बार-बार मॉइस्चराइजर लगाने पर भी त्वचा रूखी क्यों रहती है? पोषण की ये कमियां हो सकती हैं जिम्मेदार मॉइस्चराइजर लगाने के बाद भी त्वचा रूखी और खिंची हुई महसूस होती रहे, तो सिर्फ मौसम नहीं बल्कि विटामिन ए, विटामिन डी, आयरन और फैटी एसिड की कमी भी इसकी वजह हो सकती है, इसलिए बार-बार होने वाली दिक्कत में डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है। रात में मोटी परत में मॉइस्चराइजर लगाने के बाद भी अगर सुबह त्वचा कागज़ जैसी खिंची और बेजान महसूस होती है, तो यह सोचा जाने से कहीं ज्यादा आम शिकायत है, और डॉक्टरों के मुताबिक इसकी वजह अक्सर स्किनकेयर रूटीन या बाहर के मौसम से कहीं गहरी होती है. कई बार दिखने में आम लगने वाला रूखापन असल में शरीर में कुछ खास पोषक तत्वों की कमी, पानी कम पीने या त्वचा की बाहरी परत के कमजोर पड़ जाने का नतीजा होता है, जिसकी वजह से नमी क्रीम के भरने की रफ्तार से ज्यादा तेजी से उड़ जाती है. हालांकि सिर्फ त्वचा रूखी देखकर किसी एक कमी को मान लेना सही नहीं है, और इसका अंदाजा खुद से नहीं लगाना चाहिए. विटामिन ए की कमी से खुरदरी होती त्वचा त्वचा की सामान्य मरम्मत और बनावट के लिए जिन पोषक तत्वों पर शरीर सबसे ज्यादा निर्भर करता है, उनमें विटामिन ए ऊपर आता है, और इसकी कमी होने पर कितनी भी क्रीम लगाई जाए, त्वचा खुरदरी और परतदार बनी रह सकती है. गाजर, शकरकंद, पालक, अन्य हरी पत्तेदार सब्जियां, अंडे और डेयरी प्रोडक्ट्स जैसी चीजें डाइट में शामिल करना इसकी पूर्ति का स्वाभाविक तरीका है. डॉक्टरों की सलाह है कि बिना जांच कराए विटामिन ए के सप्लीमेंट खुद से शुरू न करें, क्योंकि इसकी जरूरत से ज्यादा मात्रा भी उतना ही नुकसान कर सकती है जितना इसकी कमी. विटामिन डी की छिपी कमी विटामिन डी शरीर के कई कामकाज में भूमिका निभाता है, और शोधकर्ताओं ने इसे त्वचा की सेहत से भी जोड़कर देखा है. अगर किसी को शक है कि उसके शरीर में इसका स्तर कम है, तो इसकी पुष्टि सिर्फ लक्षणों के आधार पर अंदाजा लगाकर नहीं बल्कि डॉक्टर की सलाह पर कराए गए ब्लड टेस्ट से ही हो सकती है. अगर जांच में कमी सामने आती है, तब भी सप्लीमेंट डॉक्टर की निगरानी में ही लिया जाना चाहिए, खुद से नहीं. स्किन बैरियर को बचाने वाले फैटी एसिड कुछ जरूरी फैटी एसिड शरीर को सिर्फ खाने से मिलते हैं, और ये त्वचा की बाहरी परत यानी स्किन बैरियर को ठीक तरह काम करते रहने में मदद करते हैं. अखरोट, अलसी, चिया सीड्स और कुछ खास मछलियां इस मकसद के लिए डाइट में शामिल की जा सकती हैं. संतुलित मात्रा में हेल्दी फैट्स लेना त्वचा के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. आयरन की कमी का असर शरीर में आयरन कम होने पर कई तरह की दिक्कतें खड़ी हो सकती हैं, और कुछ लोगों में इसका असर त्वचा की रंगत और उसकी सामान्य स्थिति पर भी दिखता है. डॉक्टरों की सलाह है कि अगर रूखी त्वचा के साथ लगातार थकान, कमजोरी या चक्कर आने जैसी शिकायत भी बनी रहे, तो इसे नजरअंदाज करने की बजाय जांच करवाई जाए. हर बार वजह विटामिन ही नहीं होती त्वचा का लगातार रूखा रहना हमेशा किसी विटामिन या मिनरल की कमी से नहीं जुड़ा होता. शरीर में पानी की कमी भर से भी त्वचा प्यासी और खिंची हुई महसूस हो सकती है. इसके अलावा बहुत गर्म पानी से नहाना, बार-बार साबुन का इस्तेमाल, कठोर