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  "title": "सोनीपत के अभिषेक सरोहा ने एचसीएस परीक्षा में किया टॉप, घर पर खुद पढ़कर हासिल की पहली रैंक",
  "summary": "हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा के घोषित नतीजों में गोहाना के अभिषेक सरोहा ने 93 हजार अभ्यर्थियों को पछाड़ते हुए राज्यभर में पहला स्थान हासिल किया है।",
  "content": "हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सर्विस परीक्षा में सोनीपत के गोहाना निवासी अभिषेक सरोहा ने राज्यभर में पहला स्थान हासिल कर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। इस प्रतिष्ठित परीक्षा के लिए 93 हजार युवाओं ने अपनी दावेदारी पेश की थी, जिन्हें पीछे छोड़ते हुए अभिषेक ने मेरिट सूची में शीर्ष मुकाम पाया। पहले प्रयास में मात खाने के बाद उन्होंने कोचिंग का सहारा छोड़ दिया था और पूरी तैयारी अपने दम पर घर बैठकर की। लगातार दो बार इंटरव्यू में पिछड़ने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और तीसरे प्रयास में सफलता का परचम लहराया।\n\nशुरुआती असफलताएं और कोचिंग छोड़ने का कड़ा फैसला\nअभिषेक का बचपन से लेकर 12वीं कक्षा तक का शैक्षणिक सफर पानीपत में पूरा हुआ। इसके बाद उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए वह दिल्ली चले गए, जहां रहकर उन्होंने राज्य सिविल सेवा परीक्षा की गंभीरता से तैयारी शुरू की। हालांकि यह सफर आसान नहीं रहा। उनके चाचा तेजेंद्र सरोहा के अनुसार, अभिषेक ने अपने पहले और दूसरे दोनों ही प्रयासों में मुख्य परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर ली थी, लेकिन दोनों ही मौकों पर इंटरव्यू में कम अंक मिलने से अंतिम सूची में उनका चयन रुक गया।\n\nपहले प्रयास में अपेक्षित परिणाम न मिलने पर अभिषेक ने किसी भी कोचिंग संस्थान से नाता तोड़ लिया था। जब दूसरे प्रयास में भी चयन से चूक गए, तो उनका मनोबल काफी टूट गया था। ऐसे नाजुक वक्त में उनके परिवार ने उनका हौसला टूटने नहीं दिया और उन्हें तीसरे प्रयास के लिए लगातार मानसिक रूप से तैयार किया। पारिवारिक सहयोग और अटूट मेहनत की बदौलत उन्होंने तीसरे प्रयास में शानदार प्रदर्शन किया।\n\nपरिवार की पृष्ठभूमि और घर पर रहकर की गई तैयारी\nकोचिंग से दूरी बनाने के बाद अभिषेक गोहाना के सेक्टर 7 स्थित अपने घर पर ही नियमित अध्ययन करते रहे। इस बार के साक्षात्कार चरण में उन्हें 42 अंक हासिल हुए। हालांकि मुख्य परीक्षा में उनके द्वारा बटोरे गए बेहतरीन अंकों ने उन्हें मेरिट लिस्ट में सीधे पहले पायदान पर पहुंचा दिया।\n\nअभिषेक के पिता जगबीर सरोहा शहर के एक निजी शिक्षण संस्थान, आरके हिंदू स्कूल में मैनेजिंग डायरेक्टर की जिम्मेदारी संभालते हैं। उनकी माता गृहिणी हैं और घर संभालती हैं। परिवार में उनके बड़े भाई विनय सरोहा सीमा सड़क संगठन यानी बीआरओ में जूनियर इंजीनियर के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अभिषेक के टॉपर बनने से पूरे परिवार और गोहाना क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।\n\nशीर्ष तीन रैंक और परीक्षा प्रक्रिया का पूरा ब्योरा\nहरियाणा सिविल सेवा की इस संयुक्त परीक्षा में कुल 675 अंकों में से अभिषेक सरोहा ने 394.50 अंक बटोरकर पहला स्थान सुरक्षित किया। इस सूची में 392.90 अंकों के साथ कुलदीप दूसरे स्थान पर रहे, जबकि लखनऊ की इशा काला ने 388.60 अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान अपने नाम किया।\n\nहरियाणा लोक सेवा आयोग ने राज्य में कुल 102 प्रशासनिक पदों को भरने के लिए 26 अप्रैल को प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन किया था, जिसके लिए 93 हजार युवाओं ने पंजीकरण कराया था। इसके बाद मुख्य परीक्षा आयोजित हुई, जिसका परिणाम 17 सितंबर को घोषित किया गया था। आयोग ने पंचकूला में 3 से 8 अक्टूबर तक साक्षात्कार और व्यक्तित्व परीक्षण का दौर आयोजित किया था, जिसके तुरंत बाद अंतिम चयन सूची जारी की गई।\n\nइसका आप पर असर\nहरियाणा सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम जारी होने से प्रशासनिक पदों की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो गई है और अभ्यर्थियों को मेरिट स्थिति की स्पष्टता मिली है।\n\n• हरियाणा में: राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 102 रिक्त प्रशासनिक पदों पर नए अधिकारियों की तैनाती का रास्ता साफ हो गया है। सफल अभ्यर्थियों को जल्द ही राज्य की प्रशासनिक सेवाओं में विभिन्न दायित्व सौंपे जाएंगे।