# NCR के चार जिलों में पुरानी गाड़ियों को ईंधन मिलने पर रोक, हरियाणा सरकार पेट्रोल पंपों पर लगाएगी ANPR कैमरे

> हरियाणा सरकार प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए 1 अक्टूबर 2026 से चार प्रमुख एनसीआर जिलों में पुरानी पेट्रोल और डीजल गाड़ियों को ईंधन देने पर रोक लगाने जा रही है। इन गाड़ियों की स्वचालित पहचान के लिए पेट्रोल पंपों पर विशेष कैमरे लगाए जाएंगे।

**Type:** article · **Category:** हरियाणा · **Published:** 2026-09-16 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/haryana/ncr-ke-chara-jilon-men-purani-gariyon-ko-indhana-milane-para-roka-haryana-sarakara-petrola-pnpon-para-lagaegi-anpr-kaimare-32698 · **Language:** Hindi
**Tags:** हरियाणा सरकार, एनसीआर प्रदूषण, ANPR कैमरे, ईंधन प्रतिबंध, पुरानी गाड़ी नियम, गुरुग्राम समाचार, फरीदाबाद समाचार

हरियाणा के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के अंतर्गत आने वाले जिलों में वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला किया है। इसके तहत तय समय सीमा पूरी कर चुके पुराने पेट्रोल और डीजल वाहनों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं दिया जाएगा। यह नया नियम 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होने जा रहा है। सरकार इस नियम को कड़ाई से लागू करने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा ले रही है, जिसके तहत पेट्रोल पंपों पर विशेष निगरानी प्रणाली स्थापित की जाएगी।

## चार जिलों से होगी इस नई व्यवस्था की शुरुआत
हरियाणा सरकार इस सख्त नीति को पहले चरण में राज्य के चार प्रमुख NCR जिलों में लागू करने जा रही है। इन जिलों में गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर शामिल हैं। इन इलाकों में 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों और 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों को पेट्रोल पंपों पर पहुंचने पर तेल नहीं मिलेगा। इस प्रतिबंध को लागू करने के लिए पेट्रोल पंपों पर विशेष कैमरे लगाए जाएंगे जो ऐसी गाड़ियों की पहचान करेंगे जिन्हें 'एंड-ऑफ-लाइफ व्हीकल' यानी अपनी जीवन अवधि पूरी कर चुके वाहनों की श्रेणी में डाला गया है।

## ANPR कैमरों से होगी वाहनों की पहचान
इस पूरी व्यवस्था को स्वचालित और सटीक बनाने के लिए पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए जाएंगे। पहले चरण में इन चार जिलों के पेट्रोल पंपों पर कुल 775 ANPR कैमरे स्थापित करने की योजना है। ये कैमरे पेट्रोल पंप पर आने वाले हर वाहन की नंबर प्लेट को तुरंत स्कैन करेंगे। नंबर प्लेट पढ़ते ही यह सिस्टम सरकारी डेटाबेस से वाहन की जानकारी जुटाएगा और यह जांचेगा कि गाड़ी की उम्र निर्धारित सीमा के भीतर है या नहीं। यदि गाड़ी तय समय सीमा पार कर चुकी होगी, तो सिस्टम पंप ऑपरेटर को अलर्ट कर देगा और गाड़ी को ईंधन देने से मना कर दिया जाएगा।

## करोड़ों का बजट और जिलों के अनुसार कैमरों का विवरण
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए हरियाणा सरकार एक बड़ा बजट खर्च करने जा रही है। इन कैमरों को लगाने और सिस्टम को एकीकृत करने पर लगभग 41.74 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस पूरी योजना को अपनी मंजूरी दे दी है। हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि कैमरों को स्थापित करने का काम 30 सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि 1 अक्टूबर से इस व्यवस्था को पूरी तरह लागू किया जा सके।

जिलों के अनुसार कैमरों के वितरण की बात करें तो पहले चरण में सबसे अधिक कैमरे गुरुग्राम में लगाए जाएंगे, जिनकी संख्या 249 है। इसके बाद सोनीपत में 215 कैमरे, झज्जर में 195 कैमरे और फरीदाबाद में 116 कैमरे लगाए जाएंगे। राज्य सरकार के आकलन के अनुसार, भविष्य में पूरे हरियाणा में इस नियम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए लगभग 2,780 ANPR कैमरों की आवश्यकता होगी।

## वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देशों का पालन
हरियाणा सरकार का यह कदम वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा जारी किए गए कड़े निर्देशों के तहत उठाया जा रहा है। दिल्ली-NCR क्षेत्र में लगातार बिगड़ती हवा की गुणवत्ता और बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए पुराने वाहनों को सड़कों से हटाना बेहद जरूरी माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि इस डिजिटल तकनीक की मदद से पुराने और अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की पहचान करना बहुत आसान हो जाएगा। इससे प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े नियमों को जमीनी स्तर पर सफलतापूर्वक लागू करने में मदद मिलेगी और भविष्य में इस व्यवस्था को और अधिक विस्तारित किया जाएगा।

