# रोहतक में चार साल की मासूम से दुष्कर्म के मामले में पिता और मां रिमांड पर, काउंसलिंग में खुला सच

> हरियाणा के रोहतक में चार वर्षीय बच्ची के यौन उत्पीड़न मामले में पुलिस ने माता-पिता को पांच दिन के रिमांड पर लिया है। स्कूल पर झूठा आरोप मढ़ने वाले पिता की करतूत तीसरी काउंसलिंग में सामने आई।

**Type:** article · **Category:** हरियाणा · **Published:** 2026-10-18 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/haryana/rohtak-men-chara-sala-ki-masuma-se-dushkarma-ke-mamale-men-pita-aura-man-rimanda-para-kaunsalinga-men-khula-sacha-49071 · **Language:** Hindi
**Tags:** रोहतक, हरियाणा पुलिस, बाल कल्याण समिति, अपराध जांच, काउंसलिंग, रिमांड

हरियाणा के रोहतक जिले में चार साल की एक मासूम बच्ची के साथ हुए गंभीर यौन उत्पीड़न के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस घिनौने अपराध को किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि बच्ची के अपने ही पिता ने अंजाम दिया था। मामले की सच्चाई सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्ची के पिता और मां दोनों को गिरफ्तार कर पांच दिन के पुलिस रिमांड पर ले लिया है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी पिता पोर्न वीडियो देखने का आदी था और उसने खुद अपनी मासूम बेटी के साथ दरिंदगी कर पूरा दोष स्कूल के एक नाबालिग छात्र के सिर मढ़ दिया था। लगभग डेढ़ महीने तक चली बारीकी से जांच के बाद इस पूरी साजिश का पर्दाफाश हो सका।

## स्कूल पर लगाया था झूठा आरोप और किया था हंगामा
इस पूरे प्रकरण की शुरुआत सितंबर के महीने में हुई थी। बच्ची की मां ने 16 सितंबर को औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी चार वर्षीय बेटी के साथ गलत काम किया गया है। शिकायत में मां का दावा था कि 15 सितंबर को जब बच्ची स्कूल से घर लौटी, तो उसके प्राइवेट पार्ट में सूजन देखी गई थी। इसके बाद 17 सितंबर को बच्ची का पिता गांव के अन्य लोगों को साथ लेकर स्कूल पहुंच गया और वहां जमकर हंगामा खड़ा कर दिया। पिता और मां ने आरोप लगाया था कि स्कूल का एक लड़का बच्ची को बिस्किट का लालच देकर बाथरूम में ले गया था और मुंह पर टेप चिपकाकर उसके साथ ज्यादती की थी।

स्कूल प्रशासन और प्रिंसिपल ने परिसर में ऐसी किसी भी घटना के होने से पूरी तरह इनकार किया था। इसके बाद स्कूल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली गई, लेकिन फुटेज में किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि या घटना का कोई प्रमाण नहीं मिला। स्कूल में कोई सुराग न मिलने पर पुलिस और बाल कल्याण समिति का संदेह गहराने लगा।

## काउंसलिंग के दौरान कैसे गहराया माता-पिता पर शक
मामले की गंभीरता को देखते हुए महम DSP तनुज शर्मा ने विस्तृत जांच की कमान संभाली। मामले में बच्ची के दो बार औपचारिक बयान दर्ज कराए गए और दो अलग-अलग सत्रों में उसकी काउंसलिंग भी की गई। शुरुआती दो सत्रों के दौरान बच्ची लगातार स्कूल के ही एक छात्र का नाम लेती रही। सीडब्ल्यूसी रोहतक के चेयरमैन एडवोकेट सतीश कौशिक के अनुसार, पहले के दो काउंसलिंग सत्रों में बच्ची के माता-पिता की मौजूदगी और उनके व्यवहार ने समिति के मन में गंभीर संदेह पैदा कर दिया था। दोनों बार काउंसलिंग के दौरान बच्ची के बोलने से पहले उसके माता-पिता ही बीच में बोलने लगते थे और जवाब देने का प्रयास कर रहे थे।

## तीसरे अकेले सत्र में सामने आया पूरा घटनाक्रम
संदेह पुख्ता होने पर जांच दल और काउंसलर ने तीसरी बार बच्ची की काउंसलिंग पूरी तरह अकेले में करने का निर्णय लिया। इस तीसरे सत्र में जैसे ही बच्ची को माता-पिता के प्रभाव और दबाव से अलग किया गया, उसने सच बयां करते हुए सीधे अपने मम्मी-पापा का नाम ले लिया। काउंसलिंग के इस खुलासे की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई।

पुलिस ने जब माता-पिता को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो बच्ची की मां टूट गई और उसने पूरे घटनाक्रम की पुष्टि कर दी। मां ने स्वीकार किया कि उसकी आंखों के सामने ही बच्ची के पिता ने मासूम के साथ गलत काम किया था, लेकिन उसने डर और सामाजिक बदनामी के चलते सच्चाई को दबाए रखा और झूठी कहानी गढ़ी। इसके बाद जब पिता से सख्ती से पूछताछ हुई, तो उसने भी अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद अदालत ने दोनों को रिमांड पर भेज दिया।

