आंवले के पत्तों में भी छिपे हैं सेहत के कई राज़, जानें कौन-कौन सी बीमारियों में मिलती है राहत आयुर्वेद में आंवले के फल की तरह उसकी पत्तियों को भी बेहद गुणकारी माना जाता है, जो इम्यूनिटी बढ़ाने से लेकर बाल, त्वचा और मुंह के छालों तक में राहत दे सकती हैं, बशर्ते विशेषज्ञ की सलाह से इस्तेमाल की जाएं। आंवला सिर्फ अपने फल के लिए नहीं, बल्कि अपनी पत्तियों के औषधीय गुणों के लिए भी आयुर्वेद में खास जगह रखता है। ज्यादातर लोग आंवले का सेवन फल, मुरब्बा या चूर्ण के रूप में ही करते हैं, लेकिन आयुर्वेद में सदियों से इसकी पत्तियों का इस्तेमाल भी कई स्वास्थ्य समस्याओं से निपटने के लिए किया जाता रहा है। हालांकि विशेषज्ञ साफ कहते हैं कि किसी भी बीमारी के इलाज में आंवले की पत्तियों का उपयोग करने से पहले किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह जरूर ली जानी चाहिए, क्योंकि हर व्यक्ति की शारीरिक बनावट अलग होती है। गोंडा की आयुर्वेदिक वैद्य मालती देवी बताती हैं कि आंवले की पत्तियों में विटामिन-सी, एंटीऑक्सीडेंट, फ्लेवोनॉयड, टैनिन जैसे कई प्राकृतिक तत्व मौजूद होते हैं। ये तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। इसके साथ ही ये पत्तियां शरीर को संक्रमण से बचाने और कई छोटी-मोटी स्वास्थ्य दिक्कतों में राहत देने में भी कारगर मानी जाती हैं। बदलते मौसम में इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार मौसम बदलने के साथ ही सर्दी, जुकाम और वायरल संक्रमण की समस्या आम हो जाती है। वैद्य मालती देवी के मुताबिक ऐसे समय में आंवले की पत्तियों से बना काढ़ा या आयुर्वेदिक तरीके से तैयार अर्क शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में सहायक साबित हो सकता है। हालांकि इसे किस मात्रा में और किस तरीके से लेना है, यह विशेषज्ञ की सलाह पर ही तय होना चाहिए, खुद से मात्रा तय करना नुकसानदायक हो सकता है। मुंह के छालों से मिल सकती है राहत आंवले की पत्तियों का एक और इस्तेमाल मुंह के छालों में देखा जाता है। आयुर्वेद में इन पत्तियों से तैयार काढ़े से कुल्ला करने की सलाह दी जाती है। इससे न सिर्फ मुंह की सफाई बनी रहती है, बल्कि छालों में भी राहत मिल सकती है। अगर छालों की समस्या लंबे समय तक बनी रहती है तो घरेलू उपाय पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। बालों के लिए भी फायदेमंद हैं ये पत्तियां आंवला बालों के लिए वैसे भी काफी फायदेमंद माना जाता है, लेकिन इसकी पत्तियां भी इसमें पीछे नहीं हैं। मालती देवी के अनुसार आंवले की पत्तियों का पेस्ट या इनका काढ़ा बालों में लगाने से सिर की त्वचा साफ रहती है। इससे डैंड्रफ की समस्या कम करने और बालों की जड़ों को मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है। यही वजह है कि कई आयुर्वेदिक हेयर ऑयल और हेयर पैक बनाने में भी आंवले की पत्तियों का इस्तेमाल किया जाता है। त्वचा को स्वस्थ रखने में भी सहायक आंवले की पत्तियों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा के लिए भी लाभकारी माने जाते हैं। इनका लेप लगाने से त्वचा की सफाई में मदद मिल सकती है। आयुर्वेद में इसका उपयोग दाग-धब्बों और त्वचा से जुड़ी कुछ सामान्य दिक्कतों में भी किया जाता है। हालांकि अगर इस्तेमाल के बाद किसी तरह की एलर्जी नजर आए तो इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर देना चाहिए। मधुमेह रोगियों के लिए भी बताया गया है उपयोग, लेकिन सावधानी जरूरी आयुर्वेद में आंवले की पत्तियों का जिक्र मधुमेह रोगियों के लिए भी मिलता है। कुछ आयुर्वेदिक उपचारों में इनकी पत्तियों का सीमित मात्रा में इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन वैद्य मालती देवी इस बारे में स्पष्ट चेतावनी देती हैं कि मधुमेह के