हरियाणा में बिजली कर्मियों की तीन दिवसीय हड़ताल, हिसार में धारा 163 लागू और पुलिस बल तैनात हरियाणा में कर्मचारियों की हड़ताल शुरू होने के बाद हिसार जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। स्थिति से निपटने के लिए प्रमुख बिजली प्रतिष्ठानों के पास धारा 163 लागू कर दी गई है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। हरियाणा में बीती रात से बिजली कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं क्योंकि सरकार और कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई। इसके बाद हरियाणा पावर एम्प्लॉईज यूनियन ने 22 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक हड़ताल पर रहने की घोषणा की है। इस फैसले के बाद हिसार जिला प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने और बिजली आपूर्ति को सामान्य रखने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। संवेदनशील बिजली प्रतिष्ठानों पर कड़ी निगरानी जिला प्रशासन ने सब-स्टेशन, डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम और थर्मल पावर स्टेशन पर विशेष नजर रखने का निर्णय लिया है। इन सभी महत्वपूर्ण स्थानों की निगरानी के लिए उच्च अधिकारियों की ड्यूटी तय की गई है। कंट्रोल रूम में वरिष्ठ स्तर के अधिकारी चौबीस घंटे तैनात रहेंगे ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि बिजली ढांचे को सुरक्षित रखा जा सके। अस्पतालों और जलापूर्ति पर विशेष ध्यान प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि हड़ताल के इस दौर में आम जनता को ज्यादा परेशानी न हो, इसके लिए विशेष सेवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। हॉस्पिटल, वाटर सप्लाई और रेलवे जैसी सभी एसेंशियल सर्विसेज में बिजली की आपूर्ति बिना किसी रुकावट के जारी रखने के लिए खास प्रबंध किए गए हैं ताकि जरूरी कामकाज प्रभावित न हो। धारा 163 लागू और पुलिस बल की तैनाती कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। सभी बिजली संस्थानों के सौ मीटर के दायरे में धारा 163 लागू कर दी गई है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि किसी ने अव्यवस्था फैलाने की कोशिश की तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बिजली विभाग के काम की आड़ में किसी भी तरह का उपद्रव रोकने के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं। पूरे जिले में उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक की सीधी निगरानी में सुरक्षा व्यवस्था संभाली जा रही है। सब-स्टेशन, डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम और थर्मल पावर स्टेशन सहित अन्य प्रमुख बिजली संस्थानों पर कुल 400 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा बीस क्विक रिस्पांस एवं इमरजेंसी टीमें बनाई गई हैं और पर्याप्त संख्या में ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं जो पुलिस अधिकारियों के साथ तैनात रहेंगे। चौबीस घंटे सक्रिय नियंत्रण कक्ष और हेल्पलाइन नंबर स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए विभिन्न कार्यालयों में चौबीस घंटे काम करने वाले कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। उपायुक्त कार्यालय के कंट्रोल रूम का नंबर 01662-231137 है, पुलिस अधीक्षक कार्यालय के कंट्रोल रूम का नंबर 01662-237150 और 8814012342 है, जबकि दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के कंट्रोल रूम का नंबर 09812452597 है। इन सभी नियंत्रण कक्षों में विभिन्न शिफ्टों में अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या गड़बड़ी की सूचना मिलने पर तुरंत 112 नंबर पर भी कॉल करके जानकारी दी जा सकती है। सरकार का पक्ष और मंत्रियों के बयान इस पूरे मामले पर सरकार की तरफ से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। बिजली मंत्री अनिल विज ने चंडीगढ़ में यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी और बातचीत में स्थिति को सुलझाने का प्रयास किया था। उन्होंने बताया कि सरकार ने भी नूंह और गुरुग्राम में किसी निजी कंपनी को बिजली सप्लाई देने का विरोध किया था। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नियामक आयोग के इस फैसले के खिलाफ अदालत में अपील की जाएगी। इसका आप पर असर बिजली कर्मचारियों की इस हड़ताल का सीधा असर आम नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी और जरूरी सेवाओं पर पड़ सकता है। • भारत में: राज्य स्तर पर बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका से औद्योगिक और घरेलू उपभोक्ताओं को सतर्क रहना चाहिए। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन और नियंत्रण कक्ष पूरी तरह सक्रिय हैं। • हिसार में: हिसार जिले में सभी प्रमुख बिजली प्रतिष्ठानों के पास धारा 163 लागू कर दी गई है और सुरक्षा के लिए 400 जवान तैनात किए गए हैं। स्थानीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि किसी भी असुविधा या गड़बड़ी की सूचना तुरंत हेल्पलाइन नंबर 112 पर दें। ऐसा क्यों हुआ बिजली कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने का मुख्य कारण सरकार और यूनियन के बीच मांगों को लेकर बनी सहमति का अभाव है। • बातचीत का विफल होना: सरकार और बिजली कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के बीच चंडीगढ़ में हुई वार्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी, जिसके बाद यूनियन ने हड़ताल का रास्ता चुना। • निजीकरण का विरोध: कर्मचारी नूंह और गुरुग्राम जैसे इलाकों में बिजली सप्लाई निजी कंपनियों को सौंपने के फैसलों और नीतियों का विरोध कर रहे हैं। • प्रशासनिक तैयारी: हड़ताल के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने और आपातकालीन सेवाओं को सुचारू रखने के लिए प्रशासन ने एहतियातन कड़े सुरक्षा प्रबंध किए हैं। सवाल-जवाब 1. हरियाणा में बिजली कर्मचारी कब से हड़ताल पर हैं? हरियाणा में बिजली कर्मचारी बीती रात से हड़ताल पर चले गए हैं और यह हड़ताल 22 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक घोषित की गई है। 2. हिसार में प्रशासन ने सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए हैं? हिसार में सभी बिजली संस्थानों के सौ मीटर के दायरे में धारा 163 लागू कर दी गई है और 400 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। 3. हड़ताल के दौरान कौन सी जरूरी सेवाएं चालू रहेंगी? हस्पताल, वाटर सप्लाई और रेलवे जैसी सभी एसेंशियल सर्विसेज में बिजली की आपूर्ति सुचारू बनाए रखी जाएगी। 4. हिसार में जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम का नंबर क्या है? उपायुक्त कार्यालय के कंट्रोल रूम का नंबर 01662-231137 और पुलिस अधीक्षक कार्यालय का नंबर 01662-237150 तथा 8814012342 है। 5. बिजली मंत्री अनिल विज ने इस मामले पर क्या कहा? बिजली मंत्री अनिल विज ने बताया कि सरकार ने नूंह और गुरुग्राम में निजी कंपनी को बिजली सप्लाई देने का विरोध किया था और नियामक आयोग के फैसले के खिलाफ अपील की जाएगी। https://trendkia.com/haryana/power-employees-begin-strike-in-haryana-section-163-imposed-and-heavy-police-deployed-in-hisar-50364 TrendKia — Har trend, sabse pehle.