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  "title": "करनाल मंडी में धान खरीद का जायजा लेने पहुंचे अभय चौटाला, सेक्रेटरी को लगाई कड़ी फटकार",
  "summary": "करनाल अनाज मंडी पहुंचे इनेलो नेता अभय चौटाला ने धान खरीद के प्रबंधों पर मंडी सेक्रेटरी से तीखे सवाल पूछे और संतोषजनक जवाब न मिलने पर कड़ी नाराजगी जताई।",
  "content": "हरियाणा के करनाल स्थित अनाज मंडी में धान खरीद की जमीनी हकीकत परखने पहुंचे इंडियन नेशनल लोकदल के वरिष्ठ नेता अभय चौटाला का एक सख्त रुख सामने आया है। अपने समर्थकों के साथ मंडी का औचक निरीक्षण करने पहुंचे इनेलो नेता ने मौके पर मौजूद मंडी सेक्रेटरी से व्यवस्थाओं को लेकर कड़े सवाल किए। जब अधिकारी धान खरीद की स्थिति पर तुरंत ब्योरा नहीं दे पाए, तो उन्होंने जमकर नाराजगी जाहिर की और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए चेतावनी भी दी।\n\nमंडी में धान खरीद के सत्यापन पर शुरू हुआ विवाद\nअभय चौटाला इन दिनों विभिन्न अनाज मंडियों का लगातार दौरा कर रहे हैं ताकि किसानों की फसल खरीद का जायजा लिया जा सके। करनाल मंडी में निरीक्षण के दौरान जब वह धान की एक ढेरी के पास पहुंचे, तो उन्होंने सीधे मंडी सेक्रेटरी से पूछा कि क्या इस अनाज की खरीद पूरी हो चुकी है। इस सवाल पर मंडी सेक्रेटरी ने तत्काल पुष्टि करने के बजाय जवाब दिया कि वह रिकॉर्ड देखने के बाद ही स्थिति स्पष्ट कर पाएंगे।\n\nअधिकारी ने आगे स्पष्ट किया कि मंडी में खरीद प्रक्रिया को संचालित करने के लिए कुल 3 एजेंसियां कार्यरत हैं। इस पर इनेलो नेता ने पूछा कि जब खरीद का काम चल रहा होता है, तो क्या सेक्रेटरी खुद मौके पर मौजूद रहते हैं। जवाब में मंडी सेक्रेटरी ने बताया कि खरीद के समय उनकी जगह ऑक्शन रिकॉर्डर मौके पर उपस्थित रहते हैं।\n\nअधिकारी के रवैये पर भड़के इनेलो नेता\nअधिकारी का यह जवाब सुनकर अभय चौटाला का गुस्सा बढ़ गया। उन्होंने मौके पर उपस्थित न रहने को लेकर अधिकारी पर तंज कसते हुए कहा कि तुम तो खुद को बड़ा अफसर समझते हो और केवल घर या दफ्तर में बैठकर समय काटते हो। इसके साथ ही उन्होंने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा, ‘चौटाला साहब का राज होता तो यहां मुर्गा बना फिरता।’\n\nइस तीखी टिप्पणी के बाद मौके पर मौजूद अन्य कार्यकर्ता हंसने लगे, जबकि मंडी सेक्रेटरी ने अपनी सफाई में दोहराया कि वह अपने दफ्तर में ही रहते हैं। बातचीत के दौरान अभय चौटाला ने सख्त लहजे में अगली बार आकर देख लेने की बात भी कही। निरीक्षण के दौरान मौजूद पार्टी समर्थकों ने इसके बाद अपने नेता के समर्थन में जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी।\n\nइसका आप पर असर\nइस घटनाक्रम का सीधा असर मंडी व्यवस्था में जवाबदेही और किसानों की उपज खरीद की निगरानी पर पड़ता है।\n\n• हरियाणा में: मंडियों में राजनीतिक नेताओं के औचक दौरों से प्रशासनिक मशीनरी पर दबाव बढ़ता है। इससे खरीद एजेंसियों के अधिकारियों को कागजी कार्रवाई के बजाय मौके पर रहकर तुलाई और खरीद सुनिश्चित करनी पड़ सकती है।\n• करनाल में: स्थानीय अनाज मंडी में काम कर रहे कर्मचारियों और ऑक्शन रिकॉर्डरों की निगरानी सख्त हो सकती है। मंडी सचिव और 3 खरीद एजेंसियों को किसानों की ढेरी की स्थिति का तुरंत ब्योरा तैयार रखना होगा ताकि अनावश्यक विलंब न हो।\n• किसानों के लिए: विपक्ष के दबाव से मंडी में फसल की तुलाई और उठान में तेजी आने की उम्मीद रहती है। यदि किसी ढेरी की खरीद अटकी होगी तो अधिकारियों को उसे जल्दी निपटाना पड़ेगा।\n• प्रशासनिक स्तर पर: फील्ड में तैनात अधिकारियों को अब दफ्तरों के बजाय खरीद केंद्रों पर सक्रिय रहना पड़ सकता है। इससे लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का जोखिम बढ़ेगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह टकराव तब हुआ जब विपक्षी नेता अनाज मंडी में धान खरीद व्यवस्था की जमीनी पड़ताल करने पहुंचे थे और मौके पर मौजूद अधिकारी के पास फसल खरीद का स्पष्ट ब्योरा नहीं था।\n\n• सीधा कारण: अभय चौटाला ने मंडी में रखी धान की ढेरी की खरीद स्थिति के बारे में पूछा, लेकिन मंडी सेक्रेटरी ने तत्काल जवाब देने के बजाय रिकॉर्ड देखकर बताने की बात कही।\n• प्रशासनिक व्यवस्था: मंडी सेक्रेटरी ने स्पष्ट किया कि वास्तविक खरीद 3 अलग-अलग एजेंसियां करती हैं और उनके स्तर पर केवल ऑक्शन रिकॉर्डर मौके पर भेजे जाते हैं, जिससे नेता असंतुष्ट हुए।\n• नेताओं के दौरे: फसल कटाई के मौसम में विपक्षी दलों के नेता मंडियों का औचक निरीक्षण करते हैं ताकि किसानों की समस्याओं और खरीद प्रक्रिया में कथित ढिलाई को उजागर किया जा सके।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. अभय चौटाला करनाल अनाज मंडी किस उद्देश्य से पहुंचे थे?\nवह करनाल मंडी में धान खरीद की वास्तविक स्थिति और किसानों की व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे थे।\n\n2. मंडी सेक्रेटरी ने धान की खरीद के सवाल पर क्या जवाब दिया?\nउन्होंने कहा कि वह रिकॉर्ड देखने के बाद ही बता पाएंगे कि उस धान की ढेरी की खरीद हुई है या नहीं।\n\n3. करनाल मंडी में धान की खरीद कितनी एजेंसियां कर रही हैं?\nमंडी सेक्रेटरी के अनुसार वहां धान खरीद के कार्य में कुल 3 एजेंसियां लगी हुई हैं।\n\n4. खरीद के समय मौके पर कौन मौजूद रहता है?\nमंडी सेक्रेटरी ने बताया कि खरीद के समय उनके विभाग के ऑक्शन रिकॉर्डर मौके पर जाते हैं।",
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  "category": "हरियाणा",
  "publishedAt": "2026-10-11",
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