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  "title": "आजमगढ़ के 8 ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों पर शुरू हुई सिजेरियन डिलीवरी और एनबीएसयू की सुविधा",
  "summary": "उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करते हुए आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सिजेरियन प्रसव और नवजात शिशुओं के इलाज की सुविधा शुरू की गई है। इससे आपात स्थिति में मरीजों को जिला अस्पताल नहीं भागना पड़ेगा।",
  "content": "उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे को एक बहुत बड़ी मजबूती मिली है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं को अब प्रसव के दौरान किसी भी आपात स्थिति में जिला मुख्यालय स्थित महिला अस्पताल की तरफ दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करने तथा सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने एक अहम कदम उठाया है। अब ग्रामीण इलाकों के नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर ही सिजेरियन (ऑपरेशन) डिलीवरी की सुविधा शुरू कर दी गई है। यह पहल उन परिवारों के लिए एक बड़ी राहत बनकर आई है, जिन्हें जटिलताओं के समय लंबा सफर तय करना पड़ता था।\n\nआठ प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र बने फर्स्ट रेफरल यूनिट\nइस बड़े बदलाव के बारे में जानकारी देते हुए आजमगढ़ के एडिशनल सीएमओ डॉ. उमा शरण पांडे ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने जिले के आठ प्रमुख सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) को 'फर्स्ट रेफरल यूनिट' का दर्जा दिया है। इन सभी चिन्हित केंद्रों पर ऑपरेशन थिएटर का संचालन विधिवत रूप से शुरू कर दिया गया है। इन केंद्रों में मुख्य रूप से मुबारकपुर सीएचसी, बिलरियागंज सीएचसी, कोयल सीएचसी, लालगंज, मेहनगर, फूलपुर सीएचसी के साथ-साथ 100 बेड वाले अतरौलिया और 100 बेड वाले देवगांव अस्पताल को शामिल किया गया है। इन सभी जगहों पर अब प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ और जरूरी उपकरण तैनात किए गए हैं।\n\nआपात स्थिति में बचेगा मरीजों का कीमती समय\nडॉ. पांडे ने स्पष्ट किया कि पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से जटिल गर्भावस्था वाले मामलों को सीधे शहर रेफर कर दिया जाता था। इस प्रक्रिया में काफी समय बर्बाद होता था, जो मां और बच्चे दोनों की जान के लिए खतरा बन सकता था। लेकिन नई व्यवस्था के तहत, गंभीर स्थिति वाली गर्भवती महिलाओं को उनके घर के सबसे नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ही समय रहते उपचार मिल जाएगा। अगर नॉर्मल डिलीवरी संभव नहीं हो पाती है, तो तुरंत सिजेरियन ऑपरेशन किया जा सकेगा। इससे न सिर्फ आपातकालीन स्थिति में मरीजों का कीमती समय बचेगा, बल्कि त्वरित इलाज मिलने से किसी अनहोनी का खतरा भी टल जाएगा।\n\nनवजात शिशुओं के लिए एनबीएसयू और फोटोथेरेपी\nमातृ स्वास्थ्य के साथ-साथ नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल के लिए भी इन सभी आठ केंद्रों पर विशेष प्रबंध किए गए हैं। जन्म के तुरंत बाद जिन बच्चों को सांस लेने में तकलीफ होती है या जो बच्चे समय से पहले पैदा हो जाते हैं, उनके लिए 'न्यू बोर्न स्टेबिलाइजेशन यूनिट' (एनबीएसयू) की स्थापना की गई है। इसके अलावा, नवजात बच्चों में पीलिया जैसी बीमारी के इलाज के लिए फोटोथेरेपी की सुविधा भी इन केंद्रों पर उपलब्ध कराई गई है। अब बीमार बच्चों को भी इलाज के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर करने की जरूरत काफी हद तक कम हो जाएगी।\n\n51 नए स्वास्थ्य उपकेंद्रों का होगा निर्माण\nआने वाले समय में ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक और योजना तैयार की है। आजमगढ़ जिले के विभिन्न ग्रामीण अंचलों में 51 नए स्वास्थ्य उपकेंद्रों का निर्माण प्रस्तावित है। अधिकारियों के मुताबिक, इन नए उपकेंद्रों का निर्माण कार्य जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। इनके शुरू होने से गांवों के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी प्राथमिक उपचार, टीकाकरण और अन्य बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से और उनके घर के पास ही मिल सकेंगी।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: ग्रामीण स्तर पर ऐसी शल्य चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार से देश भर में मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करने में बड़ी मदद मिलती है।\n• आजमगढ़ में: जिले के ग्रामीण इलाकों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं को अब आपातकालीन प्रसव के लिए शहर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे उनका कीमती समय और पैसा दोनों बचेगा।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. आजमगढ़ के किन अस्पतालों में सिजेरियन प्रसव की सुविधा शुरू हुई है?\nयह सुविधा मुबारकपुर, बिलरियागंज, कोयल, लालगंज, मेहनगर, फूलपुर सीएचसी के साथ-साथ अतरौलिया और देवगांव के 100 बेड वाले अस्पतालों में शुरू की गई है।\n\n2. फर्स्ट रेफरल यूनिट का क्या काम होगा?\nइन चिन्हित केंद्रों पर नॉर्मल डिलीवरी के अलावा आपात स्थिति में गर्भवती महिलाओं का सिजेरियन (ऑपरेशन) भी किया जा सकेगा।\n\n3. एनबीएसयू सुविधा का क्या फायदा है?\nइन स्वास्थ्य केंद्रों पर एनबीएसयू और फोटोथेरेपी की सुविधा होने से नवजात शिशुओं को पीलिया जैसी बीमारियों का इलाज तुरंत मिल सकेगा।\n\n4. ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए भविष्य की क्या योजना है?\nस्वास्थ्य विभाग जल्द ही आजमगढ़ के ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं को बढ़ाने के लिए 51 नए स्वास्थ्य उपकेंद्रों का निर्माण पूरा करने जा रहा है।",
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  "category": "स्वास्थ्य",
  "publishedAt": "2026-07-23",
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