राजनीति की दीवारें हुईं पार, भाजपा के शाहनवाज हुसैन और कांग्रेस के अकरम खान बने समधी भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन के बेटे अरबाज और हरियाणा के कांग्रेस विधायक अकरम खान की बेटी अफशां खान निकाह के बंधन में बंध गए हैं। दिल्ली में हुए इस विवाह समारोह में सत्ता और विपक्ष के कई दिग्गज नेता शामिल हुए। राजनीतिक और वैचारिक मतभेदों को दरकिनार करते हुए दो जाने-माने सियासी परिवारों के बीच नया रिश्ता जुड़ गया है। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पार्टी के दो दिग्गज नेताओं के बीच अब समधी का नाता कायम हो चुका है। यह अनूठा गठबंधन बिहार के भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन और हरियाणा के कांग्रेस विधायक अकरम खान के परिवारों के बीच हुआ है। अकरम खान की बेटी अफशां खान और शाहनवाज हुसैन के बेटे अरबाज हुसैन का निकाह संपन्न हो गया है, जिसकी चर्चा चारों तरफ हो रही है। इस हाई-प्रोफाइल शादी की रस्में राजधानी दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित पीएसओआई क्लब में पूरी की गईं। दोनों ने तीन दिन पहले ही दिल्ली में निकाह किया था और इसके बाद गत 26 अक्तूबर को एक भव्य रिसेप्शन पार्टी का आयोजन किया गया था। इस शादी में शिरकत करने के लिए राजनीतिक गलियारों से कई बड़े नाम पहुंचे थे। शादी समारोह के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत पक्ष-विपक्ष के कई प्रमुख नेता उपस्थित रहे। कांग्रेस विधायक अकरम खान की बेटी अफशां खान ने अपनी शादी से जुड़ी कई वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की हैं। इनमें से एक वीडियो में वह अपने पिता के साथ काफी भावुक नजर आ रही हैं। इस दौरान अकरम खान कहते हुए दिखते हैं कि कभी वह अपनी बेटी के लिए खिलौने लाया करते थे और आज उसके लिए शादी का जोड़ा लेकर आए हैं। इसके अलावा अफशां ने राहुल गांधी के साथ भी अपनी एक तस्वीर शेयर की है, जिसमें वह उन्हें अपनी शादी का न्यौता देती हुई नजर आ रही हैं। अफशां खान हरियाणा के यमुनानगर जिले के गांव खिजरी की रहने वाली हैं और उन्होंने मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। उनका राजनीतिक परिवार से गहरा नाता रहा है और उनके परिवार की तीन पीढ़ियां राजनीति में सक्रिय हैं। अफशां के दादा चौधरी मोहम्मद असलम खान वर्ष 1987 और 1991 में छछरौली से विधायक चुने गए थे। वहीं उनके पिता अकरम खान ने साल 1996 में पहली बार निर्दलीय चुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया था। अकरम खान वर्ष 1999 में ओमप्रकाश चौटाला की सरकार में गृह राज्य मंत्री रह चुके हैं और बाद में विधानसभा के उपाध्यक्ष भी बने। इसके बाद वर्ष 2009 में उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर जगाधरी सीट से जीत हासिल की और बाद में कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए। उन्होंने हाल ही में संपन्न हुआ 2024 का विधानसभा चुनाव कांग्रेस पार्टी के टिकट पर जीता है। दूसरी ओर, अफशां के शौहर और शाहनवाज हुसैन के बेटे अरबाज हुसैन का इंपोर्ट-एक्सपोर्ट का कारोबार है। भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन मूल रूप से बिहार के सुपौल जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने साल 1994 में रेणु शर्मा के साथ प्रेम विवाह किया था और उनके दो बेटे अरबाज तथा अदीब हैं। शाहनवाज हुसैन ने वर्ष 1999 में किशनगंज लोकसभा सीट से सांसद का चुनाव जीता था और अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार में खाद्य प्रसंस्करण, कोयला, नागरिक उड्डयन और कपड़ा मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री रहे थे। इस शादी के उपलक्ष್ಯ में आयोजित रिसेप्शन समारोह में कांग्रेस और भाजपा के कई दिग्गज नेता शामिल हुए। बीते सोमवार को दिल्ली में आयोजित इस रिसेप्शन में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, भाजपा नेता नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मनोहर लाल खट्टर और कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के कई प्रतिष्ठित नेता उपस्थित रहे। इस तरह से इस सियासी रिश्ते ने राजनीतिक सरगर्मी के बीच आपसी मेलजोल की एक अनूठी मिसाल पेश की है। इसका आप पर असर यह एक व्यक्तिगत पारिवारिक समारोह है जिसका आम नागरिकों के दैनिक जीवन, कर, कीमतों या नौकरियों पर कोई सीधा प्रभाव नहीं पड़ता है। • राजनीतिक गलियारे: Across India: इस हाई-प्रोटिफ़ाइल विवाह में विभिन्न दलों के दिग्गजों के शामिल होने से राजनीतिक हलकों में व्यक्तिगत संबंधों की चर्चा तेज हो गई है। इसका नीतिगत निर्णयों या शासन प्रणाली पर कोई असर नहीं पड़ेगा। • स्थानीय स्तर पर: Yamunanagar in Haryana: यमुनानगर और आसपास के क्षेत्रों में स्थानीय राजनीतिक परिवारों के बीच इस नए रिश्ते को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है। इससे आम जनता की रोजमर्रा की जिंदगी पर कोई व्यावहारिक बदलाव नहीं आएगा। ऐसा क्यों हुआ यह रिश्ता दो राजनीतिक परिवारों के आपसी मेल-जोल और निजी पसंद के आधार पर तय हुआ है, जिसका कोई राजनीतिक या प्रशासनिक कारण नहीं है। • पारिवारिक संबंध: व्यक्तिगत निर्णय: यह विवाह पूरी तरह से दोनों परिवारों की आपसी सहमति और व्यक्तिगत जीवन के निर्णयों का परिणाम है। इसमें किसी भी प्रकार का राजनीतिक गठबंधन या रणनीतिक कारण शामिल नहीं है। • समारोह का स्वरूप: विशिष्ट आयोजन: विवाह और रिसेप्शन के दौरान देश के कई वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि व्यक्तिगत आयोजनों में राजनीतिक मतभेद अक्सर पृष्ठभूमि में चले जाते हैं। सवाल-जवाब 1. अकरम खान कौन हैं? अकरम खान हरियाणा के यमुनानगर जिले की जगाधरी सीट से कांग्रेस विधायक हैं। 2. शाहनवाज हुसैन कौन हैं? शाहनवाज हुसैन भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री हैं। 3. किसकी शादी किससे हुई है? कांग्रेस विधायक अकरम खान की बेटी अफशां खान का विवाह भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन के बेटे अरबाज हुसैन के साथ हुआ है। 4. यह निकाह और रिसेप्शन समारोह कहां आयोजित हुआ था? निकाह दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित पीएसओआई क्लब में संपन्न हुआ था और रिसेप्शन भी दिल्ली में ही आयोजित किया गया था। 5. रिसेप्शन समारोह में कौन-कौन से बड़े नेता शामिल हुए थे? समारोह में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मनोहर लाल खट्टर सहित कई प्रमुख नेता शामिल हुए थे। https://trendkia.com/haryana/rajaniti-ki-divaren-huin-para-bjp-ke-shahnawaz-hussain-aura-congress-ke-akram-khan-bane-samadhi-52436 TrendKia — Har trend, sabse pehle.