कुरुक्षेत्र में किराए के मकान से 21 लाख की स्मैक बरामद, दो सप्लायर गिरफ्तार कुरुक्षेत्र के सेक्टर-3 में एंटी नारकोटिक सेल ने एक किराए के मकान पर छापेमारी कर 100.60 ग्राम स्मैक जब्त की और दो युवकों को दबोचा। हरियाणा के कुरुक्षेत्र में नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एंटी नारकोटिक सेल ने एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस टीम ने सेक्टर-3 स्थित एक किराए के मकान में औचक छापेमारी कर भारी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किया। इस कार्रवाई के दौरान मौके से दो युवकों को हिरासत में लिया गया, जो लंबे समय से इलाके में नशीले पदार्थों की आपूर्ति में सक्रिय थे। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब्त की गई इस खेप का मूल्य लगभग 21 लाख रुपये आंका गया है। किराए के ठिकाने से चल रहा था सप्लायर नेटवर्क जांच अधिकारियों के अनुसार पकड़े गए आरोपियों की पहचान 24 वर्षीय अक्षित उर्फ विशु और 25 वर्षीय जसबीर के रूप में हुई है। दोनों आपस में करीबी दोस्त हैं और पिछले करीब 4 से 5 वर्षों से नशीले पदार्थों के इस अवैध कारोबार से जुड़े हुए थे। अपने इस गैरकानूनी धंधे को संचालित करने के लिए उन्होंने सेक्टर-3 में विशेष रूप से एक मकान किराए पर लिया हुआ था। दोनों आरोपी बाहरी क्षेत्रों से नशीला पदार्थ लाकर कुरुक्षेत्र में स्थानीय नशे के आदी लोगों को सीधे बेचते थे। इसके अतिरिक्त, वे अन्य छोटे तस्करों तक भी माल पहुंचाते थे और बदले में मोटा कमीशन हासिल करते थे। गुप्त सूचना के आधार पर हुई त्वरित कार्रवाई एंटी नारकोटिक सेल के इंचार्ज सतविन्द्र सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि अक्षित के किराए के कमरे में मादक पदार्थ की बड़ी खेप छिपाई गई है। सूचना के पुख्ता होते ही पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से मकान की घेराबंदी कर रेड की। तलाशी के दौरान दोनों युवक मकान के भीतर ही मौजूद मिले। उनके कब्जे से 100.60 ग्राम स्मैक तथा करीब 8 हजार रुपये की नकदी बरामद की गई। बरामद की गई इस स्मैक की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 21 लाख रुपये बताई गई है। मोबाइल रिपेयरिंग छोड़ अपराध की राह पर बढ़ा कदम पुलिस जांच में सामने आया कि अक्षित पहले मोबाइल रिपेयरिंग का काम करता था, लेकिन अधिक मुनाफे के लालच में वह ड्रग्स के कारोबार में उतर गया। शुरुआत में वह बाहरी तस्करों से माल लेकर स्थानीय स्तर पर सप्लाई करता था और धीरे-धीरे खुद सीधे ग्राहकों को नशा बेचने लगा। इसी दौरान उसकी मुलाकात जसबीर से हुई और दोनों ने मिलकर इस काम को बड़ा रूप दे दिया। दोनों का नेटवर्क केवल खुदरा बिक्री तक सीमित नहीं था, बल्कि वे मांग के अनुसार अन्य बिचौलियों को भी खेप सौंपते थे। इन दोनों आरोपियों के खिलाफ कुरुक्षेत्र जिले में पहले से भी एनडीपीएस एक्ट के तहत आपराधिक मामले दर्ज हैं। अदालत में पेशी और बैंक खातों की पड़ताल थाना सदर थानेसर में दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस कानून की सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों की पूरी डिटेल खंगाल रही है ताकि उनके वित्तीय लेन-देन और अवैध संपत्ति का पता लगाया जा सके। अदालत में पेश किए जाने के बाद अक्षित उर्फ विशु को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया, जबकि जसबीर को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड अवधि के दौरान पुलिस मुख्य सप्लायरों