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  "type": "article",
  "title": "उमस भरी गर्मी के बीच हरियाणा में मॉनसून की आहट, हिमाचल के कई जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी",
  "summary": "हरियाणा में उमस भरी गर्मी के बाद जल्द ही मॉनसून दस्तक देने वाला है, जबकि हिमाचल प्रदेश में 10 दिनों की देरी से आए मॉनसून के बाद मौसम विभाग ने कई जिलों में मूसलाधार बारिश का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है।",
  "content": "हरियाणा के गुरुग्राम समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले लोग इन दिनों असहनीय उमस और पसीने से बेहाल हैं। हालांकि, इस भीषण गर्मी के बीच राहत की खबर आ रही है क्योंकि मॉनसून अब दहलीज पर खड़ा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 1 जुलाई को राज्य के चुनिंदा इलाकों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है। लेकिन इस बारिश से पहले लोगों को एक और दिन चिलचिलाती धूप और उमस भरे वातावरण का सामना करना पड़ेगा। चंडीगढ़ मौसम केंद्र की तरफ से जारी जानकारी के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून इस क्षेत्र में मजबूती से आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह तैयार है और आने वाले दिनों में यह पूरे इलाके को सराबोर कर देगा।\n\nचंडीगढ़ और हरियाणा में भारी बारिश का पूर्वानुमान\nमौसम विभाग द्वारा जारी पांच दिनों के विस्तृत पूर्वानुमान के अनुसार, 2 जुलाई से लेकर 6 जुलाई के बीच चंडीगढ़ और हरियाणा के कई हिस्सों में बारिश की तीव्रता काफी अधिक रहने की संभावना है। 1 जुलाई को राज्य में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने वाली तेज हवाओं के साथ आंधी आने, बादलों के गरजने और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा, 2, 3, 4 और 6 जुलाई को चंडीगढ़ के साथ-साथ हरियाणा के विभिन्न जिलों में अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में तेजी से गिरावट आएगी।\n\nहरियाणा में चार दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी\nबदलते मौसम के मिजाज को देखते हुए मौसम वैज्ञानिकों ने 1 जुलाई से लेकर 4 जुलाई तक राज्य में 'येलो अलर्ट' जारी किया है। इसके साथ ही आम जनता और कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की गई है। लोगों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे तेज आंधी और बारिश के दौरान खेतों में काटी गई अपनी फसलों को खुले स्थानों में न छोड़ें और उन्हें किसी सुरक्षित व ढके हुए स्थान पर रखें। इसके अलावा, वज्रपात की आशंका को देखते हुए पानी से भरे निचले इलाकों में जाने से बचने, बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लेने और जर्जर या कमजोर पड़ चुके ढांचों के आसपास खड़े होने से परहेज करने की सलाह दी गई है।\n\nचंडीगढ़ का सूखा जून और ऐतिहासिक आंकड़े\nइस साल चंडीगढ़ में प्री-मॉनसून का मौसम पूरी तरह से सूखा गुजरा है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 के दौरान यहां सामान्य तौर पर होने वाली 155.5 mm वर्षा के मुकाबले मात्र 39.3 mm बारिश ही दर्ज की गई। यह सामान्य औसत से लगभग 75 प्रतिशत कम है, जिसके कारण जून महीने को अत्यधिक कम बारिश यानी डेफिसिएंट श्रेणी में दर्ज किया गया है। पिछले 14 वर्षों के मौसम रिकॉर्ड को देखें तो यह साल 2013 के बाद से तीसरा सबसे सूखा जून का महीना साबित हुआ है। इससे पहले साल 2024 में चंडीगढ़ में सबसे कम यानी 11.9 mm बारिश हुई थी, जो सामान्य से 92 प्रतिशत कम थी, जबकि साल 2019 में 24.8 mm बारिश दर्ज की गई थी, जो सामान्य से 81 प्रतिशत कम थी।\n\nतापमान में धीरे-धीरे आएगी बड़ी गिरावट\nआने वाले दिनों में लगातार बारिश और घने बादलों की आवाजाही के कारण तापमान में काफी कमी देखने को मिलेगी। 1 जुलाई को जहां अधिकतम तापमान 39 से 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज होने का अनुमान है, वहीं 2 से 4 जुलाई के बीच यह गिरकर 36 से 38 डिग्री सेल्सियस तक आ जाएगा। इसी तरह, लगातार होने वाली मूसलाधार बारिश और ठंडी हवाओं के प्रभाव से न्यूनतम तापमान भी गिरकर 20 डिग्री सेल्सियस के मध्य से लेकर ऊपरी स्तर तक आ सकता है, जिससे लोगों को उमस भरी रातों से बड़ी राहत मिलेगी।