सुशांत लोक में बेसमेंट खुदाई के दौरान बहुमंजिला ढांचा झुका, 20 से अधिक लोग सुरक्षित निकाले गए हरियाणा के गुरुग्राम में एक पड़ोसी प्लॉट पर चल रही गहरी खुदाई के चलते पांच मंजिला इमारत करीब ढाई इंच झुक गई, जिसके बाद आसपास के मकान खाली कराकर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। हरियाणा के गुरुग्राम स्थित सुशांत लोक-1 क्षेत्र में एक बड़ा प्रशासनिक और सुरक्षा संकट उस वक्त खड़ा हो गया, जब एक निर्माणाधीन पांच मंजिला इमारत अचानक एक तरफ झुकने लगी। पास के भूखंड पर नींव तैयार करने के लिए भारी मशीनों से मिट्टी हटाई जा रही थी, जिसकी वजह से इस बहुमंजिला ढांचे की बुनियाद प्रभावित हुई और इमारत करीब दो से ढाई इंच तक झुक गई। इस घटना के सामने आते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और रिहायशी क्षेत्र में भारी दहशत फैल गई। घटनास्थल पर राहत और निकासी का तत्काल अभियान इमारत के संतुलन बिगड़ने की जानकारी मिलते ही पुलिस बल बिना देरी किए मौके पर पहुंचा। संभावित खतरे को भांपते हुए झुकी हुई इमारत के दोनों किनारों पर बने तीन आवासीय मकानों को तुरंत खाली कराने का फैसला लिया गया। इन घरों में रह रहे 20 से अधिक निवासियों को आनन-फानन में सुरक्षित बाहर निकाला गया। पुलिस कर्मियों की सतर्कता और समय पर उठाए गए एहतियाती कदमों के कारण किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और एक भीषण हादसा होने से टल गया। लापरवाही पर निर्माण से जुड़े तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी यह मामला सुशांत लोक-1 के सी ब्लॉक में स्थित प्लॉट नंबर 1770 का है। प्लॉट नंबर 1770 के मालिक ने पास के प्लॉट में हो रही अनियंत्रित खुदाई को इस खतरे के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार के अनुसार, इस शिकायत के आधार पर सुशांत लोक थाने में संबंधित पड़ोसी प्लॉट के मालिक, निर्माण कार्य करा रहे ठेकेदार और मौके पर मौजूद जेसीबी चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना पर्याप्त सुरक्षा मानकों के की जा रही खुदाई के चलते यह स्थिति उत्पन्न हुई। शहर में अवैध निर्माण और प्रशासनिक कार्रवाइयों का संदर्भ गुरुग्राम के विभिन्न रिहायशी इलाकों में निर्माण कार्यों की निगरानी का मुद्दा पहले से ही संवेदनशील बना हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों के बाद शहर की बिल्डर कॉलोनियों में चल रही अवैध निर्माण के खिलाफ तोड़फोड़ और सीलिंग की मुहिम पर फिलहाल रोक लगी हुई है। इस रोक से पहले तक नगर योजना और प्रवर्तन टीमों ने डीएलएफ, सुशांत लोक और साउथ सिटी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में करीब 160 संपत्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया था। इस नई घटना ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर एक बार फिर चिंताएं बढ़ा दी हैं। इसका आप पर असर शहरी कॉलोनियों में बिना पर्याप्त सुरक्षा उपायों के हो रही खुदाई आसपास के मकानों की संरचनात्मक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। • गुरुग्राम में: सुशांत लोक और आसपास के क्षेत्रों में रह रहे निवासियों को अपनी संपत्ति के निकट चल रही भारी मशीनरी खुदाई पर नजर रखनी चाहिए। यदि किसी पड़ोसी निर्माण के कारण दीवारों में दरारें या जमीन धंसने जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत स्थानीय थाने और नगर निकाय को सूचित करें। • भारत में: किसी भी बहुमंजिला निर्माण या बेसमेंट खुदाई से पहले रिटेनिंग वॉल और सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य होते हैं। लापरवाही पाए जाने पर ठेकेदार, भूमि मालिक और मशीन ऑपरेटर के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में सीधी कानूनी कार्रवाई हो सकती है। • संपत्ति मालिकों के लिए: अपनी इमारत के आसपास गहरी नींव खोदी जा रही हो तो संरचनात्मक स्थिरता की समय-समय पर जांच कराएं। