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  "title": "क्रिकेट की पिच छोड़कर बना जुर्म का सरगना, 30 साल दहशत फैलाने वाला सतपाल मुजफ्फरनगर मुठभेड़ में मारा गया",
  "summary": "रणजी ट्रॉफी में पंजाब के लिए तेज गेंदबाजी कर चुके सतपाल उर्फ सत्तू को मुजफ्फरनगर पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया। चार राज्यों की पुलिस को तलाश रहे इस अपराधी पर युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह पर हमले का भी आरोप था।",
  "content": "कभी पंजाब की रणजी टीम में तेज गेंदबाज की पहचान रखने वाला सतपाल उर्फ सत्तू मुजफ्फरनगर में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया। यूपी की मुजफ्फरनगर पुलिस से उसका सामना सिविल लाइन इलाके के बामनहेड़ी जंगल में हुआ, जहां गोली लगने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया और वहीं उसकी मौत हो गई। यही वही सतपाल है जिस पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह पर हमला करने का आरोप लगा था।\n\nबीते 30 साल से सतपाल आम लोगों के लिए खौफ का दूसरा नाम बना हुआ था। उसका दायरा एक राज्य तक सीमित नहीं था, चंडीगढ़ से लेकर यूपी तक उसने दहशत फैला रखी थी। मुजफ्फरनगर पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था और पांच दिन पहले एक लड़की के अपहरण के बाद चार राज्यों की पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।\n\nपिच से जुर्म की राह तक\nसतपाल का सफर क्रिकेट के मैदान से शुरू हुआ था। साल 1996 में उसने मोहाली से पंजाब की रणजी टीम में बतौर तेज गेंदबाज मैच खेला था। लेकिन काउंटी क्रिकेट में जब उसका चयन नहीं हुआ, तो उसने पिच की राह छोड़कर अपराध की दुनिया में कदम रख दिया।\n\nउस पर पहला मामला चंडीगढ़ में साल 2001 में दर्ज हुआ, जब उसे सार्वजनिक स्थान पर लापरवाही से गाड़ी चलाने का आरोपी बनाया गया। इसके बाद उसका आपराधिक रिकॉर्ड लगातार लंबा होता गया। लूट, हत्या, दुष्कर्म और रंगदारी मांगने जैसे संगीन मामलों में उसका नाम जुड़ता चला गया। आगे चलकर वह मुंबई के डॉन छोटा राजन गिरोह से भी जुड़ गया और उगाही करने लगा।\n\nपहचान बदलकर छिपता रहा\nकानून से बचने के लिए सतपाल लगातार अपना रूप बदलता रहा। बेल मिलने के बाद उसने अपनी पहचान ही बदल डाली और लुधियाना में एक सेवानिवृत्त फौजी की पहचान के साथ रहने लगा था। मुजफ्फरनगर के एसपी सिटी अमृत जैन ने मीडिया को बताया कि सतपाल का एनकाउंटर किया गया है।\n\nयोगराज सिंह पर हमला और टैक्सी चालक की हत्या\nसतपाल पर टीम इंडिया के क्रिकेटर रहे युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह पर हमला करने का आरोप लगा था। लुधियाना में उसने टैक्सी चालक रवि कुमार की हत्या भी की थी। बताया जाता है कि सतपाल को अपने फोन में अपनी पत्नी और रवि कुमार की अश्लील तस्वीरें मिली थीं। हालांकि बाद में इलाज के दौरान वह अस्पताल से फरार हो गया था।\n\nराजनीति में भी आजमाया हाथ\nअपराध के साथ साथ सतपाल ने सियासत में भी हाथ आजमाया था। साल 2007 में उसने चंडीगढ़ के रामदरबार से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। इसके अलावा एक सभा के दौरान उसने मेयर पर हमला भी किया था।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: चार राज्यों की पुलिस को 30 साल से चकमा दे रहा एक खूंखार अपराधी अब काबू में आ गया है, जिससे आम लोगों के लिए एक बड़ा खतरा टला है।\n• मुजफ्फरनगर और चंडीगढ़ में: जिन इलाकों में सतपाल का खौफ था, वहां के लोगों और हाल में अगवा हुई लड़की के परिवार के लिए यह राहत की खबर है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. सतपाल उर्फ सत्तू कौन था?\nवह कभी पंजाब की रणजी टीम में तेज गेंदबाज था, जिसने बाद में अपराध की दुनिया में कदम रखा और 30 साल तक दहशत फैलाई।\n\n2. उसकी मौत कैसे हुई?\nमुजफ्फरनगर के सिविल लाइन इलाके के बामनहेड़ी जंगल में पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई।\n\n3. उस पर कितने इनाम की घोषणा थी?\nमुजफ्फरनगर पुलिस ने सतपाल पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।\n\n4. युवराज सिंह से इस मामले का क्या संबंध है?\nसतपाल पर युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह पर हमला करने का आरोप लगा था।\n\n5. सतपाल ने क्रिकेट में कब और किसके लिए खेला था?\nसाल 1996 में उसने मोहाली से पंजाब की रणजी टीम में बतौर तेज गेंदबाज मैच खेला था।\n\n6. उसका पहला आपराधिक मामला कब दर्ज हुआ?\nसाल 2001 में चंडीगढ़ में उस पर सार्वजनिक स्थान पर लापरवाही से गाड़ी चलाने का पहला मामला दर्ज हुआ था।",
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  "category": "हरियाणा",
  "publishedAt": "2026-06-24",
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    "सतपाल एनकाउंटर",
    "मुजफ्फरनगर पुलिस",
    "योगराज सिंह हमला",
    "रणजी क्रिकेटर अपराधी",
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    "चंडीगढ़ क्राइम"
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