सोनीपत में सोशल मीडिया दोस्ती के बाद पहचान छिपाकर शादी का आरोप, आधार कार्ड से सामने आया सच सोनीपत की एक महिला ने आरोप लगाया है कि खुद को जॉनी बताने वाले शख्स ने पहचान छिपाकर उससे शादी की, जो बाद में तीन बच्चों का पिता जावेद निकला। हरियाणा के सोनीपत जिले से पहचान छिपाकर शादी करने और धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक महिला ने आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर दोस्ती के बाद एक युवक ने अपनी असली धार्मिक पहचान और वैवाहिक स्थिति छिपाकर हिंदू रीति-रिवाजों से उसके साथ विवाह किया। महिला के अनुसार, शादी के कई महीनों बाद पति के निजी सामान से मिले पहचान पत्र से उसकी असलियत उजागर हुई, जिसके बाद पारिवारिक विवाद, मारपीट और धमकियों का सिलसिला शुरू हो गया। पीड़िता ने अब स्थानीय पुलिस प्रशासन से सुरक्षा और आरोपियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है। सोशल मीडिया पर संपर्क और हिंदू रीति से विवाह पीड़िता के अनुसार, इस पूरे मामले की शुरुआत इंस्टाग्राम पर हुई बातचीत से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच संवाद बढ़ा और संपर्क नजदीकी में बदल गया। महिला का आरोप है कि बातचीत के दौरान युवक ने अपना नाम जॉनी बताया था और खुद को हिंदू समुदाय का सदस्य पेश किया था। रिश्ते में भरोसा बढ़ने के बाद दोनों ने हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संपन्न किया और एक-दूसरे के साथ पति-पत्नी के तौर पर जीवन बिताने लगे। छह महीने बाद आधार कार्ड से खुली असलियत महिला का कहना है कि दांपत्य जीवन के शुरुआती करीब छह महीने सामान्य तरीके से बीते, लेकिन इसके बाद एक अप्रत्याशित घटनाक्रम ने सब कुछ बदल दिया। महिला ने जब पति के बैग की तलाशी ली, तो उसमें एक आधार कार्ड मिला। उस पहचान पत्र पर जॉनी के बजाय जावेद खान नाम दर्ज था। इसके बाद महिला के सामने यह सच्चाई आई कि जिस व्यक्ति से उसने शादी की थी, वह मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखता है और सोनीपत के थरया गांव का निवासी है। पहले से शादीशुदा और तीन बच्चों का पिता निकला आरोपी पड़ताल के दौरान महिला को यह भी पता चला कि जावेद खान पहले से शादीशुदा था। उसका पहला निकाह करीब 12 वर्ष पहले हुआ था और उस शादी से उसके तीन बच्चे भी हैं। महिला के मुताबिक, इस खुलासे के कुछ ही समय बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई जब जावेद की पहली पत्नी मौके पर पहुंच गई। पहली पत्नी ने वहां भारी हंगामा किया, झगड़ा किया और जावेद को अपने साथ लेकर चली गई। बुढ़ाना में रहना, बच्चे का जन्म और फिर परिवार समेत फरार महिला का दावा है कि कुछ दिनों बाद जावेद वापस लौटा और उसने बताया कि उसका परिवार उस पर अलग होने का दबाव बना रहा है। इसके बावजूद दोनों ने साथ रहना जारी रखने का फैसला किया और वे उत्तर प्रदेश के बुढ़ाना कस्बे में जाकर रहने लगे। बुढ़ाना में रहने के दौरान महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया। कुछ समय बाद दोनों दोबारा सोनीपत लौट आए और रहने लगे। महिला का आरोप है कि हाल ही में उसका पति पिछले करीब एक सप्ताह से अपने पूरे परिवार के साथ अचानक गायब हो गया है। पुलिस में शिकायत और गंभीर धाराओं में कार्रवाई की मांग अचानक छोड़े जाने और प्रताड़ना के बाद पीड़िता ने सोनीपत के सेक्टर-27 थाना पुलिस में औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज कराई है। महिला ने अपने पति और उसके ससुराल पक्ष के लोगों पर पहचान