# विदेशों में छिपे गैंगस्टरों के खिलाफ हरियाणा पुलिस का बड़ा एक्शन, 27 अपराधियों को दबोचकर भारत वापस लाया

> संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने विदेशों से 27 गैंगस्टरों और वांछित अपराधियों को डिपोर्ट व एक्सट्रेडाइट कराया है, जिससे अपराधियों के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को करारा झटका लगा है।

**Type:** article · **Category:** हरियाणा · **Published:** 2026-09-13 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/haryana/videshon-men-chhipe-gaingastaron-ke-khilapha-haryana-police-ka-bara-ekshana-27-aparadhiyon-ko-dabochakara-india-vapasa-laya-31694 · **Language:** Hindi
**Tags:** हरियाणा पुलिस, स्पेशल टास्क फोर्स, गैंगस्टर डिपोर्टेशन, अजय सिंघल, सतीश बालन, संगठित अपराध

भारतीय सीमाओं से बाहर जाकर विदेशों में सुरक्षित ठिकाना ढूंढने वाले संगठित अपराधियों के लिए अब बचना नामुमकिन होता जा रहा है। हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने विदेशी धरती पर छिपे गैंगस्टरों और उनके पूरे सिंडिकेट के खिलाफ एक व्यापक और बेहद आक्रामक अभियान छेड़ रखा है। अंतरराष्ट्रीय कानूनों, राजनयिक माध्यमों और आधुनिक तकनीक के बेहतरीन तालमेल से पुलिस ने यह साबित कर दिया है कि कोई भी अपराधी चाहे सात समंदर पार ही क्यों न बैठा हो, वह कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकता। पुलिस के इस निरंतर प्रयास के कारण विदेशों में बैठकर भारतीय जमीन पर अपराध की योजना बनाने वाले कई बड़े अपराधियों को वापस लाकर सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।

 

## विदेशी धरती से अपराधियों की धरपकड़ के आंकड़े

हरियाणा पुलिस द्वारा विदेशों में चलाए गए इस विशेष अभियान के आंकड़े इसकी सफलता की कहानी बयां करते हैं। अब तक कुल 27 बड़े गैंगस्टरों और वांछित अपराधियों को सफलतापूर्वक डिपोर्ट या एक्सट्रेडाइट करके भारत वापस लाया जा चुका है। हाल के वर्षों में इस अभियान में असाधारण तेजी देखी गई है। वर्ष 2025 के दौरान कुल 7 अपराधियों को वापस लाने में सफलता मिली थी, जबकि वर्ष 2026 में यह कार्रवाई और भी आक्रामक हो गई और अब तक 14 वांछित अपराधियों को भारत वापस लाया जा चुका है। इस कड़ी में सबसे ताजा और महत्वपूर्ण सफलता 4 अगस्त 2026 को मिली, जब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से एक बेहद सक्रिय और वांछित अपराधी को सफलतापूर्वक डिपोर्ट कर भारत लाया गया। वर्ष 2026 में STF हरियाणा द्वारा अंजाम दी गई यह 13वीं सफल डिपोर्टेशन कार्रवाई थी। डीजीपी अजय सिंघल ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि अपराधी चाहे दुनिया के किसी भी कोने में छिप जाएं, वे हरियाणा पुलिस की पैनी नजर से बच नहीं सकते हैं।

 

## संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति

राज्य में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने स्पष्ट किया है कि हरियाणा पुलिस संगठित अपराध के खिलाफ पूरी तरह से जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उनका कहना है कि केवल विदेशों में बैठे गैंगस्टरों को पकड़ना ही काफी नहीं है, बल्कि भारत में मौजूद उनके पूरे इकोसिस्टम को नष्ट करना बेहद जरूरी है। इसी रणनीति के तहत विदेशी गैंगस्टरों के स्थानीय सहयोगियों, उन्हें हथियार पहुंचाने वाले सप्लायरों, उनके फाइनेंसरों और उनके डिजिटल नेटवर्क को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। पुलिस द्वारा विभिन्न राज्यों की सुरक्षा एजेंसियों और केंद्रीय जांच एजेंसियों के साथ मिलकर एक मजबूत खुफिया तंत्र तैयार किया गया है। टेक्निकल सर्विलांस के माध्यम से इन अपराधियों के पूरे नेटवर्क को ट्रैक किया जा रहा है, ताकि इनके नेटवर्क से जुड़े हर एक व्यक्ति को कानून के शिकंजे में कसा जा सके।

 

