अपराजिता की चाय में नींबू मिलाते ही आ जाता है गुलाबी-बैंगनी रंग, जानें त्वचा, बाल और सूजन में इसके फायदे नीले फूलों वाली अपराजिता की चाय नींबू डालते ही रंग बदल लेती है, एंटीऑक्सीडेंट गुणों के अलावा इसे सूजन, त्वचा और बालों की देखभाल में भी परंपरागत रूप से उपयोगी माना जाता है, बशर्ते सावधानियों का ध्यान रखा जाए। बगीचों और घरों की बालकनी में अक्सर दिखने वाली एक बेल है जिसके गहरे नीले फूल दूर से ही ध्यान खींच लेते हैं। इसका नाम है अपराजिता, और वैज्ञानिक भाषा में इसे Clitoria ternatea कहा जाता है। ज्यादातर जगहों पर इसके फूल गहरे नीले रंग के मिलते हैं, मगर कुछ इलाकों में सफेद रंग की अपराजिता भी उगाई जाती है। सिर्फ शक्ल-सूरत ही नहीं, इसकी पत्तियों, जड़ों और फूलों को बरसों से घर-घर के नुस्खों तथा आयुर्वेदिक इलाज में इस्तेमाल किया जाता रहा है, यही वजह है कि यह पौधा महज सजावट से कहीं आगे की पहचान रखता है और भारत में कई घरों में इसे शौक से लगाया जाता है। पानी में डालते ही नीला, नींबू मिलाते ही गुलाबी पिछले कुछ समय से अपराजिता के फूलों से बनने वाली हर्बल चाय का चलन तेजी से बढ़ा है। इसे बनाने का तरीका बेहद आसान है, गरम पानी में सूखे या ताजे फूल डाल दिए जाते हैं और कुछ ही देर में पानी गहरे नीले रंग का हो जाता है। असली मजा तब आता है जब इसमें नींबू की चंद बूंदें टपकाई जाती हैं, इससे नीला रंग पलक झपकते ही बैंगनी या गुलाबी में बदल जाता है। रंग का यह जादू ही इस चाय को बाकी हर्बल ड्रिंक्स से अलग खड़ा करता है, यही वजह है कि इसे आजमाने वालों की गिनती लगातार बढ़ रही है। आंखों की थकान में इस्तेमाल, पर बिना सलाह जोखिम न लें परंपरागत तौर पर अपराजिता के फूलों को आंखों की देखभाल से भी जोड़कर देखा जाता रहा है, खासकर जब आंखों में थकान या जलन महसूस हो। लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं कि इसका पेस्ट या कोई भी घरेलू घोल सीधे आंखों में डाल लिया जाए। अगर आंखें लाल हो रही हों, दर्द हो, इंफेक्शन का शक हो या कंजेक्टिवाइटिस जैसी दिक्कत सामने आए, तो घर पर नुस्खे आजमाने की बजाय आंखों के डॉक्टर को दिखाना ही सबसे सही और सुरक्षित कदम है। एंटीऑक्सीडेंट का खजाना है यह नीला फूल अपराजिता के नीले फूलों को उनका रंग एंथोसायनिन नाम के प्राकृतिक पिगमेंट से मिलता है, और यही तत्व इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण भी लेकर आता है। शरीर में बनने वाले ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से निपटने में एंटीऑक्सीडेंट मददगार माने जाते हैं, और शायद इसी वजह से अपराजिता की चाय को हेल्दी हर्बल ड्रिंक के तौर पर पसंद किया जा रहा है। बावजूद इसके, इसे किसी बीमारी की दवा का विकल्प समझने की भूल नहीं करनी चाहिए, यह सिर्फ एक सहायक पेय है, किसी इलाज की जगह नहीं ले सकता। सूजन और मामूली दर्द में मिल सकती है राहत पुराने घरेलू नुस्खों में अपराजिता के फूल और पत्तियों को सूजन तथा दर्द कम करने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसमें मौजूद कुछ प्राकृतिक यौगिकों को लेकर हुई रिसर्च में सूजन-रोधी असर की संभावना जताई गई है। इसी आधार पर हल्की सूजन या सामान्य दर्द में अपराजिता की चाय या इसके परंपरागत इस्तेमाल को उपयोगी माना जाता है, हालांकि गंभीर या लगातार बनी रहने वाली तकलीफ में इसे डॉक्टरी सलाह की जगह कभी नहीं रखा जा सकता। त्वचा और बालों की देखभाल में भी काम आता है अपराजिता सिर्फ चाय ही नहीं, अपराजिता के फूलों का इस्तेमाल त्वचा और बालों की केयर में भी होता रहा है। इसमें पाए जाने वाले कुछ नैचुरल कंपाउंड्स त्वचा को अंदर से पोषण देने और एंटीऑक्सीडेंट सुरक्षा देने में मददगार बताए जाते हैं। बाजार में मौजूद कुछ हर्बल प्रोडक्ट्स इसी फूल के अर्क से बनते हैं, जिनका मकसद त्वचा को नमी देकर उसकी कोमलता बनाए रखना