विजयादशमी पर राज्यों में शैक्षणिक अवकाश की घोषणा, कहीं 3 दिन तो कहीं 13 दिन बंद रहेंगे विद्यालय दशहरा पर्व के उपलक्ष्य में विभिन्न राज्य सरकारों के शिक्षा विभागों ने शैक्षणिक अवकाश की तिथियां घोषित कर दी हैं, जिसमें पश्चिम बंगाल और तेलंगाना में सबसे लंबा ब्रेक मिल रहा है। विजयादशमी यानी दशहरा का पावन उत्सव असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक के रूप में देशभर में पूरे उल्लास के साथ आयोजित किया जाता है। वर्ष 2026 में दशहरे का मुख्य पर्व 20 अक्टूबर, मंगलवार को पड़ रहा है। इस पावन अवसर पर जहां बाजारों में भारी रौनक देखने को मिलती है और रावण दहन की व्यापक तैयारियां चलती हैं, वहीं विद्यार्थियों और अभिभावकों की नजरें शैक्षणिक अवकाश के कैलेंडर पर टिकी रहती हैं। भारत के विभिन्न राज्यों में स्थानीय परंपराओं और विभागीय व्यवस्था के अनुसार छुट्टियों की समयसारणी में बड़ा अंतर देखने को मिलता है। आमतौर पर उत्तर भारत के इलाकों में दशहरा के दौरान दो से तीन दिनों का अवकाश रहता है, जबकि पूर्वी और दक्षिणी क्षेत्रों में दुर्गा पूजा तथा ऑटम ब्रेक के तहत लंबी छुट्टियां प्रदान की जाती हैं। उत्तर प्रदेश के विद्यालयों में 8 दिनों का शैक्षणिक अवकाश उत्तर प्रदेश के विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए इस वर्ष विजयादशमी के उपलक्ष्य में कुल 8 दिनों का लंबा अवकाश निर्धारित किया गया है। यद्यपि राज्य भर में दशहरे का मुख्य धार्मिक उत्सव 20 अक्टूबर को संपन्न होगा, परंतु बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के आधिकारिक कैलेंडर के तहत यह अवकाश 18 अक्टूबर से ही आरंभ हो जाएगा। यह अवकाश 25 अक्टूबर तक अनवरत जारी रहेगा। इसके उपरांत, सभी सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालय सोमवार, 26 अक्टूबर से अपनी नियमित कक्षाओं के संचालन हेतु दोबारा खुल जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के तनाव से हटकर परिवार संग पर्व मनाने का भरपूर समय मिलेगा। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और दिल्ली में अवकाश की स्थिति देश की राजधानी दिल्ली और उससे सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के विद्यालयों में पर्व से जुड़ी छुट्टियां सीमित अवधि के लिए तय की गई हैं। शिक्षा निदेशालय के अवकाश पंचांग के अनुसार, दिल्ली और एनसीआर के स्कूलों में मुख्य त्योहार के अवसर पर तीन दिनों का विराम रहेगा। यह शैक्षणिक अवकाश 18, 19 और 20 अक्टूबर 2026 के लिए घोषित किया गया है। राजधानी क्षेत्र के छात्र इन तीन दिनों में पारिवारिक कार्यक्रमों और स्थानीय आयोजनों में सहभागिता कर सकेंगे। पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा पर 12 दिनों का सघन अवकाश पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा और विजयादशमी का आयोजन एक भव्य सांस्कृतिक महाउत्सव का स्वरूप धारण करता है। राज्य की ऐतिहासिक परंपरा और उत्सव की भव्यता को दृष्टिगत रखते हुए विद्यालयी शिक्षा विभाग ने सबसे लंबी छुट्टियों का प्रावधान किया है। वर्ष 2026 के लिए निर्धारित व्यवस्था के तहत पश्चिम बंगाल के विद्यालयों में 15 अक्टूबर से कक्षाएं स्थगित रहेंगी और यह अवकाश 26 अक्टूबर तक प्रभाव में रहेगा। पूरे 12 दिनों के इस विराम काल के दौरान शैक्षणिक संस्थान पूरी तरह बंद रहेंगे और समूचे राज्य में उत्सव का परिवेश रहेगा। