# कुरुक्षेत्र कोर्ट ने प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की हत्या में चंडीगढ़ पुलिस सिपाही समेत 3 को सुनाई उम्रकैद

> हरियाणा के कुरुक्षेत्र की जिला एवं सत्र अदालत ने 10 लाख रुपये के लेन-देन विवाद में मोहाली के प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की हत्या करने वाले चंडीगढ़ पुलिस के सिपाही मंजीत सिंह और उसके दो साथियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

**Type:** article · **Category:** हरियाणा · **Published:** 2026-08-28 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/haryana/kurukshetra-korta-ne-proparti-dilara-sandeep-singh-ki-hatya-men-chandigarh-pulisa-sipahi-sameta-3-ko-sunai-umrakaida-23485 · **Language:** Hindi
**Tags:** कुरुक्षेत्र अदालत, संदीप सिंह हत्याकांड, चंडीगढ़ पुलिस सिपाही, उम्रकैद की सजा, हरियाणा अपराध, पटियाला अपराध, प्रॉपर्टी डीलर हत्या

कुरुक्षेत्र की जिला एवं सत्र न्यायाधीश अदालत ने पंजाब के मोहाली निवासी प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की जघन्य हत्या के मामले में एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने चंडीगढ़ पुलिस के एक सिपाही समेत तीन व्यक्तियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने तीनों दोषियों पर 18-18 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। जून 2021 में हुई इस वारदात में संदीप सिंह का शव पंजाब सीमा के पास उनकी अपनी ही कार में गोलियों से भूनकर फेंका हुआ मिला था।

 

## अदालत का फैसला और दोषियों की पहचान

कुरुक्षेत्र की जिला एवं सत्र न्यायालय ने सुनवाई पूरी होने के बाद तीनों आरोपियों को हत्या और साजिश रचने का दोषी पाया। अदालत ने चंडीगढ़ पुलिस में कार्यरत सिपाही मंजीत सिंह, उसके साथी प्रदीप उर्फ सनी और सुखपाल उर्फ राज को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सुखपाल उर्फ राज पंजाब के पटियाला जिले के खेड़ी राजो सिंह गांव का निवासी है। अदालत ने तीनों दोषियों पर 18-18 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोका है। जुर्माना न चुकाने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया है।

 

## संपत्ति कारोबारी संदीप सिंह के गायब होने का घटनाक्रम

मूल रूप से पंजाब के फिरोजपुर जिले के मानो चाहल गांव के रहने वाले संदीप सिंह अपने परिवार के साथ मोहाली के नयागांव में रहते थे। वह अपने पैतृक गांव में खेती-बाड़ी के साथ आढ़त की दुकान चलाते थे और मोहाली में संपत्ति की खरीद-बिक्री का काम भी करते थे। 21 जून 2021 को संदीप सिंह अपने दोस्त मंजीत सिंह से किसी पुराने लेन-देन का पैसा वापस लेने की बात कहकर अपने घर से निकले थे। निकलते समय वह अपनी इनोवा कार, अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर और एक जोड़ी कपड़े साथ ले गए थे।

उसी दिन रात करीब 8 बजे संदीप ने अपनी पत्नी कुलदीप कौर को फोन किया और जानकारी दी कि वह मंजीत को उसके गांव छोड़कर पटियाला के एक होटल में ठहरे हुए हैं। अगले दिन यानी 22 जून को भी पति-पत्नी के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। 23 जून को जब संदीप की पत्नी ने उनसे बात की, तो उसी दौरान सिपाही मंजीत ने भी फोन पर बात की। इस दौरान कुलदीप कौर को महसूस हुआ कि उनके पति संदीप काफी घबराए हुए थे और बहुत जल्दबाजी में बात कर रहे थे, जिसके बाद अचानक फोन कट गया।

उसी शाम लगभग 7 बजे संदीप ने पत्नी को अंतिम बार फोन करके बताया कि वह चंडीगढ़ के लिए निकल रहे हैं और लगभग दो घंटे में घर पहुंच जाएंगे। हालांकि, इस बातचीत के तुरंत बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया और वह रात भर घर नहीं पहुंचे।

 

## नहर के पास कार में मिला शव और पुलिस जांच

24 जून 2021 की सुबह करीब 4 बजे तक जब संदीप घर नहीं लौटे, तो चिंतित पत्नी ने मंजीत सिंह को फोन मिलाया। मंजीत ने झूठी सांत्वना देते हुए दावा किया कि संदीप 23 जून की शाम 7 बजे ही उसके पास से निकल गए थे और उसके बाद से उनसे कोई संपर्क नहीं हुआ है। इसके कुछ ही समय बाद पंजाब सीमा पर बोधनी गांव के पास नहर किनारे संदीप की इनोवा कार लावारिस हालत में खड़ी मिली, जिसके अंदर संदीप सिंह का शव पड़ा हुआ था।

पुलिस की जांच में इस बात का खुलासा हुआ कि मंजीत सिंह ने योजनाबद्ध तरीके से अपने साथियों के साथ मिलकर संदीप को मुलाकात के बहाने देवीगढ़ बुलाया था। वहां आरोपियों ने संदीप को एक किराये के मकान में बंधक बना लिया और उनका मोबाइल फोन तथा लाइसेंसी रिवाल्वर अपने कब्जे में ले ली। पुलिस और परिजनों को भ्रमित करने के इरादे से आरोपी संदीप के चालू फोन को लेकर दो दिनों तक पिहोवा इलाके में घूमते रहे।

