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  "type": "article",
  "title": "जींद के तलोंडा गांव में जमीन विवाद के चलते पूर्व सरपंच ने की बेटे की हत्या, मौके से सात कारतूस बरामद",
  "summary": "हरियाणा के जींद जिले के तलोंडा गांव में जमीन के बंटवारे को लेकर हुए विवाद के बाद पूर्व सरपंच और पूर्व पुलिस अधिकारी ने अपने इकलौते बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक की पत्नी ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।",
  "content": "हरियाणा के जींद जिले में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ जमीन के बंटवारे को लेकर उपजे विवाद के चलते एक पिता ने अपने ही इकलौते बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी। यह सनसनीखेज वारदात जींद के तलोंडा गांव में 14 अक्तूबर की रात को अंजाम दी गई। आरोपी पिता मदनलाल ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से बेटे मुरारी पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।\n\nविवाद और वारदात की पूरी पृष्ठभूमि\nप्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी मदनलाल चंडीगढ़ पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के पद पर सेवाएं दे चुका है। पुलिस की नौकरी छोड़ने के बाद उसने चंडीगढ़ में घी की एक फैक्ट्री की शुरुआत की थी। इसके कुछ समय बाद उसने चंडीगढ़ में ही एक होटल का संचालन भी शुरू किया था। मृतक 26 वर्षीय मुरारी अपनी पत्नी और अढ़ाई साल के बेटे के साथ तलोंडा गांव में ही रहता था। इसके विपरीत, आरोपी मदनलाल अपनी पत्नी और छोटी बेटी के साथ चंडीगढ़ में ही निवास करता था, जबकि उसकी बड़ी बेटी विदेश में रह रही है। मदनलाल हाल ही में किसी शादी समारोह में शामिल होने के लिए अपनी पत्नी के साथ गांव आया था और कार्यक्रम के समापन के बाद रात के वक्त अपने पैतृक घर पहुंचा था, जहां पिता और पुत्र के बीच जमीन के बंटवारे को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई।\n\nगोलीबारी और मौके का घटनाक्रम\nतलोंडा गांव में हुई इस खौफनाक वारदात को लेकर मृतक मुरारी की पत्नी शिवानी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। शिवानी का दावा है कि 14 अक्तूबर के दिन ही उसके पति मुरारी की हत्या की एक सोची-समझी साजिश रची गई थी। उसके अनुसार, गांव के ही रहने वाले कमलू और गुरबख्श नाम के व्यक्ति उसके पति को घर से बुलाकर अपने साथ ले गए थे। संभावित खतरे को भांपते हुए मुरारी ने पहले ही डायल-112 पर कॉल करके पुलिस को आपातकालीन सूचना दे दी थी। शिवानी ने बताया कि जब मुरारी गुरबख्श के घर पहुंचा, तो वहां उसकी सास मंजीत कौर ने ससुर मदनलाल की तरफ इशारा किया, जिसके तुरंत बाद मदनलाल ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर निकालकर मुरारी पर गोलियां बरसा दीं। इस दौरान अभिषेक, अरवीन, अजय, मंजीत और प्रवीण जैसे अन्य ग्रामीण भी मौके पर मौजूद थे। मुरारी के सिर, गर्दन, छाती के पास और पेट में गोलियां लगीं, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वारदात स्थल से पुलिस को कुल 7 खाली खोल बरामद हुए हैं, जबकि मुरारी को चार गोलियां लगने की पुष्टि हुई है।\n\nपुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल\nइस पूरे मामले में मृतक की पत्नी शिवानी ने पुलिस प्रशासन पर भी गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। शिवानी का कहना है कि जब ससुर ने फायरिंग शुरू की, उसी दौरान डायल-112 की आपातकालीन पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन पुलिसकर्मी गोलीबारी की आवाज सुनकर और हालात को देखकर मौके से भाग खड़े हुए। हालांकि, इस आरोप के जवाब में सदर थाना पुलिस का यह पक्ष सामने आया है कि पुलिस टीम आरोपियों को गिरफ्तार करने के उद्देश्य से ही वहां गई थी। इसके अलावा शिवानी ने यह भी खुलासा किया कि मुरारी ने जून के महीने में अपने पिता के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई थी। उसका आरोप था कि पुलिस ने उचित कानूनी कार्रवाई करने के बजाय केवल मुरारी को बार-बार थाने बुलाया और उस पर समझौते का भारी दबाव बनाया। मृतका की पत्नी ने अपने ससुर और सास पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने, उसके चरित्र पर झूठे सवाल उठाने और पति को जान से मारने की धमकियां देने के भी गंभीर आरोप लगाए हैं।\n\nदर्ज मुकदमे और आगे की कार्रवाई\nसदर थाना प्रभारी कमल सिंह ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मृतक मुरारी की पत्नी शिवानी की लिखित शिकायत के आधार पर कुल 6 लोगों के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस मामले में आरोपी पिता मदनलाल, मां मंजीत कौर, ननद पूजा, वंदना तथा ग्रामीण गुरबख्श और कमलू को नामजद किया गया है। घटना के बाद से मुख्य आरोपी मदनलाल लगातार फरार चल रहा है और पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मामले की चल रही गहन जांच के आधार पर आगामी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह दुखद घटना जमीन के बंटवारे को लेकर परिवार के भीतर उपजे गहरे मनमुटाव और वित्तीय खींचतान के कारण घटी। पिता और पुत्र के बीच लंबे समय से चल रहे पारिवारिक तनाव और दहेज प्रताड़ना के आरोपों ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने की पृष्ठभूमि तैयार की।\n\n• परिवारिक विवाद:जमीन का बंटवारा: पिता और पुत्र के बीच पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया।\n• पूर्व पृष्ठभूमि:आपसी तनाव: पूर्व में भी मृतक द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराने से परिवार के भीतर कटुता और बढ़ गई थी।\n• नियोजित साजिश:साजिश के आरोप: पीड़ित पक्ष के अनुसार हत्या से पहले ही पूरी योजना बनाई गई थी और षड्यंत्र के तहत बुलाया गया था।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. यह घटना किस स्थान पर घटी?\nयह घटना हरियाणा के जींद जिले के तलोंडा गांव में घटी।\n\n2. मृतक का नाम क्या था और उसकी उम्र क्या थी?\nमृतक का नाम मुरारी था और उसकी उम्र 26 वर्ष थी।\n\n3. आरोपी पिता का क्या नाम है और उसकी पृष्ठभूमि क्या है?\nआरोपी पिता का नाम मदनलाल है, जो चंडीगढ़ पुलिस में सब-इंस्पेक्टर रह चुका है और तलोंडा गांव का पूर्व सरपंच भी रहा है।\n\n4. वारदात के पीछे मुख्य वजह क्या थी?\nपिता और पुत्र के बीच जमीन के बंटवारे को लेकर चल रहा विवाद इस हत्या की मुख्य वजह था।\n\n5. पुलिस ने कितने लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है?\nपुलिस ने मृतक की पत्नी की शिकायत पर पिता, मां, दो ननदों और दो ग्रामीणों समेत कुल 6 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।",
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  "category": "हरियाणा",
  "publishedAt": "2026-10-16",
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    "जींद हत्या",
    "हरियाणा अपराध",
    "तलोंडा गांव",
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    "चंडीगढ़ पुलिस"
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