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  "type": "article",
  "title": "जींद के करसिंधु में बाल विवाह की कोशिश नाकाम, अधिकारियों ने बारात लौटाई",
  "summary": "जींद जिले के करसिंधु गांव में प्रशासन की मुस्तैदी से तीन नाबालिगों का विवाह रुक गया। अधिकारियों ने कागजातों की जांच कर बारात को बैरंग वापस भेज दिया।",
  "content": "जींद जिले के करसिंधु गांव में बाल विवाह निषेध अधिकारी कार्यालय की टीम ने समय रहते बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन नाबालिग बच्चों की शादी होने से बचा ली है। गुप्त सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक टीम ने तत्परता दिखाते हुए विवाह स्थल पर धावा बोला और नाबालिगों के फेरे रुकवाते हुए परिजनों को सख्त हिदायत दी। इस पूरी कार्रवाई के बाद परिवारों ने भविष्य में बालिग होने पर ही विवाह करने का लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद बारात को बिना दुल्हनों के ही वापस लौटना पड़ा।\n\n \n\nकैसे मिली अधिकारियों को भनक और किसने की कार्रवाई\n\nबाल विवाह निषेध अधिकारी को एक गोपनीय सूचना मिली थी कि करसिंधु गांव में दो नाबालिग लड़कियों की शादी की रस्में निभाई जा रही हैं और हिसार जिले के मिर्जापुर गांव से बारात आने वाली है। इस सूचना के आधार पर रवि लोहान के साथ महिला थाना से आरती, रीतु, नीलम, सुरेश, दीपक, विनोद, जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन एवं एम डी डी ऑफ इंडिया के जिला समन्वयक नरेंद्र शर्मा और वीएसी मनीष ने तुरंत एक संयुक्त टीम बनाकर विवाह स्थल पर दबिश दी।\n\n \n\nकागजातों की जांच में खुली पोल और तीन घंटे चला सत्यापन\n\nजब टीम ने मौके पर पहुंचकर परिजनों से दुल्हनों के जन्म प्रमाण पत्र और आयु से जुड़े कागजात मांगे, तो उन्होंने पहले मामले को टालने का प्रयास किया और दावा किया कि लड़कियां बालिग हैं। हालांकि, जब अधिकारियों ने सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी, तो लगभग तीन घंटे चली माथापच्ची और सबूतों की जांच के बाद दोनों दुल्हनें 18 वर्ष से कम उम्र की पाई गईं। इसके बाद दूल्हे बने लड़कों के दस्तावेजों की भी जांच की गई, जिसमें से एक दूल्हा भी निर्धारित कानूनी आयु 21 वर्ष से कम उम्र का निकला।\n\n \n\nअशिक्षा का दिया हवाला और परिवारों की मजबूरी\n\nदस्तावेजी जांच के दौरान परिजनों ने सफाई देते हुए कहा कि लड़कियों के माता-पिता अनपढ़ हैं और उन्हें बाल विवाह से जुड़े कानूनों की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि शादी का खर्च बचाने के लिए वे जल्दबाजी में यह कदम उठा रहे थे। इस पर अधिकारियों ने उन्हें समझाया कि तीनों बच्चे कानूनन नाबालिग हैं, इसलिए उनके बालिग होने तक इंतजार करना ही समझदारी है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि बालिग होने पर शादी करने से सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी मिल सकेगा, जबकि नाबालिग विवाह करवाने पर गंभीर कानूनी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।\n\n \n\nपरिवारों ने दी लिखित सहमति और बिना दुल्हन लौटी बारात\n\nअधिकारियों की समझाइश और सख्त रुख के बाद दोनों पक्षों के परिवार अपनी गलती मान गए और उन्होंने स्वेच्छा से विवाह समारोह को स्थगित करने का फैसला किया। परिजनों ने महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध विभाग के अधिकारियों को एक लिखित बयान सौंपा, जिसमें यह वादा किया गया कि वे कानून का पूरा सम्मान करेंगे और बच्चों के वयस्क होने के बाद ही उनका विवाह करेंगे। इस प्रशासनिक हस्तक्षेप के परिणामस्वरुप हिसार के मिर्जापुर गांव से आई बारात बिना दुल्हनों के ही खाली हाथ अपने घर लौट गई।\n\nइसका आप पर असर\nयह घटना बाल संरक्षण और कानूनी नियमों के प्रति समाज में जागरूकता की जरूरत को सीधे तौर पर रेखांकित करती है।\n\n• भारत भर में: देश भर में बाल विवाह के खिलाफ कड़े कानूनों का पालन सख्ती से किया जा रहा है और ऐसे मामलों में प्रशासनिक दखल से परिवारों को कानूनी मुश्किलों से बचाया जाता है।\n\n• जींद में: स्थानीय निवासियों और अभिभावकों को यह संदेश मिलता है कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर प्रशासन की पैनी नजर है और नियम तोड़ने पर तुरंत कानूनी कार्रवाई होगी।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह घटना गुप्त सूचना और प्रशासन की समय पर की गई सतर्कता के कारण सामने आई, जिसके तहत नियमों की अनदेखी करने पर रोक लगाई गई।\n\n• गोपनीय सूचना: महिला संरक्षण विभाग को गांव में नाबालिगों की शादी होने की गुप्त जानकारी मिली थी जिसके आधार पर टीम गठित की गई।\n\n• दस्तावेजी जांच: परिजनों द्वारा उम्र छिपाने के प्रयास के बाद अधिकारियों ने तीन घंटे तक गहन कागजी जांच की और आयु कम पाई।\n\n• अशिक्षा और खर्च: परिवारों द्वारा अनपढ़ होने और शादी का खर्च बचाने की मजबूरी बताने के बाद अधिकारियों ने उन्हें कानूनी परिणामों से अवगत कराया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. जींद के किस गांव में बाल विवाह रोका गया?\nजींद जिले के करसिंधु गांव में बाल विवाह रोका गया।\n\n2. बारात किस जिले से आने वाली थी?\nबारात हिसार जिले के गांव मिर्जापुर से आने वाली थी।\n\n3. लड़कियों की उम्र जांच में कितनी पाई गई?\nजांच में दोनों दुल्हनों की उम्र 18 वर्ष से कम पाई गई।\n\n4. कितने घंटे तक दस्तावेजों की जांच चली?\nलगभग तीन घंटे तक जन्म से संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई।\n\n5. परिजनों ने अधिकारियों को क्या दिया?\nपरिजनों ने बच्चों के बालिग होने पर ही शादी करने का लिखित बयान दिया।",
  "url": "https://trendkia.com/haryana/jinda-ke-karasindhu-men-bala-vivaha-ki-koshisha-nakama-adhikariyon-ne-barata-lautai-49103",
  "category": "हरियाणा",
  "publishedAt": "2026-10-18",
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    "बाल विवाह",
    "जींद",
    "करसिंधु",
    "प्रशासनिक कार्रवाई",
    "नाबालिग विवाह"
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  "site": "TrendKia"
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