बैक्टीरियल इन्फेक्शन की आशंका के बाद सन फार्मा ने बाजार से वापस मंगाए कई आई ड्रॉप्स सन फार्मास्युटिकल्स ने निर्माण प्रक्रिया में स्टेरिलिटी और कंटैमिनेशन की चिंताओं को देखते हुए देश भर में कई लोकप्रिय आई ड्रॉप्स की बिक्री रोककर स्टॉक वापस मंगाया है। भारत की जानी-मानी दवा कंपनी सन फार्मास्युटिकल्स ने निर्माण प्रक्रिया के दौरान संभावित बैक्टीरियल इन्फेक्शन और स्टेरिलिटी से जुड़ी चिंताओं के कारण देश भर के बाजार से अपने कई प्रमुख आई ड्रॉप्स को वापस मंगाने का फैसला किया है। कंपनी ने डिस्ट्रीब्यूटर्स और दवा विक्रेताओं को एक गोपनीय पत्र भेजकर इन आई ड्रॉप्स की बिलिंग तुरंत रोकने और उपलब्ध स्टॉक को वापस भेजने के निर्देश जारी किए हैं। इस कदम का मकसद मरीजों की आंखों को किसी भी संभावित संक्रमण से सुरक्षित रखना है। आई ड्रॉप्स वापस मंगाने की मुख्य वजह आंखें शरीर का बेहद संवेदनशील हिस्सा होती हैं, इसलिए आंखों की दवाओं में स्टेरिलिटी यानी रोगाणुमुक्त गुणवत्ता होना अनिवार्य माना जाता है। किसी भी तरह का सूक्ष्मजीव या बाहरी कण आंखों में गंभीर और घातक संक्रमण पैदा कर सकता है। इसी जोखिम को पूरी तरह टालने के लिए कंपनी ने एहतियाती तौर पर यह वॉलंटरी रिकॉल शुरू किया है। मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि "मरीजों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।" उन्होंने बताया कि नियमों के पालन और मरीजों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। कंपनी की तकनीकी टीम जल्द से जल्द इन दवाओं की निर्बाध आपूर्ति बहाल करने के लिए काम कर रही है। प्रभावित आई ड्रॉप्स ब्रांड्स और उनके प्रकार सन फार्मा द्वारा मंगाए गए स्टॉक में डॉक्टरों द्वारा व्यापक रूप से लिखे जाने वाले कई लोकप्रिय ब्रांड्स शामिल हैं। यदि आप आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो अपने घर में मौजूद दवाओं की सूची में निम्नलिखित ब्रांड्स और उनके वेरिएंट्स की जांच जरूर कर लें • लोटेप्रैड रेंज: इसमें लोटेप्रैड 5ML, लोटेप्रैड 1%, लोटेप्रैड LS 0.2% और लोटेप्रैड T शामिल हैं। • नेपालैक्ट रेंज: इसके अंतर्गत नेपालैक्ट OD 3ML, नेपालैक्ट-Z और नेपालैक्ट E/D 5ML शामिल हैं। • अन्य प्रभावित ब्रांड्स: डिपोप्रैड 2ML, ब्रिनोलर (BKC FREE), ब्रिनज़ोटिम आई ड्रॉप्स 5ML (BKC FREE) और टोबा-एफ आई ड्रॉप्स शामिल हैं। मरीजों पर प्रभाव और दवाओं की उपयोगिता वापस मंगाए गए ये सभी आई ड्रॉप्स आंखों की गंभीर बीमारियों और ऑपरेशन के बाद के इलाज में बहुत महत्वपूर्ण माने जाते हैं • सर्जरी के बाद रिकवरी: मोतियाबिंद या आंखों की अन्य सर्जरी करा चुके मरीजों को रिकवरी के दौरान सूजन और इन्फेक्शन से बचाने के लिए ये दवाएं दी जाती हैं। • ग्लूकोमा का नियंत्रण: आंखों के दबाव यानी IOP को नियंत्रित करने वाले क्रॉनिक ग्लूकोमा के मरीजों को दैनिक आधार पर ये ड्रॉप्स डालने की सलाह दी जाती है। • सूजन और एलर्जी का इलाज: आंखों में लाली, अत्यधिक सूजन और एलर्जी से राहत दिलाने के लिए भी डॉक्टर ये आई ड्रॉप्स लिखते हैं। नेत्र विशेषज्ञों की ओर से मरीजों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश स्वास्थ्य विशेषज्ञों और नेत्र रोग विशेषज्ञों