# फरीदाबाद में बोरवेल हादसाः 10 घंटे चले रेस्क्यू के बाद 200 फीट गहरे गड्ढे से निकाली गई नेहा

> हरियाणा के फरीदाबाद में एक खुले बोरवेल में गिरी बच्ची को 10 घंटे के लंबे बचाव अभियान के बाद बाहर निकाल लिया गया। अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा उसकी मेडिकल जांच की जा रही है।

**Type:** article · **Category:** हरियाणा · **Published:** 2026-09-28 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/haryana/pharidabada-men-boravela-hadasah-10-ghnte-chale-reskyu-ke-bada-200-phita-gahare-gaddhe-se-nikali-gai-neha-39688 · **Language:** Hindi
**Tags:** फरीदाबाद न्यूज, बोरवेल हादसा, हरियाणा समाचार, रेस्क्यू ऑपरेशन, सीही गांव

हरियाणा के फरीदाबाद जिले के सीही गांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां लगभग 200 फीट गहरे खुले बोरवेल में गिरी एक बच्ची को करीब 10 घंटे तक चले मैराथन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बाहर निकाल लिया गया है। बचाव कार्य पूरा होने के बाद जब बच्ची को बाहर लाया गया, तो उसके शरीर में किसी भी तरह की कोई हरकत या प्रतिक्रिया दिखाई नहीं दी। इसके तुरंत बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की एक विशेष टीम उसकी गहन जांच में जुटी हुई है। फिलहाल मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही डॉक्टर यह आधिकारिक तौर पर स्पष्ट कर पाएंगे कि बच्ची की शारीरिक स्थिति कैसी है और उसमें सांसें बची हैं या नहीं।

## खेलते-खेलते खुले बोरवेल में समाई बच्ची
इस दुर्घटना का शिकार हुई बच्ची का नाम नेहा है। घटना के समय वह घर के पास अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी, तभी अचानक वह इस खुले पड़े गहरे बोरवेल में जा गिरी। बच्ची के बोरवेल में गिरने की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और तुरंत हड़कंप मच गया। नेहा के पिता रामदीन दिहाड़ी मजदूरी का काम करके अपने परिवार का गुजर-बसर करते हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह बोरवेल नगर निगम का है और पिछले करीब 10 वर्षों से बंद पड़ा था। शुरुआत में इस बोरवेल के मुंह पर पक्का ढक्कन लगा हुआ था, लेकिन कुछ दिन पहले किसी वजह से वह ढक्कन गायब हो गया था, जिसके बाद से यह खतरनाक गड्ढा लगातार खुला ही छोड़ा गया था।

## प्रशासन के खिलाफ स्थानीय लोगों में गुस्सा
इस पूरे दुखद घटनाक्रम के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में जिला प्रशासन और नगर निगम के कामकाज के प्रति भयंकर रोष और नाराजगी देखने को मिल रही है। रहवासियों का सीधा आरोप है कि यदि समय रहते नगर निगम के लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस खुले बोरवेल पर ध्यान दिया होता, तो शायद यह जानलेवा हादसा आसानी से टाला जा सकता था। आक्रोशित स्थानीय लोग अब इस मामले में दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर क्या एक्शन लेता है। फिलहाल नेहा अस्पताल में डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में है और हर कोई उसकी सलामती की दुआ कर रहा है।

## पुलिस और बचाव दल ने संभाला मोर्चा
जैसे ही इस दुर्घटना की सूचना पुलिस और आपातकालीन राहत एवं बचाव दल को मिली, प्रशासनिक अमला तुरंत हरकत में आ गया और फरीदाबाद में घटनास्थल पर पहुंच गया। बचाव दल ने बिना समय गंवाए बोरवेल के ठीक बगल में समानांतर खुदाई शुरू की और अन्य आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए बच्ची तक पहुंचने का हरसंभव प्रयास किया। पूरी टीम लगातार अथक प्रयास में जुटी रही ताकि बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके, और अंततः 10 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाल लिया गया।

## इसका आप पर असर
यह घटना देश भर में खुले और असुरक्षित बोरवेल के प्रति बरती जाने वाली लापरवाही के गंभीर खतरों को उजागर करती है।

- **भारत में:** देश के विभिन्न हिस्सों में खुले पड़े बोरवेल अक्सर मासूम बच्चों के लिए मौत का कुआं साबित होते हैं, जिससे स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
- **फरीदाबाद में:** सीही गांव और आसपास के स्थानीय निवासियों को इस घटना के बाद अपने इलाके के सभी बंद पड़े और खुले बोरवेल की तुरंत पहचान कर प्रशासन से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करवाने की मांग करनी चाहिए।

## ऐसा क्यों हुआ
यह दुखद हादसा एक खुले और लंबे समय से बंद पड़े बोरवेल की सुरक्षा में बरती गई भारी प्रशासनिक लापरवाही के कारण हुआ।

- **खुला बोरवेल:** नगर निगम का यह बोरवेल पिछले करीब 10 वर्षों से बंद पड़ा था और कुछ दिन पहले इसका सुरक्षा ढक्कन गायब हो जाने के बावजूद इसे खुला छोड़ दिया गया था।
- **बच्चों की सहजता:** घर के बाहर खेल रहे छोटे बच्चे अक्सर आसपास के खतरों से अनजान होते हैं, जिसके चलते नेहा खेलते-खेलते इस खतरनाक खुले गड्ढे में जा गिरी।
- **प्रशासनिक सुस्ती:** स्थानीय लोगों के अनुसार यदि समय रहते निगम कर्मचारियों द्वारा गायब ढक्कन को दोबारा लगा दिया जाता, तो इस दुर्घटना को होने से रोका जा सकता था।

## सवाल-जवाब

### 1. यह हादसा किस जगह पर हुआ है?
यह दुर्घटना हरियाणा के फरीदाबाद जिले के सीही गांव में हुई है।

### 2. बोरवेल में गिरने वाली बच्ची का नाम क्या है?
बोरवेल में गिरने वाली बच्ची का नाम नेहा है।

### 3. बोरवेल कितना गहरा था?
वह खुला बोरवेल करीब 200 फीट गहरा था।

### 4. बोरवेल किसका था और कितने समय से बंद था?
यह बोरवेल नगर निगम का था और करीब 10 साल से बंद पड़ा था।

### 5. बोरवेल खुला क्यों रह गया था?
पहले बोरवेल पर ढक्कन लगा हुआ था, लेकिन कुछ दिन पहले उसका ढक्कन गायब हो गया था जिसके बाद वह खुला रह गया।

### 6. रेस्क्यू ऑपरेशन कितने घंटे चला?
बच्ची को बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान करीब 10 घंटे तक चला।

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