# लंबी बीमारी हराने के बाद काम पर लौटे बाइक टैक्सी चालक के साथ हादसा, डीटीसी बस की टक्कर में छात्रा की गई जान

> तीन साल तक गंभीर बीमारी से जूझने के बाद काम पर लौटे 33 वर्षीय दराब सिंह की बाइक टैक्सी को आश्रम फ्लाईओवर के पास डीटीसी बस ने पीछे से टक्कर मार दी, जिससे उसमें सवार 22 साल की छात्रा की मौत हो गई।

**Type:** article · **Category:** हरियाणा · **Published:** 2026-10-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/haryana/lnbi-bimari-harane-ke-bada-kama-para-laute-baika-taiksi-chalaka-ke-satha-hadasa-dtc-basa-ki-takkara-men-chhatra-ki-gai-jana-41040 · **Language:** Hindi
**Tags:** दिल्ली सड़क हादसा, आश्रम फ्लाईओवर, डीटीसी बस, उबर बाइक टैक्सी, दराब सिंह, हृषिता लाहोन, सड़क सुरक्षा

जीवन की सबसे कठिन चुनौतियों से उबरकर जब कोई इंसान अपने परिवार की खातिर दोबारा मेहनत करने की कोशिश करता है, तो किस्मत कभी-कभी बहुत क्रूर मोड़ ले लेती है। ऐसा ही दर्दनाक वाकया फरीदाबाद के रहने वाले 33 साल के बाइक टैक्सी चालक दराब सिंह के साथ हुआ है। तीन साल से भी ज्यादा समय तक गंभीर बीमारी के कारण चारपाई पर पड़े रहने के बाद, जनवरी में ही उन्होंने दोबारा काम संभालना शुरू किया था ताकि अपने भूखे बच्चों का पेट भर सकें। लेकिन काम पर वापसी के कुछ ही हफ्तों बाद एक भीषण सड़क दुर्घटना ने उनकी पूरी जिंदगी को फिर से पटरी से उतार दिया है। बिना किसी गलती के वह एक ऐसे हादसे का शिकार हो गए, जिसमें उनकी दोपहिया टैक्सी पर सवार एक छात्रा की जान चली गई और वह खुद गंभीर रूप से घायल होकर दोबारा बिस्तर पर पहुंच गए।

## बीमारी के लंबे अंधेरे से निकलकर काम पर लौटे थे दराब
दराब सिंह दो छोटे बच्चों के पिता हैं। पिछले तीन वर्षों से अधिक समय से वह सीने के गंभीर संक्रमण से जूझ रहे थे, जिसके चलते वह पूरी तरह बिस्तर पर आश्रित हो चुके थे। उस गंभीर बीमारी के दौर में परिवार की आर्थिक स्थिति इस कदर बिगड़ गई थी कि बच्चे दाने-दाने को मोहताज हो गए थे। किसी तरह संघर्ष करके जब वह जनवरी के महीने में इस बीमारी से उबरे, तो रोजी-रोटी जुटाने के लिए उन्होंने उबर ऐप के जरिए बाइक टैक्सी चलाना शुरू किया। उन्हें उम्मीद थी कि अब धीरे-धीरे परिवार की गाड़ी पटरी पर आ जाएगी और बच्चों की बुनियादी जरूरतें पूरी होने लगेंगी।

## शेख सराय से नोएडा के सफर में हुआ दर्दनाक हादसा
सोमवार की सुबह दराब सिंह को शेख सराय से नोएडा जाने के लिए एक सवारी मिली। इस राइड को असम की रहने वाली 22 वर्षीय हृषिता लाहोन ने बुक किया था। हृषिता अंग्रेजी साहित्य में स्नातक थीं और दक्षिण दिल्ली के पंचशील पार्क इलाके में रह रही थीं। सुबह करीब 10 बजे हृषिता बाइक टैक्सी पर सवार होकर नोएडा के सफर पर निकली थीं। दोनों डीएनडी फ्लाईवे की दिशा में आगे बढ़ रहे थे, लेकिन आश्रम फ्लाईओवर के पास एक आसमानी नीले रंग की डीटीसी बस ने उनकी मोटरसाइकिल में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।