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में छुट्टियों का आधिकारिक विवरण दक्षिण भारतीय राज्यों की प्रशासनिक व्यवस्था पर दृष्टि डालें तो तेलंगाना में छात्रों को सबसे लंबी छुट्टी का लाभ मिल रहा है। राज्य में ‘समेटिव असेसमेंट-1’ यानी एसए-1 (SA-1) की औपचारिक परीक्षाएं संपन्न होने के तुरंत बाद 10 अक्टूबर से अवकाश आरंभ हो गया है, जो 23 अक्टूबर तक चलेगा। इस प्रकार तेलंगाना के विद्यालयों में कुल 13 दिनों का सघन विराम सुनिश्चित हुआ है। पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश की बात करें तो वहां 12 अक्टूबर से शैक्षणिक अवकाश शुरू हुआ है और यह 21 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगा। आंध्र प्रदेश के सभी विद्यालय 22 अक्टूबर से पूर्ववत कार्य करने लगेंगे। राजस्थान, बिहार और झारखंड में शैक्षणिक अवकाश का पूरा ब्योरा उत्तरी और पूर्वी भारत के अन्य राज्यों में भी छुट्टियां अलग-अलग नियमों के तहत तय की गई हैं। राजस्थान के सरकारी विद्यालयों में वार्षिक शिविरा पंचांग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप 18 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक कुल 8 दिनों का अवकाश स्वीकृत हुआ है। वहीं बिहार में दुर्गा पूजा एवं दशहरा के उपलक्ष्य में सरकारी तथा सरकार द्वारा सहायता प्राप्त सभी विद्यालयों को 17 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक कुल 5 दिनों के लिए बंद रखने का आदेश है। झारखंड की बात करें तो वहां झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जेएसी) के मानकों के आधार पर महाअष्टमी से विजयादशमी तक यानी 19, 20 और 21 अक्टूबर को तीन दिनों का अवकाश घोषित किया गया है। इसका आप पर असर दशहरे के उपलक्ष्य में अलग-अलग राज्यों द्वारा घोषित शैक्षणिक अवकाश का सीधा प्रभाव विद्यार्थियों की पढ़ाई, पारिवारिक यात्रा योजनाओं और अभिभावकों के दैनिक कार्यक्रम पर पड़ेगा। • पारिवारिक यात्रा की योजना: जिन राज्यों में 8 से 13 दिनों का अवकाश है, वहां अभिभावक लंबी छुट्टियों के अनुसार पारिवारिक भ्रमण अथवा गृह नगर जाने की योजना बना सकते हैं। इससे यात्रा टिकटों की बुकिंग और अवकाश प्रबंधन को समय रहते व्यवस्थित किया जा सकेगा। • परीक्षा एवं अध्ययन प्रबंधन: कुछ राज्यों में परीक्षाएं समाप्त होने के बाद यह अवकाश मिला है जबकि अन्य में पढ़ाई पुनः शुरू होगी। विद्यार्थी इस अवकाश अवधि का उपयोग अपनी आगामी तिमाही की तैयारियों और गृहकार्य को पूर्ण करने के लिए कर सकते हैं। • राजधानी क्षेत्र में सीमित समय: दिल्ली और एनसीआर के विद्यालयों में केवल तीन दिनों का अवकाश होने के कारण परिवारों को अल्पकालिक कार्यक्रम ही बनाने होंगे। