# सोनीपत में सड़क निर्माण पर उठे सवाल, मिट्टी पर ही बना दी गई सड़क; दो दिन में ही उखड़ने लगी परतें

> हरियाणा के सोनीपत में बड़वासनी से किलोहड़द ट्रिपल आईटी जाने वाली नई सड़क महज दो दिन में ही उखड़ने लगी है। ग्रामीणों और एक स्थानीय पार्षद ने निर्माण कार्य में भारी लापरवाही और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए काम रुकवा दिया है।

**Type:** article · **Category:** हरियाणा · **Published:** 2026-09-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/haryana/sonipata-men-saraka-nirmana-para-uthe-savala-mitti-para-hi-bana-di-gai-saraka-do-dina-men-hi-ukharane-lagi-paraten-38740 · **Language:** Hindi
**Tags:** सोनीपत सड़क निर्माण, हरियाणा पीडब्ल्यूडी, बड़वासनी सड़क मामला, संजय बड़वासिया, घटिया सड़क निर्माण

हरियाणा के सोनीपत जिले में एक अजीबोगरीब लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां सड़क बनने के महज दो दिन बाद ही वह जगह-जगह से टूटने और उखड़ने लगी है। यह ताजा मामला बड़वासनी गांव से किलोहड़द ट्रिपल आईटी की तरफ जाने वाले मार्ग का है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि ठेकेदार और संबंधित निर्माण एजेंसियों ने बुनियादी नियमों को ताक पर रखकर बिना किसी ठोस बेस तैयार किए सीधे मिट्टी के ऊपर ही डामर और सामग्री बिछा दी, जिसके चलते सड़क दो दिन का भी टिक नहीं पाई और उसकी परतें उखड़ने लगीं।

 सड़क की जर्जर हालत और घटिया निर्माण को देखकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने मौके पर इकट्ठा होकर सड़क निर्माण का काम तुरंत प्रभाव से रुकवा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि इस पूरे प्रोजेक्ट में तय मानकों की पूरी तरह से अनदेखी की गई है और बिना किसी उचित रोलर या मिट्टी की कुटाई के सीधे सतही मिट्टी पर निर्माण सामग्री उड़ेल दी गई। जब इस बात की भनक स्थानीय जनप्रतिनिधियों को लगी, तो कांग्रेस के जिला पार्षद संजय बड़वासिया भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मिलकर इस मनमानी के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया।

 

## अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
 मौके पर पहुंचे जिला पार्षद ने लोक निर्माण विभाग यानी पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों और कार्य कर रहे ठेकेदार की कार्यशैली पर कड़े सवाल खड़े किए। उनका आरोप था कि जब इतना महत्वपूर्ण निर्माण कार्य चल रहा था, तब विभाग का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर गुणवत्ता जांचने के लिए मौजूद नहीं था। पार्षद ने साफ शब्दों में मांग की है कि इस खराब हो चुकी सड़क को पूरी तरह से दोबारा उखाड़ा जाए, नीचे की मिट्टी की सही ढंग से सफाई और कुटाई की जाए तथा तय मानकों के मुताबिक ही पक्की सामग्री का इस्तेमाल करके नई सड़क बनाई जाए। ग्रामीणों और पार्षद ने चेतावनी दी है कि किसी भी कीमत पर घटिया निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।

 

## पीडब्ल्यूडी विभाग ने दिए जांच के आदेश
 दूसरी तरफ, इस पूरे विवाद के तूल पकड़ने के बाद लोक निर्माण विभाग हरकत में आया है। पीडब्ल्यूडी के एसडीओ राकेश ने इस मामले पर सफाई देते हुए बताया कि सड़क निर्माण में खामियों को लेकर उन्हें आधिकारिक शिकायत प्राप्त हो चुकी है, जिसकी गंभीरता से जांच कराई जा रही है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उनकी गैरमौजूदगी में ठेकेदार ने जल्दबाजी में काम शुरू कर दिया था। विभाग के अधिकारी ने आश्वासन दिया है कि जहां-जहां सड़क गलत तरीके से बनाई गई है और घटिया सामग्री का प्रयोग हुआ है, उस हिस्से को दोबारा से हटवाया जाएगा और नियमों के तहत नए सिरे से निर्माण सुनिश्चित किया जाएगा ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

## इसका आप पर असर
सड़क निर्माण में लापरवाही का खामियाजा सीधे तौर पर स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों को भुगतना पड़ता है।

- **हरियाणा में:** बड़वासनी और किलोहड़द ट्रिपल आईटी के बीच आवागमन करने वाले हजारों राहगीरों और वाहन चालकों को क्षतिग्रस्त सड़क के कारण भारी परेशानियों और हादसों का सामना करना पड़ रहा है।

- **स्थानीय स्तर पर:** सोनीपत के ग्रामीण इलाकों में बुनियादी विकास कार्यों में भ्रष्टाचार और गुणवत्ता की अनदेखी से जनता का पैसा बर्बाद होता है, जिसके खिलाफ स्थानीय लोगों को सड़कों पर उतरना पड़ता है।

- **सुरक्षा के लिहाज से:** टूटी-फूटी सड़कों पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों के पलटने या दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है।

- **प्रशासनिक जवाबदेही:** इस मामले के उजागर होने से ठेकेदारों और लापरवाह अधिकारियों पर नकेल कसने की उम्मीद जगती है ताकि भविष्य में जनता के टैक्स के पैसों का सही इस्तेमाल हो सके।

## ऐसा क्यों हुआ
सड़क निर्माण के तुरंत बाद उसके उखड़ने के पीछे तकनीकी प्रक्रिया का पालन न करना और शुरुआती चरणों में उचित निगरानी का अभाव मुख्य वजह रहा है।

- **बुनियादी लेयर की अनदेखी:** सड़क बनाने से पहले नीचे की मिट्टी की सही कुटाई और ठोस बेस तैयार नहीं किया गया, जिससे ऊपरी परत टिक नहीं पाई।

- **घटिया सामग्री का प्रयोग:** ठेकेदार द्वारा तय मानकों के विपरीत निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किए जाने के कारण सड़क महज दो दिन में ही बिखर गई।

- **अधिकारियों की गैरमौजूदगी:** शुरुआती और संवेदनशील निर्माण चरणों के दौरान लोक निर्माण विभाग के किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके पर जाकर गुणवत्ता की जांच नहीं की।

## सवाल-जवाब

### 1. यह सड़क निर्माण मामला हरियाणा के किस जिले से जुड़ा है?
यह मामला हरियाणा के सोनीपत जिले के गांव बड़वासनी से जुड़ा है।

### 2. सड़क बनने के कितने दिन बाद उसमें खराबी आने लगी?
सड़क निर्माण के महज दो दिन बाद ही वह जगह-जगह से उखड़ने लगी थी।

### 3. मौके पर पहुंचकर किस नेता ने ग्रामीणों के साथ विरोध जताया?
कांग्रेस के जिला पार्षद संजय बड़वासिया ने ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचकर निर्माण का विरोध किया।

### 4. पीडब्ल्यूडी विभाग के किस अधिकारी ने इस मामले में जांच का आश्वासन दिया है?
पीडब्ल्यूडी के एसडीओ राकेश ने इस मामले में जांच कर सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._