बचपन से बुढ़ापे तक शरीर को चाहिए सही पोषण, जानिए उम्र के मुताबिक रोजाना कितना प्रोटीन खाना जरूरी मांसपेशियों, हड्डियों और कोशिकाओं के विकास के लिए हर उम्र में प्रोटीन की जरूरत बदलती रहती है। बच्चों, किशोरों, वयस्कों और बुजुर्गों के लिए सही दैनिक मात्रा और खानपान के विकल्पों की पूरी जानकारी। मानव शरीर की संपूर्ण बनावट और मजबूती में प्रोटीन एक अनिवार्य पोषक तत्व के रूप में कार्य करता है। यह केवल मांसपेशियों के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि हड्डियों, त्वचा, बालों तथा अनगिनत सूक्ष्म कोशिकाओं के विकास एवं उनकी मरम्मत में लगातार सक्रिय रहता है। हर मनुष्य का शरीर अलग होता है, जिसके चलते प्रोटीन की दैनिक खुराक कभी भी एक तय पैमाने में नहीं बांधी जा सकती। किसी भी व्यक्ति को दिन भर में कितना प्रोटीन लेना चाहिए, यह उसकी आयु, कुल शारीरिक भार, दैनिक दिनचर्या और स्वास्थ्य की मौजूदा स्थिति पर निर्भर करता है। इस महत्वपूर्ण विषय पर विस्तृत मार्गदर्शन साझा करते हुए डॉ. भावना पी - न्यूट्रिशनिस्ट और डायटीशियन ने समझाया है कि जीवन के अलग-अलग पड़ावों पर प्रोटीन की सही मात्रा कैसे तय की जानी चाहिए। बचपन और किशोरावस्था में शारीरिक विकास की जरूरतें प्रारंभिक बचपन के दौरान बच्चों का शारीरिक ढांचा बेहद तेज गति से विकसित होता है, जिसके कारण उनके आहार में पर्याप्त प्रोटीन की उपस्थिति अनिवार्य मानी जाती है। पोषण मानकों के अनुसार, 1 से 3 साल तक के छोटे बच्चों को रोजाना लगभग 13 ग्राम प्रोटीन मिलना चाहिए। इसके बाद जब बच्चे 4 से 8 वर्ष की आयु में पहुंचते हैं, तब उनके शरीर को प्रतिदिन 19 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है। आगे चलकर 9 से 13 साल के आयु वर्ग वाले बच्चों के लिए यह दैनिक आवश्यकता बढ़कर करीब 34 ग्राम तक पहुंच जाती है। किशोरावस्था जीवन का ऐसा दौर है जहां शारीरिक बदलाव और कद-काठी का विकास सबसे तीव्र गति पकड़ता है। नतीजतन, इस चरण में पोषण की मांग भी काफी बढ़ जाती है। 14 से 18 वर्ष के लड़कों के लिए रोजाना करीब 52 ग्राम प्रोटीन लेने की सलाह दी जाती है, जबकि इसी आयु वर्ग की लड़कियों को प्रतिदिन लगभग 46 ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता हो सकती है। जो किशोर नियमित रूप से खेलों, दौड़-भाग या अन्य किसी कठोर शारीरिक श्रम में संलग्न रहते हैं, उनके शरीर की मरम्मत और ऊर्जा संतुलन बनाए रखने के लिए इस सामान्य आंकड़े से भी अधिक प्रोटीन की दरकार हो सकती है। वयस्कों और बुजुर्गों के लिए दैनिक प्रोटीन की गणना वयस्क व्यक्तियों के सामान्य स्वास्थ्य रखरखाव के लिए आमतौर पर प्रति किलोग्राम शरीर के वजन के हिसाब से लगभग 0.8 ग्राम प्रोटीन प्रतिदिन आवश्यक माना जाता है। इस गणित को समझें तो 60 किलोग्राम वजन वाले एक स्वस्थ वयस्क को अपनी सामान्य दिनचर्या के तहत हर रोज लगभग 48 ग्राम प्रोटीन की जरूरत पड़ेगी। हालांकि जो वयस्क नियमित रूप से जिम जाते हैं, भारी वजन उठाते हैं या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जैसी सघन कसरत करते हैं, उन्हें अपनी मांसपेशियों के पुनर्निर्माण के लिए शारीरिक सक्रियता के अनुरूप अधिक प्रोटीन का उपभोग करना पड़ता है। आयु में वृद्धि के साथ आहार में प्रोटीन की अहमियत और अधिक बढ़ जाती है। उम्रदराज लोगों और वरिष्ठ नागरिकों में मांसपेशियों का स्वाभाविक क्षरण होना एक आम समस्या बन जाती है, जिसे चिकित्सकीय भाषा में सार्कोपीनिया कहा जाता है। बढ़ती उम्र में कमजोरी और लड़खड़ाहट से बचने के लिए पर्याप्त प्रोटीन का सेवन और हल्की नियमित शारीरिक गतिविधियां मांसपेशियों की शक्ति व कार्यक्षमता को सुरक्षित रखने में मददगार साबित होती हैं। जिन व्यक्तियों को किडनी या लिवर से संबंधित कोई बीमारी है, उन्हें अपने आहार में प्रोटीन की मात्रा में किसी भी तरह का इजाफा करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य लेना चाहिए। आहार में प्रोटीन के प्रमुख शाकाहारी और मांसाहारी विकल्प आम तौर पर कई लोग यह मान लेते हैं कि प्रोटीन केवल अंडों, मांस या दूध तक ही सीमित है, जबकि प्रकृति में इसके विविध विकल्प मौजूद हैं। संतुलित खानपान के लिए दालें, राजमा, चना, सोया, पनीर, दूध, दही, अंडे, मछली और मांस बेहतरीन स्रोत माने जाते हैं। शाकाहारी जीवनशैली अपनाने वाले लोग पौधों से मिलने वाले इन विभिन्न स्रोतों को अपनी थाली