## लुक आउट सर्कुलर और अंतरराष्ट्रीय कानूनी कार्रवाई

विदेशों से अपराधियों को वापस लाने की प्रक्रिया अत्यंत जटिल होती है, जिसमें कई अंतरराष्ट्रीय संधियों और कानूनी दांव-पेंचों का सामना करना पड़ता है। इस प्रक्रिया को तेज करने के लिए हरियाणा पुलिस अंतरराष्ट्रीय कानूनी मंचों का बखूबी इस्तेमाल कर रही है। आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2023 से लेकर अब तक पुलिस ने कुल 144 लुक आउट सर्कुलर (LOC) और 54 रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) जारी करवाए हैं। इसके साथ ही, 53 इंटरपोल रेफरेंस भी भेजे गए हैं। अपराधियों की वैश्विक आवाजाही को पूरी तरह से प्रतिबंधित करने के लिए अब तक 93 पासपोर्ट रद्द किए जा चुके हैं, जबकि 9 प्रोविजनल अरेस्ट रिक्वेस्ट और 16 एक्सट्रेडिशन रिक्वेस्ट भी संबंधित देशों को भेजी जा चुकी हैं। इन ठोस कानूनी कदमों की वजह से अपराधियों के लिए एक देश से दूसरे देश भागना बेहद मुश्किल हो गया है।

 

## तकनीकी खुफिया तंत्र और विदेशों में डिटेन किए गए अपराधी

इस वैश्विक स्तर के ऑपरेशन में आधुनिक तकनीक और मानवीय खुफिया जानकारी (ह्यूमन इंटेलिजेंस) की भूमिका सबसे अहम रही है। पुलिस महानिरीक्षक सतीश बालन ने बताया कि STF विदेशों में छिपे अपराधियों की लोकेशन, उनकी यात्रा के इतिहास और उनकी हरकतों पर बारीकी से नजर रखने के लिए आधुनिक तकनीकी उपकरणों का सहारा ले रही है। अपराधी अक्सर फर्जी पासपोर्ट और नकली पहचान के सहारे विदेशों में छिपते हैं, लेकिन पुलिस फिंगरप्रिंट और बायोमेट्रिक डेटा का गहराई से विश्लेषण करके उनके असली चेहरे को बेनकाब कर रही है। इसी कड़ी मेहनत का नतीजा है कि हरियाणा पुलिस ने अब तक विदेशों में छिपे 12 बड़े गैंगस्टरों को डिटेन यानी हिरासत में दिलवाया है। वर्तमान में इन सभी 12 अपराधियों के एक्सट्रेडिशन और डिपोर्टेशन की कानूनी प्रक्रिया तेजी से चल रही है, ताकि इन्हें जल्द से जल्द भारत लाकर उनके किए की सजा दी जा सके।

 

## क्रिप्टोकरेंसी ट्रांजैक्शन पर नजर और इनाम की घोषणा

आज के समय में संगठित अपराध से जुड़े गिरोह पारंपरिक बैंकिंग के बजाय डिजिटल और आधुनिक वित्तीय प्रणालियों का उपयोग कर रहे हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए, STF अपराधियों के वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों और विशेष रूप से क्रिप्टोकरेंसी एवं USDT चैनल्स को गहराई से ट्रेस कर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य अपराधियों के फंडिंग सोर्स को पूरी तरह से बंद करना है ताकि वे विदेशों में बैठकर भारतीय जमीन पर आपराधिक गतिविधियों को प्रायोजित न कर सकें। इसके अलावा, विदेशों में छिपे चार सबसे वांछित अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए एक विशेष योजना पर विचार किया जा रहा है। इस योजना के तहत इन चारों अपराधियों में से प्रत्येक की गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचना देने वाले को 10,000 USD (अमेरिकी डॉलर) का इनाम देने के प्रस्ताव पर मंथन चल रहा है, जिससे खुफिया नेटवर्क को और अधिक मजबूती मिलेगी।

 

## स्थानीय नेटवर्क का खात्मा और अंतरराज्यीय समन्वय

विदेशों में बैठे गैंगस्टरों के आदेशों को जमीनी स्तर पर अंजाम देने वाले स्थानीय शूटरों और मददगारों के खिलाफ भी पुलिस का कड़ा प्रहार जारी है। इन अपराधियों के डिजिटल फुटप्रिंट और सोशल मीडिया गतिविधियों की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है, जिससे उनके आपसी संवाद, नए सदस्यों की भर्ती और उनकी आगामी योजनाओं के बारे में महत्वपूर्ण खुफिया जानकारियां मिल रही हैं। संगठित अपराध की कोई राज्य सीमा नहीं होती, इसलिए हरियाणा पुलिस ने पड़ोसी राज्यों पंजाब, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश की पुलिस के साथ मिलकर एक बेहद मजबूत अंतरराज्यीय समन्वय तंत्र स्थापित किया है। इसके माध्यम से गैंगस्टरों, शूटरों और हथियार सप्लायरों के बारे में रियल-टाइम जानकारी साझा की जाती है, जिससे विभिन्न राज्यों की पुलिस मिलकर संयुक्त छापेमारी करती है और अपराधियों को धर दबोचती है। संभावित खतरों का समय पर आकलन करने और संयुक्त रणनीतियों को विकसित करने के लिए इन राज्यों के पुलिस अधिकारियों के बीच नियमित रूप से अंतरराज्यीय समन्वय बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं।

