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  "type": "article",
  "title": "अरुणाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ा बढ़ावा, TRIHMS में जल्द शुरू होंगी किडनी ट्रांसप्लांट सुविधाएं",
  "summary": "मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने TRIHMS में जल्द ही ऑर्गन ट्रांसप्लांट सेवाएं शुरू करने का ऐलान किया है, जिससे राज्य के मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।",
  "content": "अरुणाचल प्रदेश के मरीजों को अब गंभीर बीमारियों और जटिल ऑपरेशनों के इलाज के लिए राज्य से बाहर बड़े शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। राज्य के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने घोषणा की है कि तोमो रीबा इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड मेडिकल साइंसेज (TRIHMS) में जल्द ही अंग प्रत्यारोपण (ऑर्गन ट्रांसप्लांट) सेवाएं शुरू की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने यह महत्वपूर्ण ऐलान मेडिकल स्पेशलिस्ट रिक्रूटमेंट (MSR) परीक्षा-2026 में सफल रहे 72 नए डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र सौंपने के लिए आयोजित विशेष सम्मान समारोह के दौरान किया।\n\nTRIHMS में ऑर्गन ट्रांसप्लांट और किडनी सर्जरी की तैयारी\nराज्य में सुपर-स्पेशलिटी चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करने के लिए अरुणाचल प्रदेश सरकार नई दिल्ली स्थित सर गंगा राम अस्पताल के तकनीकी सहयोग से काम कर रही है। इसके माध्यम से TRIHMS में ऑर्गन ट्रांसप्लांट की आधुनिक सुविधाएं स्थापित की जा रही हैं। संस्थान में ऑर्गन परफ्यूजन सिस्टम लगाने की प्रक्रिया जारी है, और शुरुआती चरण में सबसे पहले किडनी ट्रांसप्लांट की शुरुआत की जाएगी।\n\n \nमुख्यमंत्री पेमा खांडू ने जोर देकर कहा कि दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले नागरिकों को भी राजधानी ईटानगर जैसी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए। स्वास्थ्य क्षेत्र के सुधारों की जानकारी देते हुए खांडू ने X पर लिखा कि 72 नए जूनियर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को सरकारी सेवा में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा, \"हमारा विजन स्पष्ट है: हमारे लोगों को उस इलाज के लिए अरुणाचल प्रदेश से बाहर न जाना पड़े जो यहां उपलब्ध कराया जा सकता है।\" उन्होंने स्पष्ट किया कि विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं राज्य के प्रत्येक जिले और अंतिम छोर तक पहुंचाई जाएंगी।\n\nमुख्यमंत्री ऑर्गन ट्रांसप्लांट योजना (CMOTS) के तहत आर्थिक मदद\nऑर्गन ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया को आम जनता के लिए वहन योग्य बनाने और परिवारों पर आर्थिक बोझ कम करने के लिए राज्य सरकार मुख्यमंत्री ऑर्गन ट्रांसप्लांट योजना (CMOTS) चला रही है। इस योजना के तहत विभिन्न जटिल ऑपरेशनों के लिए बड़ी वित्तीय सहायता दी जाती है\n\n• किडनी ट्रांसप्लांट: प्रत्येक मरीज को 12 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता।\n• बोन मैरो ट्रांसप्लांट: इलाज के लिए 17 लाख रुपये की सहायता राशि।\n• लिवर ट्रांसप्लांट: जटिल सर्जरी के लिए 22 लाख रुपये तक की सरकारी मदद।\n\nइस योजना का दायरा केवल किडनी तक सीमित न रखकर अन्य प्रमुख अंगों के प्रत्यारोपण तक विस्तारित किया गया है, जिससे जरूरतमंद परिवारों को संबल मिल रहा है।\n\nमेडिकल कॉलेजों का विस्तार और उच्च शिक्षा\nचिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ अरुणाचल प्रदेश में मेडिकल शिक्षा के बुनियादी ढांचे को भी नया आकार दिया जा रहा है। नामसाई जिले में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत एक नया मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का प्रस्ताव है, जिसका निर्माण कार्य इसी वर्ष 2026 में शुरू करने की योजना है। इसके अतिरिक्त वेस्ट कामेंग जिले में भी एक नया मेडिकल कॉलेज बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।