इसके बाद 23 जून की रात आरोपियों ने बोधनी नहर के पास ले जाकर संदीप सिंह की उन्हीं की लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मारकर हत्या कर दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि संदीप के घुटने, बाजू, छाती और सिर में गोलियां मारी गई थीं। मृतक की पत्नी कुलदीप कौर की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।

 

## 10 लाख रुपये का विवाद और हत्या की मुख्य वजह

पुलिस हिरासत में हुई पूछताछ के दौरान सिपाही मंजीत सिंह ने हत्या के पीछे की मुख्य वजह का खुलासा किया। मंजीत चंडीगढ़ पुलिस विभाग में कार्यरत था, लेकिन उसका सर्विस रिकॉर्ड बेहद खराब था और विभाग ने उसके 18 इंक्रीमेंट रोक रखे थे। मंजीत की पहचान संदीप सिंह से थी। संदीप ने मंजीत से दावा किया था कि उसकी पुलिस महकमे में ऊंची पहुंच है और वह उसका खराब रिकॉर्ड ठीक करवा देगा।

इस काम के बदले संदीप सिंह ने मंजीत से 10 लाख रुपये लिए थे। हालांकि, 10 लाख रुपये लेने के लगभग डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी संदीप न तो मंजीत का पुलिस रिकॉर्ड ठीक करा पाया और न ही उसने मंजीत की रकम वापस लौटाई। लगातार पैसे डूबने के डर और बदले की भावना में आकर मंजीत सिंह ने अपने साथियों प्रदीप और सुखपाल के साथ मिलकर संदीप का अपहरण किया और उसकी हत्या की साजिश को अंजाम दिया।

## इसका आप पर असर
कुरुक्षेत्र कोर्ट का यह निर्णय वित्तीय लेन-देन के मामलों में अनधिकृत वादों से बचने और कानून प्रवर्तन अधिकारियों के खिलाफ जवाबदेही तय करने का एक स्पष्ट संदेश देता है।

- **भारत में:** यह फैसला स्पष्ट करता है कि सरकारी नौकरी या सर्विस रिकॉर्ड ठीक कराने के नाम पर अनधिकृत लेन-देन करना कितना जोखिमभरा हो सकता है। पाठकों को किसी भी कानूनी या प्रशासनिक कार्य के लिए केवल आधिकारिक प्रक्रियाओं का पालन करना चाहिए।

- **हरियाणा और पंजाब में:** पुलिस विभाग में पदस्थ कर्मियों द्वारा किए गए गंभीर अपराधों पर अदालत का यह कठोर रुख स्थानीय नागरिकों में कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास बहाल करता है। यह दिखाता है कि वर्दी में तैनात दोषी भी सख्त सजा से बच नहीं सकते।

- **कारोबारियों के लिए:** व्यक्तिगत पहचान या दोस्ती के आधार पर बड़े वित्तीय लेन-देन करते समय लिखित दस्तावेज और कानूनी सुरक्षा तंत्र का उपयोग अत्यंत आवश्यक है। बिना कानूनी आधार के बड़ी रकम देना जान-माल के खतरे का कारण बन सकता है।

- **अपराध नियंत्रण के संदर्भ में:** लाइसेंसी हथियारों के दुरुपयोग और फिरौती/अपहरण जैसी वारदातों पर अदालत का कड़ा रुख अपराधियों के लिए एक बड़ा सबक है। यह फैसला पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया की तेजी को रेखांकित करता है।

## सवाल-जवाब

### 1. संदीप सिंह हत्याकांड में अदालत ने क्या फैसला सुनाया है?
कुरुक्षेत्र की जिला एवं सत्र न्यायालय ने चंडीगढ़ पुलिस के सिपाही मंजीत सिंह और उसके दो साथियों प्रदीप और सुखपाल को उम्रकैद और 18-18 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

### 2. मृतक संदीप सिंह कौन थे और कहां के रहने वाले थे?
संदीप सिंह मूल रूप से पंजाब के फिरोजपुर जिले के मानो चाहल गांव के रहने वाले थे और मोहाली के नयागांव में रहकर आढ़त व प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते थे।

### 3. संदीप सिंह की हत्या का मुख्य कारण क्या था?
हत्या की मुख्य वजह 10 लाख रुपये का लेन-देन विवाद था, जो संदीप सिंह ने सिपाही मंजीत सिंह का पुलिस सर्विस रिकॉर्ड ठीक कराने का वादा करके लिए थे।

### 4. आरोपियों ने संदीप सिंह को कहां और कैसे बंधक बनाया था?
आरोपियों ने संदीप को मिलने के बहाने देवीगढ़ बुलाया और वहां एक किराये के मकान में बंधक बनाकर उनका फोन और लाइसेंसी रिवाल्वर छीन ली थी।

### 5. संदीप सिंह का शव कहां और किस हालत में बरामद हुआ था?
संदीप सिंह का शव 24 जून 2021 की सुबह पंजाब बॉर्डर पर स्थित बोधनी गांव की नहर के पास उनकी इनोवा कार के अंदर गोलियों से भूनकर फेंका हुआ मिला था।

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