मरीज अपनी नियमित दवा बंद करके सिर्फ घरेलू नुस्खों के भरोसे न रहें। इसका किसी भी रूप में सेवन डॉक्टर की सलाह के बाद ही किया जाना चाहिए, वरना शुगर लेवल बिगड़ने का खतरा रहता है। घाव भरने में भी माना जाता है कारगर आयुर्वेद में आंवले की पत्तियों को घाव भरने में सहायक तत्व के रूप में भी देखा जाता है। सामान्य चोट या त्वचा से जुड़ी छोटी-मोटी समस्याओं में इन पत्तियों का लेप लगाया जाता है। इनमें मौजूद प्राकृतिक तत्व त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। आंवले की पत्तियों का इस्तेमाल कैसे करें वैद्य मालती देवी बताती हैं कि आयुर्वेद में आंवले की पत्तियों का इस्तेमाल कई तरीकों से किया जाता है। इनमें पत्तियों का काढ़ा बनाना, उनका रस निकालना, पेस्ट तैयार करना या फिर उन्हें सुखाकर चूर्ण के रूप में इस्तेमाल करना शामिल है। लेकिन चूंकि हर व्यक्ति की शारीरिक प्रकृति अलग होती है, इसलिए इसका इस्तेमाल बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं करना चाहिए। इन सावधानियों का रखें खास ध्यान मालती देवी के मुताबिक प्राकृतिक औषधियां भी अगर गलत मात्रा में ली जाएं तो नुकसान पहुंचा सकती हैं। गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे, गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोग या पहले से किसी दवा पर निर्भर मरीज बिना डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह के आंवले की पत्तियों का सेवन न करें। अगर सेवन के बाद किसी तरह की एलर्जी, पेट दर्द या कोई और परेशानी महसूस हो, तो तुरंत इसका इस्तेमाल बंद कर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसका आप पर असर • सेहत के लिहाज से: जो लोग मौसमी सर्दी-जुकाम, बालों की समस्या, त्वचा की दिक्कतों या मुंह के छालों के लिए घरेलू आयुर्वेदिक उपाय अपनाना चाहते हैं, उनके लिए आंवले की पत्तियां एक विकल्प हो सकती हैं। • सावधानी जरूरी: मधुमेह रोगियों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह के बिना इनका सेवन नहीं करना चाहिए। सवाल-जवाब 1. आंवले की पत्तियों में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं? इनमें विटामिन-सी, एंटीऑक्सीडेंट, फ्लेवोनॉयड और टैनिन जैसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं। 2. क्या आंवले की पत्तियां बालों के लिए फायदेमंद हैं? हां, इनका पेस्ट या काढ़ा लगाने से सिर की त्वचा साफ रहती है, डैंड्रफ कम होता है और बाल मजबूत बनते हैं। 3. मुंह के छालों में आंवले की पत्तियों का इस्तेमाल कैसे किया जाता है? इनसे तैयार काढ़े से कुल्ला करने की सलाह दी जाती है, जिससे मुंह की सफाई बनी रहती है और छालों में राहत मिल सकती है। 4. क्या मधुमेह के मरीज बेझिझक आंवले की पत्तियां इस्तेमाल कर सकते हैं? नहीं, वैद्य मालती देवी के मुताबिक मधुमेह के मरीजों को अपनी दवा बंद करके सिर्फ घरेलू नुस्खों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए और डॉक्टर की सलाह के बाद ही सेवन करना चाहिए। 5. आंवले की पत्तियों का इस्तेमाल किन-किन तरीकों से किया जा सकता है? इन्हें काढ़ा बनाकर, रस निकालकर, पेस्ट तैयार करके या सुखाकर चूर्ण के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। 6. आंवले की पत्तियों के इस्तेमाल में किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए? गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों, गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों और पहले से दवा ले रहे मरीजों को बिना डॉक्टर की सलाह के इनका सेवन नहीं करना चाहिए। https://trendkia.com/health/anvale-ke-patton-men-bhi-chhipe-hain-sehata-ke-kai-raza-janen-kauna-kauna-si-bimariyon-men-milati-hai-rahata-8040 TrendKia — Har trend, sabse pehle.