# बलिया की आयुर्वेदिक डॉक्टर से जानें आम की गुठली फेंकने के बजाय घर पर चूर्ण बनाने का तरीका और इसके बड़े फायदे

> आम की गुठली में मौजूद फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और स्वस्थ वसा पाचन को दुरुस्त करने के साथ ब्लड शुगर और वजन को नियंत्रित करने में मददगार हो सकते हैं, बशर्ते इसका सेवन सही तरीके से किया जाए।

**Type:** article · **Category:** स्वास्थ्य · **Published:** 2026-07-13 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/health/ballia-ki-ayurvedika-doktara-se-janen-ama-ki-guthali-phenkane-ke-bajaya-ghara-para-churna-banane-ka-tarika-aura-isake-bare-phayade-7343 · **Language:** Hindi
**Tags:** आम की गुठली के फायदे, आयुर्वेदिक उपाय, पाचन तंत्र, ब्लड शुगर कंट्रोल, बालों का झड़ना, बलिया समाचार

गर्मियों के मौसम में आम को बड़े चाव से खाया जाता है, लेकिन इसके बाद बची हुई गुठली को आमतौर पर बेकार समझकर कूड़े में फेंक दिया जाता है। बहुत कम लोग जानते हैं कि जिसे हम कचरा समझकर फेंक देते हैं, वह वास्तव में सेहत का खजाना है। आम की गुठली में प्रचुर मात्रा में फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट, स्वस्थ वसा और कई अन्य आवश्यक पोषक तत्व मौजूद होते हैं। भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धति यानी आयुर्वेद में भी सदियों से इसके औषधीय गुणों के कारण इसका सीमित और नियंत्रित मात्रा में इस्तेमाल किया जाता रहा है। यह हमारे शरीर के पाचन तंत्र को मजबूत बनाने और पेट से जुड़ी कई समस्याओं को दूर करने में बेहद मददगार साबित हो सकती है। हालांकि, इसे किसी जादुई या चमत्कारी इलाज के रूप में देखने के बजाय एक संतुलित आहार के सहायक पूरक के तौर पर ही अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।

 

## पाचन तंत्र को दुरुस्त बनाने में मददगार

पेट की सेहत को बेहतर बनाए रखने और पाचन क्रिया को सुचारू रूप से चलाने में आम की गुठली का चूर्ण बेहद गुणकारी माना जाता है। इसमें उच्च मात्रा में डाइटरी फाइबर पाया जाता है, जो हमारे द्वारा खाए गए भोजन को आसानी से पचाने में सहायता करता है। आजकल की अनियमित जीवनशैली के कारण बहुत से लोग गैस, अपच, पेट फूलने और कब्ज जैसी समस्याओं से परेशान रहते हैं। ऐसे में इस गुठली के चूर्ण का पारंपरिक रूप से सेवन किया जाता है। इसके भीतर मौजूद प्राकृतिक तत्व आंतों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाते हैं और पेट के समग्र स्वास्थ्य को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हालांकि, यदि किसी व्यक्ति को पेट से जुड़ी कोई पुरानी या गंभीर समस्या लगातार बनी हुई है, तो उसे घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय किसी योग्य चिकित्सक से परामर्श अवश्य लेना चाहिए।

 

## विशेषज्ञ की राय और पारंपरिक उपाय

राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया में कार्यरत और पांच वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाली चिकित्साधिकारी डॉ. वंदना तिवारी के अनुसार, आम की गुठली का पाउडर पुराने दस्त और पेचिश जैसी गंभीर समस्याओं से राहत दिलाने में पारंपरिक रूप से बेहद कारगर रहा है। ग्रामीण इलाकों और पारंपरिक घरेलू नुस्खों में अक्सर यह सलाह दी जाती है कि दस्त की समस्या होने पर इस चूर्ण को ताजी छाछ के साथ मिलाकर लेना चाहिए। आम की गुठली के भीतर कुछ ऐसे सक्रिय तत्व पाए जाते हैं जो आंतों के भीतर के वातावरण को संतुलित करने और वहां होने वाली सूजन को कम करने में मदद करते हैं। यह पेट को बांधने का काम करता है जिससे बार-बार दस्त जाने की समस्या में आराम मिलता है।

 

## ब्लड शुगर और वजन नियंत्रण में सहायक

बदलते दौर में मधुमेह यानी डायबिटीज एक आम समस्या बन चुकी है। आम की गुठली ब्लड शुगर के स्तर को सामान्य बनाए रखने में भी बहुत मददगार साबित हो सकती है। यह शरीर में इंसुलिन की कार्यक्षमता और संवेदनशीलता को बढ़ाने का काम करती है, जिससे रक्त में शर्करा का स्तर अचानक से नहीं बढ़ता। इसके अतिरिक्त, यह हमारे शरीर के मेटाबॉलिज्म यानी चयापचय की प्रक्रिया को अधिक सक्रिय और तेज बनाने में भी एक अहम भूमिका निभाती है। यही कारण है कि जो लोग अपने बढ़ते वजन से परेशान हैं या अपने शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखना चाहते हैं, उनके लिए आम की गुठली किसी प्राकृतिक वरदान से कम नहीं है। यह शरीर में जमा अतिरिक्त वसा को कम करने में सहायता करती है।

 

## त्वचा और बालों के लिए प्राकृतिक पोषण

आम की गुठली के फायदे सिर्फ हमारे आंतरिक अंगों और स्वास्थ्य तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि यह हमारी बाहरी सुंदरता यानी त्वचा और बालों के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। गुठली के भीतर जो गिरी होती है, उससे निकाला गया तेल या उसका बारीक पाउडर त्वचा को गहराई से पोषण देने का काम करता है। यह शुष्क त्वचा में नमी बनाए रखने और रूखेपन को पूरी तरह से समाप्त करने में मददगार है। इसके अलावा, बालों की जड़ों को मजबूत बनाने और असमय बाल झड़ने की समस्या को कम करने के लिए भी लोग इसके तेल का इस्तेमाल करते हैं। यह बालों को प्राकृतिक चमक प्रदान करता है और उन्हें घना बनाता है।