स्क्रब और हवा में नमी की कमी भी स्किन बैरियर को नुकसान पहुंचाकर मॉइस्चराइजर के असर को बेकार कर सकते हैं. इसका आप पर असर अगर सिर्फ मॉइस्चराइजर से रूखेपन में फर्क नहीं पड़ रहा, तो समाधान क्रीम के डिब्बे में नहीं बल्कि डाइट और रोजमर्रा की आदतों में छिपा हो सकता है. • पहले डाइट देखें: लगातार रूखी और खुरदरी त्वचा वाले लोग यह जांच सकते हैं कि उनके खाने में गाजर, पालक, अंडे, डेयरी, अखरोट, अलसी, चिया सीड्स और मछली नियमित रूप से शामिल हैं या नहीं. ये चीजें विटामिन ए और स्किन बैरियर के लिए जरूरी फैटी एसिड देती हैं, और इन्हें जोड़ने में कोई खर्च नहीं है. • खुद से सप्लीमेंट न लें: विटामिन ए और विटामिन डी के सप्लीमेंट तभी लेने चाहिए जब डॉक्टर ब्लड टेस्ट से कमी की पुष्टि करें. विटामिन ए ज्यादा लेने से भी उतना ही नुकसान हो सकता है जितना कम लेने से, इसलिए अंदाजे से दवा शुरू करना खतरनाक है. • बाकी लक्षणों पर ध्यान दें: जिनकी रूखी त्वचा के साथ लगातार थकान, कमजोरी या चक्कर आने की शिकायत भी है, उन्हें इसे मौसम पर टालने की बजाय आयरन की जांच करवानी चाहिए. समय पर सामान्य ब्लड टेस्ट से बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है. • रोजमर्रा की आदतें सुधारें: बहुत गर्म पानी से नहाना, बार-बार साबुन लगाना और जोर से स्क्रब करना स्किन बैरियर को और कमजोर करता है. गुनगुने पानी और हल्के क्लींजर पर स्विच करने से डाइट बदलाव के साथ-साथ तुरंत फर्क दिख सकता है. • कम नमी का ध्यान रखें: एसी या हीटर चलने पर घर की हवा में नमी घट जाती है, जिससे त्वचा से पानी तेजी से उड़ता है. ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल या दिनभर पर्याप्त पानी पीना त्वचा का खिंचाव और रूखापन कम कर सकता है. सवाल-जवाब 1. क्या ड्राई स्किन का मतलब हमेशा विटामिन की कमी है? नहीं, सिर्फ रूखी त्वचा देखकर किसी एक कमी को तय नहीं किया जा सकता और इसका अंदाजा खुद से नहीं लगाना चाहिए. 2. विटामिन ए से जुड़ी रूखी त्वचा में कौन से खाद्य पदार्थ मदद करते हैं? गाजर, शकरकंद, पालक, हरी पत्तेदार सब्जियां, अंडे और डेयरी प्रोडक्ट्स इसके स्वाभाविक स्रोत हैं. 3. विटामिन डी की कमी है या नहीं, यह कैसे पता चलेगा? इसकी पुष्टि सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर कराए गए ब्लड टेस्ट से ही हो सकती है, लक्षणों के आधार पर अंदाजा लगाकर नहीं. 4. क्या आयरन की कमी से त्वचा प्रभावित होती है? हां, कुछ लोगों में इसका असर त्वचा की रंगत और सामान्य स्थिति पर दिखता है, खासकर जब साथ में थकान, कमजोरी या चक्कर भी हों. 5. क्या बिना डॉक्टर की सलाह के विटामिन ए या डी का सप्लीमेंट लेना सुरक्षित है? नहीं, सप्लीमेंट सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर ही लेना चाहिए क्योंकि विटामिन ए की ज्यादा मात्रा भी नुकसानदायक हो सकती है. 6. विटामिन या मिनरल के अलावा त्वचा रूखी होने की और क्या वजहें हो सकती हैं? पानी कम पीना, बहुत गर्म पानी से नहाना, बार-बार साबुन लगाना, कठोर स्क्रब और कम नमी वाली हवा भी त्वचा को रूखा बना सकते हैं. https://trendkia.com/health/bara-bara-moischaraijara-lagane-para-bhi-tvacha-rukhi-kyon-rahati-hai-poshana-ki-ye-kamiyan-ho-sakati-hain-jimmedara-28324 TrendKia — Har trend, sabse pehle.