# पंचकूला में सजेगा देश का सबसे ऊंचा रावण, 34 लाख की लागत और 221 फीट ऊंचाई से बनेगा रिकॉर्ड

> हरियाणा के पंचकूला में इस बार विजयादशमी पर देश का सबसे बड़ा 221 फीट ऊंचा रावण दहन किया जाएगा। इसे अंबाला के कारीगरों ने करीब साढ़े तीन महीने में तैयार किया है।

**Type:** article · **Category:** हरियाणा · **Published:** 2026-10-16 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/haryana/panchkula-men-sajane-ja-raha-desha-ka-sabase-uncha-ravana-34-lakha-ki-lagata-se-hua-taiyara-48209 · **Language:** Hindi
**Tags:** पंचकूला, दशहरा, रावण दहन, हरियाणा, तेजेंद्र चौहान, नायब सिंह सैनी

हरियाणा के पंचकूला में इस साल विजयादशमी के पावन अवसर पर देश का सबसे बड़ा रावण दहन किया जाएगा। इस आयोजन के लिए पंचकूला के सेक्टर 5 स्थित शालीमार ग्राउंड में 221 फीट ऊंचा विशाल रावण तैयार किया गया है। आगामी 20 अक्तूबर को दशहरा के दिन यहां एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसके दौरान इस भव्य पुतले को जलाया जाएगा। इस अनोखे और विशाल आयोजन को देखने के लिए अभी से ही ट्राई सिटी के लोगों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

 

## अंबाला के कारीगरों की मेहनत से हुआ तैयार

इस विशालकाय पुतले को तैयार करने में अंबाला के बराड़ा के रहने वाले तेजेंद्र चौहान और उनकी कुशल टीम ने दिन-रात मेहनत की है। इस पूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने में 3 महीने और 15 दिन का समय लगा है और अब इस पुतले को बिल्कुल अंतिम रूप दिया जा रहा है। तेजेंद्र चौहान पिछले करीब 40 सालों से रावण के पुतले बनाने का काम कर रहे हैं और इस दौरान उन्होंने कई विश्व रिकॉर्ड बनाकर अपने ही पुराने रिकॉर्ड तोड़े हैं।

 

## विशाल क्रेन और मजदूरों की मदद से खड़ा होगा पुतला

इस भव्य पुतले को खड़ा करने के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। जानकारी के अनुसार, 17 अक्तूबर को एक 200 टन की भारी-भरकम क्रेन और दर्जनों मजदूरों की मदद से इस विशाल रावण के पुतले को जमीन पर सीधा खड़ा किया जाएगा। इस पूरी संरचना को बनाने में लगभग 34 लाख रुपए का खर्च आया है। इसे मजबूत और आकर्षक बनाने के लिए कई टन लोहा, बांस और वेलवेट के कपड़े का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया है।

 

## पर्यावरण का रखा गया है खास ख्याल

आयोजकों ने इस बात का विशेष ध्यान रखा है कि उत्सव के दौरान पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे। तेजेंद्र चौहान ने बताया कि इस बार ट्राई सिटी के लोगों के लिए पंचकूला के सेक्टर 5 शालीमार ग्राउंड का विजयादशमी का दिन बेहद ऐतिहासिक रहने वाला है। इस पुतले के दहन में केवल इको-फ्रेंडली पटाखों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे किसी भी तरह का पर्यावरण प्रदूषण न फैले। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इस विशाल रावण के पुतले का दहन रिमोट कंट्रोल का बटन दबाकर करेंगे।

 

## पुतले के अंगों का अनूठा और विशाल ढांचा

इस 221 फीट ऊंचे रावण के हर एक अंग के माप को बेहद भव्य तरीके से डिजाइन किया गया है। रावण का चेहरा विशेष रूप से फाइबर-ग्लास से तैयार किया गया है, जिसकी लंबाई 25 फीट और चौड़ाई 10 फीट है। इसके अलावा पुतले का मुकुट 55 फीट लंबा, तलवार 50 फीट लंबी, मुख्य धड़ 90 फीट लंबा और दोनों टांगें व बाजू 40-40 फीट लंबे बनाए गए हैं। इस पूरी विशाल संरचना पर लगभग 5 हजार मीटर वेलवेट का कपड़ा चढ़ाया गया है। गौरतलब है कि यहां हर साल बड़े पैमाने पर पुतला तैयार किया जाता है और पिछली बार यहां 180 फीट का रावण जलाया गया था।

