सोनीपत नगर निगम ने मुरथल के 100 ढाबों और होटलों को भेजा नोटिस, खुले में कचरा फेंकने पर लगेगा जुर्माना मुरथल में खुले में कचरा फेंकने और गंदा पानी बहाने पर रोक लगाने के लिए नगर निगम ने करीब 100 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए हैं। नेशनल हाईवे 44 पर जलभराव रोकने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता 3 से बढ़ाकर 7.5 एमएलडी की जाएगी। सोनीपत के प्रसिद्ध खानपान केंद्र मुरथल में खुले में कचरा फेंकने और गंदा पानी बहाने वाले ढाबों व होटलों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। नगर निगम ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों की अनदेखी करने वाले लगभग 100 निजी और सरकारी प्रतिष्ठानों को चिह्नित कर नोटिस थमाए हैं। नियमों का उल्लंघन जारी रखने वाले संचालकों पर भारी जुर्माना लगाने की भी रूपरेखा तैयार कर ली गई है। इसके साथ ही क्षेत्र में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट यानी एसटीपी की क्षमता बढ़ाने की परियोजना पर काम शुरू किया गया है, ताकि नेशनल हाईवे 44 पर गंदे पानी के ठहराव से निजात मिल सके। मुरथल के प्रतिष्ठानों से निकलने वाले कचरे पर सख्ती अपने पराठों के लिए मशहूर मुरथल के ढाबों और होटलों में रोजाना बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं, जिसके कारण यहां भारी मात्रा में ठोस कचरा और अपशिष्ट जल उत्पन्न होता है। कई संचालक इस कचरे को खुले में डाल देते हैं या बिना शोधन के गंदा पानी बाहर बहा देते हैं। इससे आसपास के वातावरण में गंदगी फैलती है और स्थानीय स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित होती है। इस समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने बड़े स्तर पर निगरानी कर 100 ऐसे होटल और ढाबों की सूची तैयार की है, जहां से सबसे ज्यादा वेस्टेज बाहर निकल रहा है। इन सभी संचालकों को निर्धारित नियमों के पालन के लिए चेतावनी भरे नोटिस जारी किए गए हैं। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम 2026 के तहत जुर्माना लगाने की तैयारी सोनीपत नगर निगम के कमिश्नर हर्षित कुमार के अनुसार, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम 2026 के प्रावधानों के अंतर्गत यह कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चिन्हित प्रतिष्ठानों को कचरा निस्तारण की उचित व्यवस्था करनी होगी। यदि कोई संचालक खुले में कचरा डालता है या गंदा पानी सड़क और नालियों में छोड़ता पाया गया, तो उस पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई करते हुए जुर्माना ठोका जाएगा। निगम का प्राथमिक लक्ष्य मुरथल क्षेत्र से निकलने वाले कचरे के प्रवाह को नियंत्रित करना और हाईवे के आसपास स्वच्छता के मानकों को दुरुस्त करना है। एसटीपी की क्षमता 3 एमएलडी से बढ़कर होगी 7.5 एमएलडी कचरा प्रबंधन के साथ-साथ मुरथल में अपशिष्ट जल शोधन ढांचे को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। वर्तमान समय में मुरथल स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की कुल क्षमता 3 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) है, जो लगातार बढ़ते दबाव के सामने नाकाफी साबित हो रही है। क्षमता कम होने की वजह से कई बार गंदा पानी ओवरफ्लो होकर सीधे नेशनल हाईवे 44 पर भर जाता है। नगर निगम ने अब इस प्लांट की क्षमता को बढ़ाकर 7.5 एमएलडी करने की योजना बनाई है। क्षमता में इस विस्तार से न केवल गंदे पानी का प्रभावी शोधन सुनिश्चित होगा, बल्कि जल निकासी की रुकावटें भी दूर होंगी। हाईवे पर जलभराव रुकने से सड़क हादसों में आएगी कमी नेशनल हाईवे 44 पर गंदे पानी का जमावड़ा वाहन चालकों के लिए लंबे समय से गंभीर खतरे का सबब बना हुआ है। सड़क पर पानी भरने से गाड़ियां फिसलने और अनियंत्रित होने के कारण पहले भी कई बार सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। एसटीपी की क्षमता ढाई गुना से अधिक होने पर सड़क पर पानी भरने की नौबत नहीं आएगी। इससे मार्ग से गुजरने वाले दैनिक यात्रियों और पर्यटकों को सुगम सफर मिलेगा तथा