करवा चौथ की खरीदारी को लेकर अंबाला कपड़ा बाजार गुलजार, 150 रुपये से 25 हजार तक के डिजाइनर परिधानों की भारी मांग करवा चौथ के मौके पर अंबाला के कपड़ा बाजार में पारंपरिक लाल रंग के अलावा नए कट्स, राजस्थानी सूट और शरारा सेट की जबरदस्त बिक्री हो रही है। थोक दरों पर उपलब्ध इन परिधानों को खरीदने पड़ोसी राज्यों से भी ग्राहक पहुंच रहे हैं। करवा चौथ का पर्व नजदीक आते ही बाजारों में त्योहारी रौनक अपने चरम पर पहुंच गई है। सुहागिन महिलाएं पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं और पूरे सोलह श्रृंगार के साथ इस विशेष दिन का उत्सव मनाती हैं। इस पावन अवसर की पूर्व तैयारियों में परिधानों की खरीद सबसे अहम मानी जाती है। इसी सिलसिले में अंबाला शहर स्थित एशिया के सबसे बड़े कपड़ा मार्केट में इन दिनों महिलाओं की भारी चहल-पहल देखी जा रही है। इस बार खरीदारी का रुझान केवल पारंपरिक लाल रंग तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाएं नए दौर के फैशन ट्रेंड, बारीक़ कढ़ाई और अलग-अलग तरह के डिजाइनों को भी खुले दिल से चुन रही हैं। गहरे रंगों और नए कट्स का क्रेज बाजार का रुख इस बार काफी बदला हुआ नजर आ रहा है। त्योहार पर हर महिला ऐसा परिधान पहनना चाहती है जो भीड़ में सबसे अलग और आकर्षक दिखे। लाल रंग की सदाबहार मांग तो बनी ही हुई है, इसके साथ ही गुलाबी और भूरे जैसे गहरे रंगों को भी काफी पसंद किया जा रहा है। जिन महिलाओं का विवाह के बाद पहला करवा चौथ है, वे खास तौर पर गहरे लाल रंग के परिधानों को प्राथमिकता दे रही हैं और उनके बीच इसे लेकर जबरदस्त उत्साह है। शरारा, प्लाजो और ब्राइडल परिधानों की धूम बाजार के कारोबारी प्रिंस के अनुसार, इस बार महिलाएं पहले से सोची-समझी डिजाइन लेकर खरीदारी के लिए दुकानों पर पहुंच रही हैं। रेडीमेड कपड़ों के वर्ग में प्लाजो सेट, शरारा सेट, लहंगा, कुर्ती, साड़ी और सूट की भारी मांग बनी हुई है। सूट के मामले में नायरा कट, स्ट्रेट कट और फ्रॉक स्टाइल के परिधान महिलाओं की पहली पसंद बने हुए हैं। इस पूरे बाजार में कपड़ों की शुरुआती कीमत मात्र 150 रुपये है, जो बेहतरीन कारीगरी के साथ 25 हजार रुपये तक जाती है। प्रिंस ने बताया कि इस त्योहारी सीजन में ब्राइडल लहंगे और डिजाइनर सूट भी महिलाओं को खूब आकर्षित कर रहे हैं। साधारण ब्राइडल लहनों की शुरुआती कीमत 1500 रुपये रखी गई है। कपड़ों पर गोटा वर्क, मोर पंख डिजाइन, कटवर्क और खास तरह की शिमर शाइनिंग वाली कारीगरी को काफी सराहा जा रहा है। अन्य शहरों के मुकाबले थोक दरों में बड़ा अंतर अंबाला कपड़ा बाजार अपनी किफायती दरों के लिए भी जाना जाता है। कटवर्क और शिमर वाले सूट यहां थोक भाव में लगभग 2250 रुपये में उपलब्ध हैं, जबकि अन्य खुदरा बाजारों में इन्हीं सूटों की कीमत 3500 रुपये तक वसूली जाती है। मोर पंख और पत्तियों की नक्काशी वाले बर्बरीक सूट भी इस समय खूब चर्चा में हैं। इन सूटों की थोक कीमत अंबाला में तकरीबन 2400 रुपये है, जबकि चंडीगढ़ जैसे बड़े शहरों में इनकी कीमत 5500 रुपये तक पहुंच जाती है। इसके अलावा