\n\nहिमाचल प्रदेश में देरी से पहुंचा मॉनसून\nपहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में इस बार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने अपनी सामान्य तिथि से लगभग 10 दिन की देरी से प्रवेश किया है। मॉनसून की इस शुरुआती खेप ने किन्नौर, कुल्लू, लाहौल स्पीति, शिमला, मंडी, कांगड़ा और सिरमौर जिलों के कुछ चुनिंदा हिस्सों को अपनी आगोश में ले लिया है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर अनुकूल परिस्थितियां बनते ही मॉनसून हिमाचल के बाकी सभी हिस्सों में भी सक्रिय हो जाएगा। 1 जुलाई से 4 जुलाई के बीच राज्य के निचले पहाड़ी क्षेत्रों, मैदानी भागों और उनसे सटे मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है, जबकि ऊंची चोटियों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।\n\nहिमाचल के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट का साया\nमौसम विभाग ने अत्यधिक बारिश और आंधी के खतरे को देखते हुए हिमाचल प्रदेश के कई जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' की घोषणा की है। इस दौरान 2 और 3 जुलाई को राज्य में सबसे ज्यादा बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया गया है। विस्तृत जानकारी के अनुसार, 2 जुलाई के लिए कांगड़ा, ऊना, बिलासपुर और हमीरपुर जिलों में भारी आंधी और बिजली कड़कने के साथ मूसलाधार बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद, 3 जुलाई को शिमला, कुल्लू, मंडी, सिरमौर और ऊना जिलों में जबकि 4 जुलाई को शिमला, कांगड़ा और मंडी जिलों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट रहेगा। गौरतलब है कि जून के महीने में हिमाचल प्रदेश में भी वर्षा का स्तर बहुत निराशाजनक रहा। सिर्फ कांगड़ा और एक अन्य जिले में ही सामान्य के आसपास बारिश देखी गई, जबकि राज्य के शेष 10 जिलों में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई।\n\nइसका आप पर असर\n• पूरे भारत में: मॉनसून के आगे बढ़ने से भीषण गर्मी से राहत मिलेगी और खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारियों को गति मिलेगी।\n• हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में: स्थानीय लोगों को जलभराव, यातायात बाधाओं और तापमान में अचानक गिरावट के लिए तैयार रहना चाहिए, जबकि किसानों को अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की सलाह दी जाती है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. हरियाणा में मॉनसून कब से रफ्तार पकड़ेगा?\nहरियाणा और चंडीगढ़ में 2 से 6 जुलाई के बीच मॉनसून की बारिश तेज होने की संभावना है, जिसमें 2-4 और 6 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है।\n\n2. मौसम विभाग ने हरियाणा के नागरिकों और किसानों को क्या सावधानियां बरतने की सलाह दी है?\nमौसम विभाग ने सलाह दी है कि तेज आंधी-तूफान के दौरान कटी हुई फसलों को खुले में न छोड़ें, जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें, पेड़ों के नीचे शरण न लें और कमजोर ढांचों से दूर रहें।\n\n3. इस साल जून के महीने में चंडीगढ़ में कितनी बारिश दर्ज की गई?\nजून 2026 में चंडीगढ़ में सामान्य 155.5 mm के मुकाबले केवल 39.3 mm बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 75% कम थी।\n\n4. हिमाचल प्रदेश के किन जिलों के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है?\n2 जुलाई को कांगड़ा, ऊना, बिलासपुर और हमीरपुर के लिए; 3 जुलाई को शिमला, कुल्लू, मंडी, सिरमौर और ऊना के लिए; और 4 जुलाई को शिमला, कांगड़ा और मंडी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।\n\n5. हिमाचल प्रदेश में इस साल मॉनसून के आगमन में कितनी देरी हुई है?\nहिमाचल प्रदेश में इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अपनी सामान्य समय सारणी से लगभग 10 दिन की देरी से पहुंचा है।",
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  "category": "हरियाणा",
  "publishedAt": "2026-07-01",
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