में मिलाकर आसानी से दैनिक जरूरतें पूरी कर सकते हैं। आहार योजना बनाते समय यह ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है कि पोषण की आवश्यकता पूरी तरह व्यक्तिगत होती है। केवल जन्मतिथि या उम्र के आधार पर डाइट तय करने के बजाय अपने शरीर का वजन, दिनभर की शारीरिक गतिविधि का स्तर, संपूर्ण फिटनेस और पुरानी बीमारियों की स्थिति को देखकर ही दैनिक डाइट चार्ट निर्धारित करना सबसे उपयुक्त तरीका है। इसका आप पर असर उम्र और वजन के अनुसार प्रोटीन की सही मात्रा तय करने से कमजोरी, मांसपेशियों की कमी और पोषण संबंधी कमियों से बचा जा सकता है। • दैनिक खानपान पर प्रभाव: अपनी उम्र और वजन के अनुसार भोजन की थाली में दाल, पनीर, दूध या अंडे शामिल करें। इससे दिनभर की पोषण जरूरत बिना किसी सप्लीमेंट के आसानी से पूरी की जा सकती है। • कसरत करने वालों के लिए: अगर आप नियमित रूप से जिम या खेलकूद में सक्रिय हैं तो सामान्य खुराक से अधिक प्रोटीन लें। सही मात्रा मांसपेशियों की थकान दूर करने और रिकवरी तेज करने में मदद करती है। • बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिए: बढ़ती उम्र में सार्कोपीनिया से बचने के लिए दैनिक भोजन में प्रोटीन युक्त आहार को कम न होने दें। पर्याप्त खुराक से मांसपेशियों की ताकत और चलने-फिरने की क्षमता बरकरार रहती है। • चिकित्सकीय सावधानी: यदि कोई व्यक्ति पहले से किडनी या लिवर की बीमारी से पीड़ित है तो उसे प्रोटीन बढ़ाने से बचना चाहिए। ऐसा कोई भी बदलाव करने से पहले डॉक्टर की लिखित सलाह लेना सुरक्षित रहता है। ऐसा क्यों हुआ शरीर के विभिन्न अंगों, मांसपेशियों और ऊतकों के रखरखाव के लिए प्रोटीन लगातार खर्च होता रहता है। जीवन के अलग-अलग चरणों में विकास की गति और शारीरिक गतिविधियां बदलने से इसकी दैनिक आवश्यकता में उतार-चढ़ाव आता है। • शारीरिक वृद्धि और विकास: बचपन और किशोरावस्था में हड्डियां और मांसपेशियां बहुत तेजी से बढ़ती हैं। इस निर्माण कार्य को सुचारू रखने के लिए शरीर को अधिक पोषण और प्रोटीन की दरकार होती है। • वजन और मेटाबॉलिज्म का अनुपात: वयस्क शरीर को अपनी सामान्य कोशिकाओं की मरम्मत के लिए प्रति किलोग्राम वजन के अनुपात में प्रोटीन चाहिए होता है। शारीरिक श्रम या जिम करने से यह खपत स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है। • उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियों का क्षरण: बुजुर्गों में उम्र के साथ स्वाभाविक रूप से मांसपेशियां घटने लगती हैं जिसे सार्कोपीनिया कहते हैं। इस गिरावट को रोकने और शारीरिक मजबूती बनाए रखने के लिए प्रोटीन की खुराक अहम हो जाती है। सवाल-जवाब 1. 1 से 3 साल के बच्चे को रोजाना कितने प्रोटीन की आवश्यकता होती है? इस उम्र के छोटे बच्चों को अपने तीव्र शारीरिक विकास के लिए प्रतिदिन लगभग 13 ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता होती है। 2. 60 किलो वजन वाले एक सामान्य वयस्क को हर रोज कितना प्रोटीन लेना चाहिए? वयस्कों के लिए प्रति किलो वजन पर 0.8 ग्राम के हिसाब से 60 किलो के स्वस्थ व्यक्ति को करीब 48 ग्राम प्रोटीन प्रतिदिन चाहिए। 3. किशोरावस्था में लड़के और लड़कियों की प्रोटीन जरूरत में क्या अंतर होता है? 14 से 18 वर्ष की आयु में लड़कों को रोजाना लगभग 52 ग्राम और लड़कियों को लगभग 46 ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता होती है। 4. बुजुर्गों के लिए पर्याप्त प्रोटीन का सेवन क्यों जरूरी माना जाता है? वरिष्ठ नागरिकों में मांसपेशियों के क्षरण यानी सार्कोपीनिया को रोकने और ताकत बनाए रखने के लिए पर्याप्त प्रोटीन लेना जरूरी होता है। 5. शाकाहारी लोग प्रोटीन की कमी पूरी करने के लिए कौन से खाद्य पदार्थ खा सकते हैं? शाकाहारी लोग दालें, राजमा, चना, सोया, पनीर, दूध और दही को अपने भोजन में शामिल करके प्रोटीन प्राप्त कर सकते हैं। 6. किन लोगों को प्रोटीन बढ़ाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए? किडनी या लिवर की बीमारी से जूझ रहे लोगों को अपने आहार में प्रोटीन बढ़ाने से पहले डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। https://trendkia.com/health/bachapana-se-burhape-taka-sharira-ko-chahie-sahi-poshana-janie-umra-ke-mutabika-rojana-kitana-protein-khana-jaruri-44122 TrendKia — 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