी रकम बाहर निकाली गई।\n• निजी लाभ और अनुचित सुविधाएं: बैंक अधिकारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावित करने के लिए आलीशान होटलों, यात्राओं और पार्टियों का भारी खर्च उठाया। इस अनुचित लेन-देन के बदले सरकारी खातों की जमा राशि को मनमाने ढंग से संचालित करने की छूट ली गई।\n• हवाला और मध्यस्थों का नेटवर्क: गबन की गई रकम को तुरंत पकड़ में आने से बचाने के लिए सराफा कारोबारियों और बिचौलियों के जरिए कई खातों में घुमाया गया। जांच एजेंसियों द्वारा खातों की फॉरेंसिक पड़ताल के बाद यह पूरी वित्तीय साजिश उजागर हुई।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. आईडीएफसी बैंक घोटाला कितने करोड़ रुपये का है?\nयह घोटाला हरियाणा और चंडीगढ़ के सरकारी विभागों से जुड़े 604 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का है।\n\n2. सीबीआई की चार्जशीट में कुल कितने आरोपियों को नामजद किया गया है?\nसीबीआई ने अपनी चार्जशीट में छह आईएएस अधिकारियों समेत कुल 17 आरोपियों को नामजद किया है।\n\n3. चार्जशीट में किन छह आईएएस अधिकारियों के नाम शामिल हैं?\nचार्जशीट में साकेत कुमार, राम कुमार सिंह, पंकज अग्रवाल, प्रदीप कुमार, विनीत गर्ग और मोहम्मद शाइन के नाम शामिल हैं।\n\n4. आईएएस पंकज अग्रवाल पर क्या विशिष्ट आरोप लगाए गए हैं?\nपंकज अग्रवाल पर बैंक अधिकारी रिभव ऋषि के पैसों पर जीरकपुर, चंडीगढ़ और दिल्ली के होटलों में रुकने और निजी पार्टियां आयोजित कराने के आरोप हैं।\n\n5. प्रवर्तन निदेशालय ने किन प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की है?\nप्रवर्तन निदेशालय ने मलिक ज्वेलर्स, केएलजी ज्वेल्स, श्याम ज्वैलर्स, एमबी गोल्ड ट्रेडर्स, सुंदर ज्वेलर्स और गौरव कंसल के ठिकानों पर छापे मारे।\n\n6. क्या सरकार को घोटाले का पैसा वापस मिल गया है?\nहां, वित्तीय गड़बड़ी सामने आने के बाद बैंक को गबन की गई पूरी राशि सरकार को लौटानी पड़ी थी।",
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  "category": "हरियाणा",
  "publishedAt": "2026-09-30",
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