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए एहतियातन स्थानीय प्रशासन से सुरक्षा जांच की मांग की जा सकती है। • किराएदारों और पड़ोसियों के लिए: जोखिम भरे निर्माण स्थलों के ठीक बगल में स्थित भवनों में रहने वाले लोग आपातकालीन निकासी के प्रति सतर्क रहें। खतरनाक स्थिति दिखने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाने और पुलिस को 112 पर कॉल करने में देरी न करें। ऐसा क्यों हुआ पड़ोसी भूखंड पर भारी मशीनों से नींव की खुदाई के दौरान मिट्टी खिसकने की वजह से पांच मंजिला इमारत अपनी धुरी से दो से ढाई इंच तक झुक गई। • प्रत्यक्ष कारण: पड़ोस के प्लॉट में बिना पर्याप्त सुरक्षा घेरे या रिटेनिंग वॉल के जेसीबी मशीन से गहरी मिट्टी खोदी गई। इसके चलते बगल में स्थित प्लॉट नंबर 1770 की पांच मंजिला इमारत के नीचे की मिट्टी खिसक गई और वह एक तरफ झुक गई। • लापरवाही की श्रृंखला: निर्माण कार्य करा रहे ठेकेदार और प्लॉट मालिक ने खुदाई के दौरान भारी संरचना के वजन को संभालने के लिए आवश्यक इंजीनियरिंग सावधानियों की अनदेखी की। नियमों के उल्लंघन के चलते पुलिस को तीन पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करनी पड़ी। • प्रशासनिक संदर्भ: सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के चलते शहर की कॉलोनियों में अवैध निर्माणों के खिलाफ सीलिंग और तोड़फोड़ की कार्रवाई पहले से रुकी हुई है। निगरानी तंत्र में ढिलाई और सुरक्षा ऑडिट की कमी के कारण घनी कॉलोनियों में इस तरह के जोखिम भरे निर्माण जारी रहते हैं। सवाल-जवाब 1. यह घटना गुरुग्राम के किस इलाके में हुई? यह घटना हरियाणा के गुरुग्राम स्थित सुशांत लोक-1 के सी ब्लॉक में प्लॉट नंबर 1770 के पास हुई। 2. पांच मंजिला इमारत के झुकने की मुख्य वजह क्या थी? पास के ही एक प्लॉट में जेसीबी मशीन से नींव की गहरी खुदाई की जा रही थी, जिससे इमारत की नींव के नीचे की मिट्टी खिसक गई। 3. इमारत कितनी झुकी थी और राहत कार्य में क्या कदम उठाए गए? इमारत करीब दो से ढाई इंच झुक गई थी, जिसके बाद पुलिस ने आसपास के तीन मकानों से 20 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। 4. पुलिस ने इस मामले में किन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है? सुशांत लोक पुलिस ने पास के प्लॉट के मालिक, निर्माण ठेकेदार और जेसीबी चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। 5. गुरुग्राम में अवैध निर्माण पर सुप्रीम कोर्ट का क्या रुख रहा है? सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद गुरुग्राम की कॉलोनियों में अवैध निर्माणों के खिलाफ तोड़फोड़ और सीलिंग की कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगी हुई है। https://trendkia.com/haryana/sushant-lok-men-besamenta-khudai-ke-daurana-bahumnjila-dhancha-jhuka-20-se-adhika-loga-surakshita-nikale-gae-53372 TrendKia — Har trend, sabse pehle.