# त्योहार में पटाखों या दीयों से घर जलने पर कैसे मिलेगा बीमा का पैसा, समझें क्लेम और शिकायत का पूरा कानूनी तरीका

> दिवाली के दौरान पटाखे, दीये या मोमबत्ती से घर में आग लगने पर बीमा क्लेम हासिल करने की पूरी प्रक्रिया, जरूरी सबूत और कंपनी के इनकार पर कानूनी उपायों की जानकारी।

**Type:** article · **Category:** हरियाणा · **Published:** 2026-11-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/haryana/tyohara-men-patakhon-ya-diyon-se-ghara-jalane-para-kaise-milega-bima-ka-paisa-samajhen-klema-aura-shikayata-ka-pura-kanuni-tarika-56259 · **Language:** Hindi
**Tags:** होम इंश्योरेंस, बीमा क्लेम, दिवाली आग हादसा, फरीदाबाद कोर्ट, मोहन तिवारी, कानूनी अधिकार, उपभोक्ता शिकायत

त्योहारों के उल्लास के बीच पटाखों की एक छोटी सी चिंगारी या जलते दीये और मोमबत्तियां अचानक भारी तबाही की वजह बन सकती हैं। घरों में ऐसी लापरवाही से कई बार लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो जाता है और परिवारों को भारी वित्तीय आघात झेलना पड़ता है। ऐसे अप्रत्याशित संकट के वक्त यदि घर का बीमा कराया गया हो, तो नुकसान की भरपाई की राह खुल सकती है। लेकिन क्लेम कैसे फाइल करें, किन बातों का ध्यान रखें और यदि बीमा प्रदाता क्लेम खारिज कर दे तो क्या कानूनी अधिकार बचते हैं, इन सभी कानूनी पहलुओं पर फरीदाबाद सेक्टर 12 कोर्ट के एडवोकेट मोहन तिवारी ने विस्तार से सलाह दी है।

## पॉलिसी में स्ट्रक्चर और सामान के कवरेज की जांच
घर में सुरक्षा के इंतजाम के साथ सबसे अहम बात यह समझना है कि आपकी पॉलिसी किस दायरे में काम करती है। एडवोकेट मोहन तिवारी के मुताबिक, सबसे पहले यह सुनिश्चित करना होता है कि गृह बीमा वास्तव में मौजूद है या नहीं। इसके साथ ही पॉलिसी के दस्तावेजों में यह बारीकी से जांचना जरूरी है कि उसमें केवल मकान के ढांचे यानी स्ट्रक्चर का बीमा है या घर के भीतर रखे घरेलू सामान के नुकसान की भरपाई भी शामिल की गई है। अक्सर लोग प्रीमियम बचाने के चक्कर में या जानकारी के अभाव में केवल मकान की इमारत का बीमा करा लेते हैं और अंदर के कीमती सामान को छोड़ देते हैं। ऐसी स्थिति में पॉलिसी की हर एक शर्त को पहले से समझना बेहद अहम हो जाता है।

## हादसे के तुरंत बाद सुरक्षा और कंपनी को सूचना
अगर दिवाली या किसी भी त्योहार के दौरान घर में आग लगने जैसी अनहोनी घट जाए, तो प्राथमिक कदम हमेशा जान-माल की रक्षा और सुरक्षा होना चाहिए। एडवोकेट मोहन तिवारी स्पष्ट करते हैं कि पहली प्राथमिकता स्वयं और पूरे परिवार को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना है, क्योंकि जान बचाना हर चीज से ऊपर है। एक बार जब परिवार के सभी सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हो जाएं, तब बिना अनावश्यक देरी किए अपनी बीमा कंपनी को हादसे की आधिकारिक जानकारी देनी चाहिए। सूचना मिलने के बाद बीमा कंपनी अपने अधिकृत एजेंट या सर्वेयर को घटनास्थल पर भेजती है, जो मौके पर आकर तबाही और नुकसान का प्राथमिक आकलन करता है। उसी सर्वेयर की रिपोर्ट के आधार पर क्लेम की आगे की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर आगे बढ़ती है।

## सबूत जुटाना और सर्वेयर के समक्ष पेश करना
क्लेम हासिल करने के लिए आवश्यक कागजी कार्रवाई और ठोस सबूत जुटाना अनिवार्य शर्त है। एडवोकेट मोहन तिवारी बताते हैं कि आग लगने की घटना के फौरन बाद क्षतिग्रस्त इमारत और नष्ट हुए घरेलू सामान के पुख्ता प्रमाण अपने पास सहेज कर रखने चाहिए। जले हुए कमरों, खराब हो चुके उपकरणों और अन्य सामग्री की स्पष्ट तस्वीरें और वीडियो बनाकर सुरक्षित रखना सबसे कारगर तरीका साबित होता है। सर्वेयर जब मौके पर मुआयना करने पहुंचता है, तो वह इन तस्वीरों, वीडियो और आसपास की परिस्थितियों की जांच करता है। मोमबत्ती, दीये या पटाखे से लगी आग के मामलों में बीमा क्लेम निश्चित रूप से मिल सकता है, बशर्ते यह घटना आपकी पॉलिसी के कवरेज में स्पष्ट तौर पर शामिल हो और पॉलिसीधारक ने निर्धारित नियम व शर्तों का पूरी तरह पालन किया हो। घर के सामान की भरपाई भी तभी संभव होगी जब पॉलिसी में इन-हाउस कंटेंट का कवर जुड़ा होगा।