## इसका आप पर असर
इस कार्रवाई से राष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा मजबूत होगी और अपराधियों के हौसले पस्त होंगे।

- **भारत भर में:** विदेशों से अपराधियों की वापसी से भारतीय नागरिकों को निशाना बनाने वाले जबरन वसूली और साइबर धोखाधड़ी के मामलों में कमी आएगी। इससे राज्यों की सीमाओं के पार अवैध हथियारों की सप्लाई और हिंसक अपराधों को अंजाम देने वाले गिरोहों का नेटवर्क कमजोर होगा जिससे देश में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।
- **हरियाणा में:** मुख्य योजनाकारों और गैंगस्टरों की गिरफ्तारी से राज्य के स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों को जबरन वसूली की धमकियों से बड़ी राहत मिलेगी। पड़ोसी राज्यों के साथ पुलिस के मजबूत तालमेल से स्थानीय शूटरों और उनके मददगारों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई संभव होगी जिससे राज्य में कानून का शासन और मजबूत होगा।

## ऐसा क्यों हुआ
यह बड़ी कार्रवाई विदेशों में बैठकर भारत में अपराध संचालित करने वाले नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के उद्देश्य से की गई है।

- **सीधा कारण:** कई वांछित अपराधी विदेशों (जैसे यूएई) में सुरक्षित ठिकानों पर बैठकर भारत में जबरन वसूली, हत्या और हथियारों की तस्करी जैसी आपराधिक गतिविधियों को नियंत्रित कर रहे थे।
- **सहायक परिस्थितियां:** हरियाणा पुलिस ने इंटरपोल, केंद्रीय एजेंसियों और विदेशी दूतावासों के साथ बेहतर तालमेल स्थापित किया और फर्जी पासपोर्ट तथा बायोमेट्रिक डेटा का विश्लेषण कर अपराधियों की सही लोकेशन का पता लगाया।
- **आगे क्या होगा:** पुलिस वर्तमान में विदेशों में डिटेन किए गए 12 और गैंगस्टरों को भारत वापस लाने की कानूनी प्रक्रिया तेज कर रही है और उनके वित्तीय स्रोतों (क्रिप्टो/USDT) पर भी शिकंजा कस रही है।

## सवाल-जवाब

### 1. हरियाणा पुलिस की एसटीएफ द्वारा अब तक कितने अपराधियों को विदेशों से वापस लाया गया है?
अब तक कुल 27 गैंगस्टरों और वांछित अपराधियों को विदेशों से डिपोर्ट या एक्सट्रेडाइट करके भारत वापस लाया गया है।

### 2. वर्ष 2026 में अब तक कितने अपराधियों को डिपोर्ट किया गया है और हालिया कार्रवाई क्या थी?
वर्ष 2026 में अब तक 14 अपराधियों को वापस लाया गया है, जिसमें सबसे हालिया कार्रवाई 4 अगस्त 2026 को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से एक अपराधी को डिपोर्ट करने की थी।

### 3. विदेशों में छिपे अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने किस तरह के कानूनी नोटिस जारी किए हैं?
अगस्त 2023 से अब तक पुलिस ने 144 लुक आउट सर्कुलर (LOC), 54 रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) और 53 इंटरपोल रेफरेंस जारी किए हैं।

### 4. क्या विदेशों में छिपे कुछ अपराधियों पर कोई इनाम भी घोषित किया गया है?
हां, पुलिस विदेशों में छिपे 4 वांछित अपराधियों की जानकारी देने पर प्रत्येक के लिए 10,000 अमेरिकी डॉलर (USD) का इनाम देने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है।

### 5. अपराधियों के वित्तीय नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस क्या कदम उठा रही है?
एसटीएफ अपराधियों के बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और विशेष रूप से उनके क्रिप्टोकरेंसी एवं USDT चैनल्स को ट्रैक कर रही है ताकि अपराध से कमाए गए धन के प्रवाह को रोका जा सके।

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