निजीकरण के विरोध में हरियाणा में बिजली संकट गहराया, सरकार ने कर्मचारियों को वार्ता की मेज पर बुलाया हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से गुरुग्राम और कई जिलों में आपूर्ति ठप हो गई है, जिसके समाधान के लिए ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कर्मचारियों को बातचीत का न्योता भेजा है। हरियाणा के कई शहरों में बिजली कर्मचारियों की चल रही हड़ताल से हालात बिगड़ने लगे हैं, जिसके चलते राज्य प्रशासन ने गतिरोध दूर करने की कवायद तेज कर दी है। बिजली कर्मियों के काम छोड़ने के कारण शुक्रवार को भी गुरुग्राम समेत कई प्रमुख जिलों में बत्ती गुल रही। इस संकट के बीच राज्य के बिजली मंत्री अनिल विज ने आंदोलनकारी कर्मियों से हड़ताल खत्म कर तुरंत काम पर लौटने की गुहार लगाई है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट जारी कर साफ किया कि प्रशासन कर्मचारियों के साथ सभी मसलों पर खुली बातचीत करने के लिए पूरी तरह तैयार है, जिसमें इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 की धारा 108 के तहत उचित कार्यवाही का विकल्प भी शामिल है। कई जिलों में ब्लैकआउट, आम जनजीवन और उद्योग बेहाल हड़ताल का सीधा असर प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक और रिहायशी इलाकों पर पड़ा है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह, सोनीपत, रेवाड़ी, झज्जर, करनाल और अंबाला में बिजली आपूर्ति बुरी तरह चरमरा गई है। बिजली न रहने के कारण आम लोगों के घरों में पीने के पानी की किल्लत खड़ी हो गई है और औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन का पहिया भी थमने लगा है। कई इलाकों में लगातार बिजली गुल रहने से नाराज स्थानीय नागरिकों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन भी किया। अनिल विज ने दोपहर 3 बजे बुलाई अहम बैठक बिजली मंत्री अनिल विज ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गतिरोध खत्म करने के लिए दोपहर 3 बजे के आसपास बिजली कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ एक औपचारिक बैठक बुलाई है। इस बैठक के आयोजन से उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों पक्षों के बीच सहमति बन सकती है और हड़ताल जल्द समाप्त होगी। इससे पहले अनिल विज ने यह भी स्पष्ट किया था कि सरकार इलेवन पावर को वितरण का समानांतर लाइसेंस दिए जाने के एचईआरसी के आदेश को अपिलेट ट्रिब्यूनल फॉर इलेक्ट्रिसिटी में चुनौती देने जा रही है। मंत्री के अनुसार सरकार इस आदेश के क्रियान्वयन पर रोक यानी स्टे की मांग करेगी। बिजली कर्मचारी इसी बात को लेकर लामबंद हैं कि निजी वितरक के आने से सरकारी उपक्रम दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम कमजोर हो जाएगा। गुरुग्राम में 12 घंटों के भीतर 3000 से अधिक शिकायतें दर्ज निजीकरण के विरोध में उतरे कर्मियों की हड़ताल का सर्वाधिक असर गुरुग्राम के शहरी तंत्र पर देखा गया। यहां बीती रात 10 बजे से ही कई इलाकों में बिजली गुल होनी शुरू हो गई थी। महज 12 घंटे की अवधि के भीतर बिजली निगम के शिकायत केंद्र पर बत्ती गुल होने की 3000 से अधिक शिकायतें पहुंच गईं। देर रात से ही उपभोक्ताओं के फोन आने शुरू हो गए थे। रात के समय जहां कुल 945 शिकायतें दर्ज की गईं, वहीं सुबह होते ही केवल दो घंटों के भीतर 2245 नई शिकायतें दर्ज हुईं। इसके अलावा ऑनलाइन माध्यमों और कॉल सेंटर के नंबरों पर भी शिकायतों का तांता लगा रहा। मांगें न मानने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी कर्मचारी यूनियनों का रुख बेहद कड़ा बना हुआ है। कर्मचारियों का कहना है कि तीन दिवसीय सांकेतिक हड़ताल के दौरान यदि सरकार ने उनके पदाधिकारियों से समाधानपरक बातचीत नहीं की, निजीकरण के फैसले को निरस्त नहीं किया और उनकी पुरानी लंबित मांगों पर मुहर नहीं लगाई, तो इस आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल दिया