नूंह के सोहना चौक पर बनेगा 6-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर, 340.78 करोड़ रुपये मंजूर हरियाणा के नूंह में सोहना चौक पर 2.75 किलोमीटर लंबे 6-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के लिए 340.78 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे दिल्ली-मुंबई और केएमपी एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी सुगम होगी। हरियाणा के सड़क तंत्र को सशक्त बनाने के क्रम में केंद्र सरकार ने नूंह जिले के सोहना चौक पर एक आधुनिक 6-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के लिए 340.78 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी जारी की है। इस रणनीतिक परियोजना के तहत कुल 2.75 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड मार्ग बनाया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में प्रतिदिन लगने वाले गंभीर ट्रैफिक जाम की समस्या का स्थायी समाधान प्रस्तुत करना है। इस निर्माण के पूर्ण होने से इलाके से गुजरने वाले लाखों वाहन चालकों और आसपास के रहवासियों को आवागमन में प्रत्यक्ष सहूलियत मिलेगी। राष्ट्रीय राजमार्ग 919 और 248ए के संगम पर निर्माण यह प्रस्तावित संरचना राष्ट्रीय राजमार्ग-919 (NH-919) और राष्ट्रीय राजमार्ग-248ए (NH-248A) के चौराहे यानी सोहना चौक पर तैयार की जाएगी। सोहना चौक वर्तमान में गुरुग्राम, सोहना, नूंह और निकटवर्ती औद्योगिक इलाकों के बीच आने-जाने वाले ट्रैफिक के लिए एक प्रमुख जंक्शन की भूमिका निभाता है। क्षेत्र में लगातार हो रहे नगरीकरण और वाहनों के बढ़ते घनत्व को देखते हुए इस व्यस्त चौराहे पर बुनियादी ढांचे के विस्तार की तत्काल आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जिसे ध्यान में रखते हुए इस छह-लेन परियोजना को अंतिम स्वीकृति दी गई है। स्थानीय और भारी वाहनों का ट्रैफिक होगा पृथक इस एलिवेटेड संरचना की रूपरेखा मुख्य रूप से थ्रू ट्रैफिक और स्थानीय ट्रैफिक को अलग-अलग स्तरों पर संचालित करने के सिद्धांत पर आधारित है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया मंच पर इस योजना के तकनीकी लाभ साझा करते हुए स्पष्ट किया कि गुरुग्राम-नूंह अक्ष पर चलने वाले भारी एवं लंबी दूरी के ट्रैफिक को एलिवेटेड कॉरिडोर पर स्थानांतरित किया जाएगा। नीचे की मौजूदा सड़कों पर केवल स्थानीय और क्रॉस ट्रैफिक की आवाजाही रहेगी, जिससे सोहना चौक पर लगने वाले सिग्नल की बाध्यता समाप्त होगी और पूरा सफर पूरी तरह सिग्नल-फ्री होकर वाहन चालकों के ईंधन तथा समय की बचत करेगा। एक्सप्रेसवे नेटवर्क से सुगम संपर्क और माल ढुलाई को लाभ यह एलिवेटेड कॉरिडोर क्षेत्रीय यात्रा को आसान करने के अतिरिक्त देश के दो विशाल राजमार्गों यानी दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (DME) और कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे तक सीधी तथा द्रुत पहुंच सुनिश्चित करेगा। सोहना चौक इन दोनों प्रमुख राष्ट्रीय गलियारों के मुहाने पर स्थित होने के कारण मालवाहक वाहनों के लिए एक अहम पड़ाव है। परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद अंतरराज्यीय माल ढुलाई, औद्योगिक लॉजिस्टिक्स और दैनिक यात्रियों के लिए मार्ग पूरी तरह सुगम हो जाएगा, जिससे क्षेत्र में व्यावसायिक और आर्थिक गतिविधियों को एक नई गति मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। जुलाई 2022 वाले पूर्व एलिवेटेड मार्ग से भिन्न संरचना इस नई परियोजना को लेकर स्पष्ट किया गया है कि यह एनएच-248ए पर पहले से निर्मित राजीव चौक-सोहना एलिवेटेड कॉरिडोर का हिस्सा नहीं है। वह पूर्ववर्ती छह-लेन एलिवेटेड मार्ग जुलाई 2022 में आम यातायात के लिए खोला गया था, जो राजीव चौक से सोहना के प्रवेश तक संपर्क प्रदान करता है। उसके विपरीत, यह नया 2.75 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर नूंह जिले के अंतर्गत आने वाले सोहना चौक के उस खास जंक्शन बॉटलनैक को दूर करने के लिए बनाया जा रहा है, जहां दोनों राष्ट्रीय राजमार्ग परस्पर मिलते हैं और वर्तमान में गति अवरोध उत्पन्न होता है। व्यापारिक गलियारे का विस्तार और सड़क सुरक्षा में सुधार भौगोलिक दृष्टि से एनएच-919 पलवल को सोहना और धारूहेड़ा के रास्ते रेवाड़ी से जोड़ने का कार्य करता है, जबकि एनएच-248ए गुरुग्राम से सोहना और नूंह होते हुए सीधे राजस्थान सीमा तक जाता है। इन दोनों मार्गों पर हर रोज बड़ी तादाद में भारी वाणिज्यिक