## इसका आप पर असर
यह घटना बच्चों की सुरक्षा और माता-पिता या अभिभावकों द्वारा बाल दुर्व्यवहार के संकेतों को पहचानने के प्रति समाज को सतर्क करती है।

- **भारत में:** देश भर में बाल संरक्षण एजेंसियां ऐसे मामलों से निपटने के लिए सख्त कानूनी प्रावधानों और स्वतंत्र चाइल्ड काउंसलिंग प्रोटोकॉल पर निर्भर करती हैं। यदि किसी बच्चे के व्यवहार या स्वास्थ्य में अप्रत्याशित बदलाव दिखे, तो तुरंत स्वास्थ्य विशेषज्ञों और बाल अधिकार हेल्पलाइन से संपर्क करना चाहिए।
- **रोहतक में:** स्थानीय प्रशासन और रोहतक बाल कल्याण समिति ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों पर लगाए गए झूठे आरोपों और पारिवारिक मामलों की निष्पक्ष जांच की जाएगी। स्थानीय स्कूल परिसरों में सीसीटीवी निगरानी और बाहरी सुरक्षा जांच आगे भी जारी रहेगी।
- **माता-पिता और शिक्षकों के लिए:** जब छोटे बच्चे किसी घटना पर स्पष्ट बोलने में हिचकिचाएं, तो विशेषज्ञ मनोवैज्ञानिकों से स्वतंत्र रूप से बातचीत कराना अनिवार्य हो जाता है। बच्चों की सुरक्षा के लिए किसी भी संदिग्ध शारीरिक लक्षण को नजरअंदाज न करते हुए तुरंत मेडिकल जांच करानी चाहिए।
- **कानूनी कार्रवाई:** पुलिस द्वारा झूठी शिकायत दर्ज कराने और अपराध छिपाने के मामले में माता-पिता दोनों के खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। ऐसे मामलों में शामिल आरोपियों को अदालत में कठोर रिमांड और न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना पड़ता है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह मामला पारिवारिक अपराध, विकृत मानसिकता और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए रची गई झूठी साजिश का परिणाम है।

- **आरोपी की विकृत मानसिकता:** पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी पिता पोर्न वीडियो देखने का लती था, जिसके कारण उसने अपनी चार वर्षीय मासूम बेटी के साथ दरिंदगी को अंजाम दिया।
- **दोष छिपाने की सोची-समझी साजिश:** घर में किए गए अपराध को छिपाने के लिए माता-पिता ने स्कूल के एक छात्र पर झूठा आरोप लगाया और परिजनों तथा ग्रामीणों के साथ स्कूल में प्रदर्शन कर जांच को भटकाने का प्रयास किया।
- **सीसीटीवी और स्वतंत्र काउंसलिंग से पर्दाफाश:** स्कूल के सीसीटीवी फुटेज में कोई संदिग्ध गतिविधि न मिलने और तीसरी काउंसलिंग में बच्ची को अकेले बैठाकर सवाल पूछने से पूरी मनगढ़ंत कहानी ध्वस्त हो गई।
- **मां द्वारा अपराध पर पर्दा डालना:** मां ने अपनी आंखों के सामने घटना होते देखने के बावजूद सामाजिक डर और पारिवारिक दबाव में सच छिपाए रखा और झूठी शिकायत दर्ज कराई।

## सवाल-जवाब

### 1. रोहतक में चार वर्षीय बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न का मुख्य आरोपी कौन है?
जांच के अनुसार, बच्ची के साथ घिनौना कृत्य उसके अपने पिता ने ही किया था।

### 2. पुलिस ने माता-पिता के खिलाफ क्या कानूनी कदम उठाया है?
पुलिस ने आरोपी पिता और अपराध छिपाने वाली मां दोनों को गिरफ्तार कर पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।

### 3. माता-पिता ने शुरुआत में क्या झूठी कहानी बनाई थी?
उन्होंने आरोप लगाया था कि 15 सितंबर को स्कूल का एक छात्र बच्ची को बिस्किट का झांसा देकर बाथरूम में ले गया और मुंह पर टेप लगाकर गलत काम किया।

### 4. स्कूल पर लगे आरोपों की पुष्टि क्यों नहीं हो सकी?
स्कूल प्रिंसिपल ने ऐसी किसी घटना से इनकार किया और सीसीटीवी कैमरों की जांच में कोई संदिग्ध गतिविधि नहीं मिली।

### 5. काउंसलिंग के दौरान अधिकारियों को माता-पिता पर शक कैसे हुआ?
शुरुआती दो काउंसलिंग सत्रों में बच्ची के बोलने से पहले उसके माता-पिता ही बीच में बोलने और जवाब देने की कोशिश कर रहे थे।

### 6. सच्चाई किस तरह सामने आई?
तीसरी काउंसलिंग में जब बच्ची से अकेले में पूछताछ की गई, तो उसने सीधे तौर पर अपने मम्मी-पापा का नाम ले लिया।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._