# बरसात के दिनों में क्यों बढ़ जाते हैं सर्पदंश के मामले, जानिए बचाव के तरीके और प्राथमिक उपचार

> बरसात के मौसम में सर्पदंश की घटनाएं काफी बढ़ जाती हैं। देश में सांपों की कौन सी प्रजातियां सबसे खतरनाक हैं और काटने पर क्या कदम उठाने चाहिए, इसके बारे में पूरी जानकारी जानिए।

**Type:** article · **Category:** स्वास्थ्य · **Published:** 2026-09-07 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/health/barasata-ke-dinon-men-kyon-barha-jate-hain-sarpadnsha-ke-mamale-janie-bachava-ke-tarike-aura-prathamika-upachara-29206 · **Language:** Hindi
**Tags:** सर्पदंश, सांप का काटना, मानसून सुरक्षा, मुरलीवाले हौसला, एंटीवेनम, सांप के प्रकार

मानसून के मौसम में सर्पदंश के मामलों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिलती है। देश के विभिन्न हिस्सों में बारिश के दिनों में सांपों के बाहर निकलने की घटनाएं आम हो जाती हैं। पश्चिम बंगाल में सर्पदंश के मामले सबसे अधिक दर्ज किए जाते हैं, जबकि कर्नाटक में इसके कारण होने वाली मौतों का आंकड़ा सबसे ज्यादा रहता है। भारत में सबसे अधिक मौतें कॉमन करैत सांप के काटने से होती हैं। इस प्रजाति को साइलेंट किलर के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि यह मुख्य रूप से रात के समय अधिक सक्रिय रहता है। अंधेरा होने पर यह भोजन की तलाश में रिहायशी इलाकों और घरों तक पहुंच जाता है और सोते समय अनजाने में इंसान को डस लेता है। मानव शरीर की गर्मी और पसीने की गंध इस सांप को अपनी ओर आकर्षित करती है।

## सांप के जहर का शरीर पर असर और मुख्य प्रजातियां
इस खतरनाक सांप का जहर सीधे तौर पर मानव तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। इसके प्रभाव से पीड़ित को तेज नींद आने लगती है, पलकें झपकने लगती हैं और सांस लेने में गंभीर कठिनाई होने लगती है। आमतौर पर सांप का जहर तीस मिनट से दो घंटे के भीतर पूरे शरीर में फैलना शुरू हो जाता है। भारत में सांपों की तीन सौ से ज्यादा प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें से चार सबसे ज्यादा जहरीली मानी जाती हैं। इनमें इंडियन कोबरा यानी नाग, कॉमन करैत, रसेल वाइपर यानी दबौया सांप और सॉ-स्केल्ड वाइपर यानी फुरसा शामिल हैं। इंडियन कोबरा मुख्य रूप से चूहों और दूसरे सांपों को अपना शिकार बनाता है और यह किसी भी रंग का हो सकता है। कॉमन करैत पीले और काले दो रंगों में पाया जाता है और इसके डंक का आसानी से पता नहीं चल पाता है। रसेल वाइपर चट्टानी और जंगली इलाकों में रहता है तथा काटने से पहले अक्सर तेज आवाज निकालता है, जिससे बहुत तेज दर्द होता है। सॉ-स्केल्ड वाइपर एक छोटा सांप है जो आवाज भी करता है। भारत में इन्हीं बिग फोर सांपों के विष से एंटीवेनम तैयार किया जाता है।

## मुरलीवाले हौसला का अनुभव और अंधविश्वास से दूरी
जाने-माने सर्पमित्र मुरलीवाले हौसला के अनुसार, सांप के काटने पर किसी भी तरह के झाड़फूंक या पाखंड के चक्कर में बिल्कुल नहीं पड़ना चाहिए। सर्पदंश के बाद होने वाली मौतों का सबसे बड़ा कारण समाज में फैला अंधविश्वास है। लोग सांप काटने पर जड़ी-बूटी खिलाने या झाड़फूंक कराने में कीमती समय बर्बाद कर देते हैं, जिससे वे अस्पताल देर से पहुंचते हैं और अपनी जान गंवा बैठते हैं। यदि समय पर अस्पताल पहुंच जाएं तो इलाज समय रहते शुरू हो जाता है और मरीज के ठीक होने की संभावना बहुत बढ़ जाती है। मूल रूप से जौनपुर के रहने वाले और जिनका वास्तविक नाम मुरलीधर यादव है, मुरलीवाले हौसला ने अपने एक रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान का वाकया साझा किया था। एक बार जाल में फंसे कोबरा को निकालते समय सांप ने उनके हाथ में डस लिया था। उन्होंने बताया कि उस घटना ने उनके मन का सारा भ्रम तोड़ दिया था और उन्हें अस्पताल पहुंचने में कुल अड़तीस मिनट का समय लगा था। घटना के तीस मिनट बाद उनकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी थी और आंखों के सामने अंधेरा छाने लगा था, लेकिन समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बच गई।