और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य साथियों के बारे में गहन पूछताछ करेगी। इसका आप पर असर यह कार्रवाई स्थानीय रिहायशी इलाकों में अवैध गतिविधियों के प्रति सतर्कता बढ़ाने और नशा तस्करी पर रोक लगाने में सहायक सिद्ध होगी। • कुरुक्षेत्र में: सेक्टर-3 जैसे रिहायशी सेक्टरों में किराएदारों के पुलिस सत्यापन की निगरानी और सख्त होगी। स्थानीय निवासियों को अपने आसपास संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को देने की सलाह दी गई है। • हरियाणा भर में: अंतर-जिला और बाहरी राज्यों से होने वाले ड्रग्स नेटवर्क की धरपकड़ तेज होगी। नशा मुक्ति अभियानों और आपूर्ति श्रृंखला पर पुलिस की नजर और पैनी होगी। • मकान मालिकों के लिए: किराएदार रखते समय गहन पृष्ठभूमि जांच और सत्यापन कराना बेहद आवश्यक है। लापरवाही बरतने पर किराए के परिसर का दुरुपयोग गंभीर कानूनी उलझनों का कारण बन सकता है। • आम नागरिकों के लिए: युवाओं में नशे की लत से बचाव के लिए परिजनों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की गुप्त सूचना एंटी नारकोटिक सेल को दी जा सकती है। ऐसा क्यों हुआ यह गिरफ्तारी सटीक खुफिया जानकारी और लंबे समय से चल रहे अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार पर निरंतर निगरानी के बाद संभव हुई। • गुप्त सूचना की पुष्टि: एंटी नारकोटिक सेल को सेक्टर-3 के किराए के मकान में नशीला पदार्थ छिपाए जाने की विशिष्ट जानकारी मिली थी। जांच अधिकारियों द्वारा तथ्य पुख्ता करने के बाद तुरंत दबिश दी गई। • आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास: दोनों आरोपी पिछले 4 से 5 वर्षों से इस अवैध धंधे में शामिल थे। उनके खिलाफ कुरुक्षेत्र में पहले से एनडीपीएस एक्ट के मामले दर्ज होना उनकी निरंतर संलिप्तता दर्शाता है। • मुनाफे के लिए नेटवर्क विस्तार: मोबाइल रिपेयरिंग का काम छोड़कर अक्षित ने जसबीर के साथ मिलकर बाहरी सप्लायरों से संपर्क साधा। वे सीधे ग्राहकों के साथ-साथ अन्य तस्करों को कमीशन पर माल देकर भारी कमाई कर रहे थे। • आगामी पुलिस जांच: जसबीर के दो दिन के पुलिस रिमांड के दौरान मुख्य सप्लायरों की पहचान और अवैध कमाई के स्रोतों का खुलासा होने की उम्मीद है। सवाल-जवाब 1. कुरुक्षेत्र में पुलिस ने किस इलाके में छापेमारी की? एंटी नारकोटिक सेल ने कुरुक्षेत्र के सेक्टर-3 स्थित एक किराए के मकान में छापेमारी की। 2. छापेमारी में कौन सा मादक पदार्थ और कितनी नकदी बरामद हुई? पुलिस ने 100.60 ग्राम स्मैक और लगभग 8 हजार रुपये नकद बरामद किए। 3. जब्त की गई स्मैक की अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या कीमत है? जब्त की गई स्मैक की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 21 लाख रुपये है। 4. गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के नाम और उम्र क्या हैं? गिरफ्तार आरोपियों के नाम 24 वर्षीय अक्षित उर्फ विशु और 25 वर्षीय जसबीर हैं। 5. अक्षित ड्रग्स के धंधे में आने से पहले क्या काम करता था? अक्षित नशीले पदार्थों के कारोबार में उतरने से पहले मोबाइल रिपेयरिंग का काम करता था। 6. अदालत में पेशी के बाद दोनों आरोपियों पर क्या कानूनी कार्रवाई हुई? अदालत ने अक्षित को जेल भेज दिया, जबकि जसबीर को 2 दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा गया है। https://trendkia.com/haryana/kurukshetra-men-kirae-ke-makana-se-21-lakha-ki-smaika-baramada-do-saplayara-giraphtara-45088 TrendKia — Har trend, sabse pehle.