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले अभिभावकों को अतिरिक्त अवकाश के बिना केवल 18 से 20 अक्टूबर के अंतराल में पर्व मनाना होगा। • कार्यालयीन व्यवस्था का तालमेल: कार्यशील अभिभावकों को अपने बच्चों की लंबी स्कूल छुट्टियों को देखते हुए कार्यालय से तालमेल बिठाना पड़ सकता है। खासकर तेलंगाना और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में बच्चों की लंबी अनुपस्थिति के कारण दैनिक दिनचर्या में बदलाव आवश्यक होगा। ऐसा क्यों हुआ यह अवकाश तालिका विभिन्न राज्यों द्वारा अपनी विशिष्ट स्थानीय परंपराओं, सांस्कृतिक आयोजनों तथा शैक्षणिक परीक्षा चक्रों के अनुरूप तय की जाती है। • सांस्कृतिक महत्व में क्षेत्रीय अंतर: पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में दुर्गा पूजा का त्योहार वर्ष का सबसे बड़ा सांस्कृतिक महोत्सव माना जाता है। इसी कारणवश वहां की राज्य सरकार सामान्य रूप से 12 दिनों का सघन अवकाश घोषित करती है। • परीक्षा कार्यक्रम का समापन: तेलंगाना में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक कक्षाओं के समेटिव असेसमेंट-1 की परीक्षाएं हाल ही में पूरी हुई हैं। परीक्षा समाप्त होने के बाद स्वाभाविक शैक्षणिक विश्राम देने के उद्देश्य से 13 दिनों की लंबी छुट्टी निर्धारित की गई। • पारंपरिक शैक्षणिक पंचांग: राजस्थान में विद्यालयी व्यवस्था शिविरा पंचांग के तय नियमों के आधार पर संचालित होती है। इस आधिकारिक पंचांग में दशहरा उत्सव के आसपास 8 दिनों का सतत अवकाश पूर्व निर्धारित रहता है। • प्रशासनिक नीतियां: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और अन्य राज्यों में शैक्षणिक कार्यदिवसों का कोटा पूरा रखने के लिए छुट्टियों को सीमित रखा जाता है। इसी संतुलन के चलते दिल्ली में तीन और बिहार में पांच दिनों का अवकाश घोषित किया गया। सवाल-जवाब 1. वर्ष 2026 में विजयादशमी या दशहरा किस तारीख को मनाया जा रहा है? साल 2026 में दशहरा यानी विजयादशमी का मुख्य पर्व 20 अक्टूबर, मंगलवार को मनाया जाएगा। 2. उत्तर प्रदेश के विद्यालयों में दशहरा की छुट्टियां कब से कब तक रहेंगी? उत्तर प्रदेश के स्कूलों में 18 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक कुल 8 दिनों का अवकाश रहेगा और स्कूल 26 अक्टूबर को खुलेंगे। 3. दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र के स्कूलों में कितने दिनों की छुट्टी घोषित हुई है? शिक्षा निदेशालय के अनुसार दिल्ली और एनसीआर के स्कूलों में 18, 19 और 20 अक्टूबर 2026 को कुल 3 दिनों का अवकाश रहेगा। 4. पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के अवसर पर कितने दिनों तक स्कूल बंद रहेंगे? पश्चिम बंगाल में 15 अक्टूबर से 26 अक्टूबर 2026 तक पूरे 12 दिनों के लिए स्कूल बंद रहेंगे। 5. सबसे लंबा शैक्षणिक अवकाश किस राज्य में दिया जा रहा है? तेलंगाना में छात्रों को 10 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक कुल 13 दिनों का सबसे लंबा अवकाश मिल रहा है। 6. राजस्थान और बिहार में स्कूलों के बंद रहने की समयावधि क्या है? राजस्थान में शिविरा पंचांग के तहत 18 से 25 अक्टूबर (8 दिन) और बिहार में 17 से 21 अक्टूबर (5 दिन) तक स्कूल बंद रहेंगे। https://trendkia.com/haryana/vijayadashami-para-rajyon-men-shaikshanika-avakasha-ki-ghoshana-kahin-3-dina-to-kahin-13-dina-bnda-rahenge-vidyalaya-48148 TrendKia — Har trend, sabse pehle.