# ओडिशा में हिरासत में आरोपी की खुदकुशी के बाद हांसी के पांच सीआईए पुलिसकर्मी निलंबित

> ओडिशा में मादक पदार्थ तस्करी मामले के मुख्य आरोपी द्वारा हिरासत में फांसी लगाने के बाद हांसी एसपी ने सीआईए-1 टीम के पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। एनएचआरसी दिशा-निर्देशों की लापरवाही के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।

**Type:** article · **Category:** हरियाणा · **Published:** 2026-11-05 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/haryana/odisha-men-hirasata-men-aropi-ki-khudakushi-ke-bada-hansi-ke-pancha-cia-pulisakarmi-nilnbita-56954 · **Language:** Hindi
**Tags:** हांसी पुलिस, ओडिशा न्यूज़, हरियाणा पुलिस, पुलिस सस्पेंड, एनएचआरसी, क्राइम न्यूज़

ओडिशा में मादक पदार्थों के एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता की हिरासत में हुई मौत के मामले में हरियाणा के हांसी पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। हांसी के पुलिस अधीक्षक (SP) विनोद कुमार ने सीआईए-1 (CIA-1) टीम के पांच पुलिसकर्मियों को कर्तव्य में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

## ओडिशा गई थी सीआईए-1 की टीम
व्यावसायिक मात्रा में नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े एक मामले की जांच के दौरान पुलिस को ओडिशा निवासी मुख्य सप्लायर की जानकारी मिली थी। आरोपी की धरपकड़ के लिए हांसी से सीआईए-1 की एक विशेष टीम ओडिशा भेजी गई थी। इस पांच सदस्यीय टीम का नेतृत्व पीएसआई कपिल कर रहे थे, जिसमें एसआई सम्मत, पीएचसी जोगेंद्र, पीएचसी अल्ताफ और कांस्टेबल मुकेश शामिल थे। टीम अपने वाहन से ओडिशा पहुंची और वहां स्थानीय अदालत में आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर आरोपी को हिरासत में लिया तथा उसकी ट्रांजिट रिमांड हासिल की।

## होटल या ठहरने के स्थान पर हुई घटना
ट्रांजिट रिमांड प्राप्त करने के बाद पुलिस टीम आरोपी को लेकर हरियाणा लौटने की तैयारी में थी। हालांकि, रात काफी अधिक हो जाने और नजदीकी पुलिस थाना काफी दूरी पर स्थित होने के कारण टीम ने आरोपी को थाने के बजाय एक ठहरने के स्थान पर ले जाने का फैसला किया। इसी दौरान आरोपी ने शौचालय जाने का बहाना बनाया और अंदर जाकर फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी। अचानक हुई इस घटना के बाद हड़कंप मच गया और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।

## राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के नियमों का उल्लंघन
गुरुवार को आयोजित एक पत्रकार वार्ता में एसपी विनोद कुमार ने पूरे मामले की जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के दिशा-निर्देशों के अनुसार, किसी भी आरोपी की सुरक्षा और उस पर चौबीसों घंटे निगरानी रखना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है। यदि ट्रांजिट रिमांड के दौरान आरोपी को किसी थाने के बजाय अन्य स्थान पर ठहराया जाता है, तब भी उसकी सुरक्षा में किसी तरह की चूक नहीं होनी चाहिए। इस मामले में सुरक्षा नियमों और निगरानी प्रक्रिया की अनदेखी पाई गई, जिसके आधार पर पांचों पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।

## इसका आप पर असर
यह मामला पुलिस कस्टडी और ट्रांजिट रिमांड के दौरान आरोपियों की सुरक्षा व्यवस्था और प्रक्रियाओं पर गंभीर असर डालता है।

- **भारत में:** हिरासत में मौत से जुड़े मामलों में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के कड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करना अनिवार्य है। इससे पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों के मानवाधिकारों की रक्षा और सुरक्षा ऑडिट को बढ़ावा मिलता है।
- **हरियाणा में:** राज्य पुलिस बल में अंतरराज्यीय ऑपरेशनों के दौरान प्रोटोकॉल के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई का संदेश गया है। इससे पुलिस टीमों को आरोपियों के परिवहन और ठहराव के दौरान अधिक सतर्कता बरतनी होगी।

## ऐसा क्यों हुआ
यह निलंबन ट्रांजिट रिमांड के दौरान आरोपी की सुरक्षा और निगरानी में हुई गंभीर लापरवाही के कारण हुआ है।

- **मुख्य कारण:** आरोपी को पुलिस थाने में सुरक्षित रखने के बजाय एक निजी अथवा अस्थायी ठहरने के स्थान पर रखा गया था।
- **निगरानी में चूक:** आरोपी ने शौचालय जाने का बहाना बनाया और वहां खुदकुशी कर ली, जिससे पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी कमी उजागर हुई।
- **मानवाधिकार आयोग के नियम:** एनएचआरसी के दिशा-निर्देशों के तहत कस्टडी में मौजूद हर व्यक्ति की जान-माल की जिम्मेदारी पुलिस की होती है, जिसे पूरा न करने पर एसपी ने कार्रवाई की।

## सवाल-जवाब

### 1. हांसी एसपी ने कितने पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है?
हांसी के एसपी विनोद कुमार ने कुल पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया है।

### 2. निलंबित पुलिसकर्मियों में कौन-कौन शामिल हैं?
इनमें पीएसआई कपिल, एसआई सम्मत, पीएचसी जोगेंद्र, पीएचसी अल्ताफ और कांस्टेबल मुकेश शामिल हैं।

### 3. पुलिस टीम किस सिलसिले में ओडिशा गई थी?
टीम कमर्शियल क्वांटिटी के नशीले पदार्थों की तस्करी मामले के मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार करने ओडिशा गई थी।

### 4. आरोपी की मौत कैसे हुई?
ट्रांजिट रिमांड के दौरान आरोपी को ठहरने के स्थान पर ले जाया गया था, जहां उसने शौचालय में फांसी लगा ली।

### 5. कार्रवाई का मुख्य आधार क्या है?
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के नियमों के तहत आरोपी की उचित निगरानी न करने और सुरक्षा में लापरवाही को निलंबन का आधार बनाया गया।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._