ने इन आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल करने वाले मरीजों के लिए महत्वपूर्ण सलाह जारी की है • अचानक इलाज बंद न करें: मरीज खुद से घबराकर दवा बंद न करें, क्योंकि इससे आंखों की मूल समस्या बढ़ सकती है। तुरंत अपने नेत्र विशेषज्ञ से सलाह लें। • सुरक्षित वैकल्पिक दवा लें: बाजार में समान एक्टिव सॉल्ट की अन्य विश्वसनीय कंपनियों की दवाएं मौजूद हैं। डॉक्टर की सिफारिश पर सुरक्षित विकल्प शुरू करें। • लक्षणों पर कड़ी नजर रखें: यदि ड्रॉप डालने के बाद आंखों में तेज दर्द, अत्यधिक लाली, धुंधलापन या पानी आने जैसी दिक्कत हो, तो बिना देर किए डॉक्टर को दिखाएं। • दुकानदार से स्टॉक बदलें: मरीज मेडिकल स्टोर पर खरीदा हुआ प्रभावित स्टॉक वापस लौटाकर उसकी जगह डॉक्टर द्वारा सुझाई गई वैकल्पिक दवा प्राप्त कर सकते हैं। दवा क्षेत्र में सुरक्षा मानक और वॉलंटरी रिकॉल फार्मास्युटिकल सेक्टर में किसी भी गुणवत्ता संबंधी आशंका पर वॉलंटरी रिकॉल करना मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का स्थापित मानक है। हालांकि इससे मरीजों को अस्थायी रूप से असुविधा हो सकती है, लेकिन संभावित बैक्टीरियल इन्फेक्शन के बड़े खतरे से बचाने के लिए सन फार्मा का यह निर्णय अत्यंत महत्वपूर्ण और जिम्मेदारी भरा माना जा रहा है। इसका आप पर असर भारत में: यदि आप या आपके परिवार का कोई सदस्य मोतियाबिंद सर्जरी, ग्लूकोमा या आंखों की सूजन के लिए बताए गए आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क कर सुरक्षित विकल्प लें। मरीजों के लिए: मेडिकल स्टोर्स से खरीदे गए प्रभावित दवाओं के स्टॉक को वापस लौटाकर उसी साल्ट की दूसरी कंपनी की दवा ली जा सकती है, जिससे इलाज बाधित न हो। सवाल-जवाब 1. सन फार्मा ने कौन से आई ड्रॉप्स वापस मंगाए हैं? सन फार्मा ने लोटेप्रैड रेंज (लोटेप्रैड 5ML, 1%, LS 0.2%, T), नेपालैक्ट रेंज (नेपालैक्ट OD 3ML, Z, E/D 5ML), डिपोप्रैड 2ML, ब्रिनोलर, ब्रिनज़ोटिम 5ML और टोबा-एफ आई ड्रॉप्स वापस मंगाए हैं। 2. कंपनी ने आई ड्रॉप्स वापस मंगाने का फैसला क्यों लिया? निर्माण प्रक्रिया के दौरान संभावित बैक्टीरियल इन्फेक्शन और दवाओं की स्टेरिलिटी से जुड़ी चिंताओं के कारण एहतियातन यह रिकॉल किया गया है। 3. इन आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल कर रहे मरीजों को तुरंत क्या करना चाहिए? मरीजों को खुद से दवा बंद करने के बजाय तुरंत अपने नेत्र रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए और उसी साल्ट की दूसरी सुरक्षित वैकल्पिक दवा लेनी चाहिए। 4. ड्रॉप डालने के बाद किन लक्षणों पर नजर रखना जरूरी है? यदि ड्रॉप्स डालने के बाद आंखों में दर्द, अत्यधिक लाली, धुंधलापन या पानी आने जैसी समस्या दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। 5. क्या मेडिकल स्टोर पर खरीदी गई दवा वापस की जा सकती है? हां, मरीज अपनी खरीदी हुई प्रभावित दवा मेडिकल स्टोर पर लौटाकर उसकी जगह डॉक्टर द्वारा सुझाई गई वैकल्पिक दवा प्राप्त कर सकते हैं। https://trendkia.com/health/baiktiriyala-inphekshana-ki-ashnka-ke-bada-sun-pharma-ne-bajara-se-vapasa-mngae-kai-eye-drops-12861 TrendKia — Har trend, sabse pehle.