# एनसीआर के पांच बड़े शहरों को जोड़ेगा नया लिंक एक्सप्रेसवे, 7084 करोड़ की लागत से नोएडा एयरपोर्ट की राह होगी आसान

> दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोहना के बीच 91 किलोमीटर लंबे सुपर कॉरिडोर का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है, जिससे नोएडा एयरपोर्ट का सफर घटकर महज 45 मिनट रह जाएगा।

**Type:** article · **Category:** हरियाणा · **Published:** 2026-09-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/haryana/ncr-ke-pancha-bare-shaharon-ko-jorega-naya-linka-eksapresave-7084-karora-ki-lagata-se-noida-airport-ki-raha-hogi-asana-36392 · **Language:** Hindi
**Tags:** दिल्ली एनसीआर, लिंक एक्सप्रेसवे, नोएडा एयरपोर्ट, नितिन गडकरी, फरीदाबाद, गुरुग्राम, एनएचएआई

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रोजाना सफर करने वाले लाखों मुसाफिरों के लिए अंतरशहरीय आवागमन अब काफी सुगम होने वाला है। दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोहना को परस्पर जोड़ने वाले 91 किलोमीटर लंबे नए लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य अपने अंतिम पड़ाव में पहुंच चुका है। इस सुपर कॉरिडोर के पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद यात्रियों को शहर के अंदरूनी भारी जाम में फंसे बिना एक शहर से दूसरे शहर तक बाहर-बाहर निर्बाध गति से निकलने की सीधी सुविधा मिल जाएगी।

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, छह लेन वाला यह एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे दिल्ली से नोएडा एयरपोर्ट तक के सफर के समय को घटाकर लगभग आधा कर देगा। 7,084 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से तैयार हो रहे इस महात्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के दोनों किनारों पर स्थानीय आवाजाही को सुगम बनाए रखने के लिए तीन-तीन लेन की सर्विस रोड भी विकसित की जा रही हैं। पांच प्रमुख शहरों को सीधी हाई-स्पीड कनेक्टिविटी प्रदान करने वाले इस पूरे गलियारे का निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा किया जा रहा है।

## डीएनडी से फरीदाबाद और सोहना तक ऐसा रहेगा रूट का स्वरूप
यह 91 किलोमीटर लंबा सुपर कॉरिडोर दिल्ली के डीएनडी फ्लाईवे से आरंभ होकर महारानी बाग कनेक्टिविटी पॉइंट के रास्ते यमुना किनारे कालिंदी कुंज की दिशा में आगे बढ़ता है। वहां से दिल्ली सीमा तक का नौ किलोमीटर का हिस्सा मुख्यतः एलिवेटेड रूप में तैयार किया जा रहा है। इस मार्ग पर सात किलोमीटर लंबा खंड ओखला विहार और कालिंदी कुंज मेट्रो स्टेशनों के ठीक ऊपर से लगभग 27 मीटर की उल्लेखनीय ऊंचाई पर गुजरेगा। इसके अतिरिक्त, कालिंदी कुंज के समीप आगरा नहर पर 140 मीटर लंबा विशाल आर्च ब्रिज बनाया जा रहा है, जो वर्तमान में अंतिम चरण में है और दिल्ली-फरीदाबाद के मुख्य जोड़ की भूमिका निभाएगा।

मीठापुर टोल प्लाजा को पार करने के उपरांत यह राजमार्ग फरीदाबाद बाईपास रोड पर चढ़ जाता है। सेक्टर-65 फरीदाबाद के निकट पहुंचकर यह कॉरिडोर दो अलग-अलग हिस्सों में विभाजित होता है। एक हिस्सा सीधे सोहना की तरफ बढ़ता है और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के नूंह इंटरचेंज में मिल जाता है। वहीं, दूसरा 32 किलोमीटर लंबा लिंक एक्सप्रेसवे यमुना एक्सप्रेसवे और नोएडा एयरपोर्ट के दयानतपुर गांव तक कनेक्टिविटी स्थापित करता है। यह विशेष लिंक मार्ग मोहना के पास ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को भी क्रॉस करता है।

