कालूपुर गांव में उपले के विवाद पर हुई हत्या के मामले में एक ही कुनबे के छह लोगों को आजीवन कारावास हरियाणा के सोनीपत जिले की एक अदालत ने जून 2021 में उपले के मामूली झगड़े के बाद हुए जगदीश हत्याकांड में छह अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषियों पर आर्थिक जुर्माना लगाने के साथ ही जुर्माने की राशि में से डेढ़ लाख रुपये पीड़ित परिवार को देने का आदेश दिया। हरियाणा स्थित सोनीपत के कालूपुर गांव में हुए चर्चित जगदीश हत्याकांड में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष चंद्र सिरोही की अदालत ने इस मामले में सुनवाई पूरी करते हुए एक ही परिवार से ताल्लुक रखने वाले छह अभियुक्तों को दोषी पाया और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई। न्यायालय ने दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया है, जिसमें से प्राप्त राशि का एक बड़ा हिस्सा पीड़ित पक्ष को आर्थिक सहायता के रूप में प्रदान करने का निर्देश दिया गया है। इस फैसले के बाद लगभग 5 साल पुराने मामले में पीड़ित परिवार को आखिरकार इंसाफ मिल गया है। थाने जाते वक्त रास्ते में किया था जानलेवा हमला मामले की पृष्ठभूमि 3 जून 2021 की है, जब कालूपुर गांव में उपले रखने को लेकर पड़ोसियों के बीच मामूली विवाद शुरू हुआ था। देखते ही देखते यह बहस उग्र झगड़े में तब्दील हो गई। घटना के बाद जब पीड़ित परिवार मामले की शिकायत दर्ज कराने के उद्देश्य से पुलिस स्टेशन की ओर जा रहा था, तब आरोपियों ने रास्ते में उन्हें घेर लिया। हमलावरों ने पूर्व नियोजित साजिश के तहत कुल्हाड़ी, लाठी-डंडों और लोहे के पाइप जैसे घातक हथियारों से परिवार पर धावा बोल दिया। इस हिंसक हमले में गंभीर चोटें आने के कारण शिकायतकर्ता संतरा के पति जगदीश की मृत्यु हो गई थी। अदालत का फैसला और धाराओं के तहत तय हुई सजा अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सुरेश, संतरो, अमित, सुमित, रमेश और सिकंदर को हत्या तथा साजिश रचने का दोषी ठहराया। न्यायाधीश सुभाष चंद्र सिरोही ने इन सभी छह दोषियों को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120B और धारा 302 के अंतर्गत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। कोर्ट ने आईपीसी की धारा 148 के तहत दोषियों को 1 साल की अतिरिक्त कैद और 2,500 रुपये के जुर्माने की सजा दी, जबकि धारा 149 के अंतर्गत 6 महीने की कैद और 1,000 रुपये का जुर्माना निर्धारित किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि वसूले गए कुल जुर्माने में से 1 लाख 50 हजार रुपये की राशि मृतक जगदीश के परिजनों को दी जाएगी। 70 गवाहों की गवाही के बाद मिला पीड़ित परिवार को न्याय मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए सरकारी अधिवक्ता रोशनी दुहन ने अदालत के समक्ष तमाम तथ्य रखे। उन्होंने बताया कि दोनों पक्ष आपस में पड़ोसी थे और उपले को लेकर शुरू हुए विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया था। आरोपियों ने जानबूझकर हमले को अंजाम दिया जिससे जगदीश की जान चली गई। मुकदमे की प्रक्रिया के दौरान कुल 70 लोगों की गवाही दर्ज करवाई गई, जिनके बयानों और सबूतों के आधार पर तीन अलग-अलग धाराओं में दोषियों को दंडित किया गया। इसका आप पर असर सोनीपत के कालूपुर गांव में सामने आए इस अदालती फैसले का स्थानीय निवासियों और व्यापक समाज पर सीधा प्रभाव पड़ता है। • भारत में: यह फैसला यह संदेश देता है कि आपसी रंजिश या मामूली विवादों में हिंसा का सहारा लेने वालों को कड़ी कानूनी सजा भुगतनी होगी। इससे देश भर में न्यायिक प्रक्रियाओं पर जनता का विश्वास मजबूत होता है। • हरियाणा में: सोनीपत और हरियाणा के ग्रामीण इलाकों में छोटे विवादों को हिंसक रूप देने से रोकने के लिए यह सख्त फैसला एक बड़ा सबक पेश करता है। • पीड़ित परिवारों के लिए: अदालत द्वारा जुर्माने की राशि में से 1.5 लाख रुपये पीड़ित परिवार को देने का आदेश वित्तीय राहत और कानूनी न्याय का एक महत्वपूर्ण संतुलन सुनिश्चित करता है। • स्थानीय कानून व्यवस्था: 70 गवाहों के बयानों के आधार पर मिली सजा से ग्रामीण क्षेत्रों में गवाही देने वाले नागरिकों का मनोबल बढ़ता है और पुलिस जांच प्रक्रिया को मजबूती मिलती है। ऐसा क्यों हुआ यह दुखद घटना पड़ोसियों के बीच मामूली बात पर हुए विवाद के हिंसक रूप लेने के कारण घटी। • उपले को लेकर विवाद: 3 जून 2021 को सोनीपत के कालूपुर गांव में पड़ोसियों के बीच उपले रखने को लेकर कहासुनी हुई थी, जिसने तूल पकड़ लिया। • रास्ते में घेरकर हमला: जब पीड़ित परिवार पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराने जा रहा था, तब आरोपी पक्ष ने रास्ते में घात लगाकर कुल्हाड़ी, लाठी-डंडे और लोहे के पाइप से उन पर जानलेवा हमला कर दिया। • गंभीर चोटों से मौत: इस पूर्व नियोजित हमले में संतरा के पति जगदीश को गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। • अदालती सजा का कारण: अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत 70 गवाहों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने छह आरोपियों को हत्या और साजिश का दोषी माना। सवाल-जवाब 1. सोनीपत की अदालत ने जगदीश हत्याकांड में क्या फैसला सुनाया? अदालत ने एक ही परिवार के छह दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है और उन पर वित्तीय जुर्माना भी लगाया है। 2. जगदीश हत्याकांड की घटना कब और कहां हुई थी? यह वारदात 3 जून 2021 को हरियाणा के सोनीपत जिले में स्थित कालूपुर गांव में हुई थी। 3. हत्याकांड के पीछे मुख्य वजह क्या थी? यह विवाद पड़ोसियों के बीच उपले रखने की मामूली बात पर शुरू हुआ था, जो बाद में हिंसक हमले में बदल गया। 4. अदालत ने दोषियों पर कितना जुर्माना लगाया और उसमें से पीड़ित परिवार को कितना मिलेगा? दोषियों पर अलग-अलग धाराओं के तहत जुर्माना लगाया गया है, जिसमें से कुल 1.5 लाख रुपये पीड़ित परिवार को दिए जाएंगे। 5. इस मामले में कुल कितने गवाहों के बयान दर्ज किए गए? अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 70 गवाहों की गवाही दर्ज करवाई गई। https://trendkia.com/haryana/kalupur-ganva-men-upale-ke-vivada-para-hui-hatya-ke-mamale-men-eka-hi-kunabe-ke-chhaha-logon-ko-ajivana-karavasa-29998 TrendKia — Har trend, sabse pehle.