## क्लेम खारिज होने पर शिकायत और कानूनी विकल्प
कई बार ऐसा भी होता है कि तमाम औपचारिकताओं और नुकसान के बावजूद बीमा कंपनी क्लेम का भुगतान करने से मना कर देती है। एडवोकेट मोहन तिवारी के अनुसार, यदि कंपनी क्लेम देने से इनकार करे, तो सबसे पहले बीमा कंपनी के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपनी लिखित शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इसके साथ ही मामले से जुड़े संबंधित वरिष्ठ अधिकारी से सीधा संपर्क साधना चाहिए। शिकायत दर्ज कराने के बाद मिलने वाली पावती रसीद या डिजिटल स्क्रीनशॉट को अपने पास सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह भविष्य के लिए कानूनी दस्तावेज का काम करता है। यदि कंपनी स्तर पर निवारण न हो और विवाद सुलझने का कोई रास्ता न निकले, तो पॉलिसीधारक सीधे कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाकर अपने अधिकार की मांग कर सकता है।

## इसका आप पर असर
त्योहारों में पटाखों या दीयों से घर में आग लगने पर यह कानूनी जानकारी पॉलिसीधारकों को वित्तीय सुरक्षा दिलाने और क्लेम की प्रक्रिया आसान बनाने में मदद करती है।

- **पॉलिसी कवरेज की जांच:** गृह बीमा में केवल इमारत के साथ घरेलू सामान का कवर शामिल होना जरूरी है। बिना कंटेंट कवर के जले हुए फर्नीचर या इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का क्लेम नहीं मिलता।
- **सबूतों का संरक्षण:** घटना के तुरंत बाद जली हुई जगह और सामान की तस्वीरें और वीडियो सुरक्षित रखनी चाहिए। यह रिकॉर्ड सर्वेयर की जांच के समय नुकसान का सटीक दावा साबित करने में काम आता है।
- **कंपनी को सूचना:** परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करते ही बिना देरी बीमा कंपनी को फोन या पोर्टल पर जानकारी देनी चाहिए। समय पर सूचना देने से सर्वेयर जल्दी मौके पर आकर जांच शुरू कर पाता है।
- **दावा खारिज होने पर शिकायत:** यदि कंपनी पैसा देने से मना करे तो पोर्टल पर लिखित शिकायत दर्ज कर रसीद संभाल कर रखनी चाहिए। समाधान न होने पर उपभोक्ता अदालत या संबंधित कानूनी मंच का दरवाजा खटखटाया जा सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
त्योहारों के दौरान पटाखों, दीयों और मोमबत्तियों के इस्तेमाल से घरों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं और कई बार पॉलिसी की शर्तों की समझ न होने से क्लेम अटक जाता है।

- **त्योहारी लापरवाही:** रोशनी के पर्व पर खुले में जलते दीये, मोमबत्तियां और पटाखों की अनियंत्रित चिंगारियां घरेलू सामग्री को तेजी से आग के हवाले कर देती हैं। इससे कुछ ही पलों में लाखों रुपये के घरेलू सामान का नुकसान हो जाता है।
- **अधूरी बीमा पॉलिसी:** अधिकांश लोग केवल मकान की बाहरी संरचना का बीमा लेते हैं और भीतर रखे सामान का सुरक्षा कवर छोड़ देते हैं। इसके चलते आग लगने के बाद अंदरूनी सामान की भरपाई का दावा स्वतः खारिज हो जाता है।
- **प्रक्रियात्मक खामियां:** घटना के बाद समय पर सूचना न देना या नुकसान के पुख्ता फोटो और वीडियो साक्ष्य न जुटा पाना क्लेम में बाधा बनता है। बीमा कंपनियां बिना उचित सबूत और सर्वेयर रिपोर्ट के भुगतान जारी नहीं करती हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. क्या पटाखे या दीये से घर में आग लगने पर बीमा क्लेम मिल सकता है?
हां, अगर यह जोखिम आपकी बीमा पॉलिसी के कवरेज में शामिल है और आपने उसकी सभी तय शर्तों को पूरा किया है, तो क्लेम मिल सकता है।

### 2. क्या घर के जल चुके सामान का पैसा भी बीमा कंपनी देती है?
सामान के नुकसान की भरपाई तभी मिलेगी जब आपकी पॉलिसी में केवल इमारत ही नहीं, बल्कि घर के सामान का बीमा भी शामिल किया गया हो।

### 3. आग लगने के बाद सबसे पहले क्या कदम उठाना चाहिए?
सबसे पहले अपनी और परिवार के सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए, उसके बाद बीमा कंपनी को हादसे की जानकारी देनी चाहिए।

### 4. बीमा क्लेम को साबित करने के लिए क्या सबूत पास रखने चाहिए?
घर के जले हुए हिस्सों और खराब हुए घरेलू सामान की स्पष्ट तस्वीरें और वीडियो बनाकर अपने पास सुरक्षित रखने चाहिए।

### 5. बीमा कंपनी की तरफ से नुकसान का आकलन कौन करता है?
बीमा कंपनी की तरफ से नियुक्त एजेंट या सर्वेयर मौके पर पहुंचकर घटना से जुड़े तथ्यों और नुकसान की जांच करता है।

### 6. अगर बीमा कंपनी क्लेम देने से मना कर दे तो क्या करना चाहिए?
कंपनी के आधिकारिक पोर्टल पर लिखित शिकायत दर्ज कराएं, रसीद सुरक्षित रखें और बात न बनने पर कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाएं।

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