 

## घर पर कैसे तैयार करें आम की गुठली का पाउडर

यदि आप आम की गुठली के इन सभी स्वास्थ्यवर्धक लाभों को उठाना चाहते हैं, तो डॉ. वंदना तिवारी ने इसे तैयार करने की एक बेहद आसान विधि बताई है। सबसे पहले, आम खाने के बाद बची हुई गुठलियों को अच्छी तरह से पानी से धोकर साफ कर लें। इसके बाद इन्हें तेज धूप में कई दिनों तक तब तक सुखाएं जब तक कि वे पूरी तरह से नमी मुक्त न हो जाएं। जब गुठली पूरी तरह सूख जाए, तो उसके बाहरी कठोर आवरण को किसी भारी चीज की मदद से तोड़कर हटा दें। अब इसके अंदर मौजूद नरम गिरी को बाहर निकाल लें। इस गिरी को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर मिक्सर में डालें और अच्छी तरह से पीसकर एक बारीक चूर्ण तैयार कर लें। इस चूर्ण को नमी और फंगस से बचाने के लिए हमेशा एक साफ और एयरटाइट डिब्बे में सुरक्षित स्थान पर रखें।

 

## सेवन का सही तरीका और जरूरी सावधानियां

आम की गुठली के चूर्ण का सेवन करते समय इसकी मात्रा का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। सामान्य तौर पर, एक वयस्क व्यक्ति के लिए प्रतिदिन तीन से पांच ग्राम यानी लगभग आधा छोटा चम्मच चूर्ण पर्याप्त माना जाता है। सामान्य स्वास्थ्य लाभ के लिए आप इस चूर्ण को सादे या हल्के गुनगुने पानी के साथ ले सकते हैं। लेकिन अगर आप दस्त या पेचिश जैसी विशिष्ट समस्याओं के लिए इसका सेवन करना चाहते हैं, तो किसी पारंपरिक जानकार या डॉक्टर की देखरेख में ही इसका उपयोग करें। किसी भी बीमारी के नियमित इलाज के रूप में इसे अपनाने से पहले डॉक्टरी सलाह लेना अनिवार्य है।

जितने इसके फायदे हैं, उतनी ही सावधानी भी इसके इस्तेमाल में जरूरी है। कच्ची गुठली या बिना सही तरीके से तैयार किए गए पाउडर का अत्यधिक मात्रा में सेवन करने से आपको फायदे की जगह नुकसान हो सकता है। इससे पाचन तंत्र में गड़बड़ी, गले में गंभीर खराश, त्वचा पर लाल चकत्ते या एलर्जी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए हमेशा इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करें। यदि आप पहले से ही किसी गंभीर बीमारी की दवाएं ले रहे हैं या किसी विशेष स्वास्थ्य स्थिति से गुजर रहे हैं, तो बिना विशेषज्ञ के परामर्श के इसका सेवन बिल्कुल न करें, अन्यथा यह आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी साबित हो सकता है।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** लोग कचरे में फेंके जाने वाले आम के बीजों का उपयोग करके घर पर ही एक बेहतरीन और सस्ता आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सप्लीमेंट तैयार कर सकते हैं, जिससे सामान्य पाचन और त्वचा की समस्याओं में राहत मिल सकती है।
- **बलिया (उत्तर प्रदेश) में:** स्थानीय निवासी राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया जाकर अनुभवी डॉक्टरों से इस तरह के पारंपरिक और सुरक्षित घरेलू उपचारों के बारे में व्यक्तिगत परामर्श प्राप्त कर सकते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. आम की गुठली में कौन से मुख्य पोषक तत्व पाए जाते हैं?
आम की गुठली में प्रचुर मात्रा में डाइटरी फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट, स्वस्थ वसा और कई आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर के लिए बेहद उपयोगी हैं।

### 2. क्या आम की गुठली का चूर्ण दस्त और पेचिश में फायदेमंद है?
हां, डॉ. वंदना तिवारी के अनुसार, पारंपरिक घरेलू उपचारों में पुराने दस्त और पेचिश से राहत पाने के लिए आम की गुठली के चूर्ण को ताजी छाछ के साथ लेने की सलाह दी जाती है।

### 3. घर पर आम की गुठली का चूर्ण कैसे तैयार करें?
गुठलियों को धोकर धूप में अच्छी तरह सुखा लें। इसके बाद बाहरी सख्त छिलका हटाकर अंदर की गिरी निकालें, उसे छोटे टुकड़ों में काटकर मिक्सर में पीस लें और एयरटाइट डिब्बे में रख लें।

### 4. एक दिन में इस चूर्ण का कितना सेवन करना सुरक्षित माना जाता है?
सामान्यतः एक वयस्क व्यक्ति के लिए प्रतिदिन तीन से पांच ग्राम (लगभग आधा छोटा चम्मच) चूर्ण गुनगुने या सामान्य पानी के साथ लेना सुरक्षित और पर्याप्त माना जाता है।

### 5. क्या बिना सुखाए कच्ची गुठली का सेवन किया जा सकता है?
नहीं, कच्ची गुठली या बिना सही तरीके से तैयार किए गए पाउडर का सेवन करने से पाचन संबंधी समस्याएं, गले में खराश और त्वचा पर एलर्जी जैसी परेशानियां हो सकती हैं।

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