## इसका आप पर असर
पंचकूला में आयोजित होने वाले इस विशाल रावण दहन कार्यक्रम का स्थानीय निवासियों और पर्यटकों पर सीधा असर पड़ेगा।

- **पंचकूला में:** सेक्टर 5 शालीमार ग्राउंड और उसके आसपास के इलाकों में 20 अक्तूबर को भारी भीड़ और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है। स्थानीय लोगों और दर्शनार्थियों को आवाजाही के दौरान रूट डायवर्जन और सुरक्षा के कड़े इंतजामों का सामना करना पड़ेगा।

- **पर्यावरण के मोर्चे पर:** इस आयोजन में इको-फ्रेंडली पटाखों के इस्तेमाल से आसपास के क्षेत्र में प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद मिलेगी। इससे बड़े पैमाने पर होने वाले आयोजनों में पर्यावरण संरक्षण का एक सकारात्मक संदेश जाएगा।

- **पर्यटन को बढ़ावा:** ट्राई सिटी क्षेत्र में देश के सबसे बड़े रावण दहन को देखने के लिए आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचेंगे। इससे स्थानीय स्तर पर छोटे कारोबारियों और दुकानदारों की बिक्री में इजाफा होने की उम्मीद है।

- **सुरक्षा और प्रबंधन:** विशाल भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे समय से पहले पहुंचे और प्रशासन द्वारा जारी ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें।

## ऐसा क्यों हुआ
पंचकूला में देश के सबसे बड़े रावण के पुतले के निर्माण और प्रदर्शन के पीछे स्थानीय कारीगरों की लंबी परंपरा और प्रशासनिक तैयारियां जुड़ी हुई हैं।

- **कारीगर का अनुभव:** अंबाला के बराड़ा निवासी तेजेंद्र चौहान पिछले करीब 40 वर्षों से रावण के पुतले बना रहे हैं और उन्होंने कई विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। इसी विशेषज्ञता के कारण उन्हें इस बार 221 फीट ऊंचे पुतले को तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।

- **हर साल बढ़ता दायरा:** इस आयोजन स्थल पर हर साल रिकॉर्ड तोड़ ऊंचे पुतले बनाने की परंपरा रही है। पिछली बार यहां 180 फीट ऊंचा रावण जलाया गया था, जिसे इस बार और अधिक भव्य बनाकर 221 फीट तक पहुंचाया गया है।

- **विशाल सामग्री का उपयोग:** पुतले को संरचनात्मक मजबूती देने के लिए कई टन लोहा, बांस, फाइबर-ग्लास और 5 हजार मीटर वेलवेट कपड़े की आवश्यकता पड़ी। इन सभी सामग्रियों के संयोजन से ही इस विशालकाय ढांचे को खड़ा करना संभव हो पाया है।

- **ऐतिहासिक और राजकीय महत्व:** इस कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा रिमोट कंट्रोल से दहन किए जाने के कारण इसे बड़े पैमाने पर आयोजित किया जा रहा है। ट्राई सिटी के लोगों के लिए यह एक ऐतिहासिक और गौरवशाली क्षण बनाने की योजना है।

## सवाल-जवाब

### 1. इस साल पंचकूला में रावण के पुतले की ऊंचाई कितनी है?
इस साल पंचकूला के सेक्टर 5 शालीमार ग्राउंड में तैयार किए गए रावण के पुतले की ऊंचाई 221 फीट है।

### 2. इस विशाल रावण के पुतले का निर्माण किसने किया है?
इस पुतले को अंबाला के बराड़ा निवासी तेजेंद्र चौहान और उनकी टीम ने मिलकर तैयार किया है।

### 3. रावण के पुतले को बनाने में कुल कितना खर्च आया है?
इस विशालकाय रावण के पुतले को तैयार करने में लगभग 34 लाख रुपए का खर्च आया है।

### 4. पुतले का दहन किसके द्वारा किया जाएगा?
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रिमोट कंट्रोल का बटन दबाकर इस विशाल रावण के पुतले का दहन करेंगे।

### 5. रावण के पुतले को जमीन पर कब खड़ा किया जाएगा?
इस रावण के पुतले को 17 अक्तूबर को 200 टन की क्रेन और मजदूरों की मदद से खड़ा किया जाएगा।

### 6. पुतले के निर्माण में पर्यावरण सुरक्षा के लिए क्या किया गया है?
इस विशाल रावण के दहन में पर्यावरण प्रदूषण से बचने के लिए विशेष रूप से इको-फ्रेंडली पटाखों का इस्तेमाल किया जाएगा।

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