जलभराव के चलते होने वाली दुर्घटनाओं के जोखिम में भारी कमी आएगी। इसका आप पर असर मुरथल के ढाबों पर कचरा प्रबंधन की इस सख्ती और एसटीपी क्षमता विस्तार से स्थानीय स्वच्छता और नेशनल हाईवे 44 पर यात्रा करने वाले लोगों की सुरक्षा में बड़ा सुधार होगा। • भारत में: दिल्ली से चंडीगढ़ और पंजाब की ओर नेशनल हाईवे 44 से गुजरने वाले यात्रियों को सड़क पर गंदे पानी के जमाव से मुक्ति मिलेगी। सड़क पर जलभराव खत्म होने से वाहन चालकों के लिए दुर्घटनाओं का जोखिम काफी कम हो जाएगा। • सोनीपत और मुरथल में: मुरथल के ढाबा और होटल संचालकों को अब कचरे का उचित निस्तारण सुनिश्चित करना होगा, वरना भारी जुर्माने की कार्रवाई झेलनी पड़ेगी। स्थानीय निवासियों और आसपास के इलाकों को खुले में फेंके जाने वाले कचरे और बदबूदार गंदे पानी से स्थायी राहत मिलेगी। • सड़क सुरक्षा: हाईवे पर पानी भरा होने के कारण होने वाली गाड़ियों की फिसलन और टकराव की घटनाओं पर रोक लगेगी। यात्री बिना किसी रुकावट या गति अवरोध के सुचारू रूप से अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे। • खाद्य स्वच्छता मानक: ढाबों पर कचरा निस्तारण की वैज्ञानिक व्यवस्था लागू होने से भोजनालयों के आसपास साफ-सफाई का स्तर सुधरेगा। यहां रुकने वाले पर्यटकों और भोजन प्रेमियों को अधिक स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक वातावरण मिलेगा। ऐसा क्यों हुआ मुरथल के ढाबों और होटलों से निकलने वाले अत्यधिक कचरे और अपशिष्ट जल के खुले में छोड़े जाने के कारण यह प्रशासनिक कार्रवाई और बुनियादी ढांचे में सुधार की योजना शुरू की गई है। • सीवेज शोधन की सीमित क्षमता: मुरथल में मौजूद मौजूदा एसटीपी की क्षमता केवल 3 एमएलडी है, जो ढाबों से निकलने वाले गंदे पानी के विशाल प्रवाह को संभालने में असमर्थ साबित हो रही थी। शोधन क्षमता कम होने से अनुपचारित गंदा पानी सीधे नेशनल हाईवे 44 पर ओवरफ्लो होकर बहने लगा था। • खुले में कचरा फेंकने की लापरवाही: लगभग 100 निजी और सरकारी भोजनालयों द्वारा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम 2026 की अनदेखी कर ठोस कचरा खुले मैदानों में फेंका जा रहा था। इस अव्यवस्था से न केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा था, बल्कि आसपास का पर्यावरण भी गंभीर रूप से दूषित हो रहा था। • हादसों का पुराना इतिहास: हाईवे पर जमा गंदे पानी के कारण पहले भी कई सड़क हादसे दर्ज किए जा चुके हैं। लगातार बढ़ रहे दुर्घटना के खतरों और जलभराव की जन शिकायतों के बाद नगर निगम को कड़े जुर्माने और एसटीपी क्षमता को 7.5 एमएलडी करने का निर्णय लेना पड़ा। सवाल-जवाब 1. सोनीपत नगर निगम ने किन प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए हैं? नगर निगम ने मुरथल में स्थित लगभग 100 सरकारी और निजी होटल व ढाबों को खुले में कचरा और गंदा पानी फेंकने के मामले में नोटिस जारी किए हैं। 2. ढाबा संचालकों पर यह कार्रवाई किस नियम के तहत की जा रही है? यह प्रशासनिक कार्रवाई सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम 2026 के प्रावधानों के अंतर्गत की जा रही है। 3. नियमों का उल्लंघन करने वाले ढाबों पर क्या कार्रवाई होगी? खुले में कचरा डालने और गंदा पानी बाहर छोड़ने वाले होटल व ढाबा संचालकों पर नगर निगम द्वारा सख्त जुर्माना लगाया जाएगा। 4. मुरथल के एसटीपी की क्षमता में कितना बदलाव किया जा रहा है? एसटीपी की मौजूदा क्षमता 3 एमएलडी है, जिसे बढ़ाकर 7.5 एमएलडी करने की योजना बनाई गई है। 5. नेशनल हाईवे 44 पर गंदे पानी से क्या खतरा पैदा हो रहा था? हाईवे पर गंदे पानी के भराव से वाहन चालकों को असुविधा हो रही थी और सड़क हादसों का जोखिम लगातार बना रहता था। 6. सोनीपत नगर निगम के कमिश्नर कौन हैं? सोनीपत नगर निगम के कमिश्नर हर्षित कुमार हैं, जिन्होंने इस स्वच्छता कार्रवाई की पुष्टि की है। https://trendkia.com/haryana/sonipat-nagara-nigama-ne-murthal-ke-100-dhabon-aura-hotalon-ko-bheja-notisa-khule-men-kachara-phenkane-para-lagega-jurmana-47707 TrendKia — Har trend, sabse pehle.