## पुलों, एलिवेटेड सेक्शन और अंडरपास का विशाल ढांचा
पूरे 91 किलोमीटर के इस विशाल नेटवर्क में आठ प्रमुख एलिवेटेड सेक्शन, दस बड़े फ्लाईओवर, छह भूमिगत अंडरपास और रेलवे ओवरब्रिज शामिल किए गए हैं। इस परियोजना में डीएनडी से सोहना तक का 59 किलोमीटर लंबा मुख्य गलियारा और जेवर एयरपोर्ट को जोड़ने वाला 32 किलोमीटर का लिंक रूट समाहित है। इस बहुस्तरीय इंजीनियरिंग ढांचे के चलते वाहनों को किसी भी प्रकार की जमीनी रुकावट या क्रॉस ट्रैफिक का सामना नहीं करना पड़ेगा।

वर्तमान समय में आश्रम अथवा सराय काले खां से नोएडा एयरपोर्ट तक पहुंचने में यात्रियों को लगभग दो से ढाई घंटे का लंबा समय लग जाता है। नए लिंक एक्सप्रेसवे के चालू होने पर यही दूरी महज 45 से 50 मिनट के भीतर तय की जा सकेगी। इसके साथ ही, यह नया गलियारा दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद के बीच सफर करने वालों के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-48 (एनएच-48) और पारंपरिक मथुरा रोड के एक अत्यंत सक्षम और समय बचाने वाले विकल्प के तौर पर उभरेगा।

## फरीदाबाद और गुरुग्राम के आंतरिक इलाकों को मिलेगा सीधा लाभ
इस मेगा प्रोजेक्ट के समानांतर फरीदाबाद और गुरुग्राम के स्थानीय मार्गों को भी तीव्र गति देने के लिए बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। फरीदाबाद में सैनिक कॉलोनी के निकट स्थित अरुण जेटली राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान से शुरू होने वाली एलिवेटेड सड़क बड़खल-अनखीर गांव और एशियन अस्पताल के रास्ते अमृता हॉस्पिटल तक द्रुतगामी कनेक्टिविटी मुहैया कराएगी। स्थानीय आवागमन को व्यवस्थित रखने के उद्देश्य से बड़खल झील के निकट एक विशेष इंटरचेंज का निर्माण भी किया जाएगा।

दूसरी ओर, गुरुग्राम में सदर्न पेरिफेरल एलिवेटेड रोड के निर्माण की प्रक्रिया भी गति पकड़ रही है। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण ने इसके लिए 754 करोड़ रुपये की लागत वाला टेंडर जारी किया है। यह 4.2 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड सड़क द्वारका एक्सप्रेसवे को गुरुग्राम-सोहना हाईवे तथा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के साथ जोड़ेगी। इस महत्वपूर्ण लिंक के पूरा होने से द्वारका एक्सप्रेसवे से सोहना के बीच यात्रा का समय 45 मिनट से घटकर मात्र 15 मिनट रह जाएगा। एनसीआर के प्रमुख केंद्रों और जेवर एयरपोर्ट को तेज रफ्तार से जोड़ने वाला यह पूरा सुपर कॉरिडोर आने वाले कुछ महीनों में चालू होने की संभावना है।

## इसका आप पर असर
इस नए लिंक एक्सप्रेसवे के शुरू होने से एनसीआर के यात्रियों के दैनिक सफर में बड़ा बदलाव आएगा और यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।

