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  "title": "सूरजकुंड दिवाली मेले में छाई 20 किलो की लकड़ी की घड़ी, कीमत है 25 हजार",
  "summary": "फरीदाबाद के सूरजकुंड दिवाली मेले में आम की लकड़ी से बनी 20 किलो वजनी और 25 हजार रुपये कीमत वाली विशाल दीवार घड़ी लोगों के बीच मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।",
  "content": "फरीदाबाद के सूरजकुंड दिवाली मेले में इन दिनों एक ऐसी अनोखी चीज लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है, जिसे देखकर हर कोई हैरान है। आमतौर पर घरों में लगने वाली दीवार घड़ियां छोटे आकार की और हल्की होती हैं, लेकिन इस मेले में एक ऐसी घड़ी प्रदर्शित की गई है जिसका वजन 20 किलोग्राम से भी अधिक है। इस विशालकाय घड़ी की कीमत 25 हजार रुपये तय की गई है और इसकी बनावट तथा नक्काशी देखने वालों को रुकने के लिए मजबूर कर रही है।\n\nआम की लकड़ी से तैयार हुई है यह कलाकृति\nइस घड़ी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे पूरी तरह से आम की लकड़ी का उपयोग करके तैयार किया गया है। इसके ऊपर की गई नक्काशी और बारीक डिजाइन पूरी तरह से हाथों की मेहनत का नतीजा है। कारीगर ने इसे बेहद खूबसूरती से तराशा है, जिससे लकड़ी की प्राकृतिक सुंदरता और बढ़ जाती है। मेले में आने वाले दर्शक इस घड़ी के पास रुककर इसके भारी वजन, कीमत और इसे बनाने की पूरी प्रक्रिया के बारे में पूछताछ कर रहे हैं।\n\nकारीगर नीलकमल की अनोखी पेशकश\nइस घड़ी को बनाने वाले कारीगर नीलकमल दिल्ली से इस मेले में पहुंचे हैं। उनका मुख्य काम लकड़ी से विभिन्न प्रकार की कलात्मक घड़ियां तैयार करना है। इस बार के मेले में वे विशेष तौर पर 48 इंच के बड़े आकार की यह घड़ी लेकर आए हैं। नीलकमल का कहना है कि उन्होंने अपने करियर में पहले भी कई साइज की घड़ियां बनाई हैं, लेकिन यह उनकी अब तक की सबसे बड़ी घड़ियों में से एक है। उनके पास 12 इंच, 16 इंच, 18 इंच, 20 इंच और 24 इंच जैसी तमाम वैरायटी मौजूद हैं।\n\nछोटी घड़ियों से लेकर सजावटी सामानों की रेंज\nकारीगर के पास केवल यही एक महंगी और बड़ी वस्तु नहीं है, बल्कि ग्राहकों के बजट को ध्यान में रखते हुए अन्य विकल्प भी उपलब्ध हैं। छोटी घड़ियों की शुरुआती कीमत 1200 रुपये से है, जो उनके आकार और डिजाइन के आधार पर बदलती रहती है। इसके अलावा उनके स्टॉल पर 50 रुपये की शुरुआती कीमत वाले कई अन्य सजावटी आइटम भी मिल रहे हैं, जिनकी कीमतें उनकी क्वालिटी और डिजाइन पर निर्भर करती हैं।\n\nमेले में खरीदार का इंतजार\nफिलहाल यह 20 किलो वजनी और 25 हजार रुपये मूल्य वाली घड़ी बिकी नहीं है, लेकिन इसे बनाने वाले कारीगर को पूरी उम्मीद है कि सूरजकुंड दिवाली मेले के दौरान ही इसे कोई ना कोई खरीदार जरूर मिल जाएगा। मेला परिसर में यह घड़ी अपने विशाल स्वरूप और बेहतरीन हस्तशिल्प के कारण चर्चा का विषय बनी हुई है और अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह किसके घर की दीवार पर सजेगी।\n\nइसका आप पर असर\nसूरजकुंड दिवाली मेले में प्रदर्शित इस अनोखी घड़ी से स्थानीय कारीगरों और हस्तशिल्प कला को बड़ा प्रोत्साहन मिल रहा है।\n\n• फरीदाबाद में: मेले में आने वाले स्थानीय खरीदार और पर्यटक पारंपरिक लकड़ी के हस्तशिल्प उत्पादों को नजदीक से देख पा रहे हैं। इस तरह के आयोजन क्षेत्रीय कलाकारों को अपने हुनर का प्रदर्शन करने और सीधे ग्राहकों से जुड़ने का बेहतर अवसर प्रदान करते हैं।\n\nऐसा क्यों हुआ\nमेले में इस विशाल घड़ी को शामिल किए जाने के पीछे कारीगर की कुछ अलग और अनूठा प्रदर्शित करने की इच्छा थी।\n\n• अलग पहचान की तलाश: कारीगर नीलकमल ने मेले में दर्शकों का ध्यान आकर्षित करने के लिए सामान्य उत्पादों से हटकर 48 इंच के बड़े आकार का यह मॉडल तैयार किया।\n• पारंपरिक कला का उपयोग: इस घड़ी को तैयार करने के लिए टिकाऊ आम की लकड़ी का चयन किया गया और उस पर बारीक हाथ की नक्काशी की गई ताकि इसे एक प्रीमियम और कलात्मक लुक दिया जा सके।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. सूरजकुंड दिवाली मेले में यह घड़ी कहां प्रदर्शित की गई है?\nयह विशाल दीवार घड़ी फरीदाबाद के सूरजकुंड दिवाली मेले में प्रदर्शित की गई है।\n\n2. इस घड़ी का वजन और कीमत कितनी है?\nइस घड़ी का वजन 20 किलोग्राम से ज्यादा है और इसकी कीमत 25 हजार रुपये रखी गई है।\n\n3. इसे किस सामग्री से तैयार किया गया है?\nइस बड़ी दीवार घड़ी को आम की लकड़ी से तैयार किया गया है जिस पर बारीक हाथ की नक्काशी की गई है।\n\n4. इस घड़ी को किसने बनाया है?\nइस घड़ी को दिल्ली से आए कारीगर नीलकमल ने तैयार किया है जो लकड़ी की विभिन्न घड़ियां बनाते हैं।\n\n5. इस मेले में अन्य घड़ियों की शुरुआती कीमत क्या है?\nइस स्टॉल पर छोटी घड़ियों की शुरुआती कीमत 1200 रुपये है और अन्य सजावटी आइटम 50 रुपये से शुरू होते हैं।",
  "url": "https://trendkia.com/haryana/surajkund-diwali-mela-20-kg-wooden-clock-51848",
  "category": "हरियाणा",
  "publishedAt": "2026-10-26",
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    "सूरजकुंड मेला",
    "दीवाली मेला",
    "फरीदाबाद समाचार",
    "लकड़ी की घड़ी",
    "हस्तशिल्प कला",
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  "site": "TrendKia"
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