पंचकूला में बना इतिहास, 221 फीट ऊंचे रावण के पुतले का हुआ भव्य दहन हरियाणा के पंचकूला में दुनिया के सबसे ऊंचे 221 फीट के रावण के पुतले को रिमोट का बटन दबाकर जलाया गया। शालीमार ग्राउंड में आयोजित इस दशहरा महोत्सव में हजारों की भीड़ ने शानदार आतिशबाजी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। हरियाणा के पंचकूला स्थित शालीमार ग्राउंड में इस बार का दशहरा उत्सव बेहद खास रहा, जहां दुनिया के सबसे ऊंचे 221 फीट के रावण के पुतले को आग के हवाले किया गया। इस विशालकाय पुतले को देखने और इस पल का गवाह बनने के लिए पंचकूला के अलावा पूरे ट्राईसिटी क्षेत्र से भारी तादाद में दर्शक मैदान में जुटे थे। आयोजन स्थल पर लोगों का उत्साह चरम पर था और हर कोई अपने कैमरों में इस ऐतिहासिक क्षण को कैद करने के लिए उत्सुक नजर आ रहा था। रिमोट कंट्रोल से हुआ रावण का दहन इस भव्य आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि रावण के इस विशाल पुतले को जलाने के लिए पारंपरिक तौर-तरीकों की बजाय आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया। कार्यक्रम के दौरान जैसे ही रिमोट कंट्रोल का बटन दबाया गया, वैसे ही 221 फीट ऊंचे पुतले में आग लग गई। इस अनोखे और तकनीकी तरीके से हुए दहन ने वहां मौजूद सभी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। पुतले में आग लगने से ठीक पहले आसमान रंग-बिरंगी रोशनी और तेज धमाकों वाली आतिशबाजी से जगमगा उठा, जिसने उत्सव के रोमांच को कई गुना बढ़ा दिया। आयोजन समितियों की खास तैयारी इस विराट उत्सव का सफल आयोजन श्री माता मनसा देवी दशहरा कमेटी और श्री आदर्श रामलीला ड्रामाट्रिक क्लब के संयुक्त प्रयासों से संपन्न हुआ। दोनों ही संगठनों ने मिलकर दर्शकों के लिए पुतले के निर्माण से लेकर सुरक्षा और मनोरंजन के पुख्ता इंतजाम किए थे। मैदान में उमड़ी हजारों की भीड़ ने अनुशासित तरीके से इस पूरे कार्यक्रम का लुत्फ उठाया। विशाल पुतले की ऊंचाई और उसकी भव्यता ने इस बार के दशहरा पर्व को सभी के लिए यादगार बना दिया। लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां धार्मिक और सांस्कृतिक उल्लास के इस पर्व में मनोरंजन का भी पूरा ध्यान रखा गया था। कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध हरियाणवी गायक तेजपाल ने अपनी बेहतरीन गायकी से समां बांध दिया। उनके लोकप्रिय गीतों की धुनों पर दर्शक झूम उठे और कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया। आतिशबाजी, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और 221 फीट ऊंचे रावण के इस अनूठे दहन ने पंचकूला के इस दशहरा महोत्सव को इस क्षेत्र का सबसे बड़ा और आकर्षक आयोजन बना दिया। इसका आप पर असर पंचकूला में हुए इस विशाल आयोजन का स्थानीय लोगों और उत्सव प्रेमियों पर सीधा असर पड़ा है। • भारत में: देश भर में आयोजित होने वाले दशहरा पर्वों में अब आयोजक तकनीक और पुतलों की भव्यता बढ़ाने पर अधिक जोर दे रहे हैं। इस तरह के आयोजनों से बड़े स्तर पर स्थानीय मेलों और बाजारों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है। • पंचकूला में: पंचकूला और आसपास के ट्राईसिटी क्षेत्रों से आने वाले दर्शकों को इस भव्य आयोजन के कारण भारी भीड़ और यातायात की स्थिति का सामना करना पड़ा। स्थानीय पुलिस और प्रशासन को आगामी बड़े मेलों के दौरान सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम करने के लिए नए सबक मिले हैं। सवाल-जवाब 1. पंचकूला में रावण का पुतला कितने फीट ऊंचा था? पंचकूला में जलाए गए रावण के पुतले की ऊंचाई 221 फीट थी। 2. यह दशहरा महोत्सव किस मैदान में आयोजित किया गया था? यह महोत्सव पंचकूला के शालीमार ग्राउंड में आयोजित किया गया था। 3. रावण के पुतले का दहन किस तकनीक से किया गया? रावण के पुतले का दहन रिमोट कंट्रोल का बटन दबाकर किया गया। 4. इस कार्यक्रम का आयोजन किसने किया था? इस कार्यक्रम का आयोजन श्री माता मनसा देवी दशहरा कमेटी और श्री आदर्श रामलीला ड्रामाट्रिक क्लब ने किया था। 5. महोत्सव में किस कलाकार ने अपनी प्रस्तुति दी? हरियाणवी गायक तेजपाल ने अपने गीतों से लोगों का मनोरंजन किया। https://trendkia.com/haryana/panchkula-men-bana-itihasa-221-phita-unche-ravana-ke-putale-ka-hua-bhavya-dahana-49854 TrendKia — Har trend, sabse pehle.