वाहन और दैनिक यात्री गुजरते हैं। इस एलिवेटेड कॉरिडोर के तैयार होने से चौराहे पर वाहनों के टकराव का जोखिम न्यूनतम होगा और सड़क हादसों में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी। इसके साथ ही, हरियाणा और राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों के बीच व्यापार, औद्योगिक परिवहन, रोजगार के अवसरों और क्षेत्रीय पर्यटन को भी सीधा लाभ पहुंचेगा। इसका आप पर असर सोहना चौक पर इस 6-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण से स्थानीय निवासियों और लंबी दूरी के यात्रियों को रोजमर्रा के जाम से राहत मिलेगी। • हरियाणा में: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और केएमपी एक्सप्रेसवे की तरफ जाने वाले वाहनों को बिना किसी जाम के निर्बाध कनेक्टिविटी प्राप्त होगी। इससे राज्य भर के लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई उद्योग को समय और ईंधन की सीधी बचत होगी। • नूंह और सोहना में: सोहना चौक पर स्थानीय और लंबी दूरी का ट्रैफिक अलग होने से चौराहे पर लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी। रोजमर्रा के सफर में लगने वाला समय काफी घट जाएगा और सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम में भारी कमी आएगी। • व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों के लिए: रेवाड़ी, धारूहेड़ा, पलवल और गुरुग्राम के बीच वाणिज्यिक वाहनों का आवागमन बहुत तेज हो जाएगा। इससे माल परिवहन की लागत घटेगी और औद्योगिक इकाइयों को सप्लाई चेन में बड़ी मदद मिलेगी। • दैनिक यात्रियों के लिए: इस मार्ग पर सफर करने वाले यात्रियों को सिग्नल-फ्री आवागमन की सुविधा मिलेगी। लंबे इंतजार और ट्रैफिक अवरोधों के समाप्त होने से सफर सुरक्षित और सुविधाजनक बनेगा। ऐसा क्यों हुआ सोहना चौक दो बड़े राष्ट्रीय राजमार्गों का प्रमुख जंक्शन है, जहां बढ़ते शहरीकरण और भारी वाहनों की वजह से भीषण ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही थी। • दो व्यस्त राजमार्गों का मिलन: एनएच-919 और एनएच-248ए सोहना चौक पर एक दूसरे से मिलते हैं, जिससे स्थानीय और भारी वाहनों का भारी दबाव एक ही चौराहे पर केंद्रित हो जाता था। इस अत्यधिक दबाव को संभालने के लिए मौजूदा सतह की सड़कें पर्याप्त नहीं थीं। • एक्सप्रेसवे नेटवर्क का बढ़ता भार: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और केएमपी एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी के कारण इस जंक्शन पर मालवाहक ट्रकों और लंबी दूरी के वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है। बिना ग्रेड-सेपरेशन के इस बढ़ते ट्रैफिक को नियंत्रित करना मुश्किल साबित हो रहा था। • स्थानीय और थ्रू ट्रैफिक का टकराव: लंबी दूरी का तेज ट्रैफिक और स्थानीय दैनिक यात्रियों की गाड़ियां एक ही चौराहे पर मिलने से गंभीर बॉटलनैक पैदा होता था। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए ट्रैफिक को दो अलग स्तरों पर बांटने का निर्णय लिया गया। सवाल-जवाब 1. सोहना चौक एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना की कुल लागत कितनी है? इस परियोजना के निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने 340.78 करोड़ रुपये की राशि को मंजूरी दी है। 2. प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर की लंबाई और चौड़ाई क्या होगी? यह एलिवेटेड कॉरिडोर 2.75 किलोमीटर लंबा होगा और इसे 6-लेन के रूप में बनाया जाएगा। 3. यह कॉरिडोर किन दो राष्ट्रीय राजमार्गों के चौराहे पर स्थित है? यह नया कॉरिडोर राष्ट्रीय राजमार्ग-919 (NH-919) और राष्ट्रीय राजमार्ग-248ए (NH-248A) के चौराहे यानी सोहना चौक पर बनाया जाएगा। 4. क्या यह वही पुराना सोहना एलिवेटेड कॉरिडोर है जो पहले खुला था? नहीं, यह जुलाई 2022 में शुरू हुए राजीव चौक-सोहना एलिवेटेड कॉरिडोर से अलग है और विशेष रूप से सोहना चौक के ट्रैफिक बॉटलनैक को खत्म करने के लिए बन रहा है। 5. यह नया कॉरिडोर किन प्रमुख एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी मजबूत करेगा? यह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (DME) और कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे के साथ सीधी कनेक्टिविटी को मजबूत बनाएगा। https://trendkia.com/haryana/nuh-ke-sohna-chowk-para-banega-6-lena-eliveteda-koridora-340-78-karora-rupaye-mnjura-55086 TrendKia — Har trend, sabse pehle.