छिपाने, धोखाधड़ी, मारपीट, छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकियां देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला ने पुलिस अधिकारियों से अपने और अपने बच्चे की जान-माल की हिफाजत सुनिश्चित करने तथा फरार आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इसका आप पर असर यह घटना सोशल मीडिया पर बने संपर्कों के आधार पर वैवाहिक निर्णय लेने से पहले कानूनी और व्यक्तिगत पृष्ठभूमि की जांच के महत्व को रेखांकित करती है। • भारत में: सोशल मीडिया पर पहचान छिपाकर शादी करने और धोखाधड़ी के मामलों को लेकर कानूनी प्रावधान बेहद कड़े हैं। नागरिकों को किसी भी वैवाहिक संबंध में प्रवेश करने से पहले परिवार और कानूनी दस्तावेजों की पुष्टि करने की सलाह दी जाती है। • सोनीपत में: सेक्टर-27 थाना क्षेत्र के निवासियों के लिए पुलिस की यह कार्रवाई स्थानीय सुरक्षा और महिला अधिकारों के संरक्षण के लिहाज से अहम है। पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर स्थानीय प्रशासन ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। • सुरक्षा उपाय: ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले व्यक्तियों के दावों की सत्यता जांचना किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए आवश्यक है। पारिवारिक और कानूनी सत्यापन से इस तरह के वैवाहिक छल-कपट से बचा जा सकता है। • कानूनी अधिकार: वैवाहिक धोखाधड़ी, पहचान छिपाने और प्रताड़ना के मामलों में भारतीय कानूनों के तहत पुलिस सुरक्षा और आपराधिक कार्रवाई का प्रावधान है। पीड़ित महिलाएं सीधे संबंधित पुलिस थाने या महिला आयोग से संपर्क साध सकती हैं। ऐसा क्यों हुआ यह घटना सोशल मीडिया पर अज्ञात पहचान के साथ संपर्क बनाने और बिना पारिवारिक सत्यापन के जल्दबाजी में शादी करने के कारण घटित हुई। • प्रत्यक्ष कारण: आरोपी ने कथित तौर पर सोशल मीडिया पर फर्जी हिंदू नाम 'जॉनी' का उपयोग किया और अपनी 12 साल पुरानी शादी तथा तीन बच्चों की बात पूरी तरह छिपाई। • पृष्ठभूमि और खुलासे की कड़ी: करीब छह महीने तक साथ रहने के बाद महिला को पति के बैग से आधार कार्ड मिला, जिससे उसका असली नाम जावेद खान और मुस्लिम पहचान उजागर हुई। • विवाद और पलायन: पहली पत्नी के हस्तक्षेप और पारिवारिक दबाव के बावजूद दोनों बुढ़ाना चले गए, लेकिन बाद में पारिवारिक तनाव और कानूनी डर के चलते आरोपी परिवार सहित फरार हो गया। सवाल-जवाब 1. पीड़िता और आरोपी की मुलाकात कैसे हुई थी? महिला और आरोपी के बीच संपर्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर बातचीत के जरिए शुरू हुआ था। 2. आरोपी ने शुरुआत में अपनी क्या पहचान बताई थी? आरोपी ने अपना नाम जॉनी बताया था और खुद को हिंदू समुदाय का सदस्य बताया था। 3. आरोपी की असली पहचान कैसे सामने आई? शादी के करीब छह महीने बाद महिला को पति के बैग से आधार कार्ड मिला, जिस पर जावेद खान नाम दर्ज था। 4. जावेद खान की पारिवारिक स्थिति के बारे में क्या खुलासा हुआ? जावेद खान पहले से शादीशुदा था, जिसकी पहली शादी करीब 12 साल पहले हुई थी और उसके तीन बच्चे भी हैं। 5. महिला ने किस पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है? महिला ने सोनीपत के सेक्टर-27 थाना पुलिस में लिखित शिकायत देकर सुरक्षा और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। https://trendkia.com/haryana/sonipat-men-soshala-midiya-dosti-ke-bada-pahachana-chhipakara-shadi-ka-aropa-aadhaar-card-se-samane-aya-sacha-43878 TrendKia — Har trend, sabse pehle.