होता है। वहीं बालों की सेहत सुधारने के लिए भी अपराजिता का पारंपरिक इस्तेमाल लंबे समय से चला आ रहा है। चाय बनाने से पहले आयुर्वेद विशेषज्ञ की यह सलाह जरूर मानें आयुर्वेदाचार्य देवेंद्र कुमार के मुताबिक, अगर घर पर अपराजिता के फूलों से चाय तैयार करने का मन बना रहे हैं तो सबसे पहले यह पक्का कर लें कि जिस पौधे से फूल तोड़े जा रहे हैं उस पर किसी तरह का कीटनाशक या केमिकल स्प्रे न हुआ हो। सजावटी पौधों या बाजार से बिना जानकारी के तोड़े गए फूलों को सीधे सेवन में लाना खतरनाक हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि जिन लोगों को डायबिटीज, ब्लड प्रेशर या किसी और बीमारी की दवा नियमित तौर पर लेनी पड़ती है, वे अपराजिता की चाय या इसके अर्क को अपनी दिनचर्या में शामिल करने से पहले डॉक्टर से जरूर बात कर लें। इसका आप पर असर अगर आप घर पर हर्बल चाय आजमाने के शौकीन हैं, तो अपराजिता से जुड़ी ये बातें ध्यान में रखना जरूरी है। • आंखों में सीधे इस्तेमाल से बचें: अपराजिता का पेस्ट या घोल आंखों में डालना सुरक्षित नहीं माना जाता। आंखों में लालिमा, दर्द या इंफेक्शन जैसी दिक्कत हो तो घरेलू नुस्खे छोड़कर सीधे डॉक्टर को दिखाएं। • दवा ले रहे हैं तो सावधानी बरतें: डायबिटीज या ब्लड प्रेशर की दवा लेने वालों को अपराजिता की चाय रोज पीना शुरू करने से पहले डॉक्टर से पूछना जरूरी है। बिना सलाह इसे दवा के साथ नियमित लेना जोखिम भरा हो सकता है। • फूल चुनने में सतर्कता रखें: बाजार या सजावटी पौधों से बिना जानकारी तोड़े गए फूलों को सीधे इस्तेमाल में न लाएं। पौधे पर कीटनाशक या केमिकल स्प्रे हुआ हो तो चाय बनाने से पहले उसकी जांच जरूर कर लें। • इसे इलाज का विकल्प न समझें: एंटीऑक्सीडेंट और सूजन-रोधी गुण होने के बावजूद यह चाय किसी दवा या इलाज की जगह नहीं ले सकती। इसे सिर्फ एक सहायक हर्बल ड्रिंक की तरह अपनी दिनचर्या में शामिल करें। सवाल-जवाब 1. अपराजिता फूल का वैज्ञानिक नाम क्या है? इसका वैज्ञानिक नाम Clitoria ternatea है। 2. अपराजिता की चाय में नींबू डालने पर रंग क्यों बदल जाता है? फूलों में मौजूद एंथोसायनिन नाम के प्राकृतिक पिगमेंट के कारण नींबू मिलाते ही पानी का रंग नीले से बैंगनी या गुलाबी में बदल जाता है। 3. क्या अपराजिता का पेस्ट सीधे आंखों में डाला जा सकता है? नहीं, यह सुरक्षित नहीं माना जाता, आंखों में लालिमा, दर्द या इंफेक्शन जैसी दिक्कत होने पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। 4. अपराजिता की चाय पीने से क्या फायदा हो सकता है? इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाव में मदद कर सकते हैं और परंपरागत रूप से इसे सूजन व हल्के दर्द में भी उपयोगी माना जाता है। 5. क्या अपराजिता की चाय किसी बीमारी का इलाज है? नहीं, इसे किसी बीमारी के इलाज या दवा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए, यह सिर्फ एक हर्बल ड्रिंक है। 6. चाय के लिए फूल चुनते समय क्या सावधानी बरतनी चाहिए? आयुर्वेदाचार्य देवेंद्र कुमार के मुताबिक फूल किसी ऐसे पौधे से लें जिस पर कीटनाशक या केमिकल स्प्रे न हुआ हो, और अनजान बाजार या सजावटी पौधों से तोड़े फूल सीधे इस्तेमाल न करें। 7. किन लोगों को अपराजिता की चाय पीने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए? डायबिटीज, ब्लड प्रेशर या किसी अन्य बीमारी की नियमित दवा लेने वाले लोगों को अपराजिता की चाय या अर्क शुरू करने से पहले डॉक्टर से बात करनी चाहिए। 8. क्या अपराजिता सिर्फ चाय के लिए इस्तेमाल होती है? नहीं, इसे त्वचा और बालों की देखभाल में भी परंपरागत रूप से इस्तेमाल किया जाता रहा है। https://trendkia.com/health/aparajita-ki-chaya-men-ninbu-milate-hi-a-jata-hai-gulabi-baingani-rnga-janen-tvacha-bala-aura-sujana-men-isake-phayade-28762 TrendKia — Har trend, sabse pehle.