जाएगा। आंदोलनकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने अपनी ओर से कोई लाइन बंद नहीं की है, लेकिन वे किसी भी फाल्ट की मरम्मत नहीं करेंगे। यहां तक कि हड़ताल की अवधि के दौरान यदि आपातकालीन सेवाओं से जुड़ी लाइनों में भी कोई तकनीकी खराबी आती है, तो कर्मचारी उसे ठीक करने नहीं जाएंगे। इसका आप पर असर हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के कारण आम उपभोक्ताओं को बिजली और पेयजल आपूर्ति के गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा है। • हरियाणा भर में: औद्योगिक इकाइयों और घरेलू कामकाज में बिजली ठप रहने से उत्पादन और दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। नागरिक बिजली की कमी को देखते हुए अपने इनवर्टर और पानी के बैकअप का विवेकपूर्ण इस्तेमाल करें। • गुरुग्राम और प्रभावित जिलों में: रात 10 बजे से कई इलाकों में बत्ती गुल है और महज 12 घंटे में 3000 से अधिक शिकायतें दर्ज हुई हैं। यदि आपातकालीन सेवाओं की लाइनों में भी तकनीकी खराबी आती है तो कर्मचारी मरम्मत नहीं करेंगे, इसलिए नागरिक वैकल्पिक व्यवस्था तैयार रखें। • उद्योगों और व्यापार के लिए: बिजली गुल रहने से कारखानों और व्यावसायिक परिसरों में काम प्रभावित हुआ है। उत्पादन निरंतर बनाए रखने के लिए जनरेटर सेट और वैकल्पिक ईंधन पर निर्भरता बढ़ गई है। • उपभोक्ताओं के लिए राहत की संभावना: सरकार ने दोपहर 3 बजे कर्मचारियों के साथ बैठक बुलाई है और निजी वितरण पर स्टे लेने की बात कही है। बातचीत सफल होने पर शाम तक बिजली बहाली की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। ऐसा क्यों हुआ हरियाणा में यह बिजली संकट मुख्य रूप से निजी वितरण कंपनी को लाइसेंस दिए जाने के विरोध में कर्मचारियों द्वारा तीन दिवसीय हड़ताल शुरू करने से पैदा हुआ है। • सीधा कारण: बिजली विनियामक आयोग (एचईआरसी) द्वारा इलेवन पावर को समानांतर वितरण लाइसेंस जारी करने के बाद कर्मचारी निजीकरण के विरोध में लामबंद हो गए। कर्मचारियों को डर है कि इससे सरकारी कंपनी डीएचबीवीएन कमजोर होगी। • कर्मचारियों की कार्यशैली: आंदोलनकारी कर्मियों ने लाइनों में आने वाले किसी भी तकनीकी फाल्ट की मरम्मत करने से पूरी तरह इनकार कर दिया है। इसके चलते सामान्य खराबी आने पर भी बिजली आपूर्ति स्वतः बाधित होती चली गई। • सरकार का कानूनी रुख: बिजली मंत्री ने स्पष्ट किया है कि सरकार अपिलेट ट्रिब्यूनल फॉर इलेक्ट्रिसिटी (एपीटीईएल) में अपील कर निजीकरण के आदेश पर रोक लगाने की मांग करेगी और बातचीत के जरिए समाधान निकालेगी। सवाल-जवाब 1. हरियाणा में बिजली कर्मचारियों ने हड़ताल क्यों शुरू की है? कर्मचारी इलेवन पावर को समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस दिए जाने और निजीकरण की नीतियों का विरोध कर रहे हैं। 2. हड़ताल से कौन-कौन से प्रमुख जिले प्रभावित हुए हैं? गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह, सोनीपत, रेवाड़ी, झज्जर, करनाल और अंबाला में बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। 3. संकट दूर करने के लिए बिजली मंत्री ने क्या कदम उठाया है? बिजली मंत्री अनिल विज ने दोपहर 3 बजे कर्मचारियों के साथ बैठक बुलाई है और उनसे ड्यूटी पर लौटने की अपील की है। 4. गुरुग्राम में बिजली गुल होने की कितनी शिकायतें दर्ज की गईं? हड़ताल शुरू होने के शुरुआती 12 घंटे में ही 3000 से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें सुबह 2 घंटे में 2245 शिकायतें शामिल थीं। 5. यदि सरकार और कर्मचारियों की बातचीत विफल रही तो क्या होगा? यूनियनों ने चेतावनी दी है कि मांगें न माने जाने पर तीन दिन की सांकेतिक हड़ताल को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल दिया जाएगा। https://trendkia.com/haryana/nijikarana-ke-virodha-men-haryana-men-bijali-snkata-gaharaya-sarakara-ne-karmachariyon-ko-varta-ki-meja-para-bulaya-52770 TrendKia — Har trend, sabse pehle.