## इसका आप पर असर
इस फैसले का मतलब है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में पुरानी गाड़ियों के मालिकों को अब ईंधन नहीं मिल पाएगा, जिससे उन्हें अपने वाहनों को कबाड़ में देना होगा या दूसरे राज्यों में भेजना होगा।

- **भारत भर में:** अन्य राज्य भी उत्सर्जन मानकों को लागू करने के लिए इसी तरह की कैमरा-आधारित स्वचालित प्रणालियों को अपना सकते हैं। इसका मतलब है कि देश भर के वाहन मालिकों को पेट्रोल पंपों पर वाहनों की उम्र सीमा की सख्त डिजिटल ट्रैकिंग के लिए तैयार रहना चाहिए।
- **भारत भर में:** गैर-एनसीआर क्षेत्रों में कबाड़ मूल्य बाजार और पुरानी कारों की बिक्री में महत्वपूर्ण वृद्धि देखी जा सकती है। अपने पुराने वाहनों को बेचने की योजना बना रहे लोगों को समय सीमा से पहले उन्हें कम सख्त नियमों वाले राज्यों में स्थानांतरित करना होगा।
- **हरियाणा में:** गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर के निवासियों को 1 अक्टूबर 2026 से पहले अपने 15 साल पुराने पेट्रोल और 10 साल पुराने डीजल वाहनों को हटाना होगा। ऐसा न करने पर उनके पास ऐसे अनुपयोगी वाहन रह जाएंगे जिनमें किसी भी स्थानीय पेट्रोल पंप पर ईंधन नहीं भरा जा सकेगा।
- **हरियाणा में:** इन जिलों के दैनिक यात्रियों और परिवहन संचालकों को नए या इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की योजना बनानी होगी। इस बदलाव के लिए उन्हें समय रहते वित्तीय योजना बनानी होगी ताकि दैनिक यात्रा या व्यावसायिक गतिविधियों में कोई अचानक बाधा न आए।

## ऐसा क्यों हुआ
यह पहल दिल्ली-NCR क्षेत्र में लगातार बनी रहने वाली और गंभीर वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए शुरू की गई है। यह कार्रवाई सड़कों से अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाले और पुराने वाहनों को हटाने के उद्देश्य से जारी किए गए विनियामक निर्देशों के तहत की जा रही है।

- **CAQM के निर्देश:** वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण को कम करने के लिए कड़े दिशानिर्देश जारी किए थे। हरियाणा सरकार इन पर्यावरणीय निर्देशों का सीधे तौर पर पालन करने के लिए इस स्वचालित ट्रैकिंग प्रणाली को लागू कर रही है।
- **पुरानी गाड़ियों का खतरा:** नए मॉडलों की तुलना में पुराने पेट्रोल और डीजल इंजन अत्यधिक मात्रा में हानिकारक प्रदूषक उत्सर्जित करते हैं। इन गाड़ियों को ईंधन देने पर रोक लगाने को इन उच्च-उत्सर्जन वाले वाहनों को सड़क से हटाने का एक अचूक तरीका माना जा रहा है।
- **मैनुअल जांच की विफलता:** हजारों पेट्रोल पंपों पर वाहनों के पंजीकरण की तारीखों की मैनुअल जांच करना और उन पर लगातार नजर रखना काफी कठिन काम था। पेट्रोल पंपों पर स्वचालित ANPR कैमरे लगाने से इंसानी चूक की गुंजाइश खत्म हो जाएगी और बिक्री के स्तर पर ही पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित होगा।

## सवाल-जवाब

### 1. हरियाणा में पुरानी गाड़ियों के लिए ईंधन पर प्रतिबंध कब से शुरू होगा?
यह प्रतिबंध 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होने वाला है।

### 2. इस नियम के पहले चरण के तहत हरियाणा के किन जिलों को शामिल किया जाएगा?
यह नियम शुरुआत में चार एनसीआर जिलों गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर में लागू किया जाएगा।

### 3. इस नियम के तहत पेट्रोल और डीजल वाहनों के लिए उम्र की सीमा क्या है?
15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों और 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा।

### 4. पेट्रोल पंप इन पुरानी गाड़ियों की पहचान कैसे करेंगे?
पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए जाएंगे जो गाड़ियों की नंबर प्लेट को स्कैन करके उनकी उम्र की पहचान करेंगे।

### 5. पहले चरण में कितने कैमरे लगाए जा रहे हैं और इस पर कितनी लागत आएगी?
पहले चरण में कुल 775 ANPR कैमरे लगाए जाएंगे और इस परियोजना पर लगभग 41.74 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

### 6. इस परियोजना को किसने मंजूरी दी है और कैमरे लगाने का लक्ष्य कब तक रखा गया है?
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस परियोजना को मंजूरी दी है और परिवहन मंत्री अनिल विज के अनुसार कैमरे लगाने का काम 30 सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है।

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