# मानसून का तांडव: 48 घंटे में 18 राज्यों में मूसलाधार बारिश और 85 किमी/घंटा की आंधी का हाई अलर्ट

> देशभर में सक्रिय मानसून के चलते मौसम विभाग ने 18 राज्यों में अगले दो दिनों के लिए भारी बारिश, तूफान और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है।

**Type:** article · **Category:** हरियाणा · **Published:** 2026-07-10 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/haryana/manasuna-ka-tandava-48-ghnte-men-18-rajyon-men-musaladhara-barisha-aura-85-kimi-ghnta-ki-andhi-ka-hai-alarta-6391 · **Language:** Hindi
**Tags:** मानसून, मौसम, IMD, भारी बारिश, अलर्ट, बाढ़, मौसम विभाग

इस समय देश का मौसम पूरी तरह मानसून के प्रभाव में है। मानसून की व्यापक दस्तक के साथ ही पूरे भारत में पानी और बाढ़ जैसी चुनौतीपूर्ण स्थितियां उत्पन्न हो गई हैं। दिल्ली-एनसीआर से लेकर मुंबई और सूरत तक के शहरी इलाके जलमग्न हो चुके हैं, और नाले-नदियां खतरे के निशान के करीब या उफान पर हैं। मौसम विभाग (IMD) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, आगामी 48 घंटे देश के मौसम के लिए अत्यंत नाजुक हैं।

## मौसम प्रणालियों का प्रभाव
वर्तमान में बंगाल की खाड़ी से लेकर उत्तर-पश्चिम राजस्थान तक एक मानसून ट्रफ फैली हुई है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर एक स्पष्ट निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जो सक्रिय मानसूनी हवाओं के साथ मिलकर उत्तर, पूर्व और मध्य भारत के बड़े हिस्से को प्रभावित कर रहा है। इसी कारण दिल्ली-एनसीआर, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और राजस्थान जैसे राज्यों में मूसलाधार बारिश, आंधी और कई क्षेत्रों में ओले गिरने की संभावना व्यक्त की गई है।

## 18 राज्यों के लिए चेतावनी
मौसम विभाग ने 10 जुलाई को देश के 18 राज्यों में भारी वर्षा, गरज-चमक, बिजली गिरने और 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है, जबकि मैदानी इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और कृषि फसलों के नुकसान की आशंका है। इसके अतिरिक्त, स्काईमेट ने महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों में भी मध्यम से भारी बारिश का अनुमान लगाया है। समुद्र में प्रतिकूल स्थितियों को देखते हुए मछुआरों को तटीय क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी गई है।

## दिल्ली-एनसीआर का हाल
राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में 10 जुलाई को मौसम के सबसे अधिक उग्र रहने की संभावना है। विभाग ने भारी बारिश, गरज और 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। यहाँ अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। निवासियों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक यात्राओं से बचें और बिजली चमकने के दौरान खुले में न रहें।

## विभिन्न राज्यों में प्रभाव
उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, ओडिशा, असम, मेघालय, महाराष्ट्र और केरल में भारी बारिश का अलर्ट प्रभावी है। उत्तर प्रदेश के मेरठ, अलीगढ़, कानपुर और लखनऊ जैसे जिलों में 80 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं के साथ जोरदार बारिश की चेतावनी है। बिहार के पटना, गया और मुजफ्फरपुर सहित कई जिलों में वज्रपात का उच्च जोखिम बना हुआ है। झारखंड के रांची और बोकारो जैसे जिलों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश की संभावना है। पश्चिम बंगाल के जिलों में भी 10 और 11 जुलाई को वर्षा का जोर रहने वाला है।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** यात्रा करने से पहले मौसम की जानकारी लें और जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचें।

**स्थानीय क्षेत्रों में:** भारी बारिश वाले राज्यों में जलजमाव और ट्रैफिक जाम की स्थिति हो सकती है, इसलिए घर से निकलने से पहले स्थानीय रूट अपडेट चेक करें।

## सवाल-जवाब

### 1. अगले 48 घंटों में सबसे ज्यादा खतरा किन राज्यों में है?
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र सहित 18 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है।

### 2. दिल्ली-एनसीआर में हवा की रफ्तार कितनी रहने की संभावना है?
दिल्ली-एनसीआर में 10 जुलाई को 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

### 3. क्या मछुआरों के लिए कोई निर्देश है?
हाँ, समुद्र में प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

### 4. बारिश का मुख्य कारण क्या है?
मानसून ट्रफ का बंगाल की खाड़ी से राजस्थान तक फैलना और कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय होना मुख्य कारण है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._