ढाई मीटर के भारी वेलवेट दुपट्टे वाले ब्राइडल सूट और आधुनिक 3D प्रिंट वाले सूट भी महिलाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। कश्मीरी, राजस्थानी और देश भर की क्षेत्रीय शैलियों का संगम बाजार के अन्य कारोबारी जसविंदर के मुताबिक, इस त्योहारी सीजन में कश्मीरी सूट, राजस्थानी पारंपरिक परिधान और सूती कपड़ों की मांग तेजी से बढ़ी है। इसके अलावा देश के अलग-अलग कोनों की खास शैलियां भी यहां उपलब्ध हैं, जिनमें कोलकाता की मशहूर जरदोजी कारीगरी वाली ड्रेसेज, जयपुर के प्रामाणिक सूट, मुंबई की डिजाइनर पोशाकें और सेलिब्रिटी स्टाइल वाली साड़ियां ग्राहकों के मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। युवतियों और महिलाओं के लिए तैयार किए गए गर्लिश लहंगों में बारीक हाथ का काम, चमकते हुए नग और तीन फ्लेयर्स वाले खास घेरेदार डिजाइन को काफी पसंद किया जा रहा है। जसविंदर ने बताया कि इस तरह के डिजाइनर लहंगे अंबाला में करीब 3250 रुपये में मिल रहे हैं, जबकि दूसरे बड़े शहरों में इनके दाम 6000 रुपये तक बोले जाते हैं। पार्टी वियर पंजाबी सूट 1000 रुपये से लेकर 1500 रुपये के बीच बिक रहे हैं, वहीं हाफ बाजू वाली लंबी कुर्तियां 2000 रुपये से 3000 रुपये के बजट में उपलब्ध हैं। पड़ोसी राज्यों से भी उमड़ रही खरीदारों की भीड़ अंबाला के इस विशाल कपड़ा बाजार की सबसे बड़ी खासियत यहां मिलने वाली असीम विविधता और हर बजट के अनुकूल विकल्प हैं। इसी कारण यहां केवल हरियाणा ही नहीं, बल्कि पंजाब और हिमाचल प्रदेश से भी बड़ी संख्या में उपभोक्ता सीधे खरीदारी करने पहुंचते हैं। इसके साथ ही कई छोटे और बड़े व्यापारी अपनी दुकानों के लिए थोक माल उठाने आते हैं, जबकि बुटीक चलाने वाली महिलाएं अपने संग्रह के लिए चुनिंदा डिजाइनर पीस तलाशने अंबाला पहुंचती हैं। इसका आप पर असर त्योहारी सीजन में अंबाला का थोक कपड़ा बाजार खुदरा ग्राहकों और व्यापारियों दोनों को बड़े शहरों के मुकाबले बेहद किफायती दामों पर डिजाइनर परिधान खरीदने का सीधा अवसर दे रहा है। • हरियाणा में: राज्य भर की महिलाएं और खुदरा व्यापारी अंबाला पहुंचकर 150 रुपये से लेकर 25 हजार रुपये तक के बजट में अपनी पसंद के डिजाइनर कपड़े खरीद सकते हैं। इससे उन्हें खुदरा दुकानों की तुलना में लगभग 30 से 50 प्रतिशत तक की सीधी बचत हो रही है। • पंजाब और हिमाचल प्रदेश में: सीमावर्ती राज्यों के खरीदार और बुटीक संचालक चंडीगढ़ या अन्य शहरों में 3500 से 5500 रुपये में बिकने वाले सूट अंबाला से 2250 से 2400 रुपये की थोक दर पर ले सकते हैं। त्योहार से पहले कम लागत में बेहतरीन वैरायटी जुटाने का यह सबसे व्यावहारिक विकल्प बन गया है। • बजट खरीदारों के लिए: शुरुआती ब्राइडल लहंगे केवल 1500 रुपये और पार्टी वियर पंजाबी सूट 1000 से 1500 रुपये में उपलब्ध हैं। सीमित बजट में त्योहार की पूरी तैयारी करने वाले परिवारों के लिए यह भारी राहत प्रदान करता है। • बुटीक और छोटे व्यापारियों के लिए: थोक दरों पर 3D प्रिंट और वेलवेट दुपट्टे वाले परिधान उपलब्ध होने से छोटे कारोबारी अपने स्थानीय