\n• प्रतियोगी छात्रों के लिए: अभिषेक सरोहा की सफलता यह दर्शाती है कि बिना कोचिंग के भी व्यवस्थित सेल्फ स्टडी से राज्य स्तरीय शीर्ष परीक्षा में पहली रैंक पाई जा सकती है। साक्षात्कार में दो बार पिछड़ने के बाद मिली यह जीत उन अभ्यर्थियों को प्रेरित करती है जो इंटरव्यू स्तर पर असफल हो रहे हैं।\n• प्रतीक्षारत उम्मीदवारों के लिए: चयन सूची जारी होने के साथ ही भर्ती की औपचारिक प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। चयनित उम्मीदवार अब अपने नियुक्ति पत्रों और आधिकारिक प्रशासनिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों की सूचना का इंतजार कर सकते हैं।\n• पारिवारिक और स्थानीय स्तर पर: गोहाना और सोनीपत क्षेत्र में स्थानीय युवाओं के लिए यह परिणाम सिविल सेवा की तैयारी की दिशा में बड़ा प्रोत्साहन बना है। कई युवा अब घर पर रहकर अपनी तैयारी की रणनीति को नए सिरे से तैयार कर सकते हैं।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह परिणाम हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा 102 प्रशासनिक पदों को भरने के लिए शुरू की गई बहुस्तरीय चयन प्रक्रिया के संपन्न होने के बाद जारी हुआ है।\n\n• परीक्षा प्रक्रिया का समापन: आयोग ने 26 अप्रैल को आयोजित प्रारंभिक परीक्षा से लेकर मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के सभी चरण पूर्ण कर लिए थे। पंचकूला में 3 से 8 अक्टूबर तक चले इंटरव्यू के तुरंत बाद अंतिम मेरिट जारी की गई।\n• अभिषेक का व्यक्तिगत संकल्प: पहले दो प्रयासों में मुख्य परीक्षा पास करने के बावजूद इंटरव्यू में कम अंक आने से उनका चयन नहीं हो सका था। परिवार के प्रोत्साहन के बाद उन्होंने तीसरे प्रयास में मुख्य परीक्षा में इतने अधिक अंक हासिल किए कि साक्षात्कार के औसत अंकों के बावजूद वह शीर्ष पर रहे।\n• सेल्फ स्टडी की रणनीति: पहले प्रयास के बाद कोचिंग छोड़ देने के कारण उन्होंने घर पर ही नियमित अध्ययन का ढांचा तैयार किया। स्वतंत्र रूप से की गई इस तैयारी ने उन्हें 93 हजार आवेदकों की प्रतिस्पर्धा में सर्वोच्च स्थान दिलाया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा में पहला स्थान किसने हासिल किया?\nसोनीपत जिले के गोहाना निवासी अभिषेक सरोहा ने राज्य सिविल सेवा परीक्षा में प्रथम रैंक प्राप्त की।\n\n2. अभिषेक सरोहा ने कुल कितने अंक प्राप्त किए?\nउन्होंने 675 कुल अंकों में से 394.50 अंक हासिल करके टॉप किया, जिसमें 42 अंक इंटरव्यू के शामिल हैं।\n\n3. इस परीक्षा में दूसरे और तीसरे स्थान पर कौन रहा?\nकुलदीप 392.90 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि लखनऊ की इशा काला 388.60 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।\n\n4. यह अभिषेक का कौन सा प्रयास था?\nयह उनका तीसरा प्रयास था; इससे पहले दोनों प्रयासों में मुख्य परीक्षा पास करने के बावजूद वह इंटरव्यू में कम अंक आने से रह गए थे।\n\n5. हरियाणा लोक सेवा आयोग ने कितने पदों के लिए यह परीक्षा आयोजित की थी?\nआयोग ने कुल 102 प्रशासनिक पदों के लिए यह भर्ती परीक्षा आयोजित की थी, जिसमें 93 हजार युवाओं ने आवेदन किया था।\n\n6. साक्षात्कार और व्यक्तित्व परीक्षण कब आयोजित किए गए थे?\nपंचकूला में हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा 3 से 8 अक्टूबर तक साक्षात्कार और व्यक्तित्व परीक्षण का आयोजन किया गया था।\n\nप्रेरणा और सबक\nअभिषेक सरोहा का यह सफर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को कई व्यावहारिक सबक सिखाता है।\n\n• असफलता से न घबराना: दो बार अंतिम चयन सूची से चूकने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और लगातार तीसरी बार प्रयास किया। लगातार प्रयास और गलतियों को सुधारने का रवैया अंततः बड़ी सफलता दिलाता है।\n• कोचिंग पर निर्भरता जरूरी नहीं: पहले प्रयास के बाद कोचिंग छोड़ देने के बावजूद उन्होंने घर बैठकर तैयारी की और पूरे राज्य में टॉप किया। यह साबित करता है कि सही अनुशासन और योजनाबद्ध सेल्फ स्टडी किसी भी संस्थान की मदद से कहीं अधिक प्रभावी हो सकती है।\n• पारिवारिक संबल का महत्व: मनोबल गिरने के नाजुक दौर में परिवार के भरोसे ने उन्हें फिर से खड़ा किया। अपनों का सहयोग और सही मार्गदर्शन कठिन समय में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने में निर्णायक भूमिका निभाता है।",
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  "category": "हरियाणा",
  "publishedAt": "2026-10-09",
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