## टक्कर इतनी तेज थी कि टूट गए दोनों के हेलमेट
टक्कर का मंजर बेहद खौफनाक था। दराब सिंह ने बताया कि आसमानी नीले रंग की बस ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी। दोनों के हेलमेट टूट गए। उसके बाद उन्हें बस इतना याद है कि एक महिला मदद के लिए आगे आई और दोनों घायलों को तुरंत नजदीकी जीवन अस्पताल ले जाया गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और दोनों सड़क पर गिर पड़े। हृषिता की हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी, जबकि दराब के हाथ, घुटने और पैरों में गंभीर चोटें आई थीं।

## इलाज के दौरान छात्रा ने तोड़ा दम, पुलिस को नहीं मिले प्रत्यक्षदर्शी
जीवन अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद हृषिता की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें सरिता विहार स्थित इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद दोपहर करीब 2 बजे छात्रा ने दम तोड़ दिया। पुलिस को इस सड़क हादसे की सूचना दोपहर 12 बजकर 58 मिनट पर मेडिको लीगल केस रिपोर्ट के जरिए मिली। दुर्घटनास्थल पर कोई सीसीटीवी कैमरा मौजूद नहीं था, जिसके कारण पुलिस को वहां कोई प्रत्यक्ष गवाह नहीं मिल सका। जब तक जांच अधिकारी अस्पताल पहुंचे, दराब सिंह जीवन अस्पताल से प्राथमिक उपचार कराकर जा चुके थे, जिसके कारण उनका बयान उस समय दर्ज नहीं हो सका। हालांकि उनकी मेडिकल रिपोर्ट में भी दुर्घटना से लगे गहरे जख्म दर्ज हैं।

## शारीरिक घावों के साथ मन पर बैठा उम्र भर का आघात
इस हादसे के बाद दराब सिंह की हालत फिर से दयनीय हो गई है। उनके हाथों, घुटनों और पैरों में गहरी चोटें हैं और वह ठीक से चलने में भी असमर्थ हैं। उन्हें नहीं मालूम कि वह कब दोबारा अपने पैरों पर खड़े होकर काम कर पाएंगे। शारीरिक दर्द से भी बड़ा दर्द उनके मन पर लगा मानसिक आघात है। वह इस बात से बेहद दुखी हैं कि जो युवती सुरक्षित अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए उनकी बाइक पर बैठी थी, वह अब इस दुनिया में नहीं रही। एक बार फिर उनकी रोजी-रोटी छिन चुकी है और मासूम बच्चों के सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है।

## इसका आप पर असर
आश्रम फ्लाईओवर पर हुआ यह हादसा दिल्ली एनसीआर में दोपहिया ऐप आधारित टैक्सियों के सफर और सार्वजनिक वाहनों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