\n\nराज्य के प्रमुख संस्थान TRIHMS में शैक्षणिक क्षमता का विस्तार किया गया है। यहां MBBS की सीटें बढ़ाकर 100 कर दी गई हैं, जबकि अरुणाचल प्रदेश अनुसूचित जनजाति (APST) के उम्मीदवारों के लिए आरक्षण बढ़ाकर 85 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके साथ ही संस्थान में जल्द ही पोस्टग्रेजुएट MD और MS विशेषज्ञ पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी भी की जा रही है।\n\nराज्य का स्वास्थ्य ढांचा और रिक्त पदों की स्थिति\nअरुणाचल प्रदेश का वर्तमान सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचा राज्यभर में फैले विभिन्न स्तर के केंद्रों के माध्यम से लोगों को सेवाएं प्रदान कर रहा है\n\n• 6 जोनल अस्पताल\n• 17 जिला अस्पताल\n• 57 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC)\n• 162 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC)\n• 647 उप-स्वास्थ्य केंद्र\n\nहालिया भर्तियों से डॉक्टरों की कमी काफी हद तक दूर हुई है, लेकिन अभी भी कई पद खाली पड़े हैं। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार TRIHMS में 35 स्पेशलिस्ट पद, सरकारी अस्पतालों में 61 स्पेशलिस्ट पद और 79 जनरल ड्यूटी मेडिकल ऑफिसर (GDMO) के पद रिक्त हैं।\n\nपारदर्शी APPSC भर्ती प्रक्रिया और विकसित अरुणाचल 2047\nमुख्यमंत्री खांडू ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए अरुणाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (APPSC) की सराहना की। इस भर्ती का विज्ञापन 13 अप्रैल 2026 को जारी किया गया था, जिसके बाद 117 आवेदन प्राप्त हुए थे। जून 2026 में 116 योग्य उम्मीदवारों के साक्षात्कार आयोजित किए गए और अंततः 72 डॉक्टरों को नियुक्ति के लिए अनुशंसित किया गया।\n\nमुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं के इस विस्तार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय विकास विजन के अनुसार 'विकसित अरुणाचल 2047' से जोड़ा। उन्होंने नए डॉक्टरों से आह्वान किया कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में संवेदनशीलता, पेशेवर निष्ठा और पूर्ण समर्पण के साथ अपनी सेवाएं दें।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: दूरदराज के राज्यों में सुपर-स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं और ऑर्गन ट्रांसप्लांट इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से मरीजों का बड़े महानगरों पर निर्भरता का दबाव कम होता है।\n\nअरुणाचल प्रदेश में: TRIHMS में ऑर्गन ट्रांसप्लांट और 22 लाख रुपये तक की सरकारी वित्तीय सहायता मिलने से स्थानीय मरीजों को इलाज के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. TRIHMS में कौन सी नई चिकित्सा सुविधा शुरू की जा रही है?\nTRIHMS में ऑर्गन परफ्यूजन सिस्टम लगाने का काम जारी है, और जल्द ही किडनी ट्रांसप्लांट से शुरुआत करते हुए ऑर्गन ट्रांसप्लांट सेवाएं शुरू होंगी।\n\n2. मुख्यमंत्री ऑर्गन ट्रांसप्लांट योजना (CMOTS) के तहत कितनी वित्तीय सहायता मिलती है?\nCMOTS योजना के तहत किडनी ट्रांसप्लांट के लिए 12 लाख रुपये, बोन मैरो के लिए 17 लाख रुपये और लिवर ट्रांसप्लांट के लिए 22 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाती है।\n\n3. अरुणाचल प्रदेश में कौन से नए मेडिकल कॉलेज प्रस्तावित हैं?\nनामसाई में PPP मॉडल के तहत एक नया मेडिकल कॉलेज 2026 में शुरू होगा, जबकि वेस्ट कामेंग जिले में भी एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का प्रस्ताव है।\n\n4. APPSC द्वारा हाल ही में कितने डॉक्टरों की सिफारिश और नियुक्ति की गई है?\nAPPSC द्वारा आयोजित पारदर्शी परीक्षा के माध्यम से 72 नए मेडिकल स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की सिफारिश और नियुक्ति की गई है।",
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  "category": "स्वास्थ्य",
  "publishedAt": "2026-08-12",
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