## सांप से जुड़े मिथक और बचाव के व्यावहारिक उपाय
मुरलीवाले हौसला ने स्पष्ट किया कि भारत में केवल आठ सांप जहरीले होते हैं और उनमें से चार-पांच ही सबसे ज्यादा पाए जाते हैं। यह धारणा पूरी तरह गलत है कि सांप की आंखें मरने वाले व्यक्ति की फोटो खींच लेती हैं। इच्छाधारी सांप जैसी कोई चीज वास्तविकता में नहीं होती है और न ही बीन बजाने से सांप बाहर आते हैं। ये सब बातें केवल फिल्मों में दिखाई जाती हैं। हालांकि, बाढ़ या अत्यधिक पानी भरने वाले इलाकों में सांपों के मिलने की संभावना बढ़ जाती है। भारत में कोबरा को नाजा नाजा, नाग, पिटार, पलटी और गेहुंअन जैसे नामों से भी पुकारा जाता है। किंग कोबरा सभी सांपों का राजा माना जाता है जो अठारह फीट तक लंबा हो सकता है और वह केवल दूसरे सांपों को ही खाता है। यह मुख्य रूप से केरल, कर्नाटक और उत्तराखंड में पाया जाता है। सांप के काटने पर हमेशा सीधे जिला अस्पताल जाना चाहिए। घाव वाली जगह को अच्छी तरह साफ कर लें, उस पर पट्टी बांध लें और जिस हिस्से में काटा गया है उसे बिल्कुल न हिलाएं। इसके अलावा, पीड़ित व्यक्ति को सोने बिल्कुल न दें।

## घर के आसपास सुरक्षा और सतर्कता
भले ही सांप किसी भी समय और कहीं भी घर के अंदर आ सकते हैं, लेकिन कुछ एहतियाती कदम उठाकर इनके आने के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। घर के आसपास पानी को बिल्कुल जमा न होने दें। अपने घर के गिर्द फैली घास, झाड़ियों, ईंटों या लकड़ी के ढेरों को नियमित रूप से साफ रखें। दरवाजों के नीचे की खाली जगह, खिड़कियों और दीवारों में बने सुराखों को अच्छी तरह सील कर दें। खिड़कियों पर मजबूत जाली लगवाएं और दरवाजों के नीचे डोर स्वीप या रबर सील का इस्तेमाल करें। इसके अलावा, सांपों को दूर रखने के लिए ऑनलाइन आसानी से मिलने वाले स्नेक रिपेलेंट पाउडर या स्नेक रिपेलेंट स्प्रे का छिड़काव किया जा सकता है। यह बात ध्यान में रखनी चाहिए कि सांप किसी विशेष पौधे या घरेलू चीज की गंध से दूर नहीं भागते हैं, इसलिए वैज्ञानिक तरीकों से ही बचाव करना चाहिए।

## इसका आप पर असर
सर्पदंश के मामलों में यह जानकारी हर ग्रामीण और शहरी परिवार के लिए जीवन रक्षा का काम कर सकती है, खासकर बरसात के मौसम में।

- **भारत में:** बारिश के दिनों में देश भर में खुले में सोने या खेतों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। सही समय पर अस्पताल पहुंचने से जान बचाई जा सकती है और झाड़फूंक जैसी कुप्रथाओं से बचा जा सकता है।
- **घरों के आसपास:** घर के आस-पास जलभराव न होने देने और झाड़ियों को साफ रखने से सांपों के छिपने के ठिकाने खत्म होते हैं। खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगवाने से सांपों के घर में घुसने का खतरा कम हो जाता है।

## सवाल-जवाब

### 1. भारत में सबसे ज्यादा मौतें किस सांप के काटने से होती हैं?
भारत में सबसे ज्यादा मौतें कॉमन करैत सांप के काटने से होती हैं, जिसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है।

### 2. सांप काटने पर सबसे मुख्य गलती क्या लोग करते हैं?
लोग अस्पताल जाने के बजाय झाड़फूंक, जड़ी-बूटी और अंधविश्वास के चक्कर में कीमती समय गंवा देते हैं।

### 3. भारत में कितने सांप सबसे ज्यादा जहरीले माने जाते हैं?
भारत में चार सांप सबसे ज्यादा जहरीले माने जाते हैं, जिनमें इंडियन कोबरा, कॉमन करैत, रसेल वाइपर और सॉ-स्केल्ड वाइपर शामिल हैं।

### 4. मुरलीवाले हौसला को किस सांप ने काटा था?
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक कोबरा ने मुरलीवाले हौसला को उनके हाथ में डस लिया था।

### 5. सांप काटने के बाद पीड़ित व्यक्ति को क्या नहीं करने देना चाहिए?
सांप काटने के बाद पीड़ित व्यक्ति को सोने बिल्कुल नहीं देना चाहिए और काटे हुए हिस्से को हिलाना नहीं चाहिए।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._