- **भारत में:** दोपहिया ऐप टैक्सी सेवाओं से सफर करने वाले यात्रियों और चालकों के लिए सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जरूरत फिर रेखांकित हुई है। महानगरों में बाइक टैक्सी लेने वाले दैनिक यात्रियों को भारी ट्रैफिक वाले मार्गों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए और हमेशा उच्च गुणवत्ता वाले सुरक्षा उपकरण इस्तेमाल करने चाहिए।
- **दिल्ली और नोएडा में:** आश्रम फ्लाईओवर और डीएनडी फ्लाईवे पर चलने वाले दैनिक यात्रियों को बसों और भारी वाहनों की तेज रफ्तार के प्रति सावधान रहने की जरूरत है। इस व्यस्त मार्ग पर सीसीटीवी कैमरों की कमी की वजह से दुर्घटनाओं की निगरानी और जांच में आने वाली मुश्किलें भी सामने आई हैं।
- **गिग वर्कर्स के परिवारों पर:** ऐप आधारित चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने पर उनके परिवारों की आजीविका तुरंत संकट में पड़ जाती है। ऐसे कामगारों के लिए आपातकालीन चिकित्सा और वित्तीय सहायता की प्रणालियां बेहद महत्वपूर्ण साबित होती हैं।
- **यात्री सुरक्षा के लिहाज से:** दोपहिया पर पीछे बैठने वाले यात्रियों के लिए सिर्फ हेलमेट पहनना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि हेलमेट की मजबूती भी जीवन रक्षक साबित होती है। इस हादसे में प्रभाव इतना घातक था कि दोनों हेलमेट टूट गए, जिससे मजबूत सेफ्टी गियर की अहमियत उजागर होती है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह दर्दनाक घटना आश्रम फ्लाईओवर के पास तेज गति से चल रही डीटीसी बस द्वारा आगे चल रही बाइक टैक्सी को पीछे से टक्कर मारने की वजह से हुई।

- **सीधे पीछे से जोरदार टक्कर:** प्रत्यक्ष विवरण के मुताबिक आसमानी नीले रंग की डीटीसी बस ने मोटरसाइकिल को सीधे पीछे से टक्कर मार दी। इस अचानक हुए प्रहार के कारण चालक संभल नहीं सका और दोनों सवार सड़क पर गिर पड़े।
- **सुरक्षा घेरे की विफलता:** टक्कर की तीव्रता इतनी अधिक थी कि दोनों सवारों के हेलमेट टूट गए। इस भीषण झटके की वजह से छात्रा को जानलेवा अंदरूनी और बाहरी चोटें आईं।
- **जांच में सीसीटीवी का अभाव:** घटनास्थल पर कोई सीसीटीवी कैमरा मौजूद नहीं था, जिसके चलते घटना के शुरुआती पलों की फुटेज नहीं मिल पाई। पुलिस को दोपहर 12:58 बजे अस्पताल की रिपोर्ट से घटना का पता चला, जिससे शुरुआती गवाह तलाशने में देरी हुई।
- **आगे की कानूनी जांच:** पुलिस ने मेडिको लीगल रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है। जांच अधिकारी बस चालक की पहचान और सटीक परिस्थितियों का पता लगाने के लिए प्रत्यक्षदर्शियों की तलाश कर रहे हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. यह दुर्घटना किस जगह और किस समय हुई?
यह दुर्घटना सोमवार सुबह करीब 10 बजे डीएनडी फ्लाईवे की ओर से नोएडा जाने वाले रास्ते पर आश्रम फ्लाईओवर के पास हुई।

### 2. हादसे में जान गंवाने वाली छात्रा कौन थी?
मृतका 22 वर्षीय हृषिता लाहोन थीं, जो असम की रहने वाली थीं, अंग्रेजी साहित्य में स्नातक थीं और दक्षिण दिल्ली के पंचशील पार्क में रहती थीं।

### 3. बाइक टैक्सी चालक दराब सिंह की स्थिति क्या है?
दराब सिंह के हाथों, घुटनों और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं और तीन साल की बीमारी के बाद काम पर लौटने के तुरंत बाद वह फिर से बिस्तर पर आ गए हैं।

### 4. टक्कर किस वाहन से हुई थी?
मोटरसाइकिल को पीछे से एक आसमानी नीले रंग की डीटीसी बस ने टक्कर मारी थी।

### 5. घायलों को किस अस्पताल ले जाया गया?
दोनों को पहले जीवन अस्पताल ले जाया गया था, जिसके बाद हृषिता को सरिता विहार के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल शिफ्ट किया गया, जहां दोपहर करीब 2 बजे उनकी मौत हो गई।

### 6. पुलिस जांच में क्या चुनौतियां सामने आईं?
घटनास्थल पर सीसीटीवी कैमरा नहीं था और मौके पर पुलिस को कोई प्रत्यक्ष गवाह नहीं मिल सका।

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