- **दैनिक आवागमन:** दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद के बीच सफर करने वाले लोगों को आंतरिक शहर के जाम से पूरी तरह राहत मिलेगी। आश्रम और सराय काले खां से नोएडा एयरपोर्ट का सफर दो घंटे के बजाय महज 45 से 50 मिनट में पूरा होगा।
- **वैकल्पिक मार्ग:** इस छह लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर के जरिए एनएच-48 और मथुरा रोड पर वाहनों का अत्यधिक दबाव कम होगा। लंबी दूरी के वाहनों को शहर में प्रवेश किए बिना बाहर ही बाहर निकलने का तेज रास्ता मिलेगा।
- **गुरुग्राम-सोहना कनेक्टिविटी:** 754 करोड़ रुपये के नए एलिवेटेड लिंक के जरिए द्वारका एक्सप्रेसवे से सोहना का रास्ता 45 मिनट से घटकर 15 मिनट रह जाएगा। इससे रोजाना सोहना और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की ओर जाने वाले कामगारों का काफी ईंधन और समय बचेगा।
- **फरीदाबाद के स्थानीय यात्रियों को लाभ:** सैनिक कॉलोनी से अमृता हॉस्पिटल तक बनने वाली नई एलिवेटेड रोड और बड़खल इंटरचेंज से स्थानीय कॉलोनियों को सुपर कॉरिडोर पर सीधा प्रवेश मिलेगा। अस्पताल और शैक्षणिक संस्थानों तक जाने वाले मरीजों और तीमारदारों को जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
दिल्ली और उसके उपग्रह शहरों के बीच अत्यधिक यातायात भार और नोएडा में नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण के कारण इस समग्र एक्सप्रेसवे नेटवर्क की आवश्यकता पैदा हुई।

- **यातायात संकुलन का समाधान:** दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख राजमार्गों जैसे एनएच-48 और मथुरा रोड पर लंबे समय से वाहनों का दबाव अपनी क्षमता से अधिक बना हुआ था। अंतरशहरीय वाहनों को रिहायशी और वाणिज्यिक इलाकों में प्रवेश किए बिना बाहर ही बाहर बाईपास कराने के लिए यह परियोजना शुरू की गई।
- **नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को तेज संपर्क:** जेवर में तैयार हो रहे नए हवाई अड्डे तक पश्चिमी दिल्ली, दक्षिण दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद से सीधी द्रुतगामी पहुंच उपलब्ध कराना अनिवार्य था। पारंपरिक मार्गों पर दो से ढाई घंटे का समय लगने के कारण इस 32 किलोमीटर के समर्पित लिंक रूट को योजना में शामिल किया गया।
- **दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से सीधा एकीकरण:** दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के नूंह इंटरचेंज और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ना एक रणनीतिक जरूरत थी। फरीदाबाद और सोहना के रास्ते यह लिंक तैयार होने से पूरे उत्तरी और पश्चिमी भारत के मालवाहक यातायात को निर्बाध गलियारा मिल सकेगा।

## सवाल-जवाब

### 1. इस नए लिंक एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई और अनुमानित लागत कितनी है?
इस पूरे सुपर कॉरिडोर की कुल लंबाई 91 किलोमीटर है और इसके निर्माण की अनुमानित लागत 7,084 करोड़ रुपये है।

### 2. यह एक्सप्रेसवे एनसीआर के किन पांच प्रमुख शहरों को जोड़ता है?
यह नया कॉरिडोर दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोहना को आपस में सीधे जोड़ेगा।

### 3. नए एक्सप्रेसवे से दिल्ली से नोएडा एयरपोर्ट पहुंचने में कितना समय लगेगा?
इस एक्सेस-कंट्रोल्ड मार्ग के चालू होने के बाद यह सफर घटकर मात्र 45 से 50 मिनट का रह जाएगा, जिसमें अभी दो से ढाई घंटे लगते हैं।

### 4. इस 91 किलोमीटर लंबे रूट में कौन से प्रमुख इंजीनियरिंग निर्माण शामिल हैं?
इस रूट में आठ बड़े एलिवेटेड सेक्शन, दस फ्लाईओवर, छह बड़े अंडरपास और आगरा नहर पर 140 मीटर लंबा आर्च ब्रिज शामिल हैं।

### 5. गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेसवे से सोहना के बीच यात्रा के समय में क्या बदलाव आएगा?
754 करोड़ रुपये के 4.2 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड के बनने से यह यात्रा 45 मिनट से घटकर मात्र 15 मिनट की रह जाएगी।

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