ग्राहकों के लिए आकर्षक मार्जिन पर स्टॉक तैयार कर सकते हैं। वे बिना ज्यादा पूंजी फंसाए नए ट्रेंड्स को अपनी दुकानों में शामिल कर पा रहे हैं। ऐसा क्यों हुआ करवा चौथ के नजदीक आने और बदलते फैशन ट्रेंड्स के कारण अंबाला कपड़ा बाजार में ग्राहकों और व्यापारियों की भारी आवाजाही शुरू हुई है। महिलाओं द्वारा पारंपरिक लाल रंग के साथ-साथ नए कट्स और क्षेत्रीय शैलियों को अपनाने से बाजार की मांग में विविधता आई है। • त्योहारी मांग में उछाल: करवा चौथ पर विवाहित महिलाओं द्वारा नए वस्त्र और संपूर्ण श्रृंगार धारण करने की सांस्कृतिक परंपरा के चलते हर साल इस अवधि में वस्त्रों की खरीद तेजी से बढ़ती है। विशेषकर नवविवाहित महिलाओं में पहले व्रत के लिए विशेष परिधान चुनने की गहरी उत्सुकता रहती है। • किफायती थोक मूल्य ढांचा: अंबाला एशिया के सबसे बड़े कपड़ा बाजारों में गिना जाता है, जहां बिचौलियों के बिना सीधे थोक दरों पर सामान मिलता है। उदाहरण के लिए, जो सूट चंडीगढ़ जैसे शहरों में 5500 रुपये में बिकता है, वह यहां केवल 2400 रुपये में मिल जाता है, जिससे बाहरी राज्यों के ग्राहक यहां खिंचे चले आते हैं। • वैरायटी और क्षेत्रीय पहनावे का संगम: बाजार में स्थानीय शैलियों के साथ कोलकाता की जरदोजी, जयपुर के सूट, मुंबई की डिजाइनर ड्रेस और कश्मीरी वर्क एक ही जगह उपलब्ध हैं। इस संपूर्ण संग्रह के कारण महिलाओं और बुटीक संचालकों को अलग-अलग शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। सवाल-जवाब 1. अंबाला कपड़ा बाजार में करवा चौथ के कपड़ों की शुरुआती कीमत क्या है? बाजार में कपड़ों की शुरुआती कीमत मात्र 150 रुपये है, जबकि प्रीमियम डिजाइनर परिधान 25 हजार रुपये तक उपलब्ध हैं। 2. इस बार महिलाओं के बीच किस तरह के डिजाइनों की मांग सबसे अधिक है? प्लाजो सेट, शरारा सेट, नायरा कट, स्ट्रेट कट, फ्रॉक स्टाइल सूट और 3D प्रिंट वाले परिधानों की सबसे ज्यादा मांग है। 3. अंबाला और अन्य शहरों के सूटों की कीमतों में कितना अंतर है? कटवर्क और शिमर वाले सूट अंबाला में लगभग 2250 रुपये थोक भाव में मिलते हैं, जबकि दूसरे बाजारों में यही सूट 3500 रुपये तक में बिकते हैं। 4. बर्बरीक सूट की थोक कीमत अंबाला और चंडीगढ़ में कितनी है? मोर पंख और पत्तियों के डिजाइन वाले बर्बरीक सूट अंबाला में करीब 2400 रुपये में उपलब्ध हैं, जबकि चंडीगढ़ में इनकी कीमत 5500 रुपये तक बताई गई है। 5. अंबाला में सिंपल ब्राइडल लहंगों की शुरुआती कीमत क्या है? अंबाला कपड़ा बाजार में साधारण ब्राइडल लहंगों की शुरुआत 1500 रुपये से हो रही है। 6. इस बाजार में किन पड़ोसी राज्यों से खरीदार पहुंच रहे हैं? हरियाणा के अलावा मुख्य रूप से पंजाब और हिमाचल प्रदेश से बड़ी संख्या में आम ग्राहक और व्यापारी यहां खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। https://trendkia.com/haryana/karava-chautha-ki-kharidari-ko-lekara-ambala-kapara-bajara-gulajara-150-rupaye-se-25-hajara-taka-ke-dijainara-paridhanon-ki-bhari--50390 TrendKia — Har trend, sabse pehle.